tenth geo bih

प्रश्न 1.
बिहार में कितने प्रतिशत क्षेत्र में खेती की जाती है?
(क) 50
(ख) 60
(ग) 80
(घ) 36.5
उत्तर-
(ख) 60

प्रश्न 2.
राज्य की कितनी प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है ?
(क) 805
(ख) 75
(ग) 65
(घ) 86
उत्तर-
(क) 80

प्रश्न 3.
इनमें से कौन गन्ना उत्पादक जिला नहीं है?
(क) दरभंगा
(ख) पश्चिमी चम्पारण
(ग) मुजफ्फरपुर
(घ) रोहतास
उत्तर-
(घ) रोहतास

प्रश्न 4.
बिहार के जूट उत्पादन में-
(क) वृद्धि हो रही है
(ख) गिरावट हो रहा है
(ग) स्थिर है
(घ) इनमें कोई नहीं
उत्तर-
(ख) गिरावट हो रहा है

प्रश्न 5.
तम्बाकू उत्पादन क्षेत्र है-
(क) गंगा का उत्तरी मैदान
(ख) गंगा का दक्षिणी मैदान
(ग) हिमालय की तराई
(घ) गंगा का दियारा
उत्तर-
(घ) गंगा का दियारा

प्रश्न 6.
कोसी नदी घाटी परियोजना का आरम्भ हुआ-
(क) 1950 में
(ख) 1948 में
(ग) 1952 में
(घ) 1954 में
उत्तर-
(घ) 1954 में

प्रश्न 7.
गण्डक परियोजना का निर्माण किस स्थान पर हुआ?
(क) बेतिया
(ख) वाल्मीकिनगर
(ग) मोतिहारी
(घ) छपरा
उत्तर-
(ख) वाल्मीकिनगर

प्रश्न 8.
बिहार में नहरों द्वारा सर्वाधिक सिंचाई किस जिले में होती है ?
(क) रोहतास
(ख) सिवान
(ग) गया
(घ) पश्चिमी चम्पारण
उत्तर-
(क) रोहतास

प्रश्न 9.
बिहार में कुल कितने अधिसूचित क्षेत्र में वन का विस्तार है ?
(क) 6374 किमी०.
(ख) 6370 किमी०.
(ग) 6380 किमी०
(घ) 6350 किमी०.
उत्तर-
(क) 6374 किमी०.

प्रश्न 10.
कुशेश्वर स्थान किस जिला में स्थित है ?
(क) वैशाली में
(ख) दरभंगा में
(ग) बेगुसराय में
(घ) भागलपुर में
उत्तर-
(ख) दरभंगा में

प्रश्न 11.
कॉवर झील स्थित है.-
(क) दरभंगा जिला में
(ख) भागलपुर जिला में
(ग) बेगूसराय जिला में
(घ) मुजफ्फरपुर जिला में ।
उत्तर-
(ग) बेगूसराय जिला में

प्रश्न 12.
संजय गांधी जैविक उद्यान किस नगर में स्थित हैं ?
(क) राजगीर
(ख) बोधगया
(ग) बिहारशरीफ
(घ) पटना
उत्तर-
(घ) पटना

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
बिहार में धान की फसल के लिए उपयुक्त भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करें।
उत्तर-
(i) 20-27° से. ग्रे. तापमान (ii).75-200 सेमी. वर्षा (iii) जलोढ़ मिट्टी (iv) समतल तथा नीची जमीन।

प्रश्न 2.
बिहार में दलहन के उत्पादन एवं वितरण का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर-
बिहार में दलहन फसलों में चना, मसूर, खेसारी, मटर, मूंग, अरहर, उरद तथा कुरथी प्रमुख हैं।
दलहन उत्पादन में पटना जिला का स्थान सबसे आगे है, जबकि औरंगाबाद और कैमूर क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर है।

