phy ch 3

नेत्र संरचना, दोष एवं संशोधन नेत्र एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण ज्ञानेन्द्री है। यह हमारा नेत्र ही है जो हमें अपने चारों तरफ फैले रंग विरंगे संसार को देखने के योग्य बनाता है। नेत्र एक कैमरा की तरह कार्य करता है, बल्कि कैमरे का आविष्कार हमारी आँखों को देखकर ही किया गया है और यह कहना […]

phy ch 2

प्रकाश का अपवर्तन Refraction of Light प्रकाश के किरण की विरल माध्यम (rare medium) से सघन माध्यम (denser medium) में प्रवेश करने के बाद अभिलम्ब (normal) की ओर मुड़ने तथा सघन माध्यम (denser medium) से विरल माध्यम (rarer medium) में प्रवेश करने के बाद अभिलम्ब (normal) से दूर जाने की प्रक्रिया को प्रकाश का अपवर्तन (Refraction […]

physics chept 1

गोलीय दर्पण से परावर्तन प्रकाश की किरणें सीधी रेखा में चलती हैं। जब एक अपारदर्शी वस्तु प्रकाश की किरणों के रास्ते में आ जाती है तो यह छाया बनाती है। प्रकाश की किरणों के द्वारा छाया बनाने की प्रक्रिया हमें यह बतलाता है कि प्रकाश सीधी रेखा में गमन करती है अर्थात चलती है। जब […]

ncert question

एनसीईआरटी पाठ्यनिहित प्रश्नों के उत्तर प्रश्न संख्या (1) हमारे जैसे बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन की आवश्यकता पूरी करने में विसरण क्यों अपर्याप्त है? उत्तर बहुकोशिकीय जीव बड़े तथा अधिक जटिल होते हैं जबकि एक कोशिकीय जीव अत्यधिक छोटे तथा सरल बनावट वाले होते हैं। बहुकोशिकीय जीवों के एककोशिकीय जीवों की तुलना में अधिक जटिल होने […]

जैव प्रक्रम -परिवहन

वहन (Transporation) मानव में वहन (Transportation in Human Beings) वहन क्या है? हमारे शरीर में भोजन से प्राप्त पोषक तत्व, ऑक्सीजन, कार्बन डाईऑक्साइड आदि सारे पदार्थ रूधिर [खून (Blood)] द्वारा वहन किया जाता है, अर्थात सभी अंगों में पहुँचाया जाता है। इसके लिए हमारे पूरे शरीर मे रूधिर नलियों का के परिपथ है तथा हमारा […]

श्वशन

श्वसन (Respiration) श्वसन जैव प्रक्रम के अंतर्गत आने वाली एक प्रक्रिया है। श्वसन शब्द के आते ही भ्रम पैदा हो जाता है। क्योंकि श्वसन दो तरह का होता है (a) श्वसन तथा (b) कोशिकीय श्वसन यदि केवल श्वसन कहा जाता है तो इसका अर्थ होता है श्वास लेना तथा छोड़ना। यह यह शरीर विज्ञान के अंतर्गत आने […]

जैव प्रक्रम

जैव प्रक्रम क्या है? शिकाएँ (Cell) जीवन का आधार है। सभी जीव कोशिकाओं (Cell) से बनी हैं। कई कोशिकाएँ (Cell) मिलकर उतक (Tissue) बनाती हैं। कई उतक (Tissue) मिलकर अंगों (Organs) का निर्माण करते हैं। प्रत्येक अंग जीवों के लिये विशेष कार्य करते हैं। जैसे दाँत का एक कार्य भोजन को चबाना है, आँख का […]