बाल गंगाधर तिलक

बाल गंगाधर तिलकस्वतंत्रता संग्राम सेनानीबाल गंगाधर तिलक ( लोकमान्य तिलक, मूल नाम केशव गंगाधर तिलक, 23 जुलाई 1856 – 1 अगस्त 1920 ), एक भारतीय राष्ट्रवादी, शिक्षक, समाज सुधारक, वकील और एक स्वतन्त्रता सेनानी थे। ब्रिटिश औपनिवेशिक प्राधिकारी उन्हें “भारतीय अशान्ति के पिता” कहते थे। उन्हें, “लोकमान्य” का आदरणीय शीर्षक भी प्राप्त हुआ, जिसका अर्थ […]

जे बी कृपलानी

जे॰ बी॰ कृपलानीभारतीय राजनेता जीवटराम भगवानदास कृपलानी (11 नवम्बर 1888 – 19 मार्च 1982) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी, गांधीवादी समाजवादी, पर्यावरणवादी तथा राजनेता थे। जीवटराम भगवानदास कृपलानी जन्म 11 नवम्बर 1888 हैदराबाद, पाकिस्तानमृत्यु 19 मार्च 1982 (उम्र 93)अहमदाबाद, राष्ट्रीयता भारतीयव्यवसाय राजनेता पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस,प्रजा सोसलिस्ट पार्टीजीवनसाथी सुचेता कृपलानी जेे बी कृृृृपलानी को […]

वाप्पला पंगुन्नि मेनन

वाप्पला पंगुन्नि मेनन राउ बहादुर वाप्पला पंगुन्नि मेनन (30 सितंबर 1893 – 31 दिसंबर 1965) एक भारतीय प्रशासनिक सेवक थे जो भारत के अन्तिम तीन वाइसरायों के संविधानिक सलाहकार एवं राजनीतिक सुधार आयुक्त भी थे। भारत के विभाजन के काल में तथा उसके बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण में उनकी अहम भूमिका रही। बाद में […]

सरदार वल्लभ भाई पटेल

वल्लभ भाई पटेलभारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वल्लभभाई पटेल (31 अक्टूबर 1875 – 15 दिसंबर 1950 ), जो सरदार पटेल के नाम से लोकप्रिय थे, एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक भारतीय अधिवक्ता और राजनेता थे, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय […]

प्रफुल्ल चाकी

प्रफुल्ल चाकीभारतीय क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी (10 दिसम्बर 1888 – 1 मई 1908) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं महान क्रान्तिकारी थे। भारतीय स्वतन्त्रता के क्रान्तिकारी संघर्ष में उनका नाम अत्यन्त सम्मान के साथ लिया जाता है।प्रफुल्ल का जन्म उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला (अब बांग्लादेश में स्थित) के बिहारी गाँव में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो […]

खुदीराम बोस

खुदीराम बोसभारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी खुदीराम बोस (जन्म: 3 दिसम्बर 1889 – मृत्यु : 11 अगस्त 1908 ) भारतीय स्वाधीनता के लिये मात्र 19 साल की उम्र में भारतवर्ष की आजादी के लिये फाँसी पर चढ़ गये। कुछ इतिहासकारों की यह धारणा है कि वे अपने देश के लिये फाँसी पर चढ़ने वाले सबसे कम […]