प्रश्न 3.
कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस कथन की व्याख्या करें।
उत्तर-
बिहार एक कृषिप्रधान राज्य है। यहाँ की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। झारखंड के अलग हो जाने के बाद बिहार के लोगों के लिए कृषि का महत्व अधिक बढ़ गया है। कृषि के अलावे यहाँ अन्य रोजगार के साधनों का अभाव है। अतः कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार है।

प्रश्न 4.
नदी घाटी परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्यों को लिखें।
उत्तर-

  • पनबिजली का उत्पादन करना।
  • बाढ़ एवं मृदा अपरदन का नियंत्रण करना।
  • सिंचाई की सुविधा का विकास करना।
  • पर्यटन स्थलों का विकास करना।
  • मत्स्य पालन करना।

प्रश्न 5.
बिहार के नहरों के विकास से सम्बंधित समस्याओं को लिखिए।
उत्तर-

  • जल का असमान वितरण।
  • पूजी का अभाव।
  • धरातल का स्वरूप।

प्रश्न 6.
बिहार के किस भाग में सिंचाई की आवश्यकता है और क्यों?
उत्तर-
बिहार के दक्षिणी भाग में सिंचाई की आवश्यकता अधिक है क्योंकि यहाँ नहरों का विकास उतना अधिक नहीं हुआ है।

प्रश्न 7.
बिहार में वनों के अभाव के चार कारणों को लिखिए।
उत्तर-

  • विभाजन के बाद अधिकतर वनाच्छादित क्षेत्र का झारखण्ड में चला जाना।
  • कृषि एवं निर्मित क्षेत्रों के विस्तार के कारण वनों का विनाश।
  • वनों के महत्व से संबंधित जागरुकता का अभाव।
  • वनों की अंधाधुंध कटाई।

प्रश्न 8.
संक्षेप में शष्क पतझड़ वन की चर्चा कीजिए।
उत्तर-
बिहार पूर्वी मध्यवर्ती भाग तथा दक्षिणी-पश्चिमी पहाड़ी भागों में इस प्रकार के वनों का विस्तार है। कैमूर और रोहतास जिले में इसका अधिक विस्तार है। यहाँ के प्रमुख वृक्ष खैर, बहेड़ा, पलास, महुआ, अमलतास, शीशम, नीम, हरे आदि हैं।

प्रश्न 9.
बिहार में ऐसे जिलों का नाम लिखिए जहाँ वन विस्तार एक प्रतिशत से भी कम है।
उत्तर-
सिवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, पटना, गोपालगंज, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मोतीहारी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगुसराय, मधेपुरा, खगड़िया, नालन्दा में एक प्रतिशत से भी कम वन मिलते हैं।

प्रश्न 10.
बिहार में स्थित राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्यों की संख्या बतायें और दो अभयारण्यों की चर्चा करें।
उत्तर-
यहाँ 14 अभयारण्य एवं एक एकलौता राष्ट्रीय उद्यान है। संजय गांधी जैविक उद्यान एकलौता राष्ट्रीय उद्यान है।
बेगुसराय जिला अन्तर्गत मंझौल अनुमंडल में 2500 एकड़ पर फैला कांवर झील एक पक्षीविहार है जहाँ 300 प्रजातियों के पक्षियों का अध्ययन एक साथ संभव है। दरभंगा जिला में कुश्वेश्वर स्थान वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
बिहार की कृषि की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करें।
उत्तर-
बिहार एक कृषिप्रधान राज्य है, यहाँ की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। झारखण्ड के अलग हो जाने के बाद, बिहार के लोगों के लिए कृषि का महत्व अधिक बढ़ गया है, परंतु यहाँ की कृषि निम्नलिखित समस्याओं से जूझ रही है.

  • कृषि का परंपरागत तरीका।
  • किसानों का अशिक्षित होना एवं उनके पास पूँजी का अभाव होना।
  • खेतों का दूर-दूर होना।
  • सिंचाई की समस्या।
  • कृषि का मानसून पर निर्भर होना।
  • उन्नत बीजों एवं उन्नत कृषि तकनीकों का अभाव।
  • उन्नत व्यवस्था के अनुरूप कृषि कार्य न होना।
  • यातायात के साधनों का अभाव।
  • जनसंख्या का कृषि पर बढ़ता बोझा
  • लोगों में एकता का अभाव।

प्रश्न 2.
बिहार में कौन-कौन सी फसलें लगाई जाती हैं ? किसी एक फसल के मुख्य उत्पादनों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
बिहार की प्रमुख फसलों में धान, गेहूँ, मकई, जौ, गन्ना, तम्बाकू, मडुआ, ज्वार, दलहन और तेलहन हैं। इसके अतिरिक्त सब्जियों, फल, फूल की भी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।

धान- धान बिहार की खाद्यान फसलों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भइर्द, अगहनी तथा गरमा धान की तीन फसलें उगाई जाती हैं। इसकी खेती राज्य के सभी भागों में की जाती हैं। उत्तरी तथा पूर्वी भागों में भदई धान की खेती की जाती है, जबकि अगहनी धान की खेती पूरे राज्य में की जाती है।

धान का सबसे अधिक उत्पादन पश्चिमी चंपारण, रोहतास तथा औरंगाबाद में होता है। इन तीन जिलों में बिहार का 18 प्रतिशत से अधिक धान का उत्पादन होता है। पहले स्थान पर पश्चिमी चम्पारण है जबकि रोहतास और औरंगाबाद का क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान है। क्षेत्रफल की दृष्टि से रोहतास (5.76%) अव्वल है।

2006-07 में यहाँ 33-54 लाख हेक्टेयर भूमि पर, लगभग 50 लाख टन धान का उत्पादन दर्ज किया गया।

प्रश्न 3.
बिहार की मुख्य नदी घाटी परियोजनाओं का नाम बतायें एवं सोन अथवा कोसी परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
बिहार की मुख्य नदी घाटी परियोजनाएँ निम्न हैं.

  • सोन नदी घाटी परियोजना
  • गण्डक नदी घाटी परियोजना
  • कोसी नदी घाटी परियोजना
  • दुर्गावती जलाशय परियोजना
  • चन्दन बहुआ परियोजना
  • बागमती परियोजना
  • बरनार जलाशय परियोजना।

1. सोन नदी घाटी परियोजना- यह बिहार की सबसे पुरानी और पहली नदी घाटी परियोजना है। इसका विकास अंग्रेज सरकार ने 1874 में सिंचाई के लिए किया था।

इससे डेहरी के पास से पूरब एवं पश्चिम की ओर नहरें निकाली गई हैं। इस परियोजना से पटना, गया, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, रोहतास इत्यादि जिलों में सिंचाई की जाती है, जिससे इस क्षेत्र में धान की खेती अधिक होती है। इसी कारण इस क्षेत्र को बिहार का ‘चावल का कटोरा’ कहा जाता है।

इस परियोजना के अन्तर्गत जल-विद्युत उत्पादन के लिए शक्ति-गृहों की स्थापना की गई । है, पश्चिमी नहर पर डेहरी के पास 6.6 मेगावाट उत्पादन क्षमता का शक्ति-गृह स्थापित है। इसी प्रकार पूर्वी नहर शाखा पर बारूण नामक स्थान पर 3.3 मेगावाट क्षमता का शक्ति गृह का निर्माण किया गया है। सोन नदी पर इन्द्रपुरी के पास एक बाँध का निर्माण प्रस्तावित है जिससे 450 मेगावाट पनबिजली उत्पादन का लक्ष्य है।

2. कोसी नदी घाटी परियोजना- यह परियोजना नेपाल बिहार और भारत सरकारों के सामूहिक प्रयास का फल है। इसका मुख्य उद्देश्य नदी के बदलते मार्ग को रोकना, उपजाऊ भूमि की बर्बादी पर नियंत्रण, भयानक बाढ़ से क्षति पर रोक, जल से सिंचाई का विकास, पनबिजली उत्पादन, मत्स्य पालन, नौका रोहण एवं पर्यावरण संतुलन है।

इस परियोजना को कई चरणों में पूरा किया गया है। पहले चरण में मार्ग परिवर्तन पर नियंत्रण, बिहार, नेपाल सीमा पर स्थित हनुमाननगर स्थान पर बैराज का निर्माण, बाढ़ नियंत्रण के लिए दोनों ओर तटबंध का निर्माण, पूर्वी एवं पश्चिमी कोसी नहर एवं उसकी शाखाओं का निर्माण सम्मिलित किया गया।

पूर्वी नहर तथा इसकी प्रमुख सहायक नहरों द्वारा 14 लाख एकड़ भूमि में सिंचाई की जाती है। इससे पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा और अररिया जिलों में सिंचाई की जाती है। पश्चिमी नहर से नेपाल एवं बिहार के मधुबनी एवं दरभंगा जिलों में सिंचाई की जाती है।

प्रश्न 4.
बिहार में वन्य जीवों के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा करें।
उत्तर-
बिहार में वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए आदि काल से कई रीति-रिवाजों का प्रचलन है। कई धार्मिक अनुष्ठान तो वृक्षों के नीचे ही किए जाते हैं। कई ऐसे आंचलिक त्योहार भी हैं जो वृक्षों के नीचे ही किए जाते हैं। इस राज्य में परम्परागत रूप से वट, पीपल, आँवला और तुलंसी के पौधों की पूजा की जाती है। हमारे यहाँ चौंटी से लेकर साँप जैसे विषैले जन्तु को भोजन दिया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। पक्षियों को भी दाने दिए जाने का प्रचलन है। साथ ही वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यहाँ संजय गाँधी जैविक उद्यान एवं अन्य 14 अभयारण्य हैं जैसे-बेगुसराय जिला अन्तर्गत कांवर झील, दरभंगा जिला अन्तर्गत कुशेश्वर स्थान इत्यादि।

वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए कई संस्थाएँ भी कार्यरत हैं जिनमें वन, पर्यावरण एवं जल संसाधन विकास विभाग प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में कई स्वयं सेवी संस्थाएँ भी काम कर रही हैं। जैसे—प्रयास, तरुमित्र और भागलपुर में मंदार नेचर क्लब इत्यादि।

Bihar Board Class 10 Geography बिहार : कृषि एवं वन संसाधन Additional Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
बिहार राज्य की उत्तरी सीमा के पश्चिमी छोर का अक्षांश क्या है ?
(क) 25°30’N
(ख) 27°31N
(ग) 37°N
(घ) 30°N
उत्तर-
(ख) 27°31N

प्रश्न 2.
सबसे कम वर्षा का जिला कौन है ?
(क) किशनगंज
(ख) पूर्णिया
(ग) बक्सर
(घ) पश्चिमी चम्पारण
उत्तर-
(ग) बक्सर

प्रश्न 3.
संप्रति बिहार में जिलों की संख्या कितनी है ?
(क) 30
(ख) 31
(ग) 35
(घ) 38
उत्तर-
(घ) 38

प्रश्न 4.
बिहार में विद्युत का उत्पादन सबसे अधिक कहाँ होता है ?
(क) बरौनी
(ख) बक्सर
(ग) गोपालगंज
(घ) अररिया
उत्तर-
(ग) गोपालगंज

प्रश्न 5.
बिहार में सबसे बड़ा ताल-क्षेत्र कौन है ?
(क) बड़हिया
(ख) राजगीर
(ग) दरभंगा
(घ) कैमूर
उत्तर-
(क) बड़हिया

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
बिहार की पूर्वी सीमा पर स्थित राज्य का नाम लिखें।
उत्तर-
प. बंगाल बिहार की पूर्वी सीमा पर स्थित है।

प्रश्न 2.
बिहार के किस भाग में सोमेश्वर की पहाड़ियाँ स्थित हैं ?
उत्तर-
बिहार के गंगा के उत्तरी मैदान में पश्चिमोत्तर कोने पर सोमेश्वर की पहाड़ियाँ स्थित हैं।

प्रश्न 3.
बिहार राज्य से झारखण्ड कब अलग हुआ? सही तिथि का उल्लेख करें।
उत्तर-
15 नवंबर 2000 को झारखण्ड बिहार राज्य से अलग हो गया।

प्रश्न 4.
बिहार में सबसे बड़ा ताल क्षेत्र कहाँ स्थित है ?
उत्तर-
बिहार में सबसे बड़ा ताल क्षेत्र मोकामा में स्थित है।

प्रश्न 5.
बिहार में सिंचाई का सबसे बड़ा साधन क्या है ?
उत्तर-
बिहार में सिंचाई के तीन मुख्य साधन हैं-

  • नहरें
  • कुएं और नलकूप तथा
  • तालाब, आहार और पईन।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
बिहार में गेहूं के पाँच प्रमुख उत्पादक जिलों के नाम लिखें।
उत्तर-
बिहार में गेहूँ उत्पादन करने वाले पाँच-दरभंगा, रोहतास, गया, सिवान तथा औरंगाबाद इत्यादि प्रमुख जिले हैं।

प्रश्न 2.
बिहार के दक्षिण की ओर बहने वाली नदियों के नाम लिखें।
उत्तर-
बिहार के दक्षिण की ओर बहने वाली नदियों में सोन, पुनपुन, फल्गु, चानन और चीर नदियाँ प्रमुख हैं।

प्रश्न 3.
बिहार राज्य के सबसे अधिक वर्षा वाले दो जिलों के नाम लें।
उत्तर-
बिहार राज्य के सबसे अधिक वर्षा वाले दो जिले किशनगंज जहाँ 200-300 सेमी. या इससे भी अधिक वर्षा होती है तथा कटिहार जहाँ 150-200 सेमी. के बीच वर्षा होती है।

प्रश्न 4.
गंगा के दक्षिण के मैदान की मिट्टी का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर-
गंगा के दक्षिणी मैदान में केवाली मिट्टी पाई जाती है। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना, नालन्दा, बाढ़, मुंगेर और भागलपुर के मैदानी भाग में बांगर या पुरानी जलोढ़ मिट्टी पायी जाती है। कुछ स्थानों पर तीन-चार महीने तक बाढ़ का पानी एकत्र हो जाने से विशाल ‘ताल’ का रूप ले लेता है। इसमें बड़हिया ताल सबसे बड़ा है। इसमें पानी सूखने पर दलहन की अच्छी उपज ली जाती है। ताल के ऊपर के क्षेत्र केवाली मिट्टी के हैं। इसमें समुचित वर्षा के अभाव में सिंचाई का सहारा लिया जाता है और अच्छी उपज ली जाती है।

प्रश्न 5.
बिहार राज्य के किस जिले में चूना-पत्थर अधिक मिलता है ?
उत्तर-
बिहार के रोहतास और मुंगेर जिले में चूनापत्थर अधिक मिलता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
प्राकृतिक संसाधनों का नाम दें। किसी एक का बिहार में वितरण बताएँ।
उत्तर-
बिहार के प्राकृतिक संसाधन निम्नलिखित हैं
(क) मिट्टी
(ख) खनिज
(ग) वन और वन्य प्राणी तथा
(घ) जल या जलशक्ति।

मिटटी का वितरण बिहार के मैदानी भाग में सर्वत्र वाहित मिट्टियाँ पाई जाती हैं। अति प्राचीन काल में उत्तरी मैदान में सागर था, जो नदियों के द्वारा लाई गई और जमा की कई मिट्टियों से भरकर समतल मैदान बन गया। इस वाहित मिट्टी को जलोढ़ मिट्टी के नाम से पुकारा जाता है। इसे कई उपवर्गों में बांटा गया है

(i) तराई या दलदली क्षेत्र की जलोढ़ मिट्टी इसका वितरण सबसे उत्तर में 5 से 10 किलोमीटर चौड़ी पट्टी में मिलता है। हिमालय की तराई होने, घनी वर्षा होने और घने पेड़-पौधों से भरा होने के कारण इस क्षेत्र में बहुत अधिक नमी बनी रहती है। इस मिट्टी में चूने का अंश कम होता है। रंग गाढा भूरा होता है, यह बहुत उपजाऊ नहीं होती है। इसमें धान, जूट, गन्ना आम
और लीची की खेती की जाती है।

(ii) बाँगर या परानी जलोढ मिटटी इसका वितरण गंडक नदी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्र में पाया जाता है। इस मिट्टी में चूना-कंकड़ अधिक मिलता है। मिट्टी का रंग भूरा और कालिमा लिए हुए होता है। यह गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसमें मकई, जौ, गेहूँ की भी खेती की जाती है।

(iii) खादर या नई जलोढ मिट्टी इसका वितरण बूढ़ी गंडक के पूरब में है। यह दोमट मिट्टी है। यह क्षेत्र बाढ़ग्रस्त रहा करता है। इसमें जूट की खेती की जाती है। इसके पश्चिमी भाग में गन्ने की खेती की जाती है। धान की भी अच्छी खेती की जाती है।

(iv) गंगा के दक्षिणी मैदान की केवाल मिटटी यहां पश्चिमी भाग में बाँगर मिट्टी मिलती है। पूर्व के निम्न भागों में ताल जैसे बड़हिया का ताल मिलता है, जो दलहन की पैदावर के लिए विख्यात है। यही मिट्टी दोमट और केवाल किस्म की है।

प्रश्न 2.
आर्द्र पर्णपाती और शुष्क पर्णपाती वनों में क्या अन्तर है ? इनके पेड़ों के तीन-तीन उदाहरण दें।
उत्तर-
बिहार के वन मॉनसूनी प्रकार के हैं और पर्णपाती हैं। सामान्यतः 125cm से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शुष्क पर्णपाती वन पाया जाता है। आई पर्णपाती वनों के वृक्ष सदाबहार होते हैं जैसे आम, जामुन, कटहल, सखुआ, पलास, पीपल सेमल, बरगद, करंग, गंभार आदि। वनों के अतिरिक्त साबेघास भी पाया जाता है। इस प्रकार के वृक्ष मुख्यतः चम्पारण, सहरसा, पूर्णिया एवं अररिया के उत्तर भाग में पाये जाते हैं।

शुष्क पर्णपाती वनों में भी वे सभी पेड़ उगते हैं जो आई पर्णपाती वनों में पाये जाते हैं। परंतु ये आकार में छोटे और कम घने होते हैं और ग्रीष्म काल के प्रारंभ में ही इनके पत्ते गिर जाते हैं। इनमें मुख्यतः शीशम, महुआ, पलास, बबूल, खजूर और बाँस के पेड़ मिलते हैं, आम, अमरूद, कटहल के पेड़ भी पाये जाते हैं। ऐसे वन कृषि कार्य एवं आवास बनाने हेतु तेजी से काटे जा रहे हैं। फिर भी गया, दक्षिणी मुंगेर तथा दक्षिणी भागलपुर में इनकी संघनता पाई जाती है। नेपाल की सीमा से सटे तराई भागों में वर्षा की अधिकता के कारण आर्द्र पर्णपाती वन मिलते हैं जिसमें शीशम, सखुआ, सेमल तथा खैर के पेड़ों की प्रमुखता रहती है। कोसी क्षेत्र में नरकट जाति की झाड़ियाँ भी उगती हैं।

Bihar Board Class 10 Geography बिहार : कृषि एवं वन संसाधन Notes

  • बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, यहाँ की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है।
  • धान, गेहूँ, मकई, जौ, गन्ना, तम्बाकू, महुआ, ज्वार, दलहन और तेलहन यहाँ की मुख्य फसल हैं।
  • मोटे अनाज के उत्पादन में मधुबनी एवं किशनगंज क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर हैं।
  • बिहार देश का तीसरा बड़ा सब्जी उत्पादक राज्य है।
  • सोन, गंडक एवं कोसी यहाँ की मुख्य नदी घाटी परियोजनाएं हैं।
  • बिहार में लगभग 6.87 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में ही वन है।
  • संजय गाँधी जैविक उद्यान, पटना यहाँ का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है।
  • प्राकृतिक संसाधनों के मामले में बिहार एक परिपूर्ण राज्य है। यहाँ अनेक प्रकार के प्राकृतिक संसाधन पाये जाते हैं।
  • धान, गेहूँ, मकई, जौ, गन्ना, तम्बाकू, महुआ, ज्वार, दलहन और तेलहन यहाँ की मुख्य फसल हैं।
  • बिहार राज्य भारत की उत्तरी सीमा पर नेपाल से सटा हुआ है। इसकी गिनती देश के पूर्वी राज्यों के साथ की जाती है।
  • बिहार का विस्तार चतुर्भुज की भांति है, परन्तु पश्चिमी भाग कुछ चौड़ा है। इसकी उत्तरी सीमा पश्चिम की ओर 27°31 N अक्षांश तथा पूरब की ओर 27°N अक्षांश पर है। इसी प्रकार दक्षिणी सीमा 24°30N अक्षांश को छूती है। पश्चिमी सीमा 83°E देशान्तर पर तथा
  • पूर्वी सीमा उत्तर की ओर 88°8’N देशान्तर पर तथा दक्षिण की ओर 88°N देशान्तर के पास है।
  • हमारे राज्य बिहार की पश्चिम की लंबाई लगभग 483 किमी. है तथा औसत चौड़ाई लगभग 195 किमी. है।
  • हमारे राज्य बिहार का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी. है।
  • बिहार के पड़ोसी राज्य झारखण्ड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश हैं।
  • बिहार के उत्तरी-पश्चिमी सिरेचर सोमेश्वर की पहाड़ियाँ हैं जो दक्षिणी हिमालय (शिवालिक) की सबसे छोटी पहाड़ी है।
  • बिहार के सबसे पश्चिमी सीमा पर सरयू नदी है और उसके पूरब में गंडक तथा बूढ़ी गंडक नदियां हैं। इसके पूरब की ओर बागमती नदी है जो गूढ़ी गंडक की सहायक नदी है। मध्य भाग में प्रमुख नदी कोसी है जिसकी अनेक सहायक नदियाँ हैं।
  • बिहार के कोसी नदी में सात प्रमुख नदियों का जल बहता है। इसीलिए कोसी नदी को सप्तकोसी भी कहा जाता है।
  • उत्तरी बिहार में अनेक छोटी-छोटी सहायक नदियाँ हैं जो नेपाल से बहकर आती हैं।
  • बिहार के मध्य में पश्चिम से पूरब तक बहने वाली मुख्य नदी गंगा है।
  • बिहार की दक्षिणी सीमा पर पश्चिमी भाग में रोहतास, मध्य में राजगीर और पूरब में मंदार की पहाड़ियाँ हैं।
  • बिहार के गंगा के मैदान को उत्तरी और दक्षिणी दो भागों में बाँटा जाता है।
  • गंगा के उत्तरीय मैदान में सोमेश्वर की पहाड़ियाँ इसके पश्चिमोत्तर कोने पर स्थित हैं।
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