BSEB 11 ECO PT 2 CH 03

BSEB Bihar Board Class 11 Economics Solutions Chapter 3 आँकड़ों का संगठन

Bihar Board Class 11 Economics आँकड़ों का संगठन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्न में से कौन-सा विकल्प सही है?

1. एक वर्ग मध्य-बिन्दु बराबर है –
(क) उच्च वर्ग सीमा तथा निम्न वर्ग सीमा के औसत के।
(ख) उच्च वर्ग सीमा तथा निम्न वर्ग सीमा के गुणनफल के।
(ग) उच्च वर्ग सीमा तथा निम्नं वर्ग सीमा के अनुपात के।
(घ) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(क) उच्च वर्ग सीमा तथा निम्न वर्ग सीमा के औसत के

2. दो चरों के बारम्बारता वितरण को इस नाम से जानते हैं –
(क) एक विचर वितरण
(ख) द्वितर वितरण
(ग) बहुचर वितरण
(घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) द्वितर वितरण

3. वर्गीकृत आँकड़ों में सांख्यिकीय परिकलन आधारित होता है –
(क) प्रेक्षणों के वास्तविक मानों पर
(ख) उच्च वर्ग सीमाओं पर
(ग) निम्न वर्ग सीमाओं पर
(घ) वर्ग के मध्य-बिन्दुओं पर
उत्तर:
(घ) वर्ग के मध्य-बिन्दुओं पर

4. अपवर्जी विधि के अंतर्गत –
(क) किसी वर्ग की उच्च वर्ग सीमा को वर्ग अंतराल में समावेशित नहीं करते हैं।
(ख) किसी वर्ग की उच्च वर्ग सीमा को वर्ग अंतराल में समावेशित करते हैं।
(ग) किसी वर्ग की निम्न वर्ग सीमा को वर्ग अंतराल में समावेशित नहीं करते।
(घ) किसी वर्ग की निम्न वर्ग सीमा को वर्ग अंतराल में समावेशित करते हैं।
उत्तर:
(ग) किसी वर्ग की उच्च सीमा को वर्ग अंतराल में समावेशित नहीं करते।

5. परास का अर्थ है –
(क) अधिकतम एवं न्यूनतम प्रेक्षणों के बीच का अंतर
(ख) न्यूनतम एवं अधिकतम प्रेक्षणों के बीच का अंतर
(ग) अधिकतम एवं न्यूनतम प्रेक्षणों का औसत
(घ) अधिकतम एवं न्यूनतम प्रेक्षणों का अनुपात
उत्तर:
(घ) अधिकतम एवं न्यूनतम प्रेक्षणों का अनुपात।

प्रश्न 2.
वस्तुओं के वर्गीकरण का क्या कोई लाभ हो सकता है। अपने जीवन से उदाहरण लेकर समझाएँ।
उत्तर:
वस्तुओं के वर्गीकरण से कई लाभ होते हैं। इस बात को मैं अपने जीवन से उदाहरण देकर समझाता हूँ। पिछले वर्ष मैं दसवीं कक्षा का विद्यार्थी था। मैं पढ़ाई में तो होशियार था, परंतु अन्य बातों में बहुत ही लापरवाह था। मेरा पढ़ने का एक अलग कमरा था। कमरे में मेरी किताबें तथा कापियाँ इधर-उधर बिखरी थीं। पेन, पेंसिलें तथा अन्य पाठ्य-सामग्री इधर-उधर बिखरी रहती थीं, विज्ञान की कुछ पुस्तकें अलमारी में होती थीं और कुछ इधर-उधर पड़ी रहती थीं। अन्य विषय की पुस्तकों तथा अभ्यास पुस्तिकाओं का भी यही हाल था। पुस्तकें जल्द फट जाती थीं।

कापियों तथा किताबों को तलाश करने में काफी समय लगता था और परेशानी भी बहुत होती थी। कई बार किताबें ढूँढते-ढूँढ़ते इतना समय बरबाद हो जाता था कि पढ़ने का मन भी नहीं करता था। एक बार मेरे घर मेरा एक मित्र आया। वह पढ़ाई में कमजोर था। वह कुछ सवाल समझने मेरे घर पर आया। जब वह मेरे अध्ययन-कक्ष में आया तो हैरान हो गया। उसने मुझे बताया कि तुम्हारा अध्ययन तो कबाड़ बना हुआ है। उसने मेरी पुस्तकों तथा अध्ययन-सामग्री का वर्गीकरण किया। उनको उचित स्थान पर रखा। तब से मेरी आदत वस्तुओं को अपने स्थान पर रखने की बन गई, अब मुझे किसी विषय की कोई पुस्तक पढ़नी हो तो वह पुस्तक बड़ी सरलता से मिल जाती है तथा समय नष्ट नहीं होता। पुस्तक तलाश करने में कोई।

प्रश्न 3.
चर क्या है? सतत तथा विविक्त चरों में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
चर (Variable):
चर वह संख्या है जिसका मान परिवर्तित होता रहा है (A Variable is one that takes Chaniging Values) जैसे:
पिछले दस वर्षों में भारत में खाद्यान्न का उत्पादन, किसी स्थान का विभिन्न समयों पर तापमान, पाशा फेंकने पर पाया गया अंक, सिक्का उछालने पर प्राप्त परिणाम इत्यादि। परिवर्तन के आधार पर चरों को दो वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है –
(क) सतत (Continuous)
(ख) विविक्त (Discrete)

सतत चर (Continuous Variables):
सतत चर का कोई भी संख्यात्मक मान हो सकता है। यह पूर्णांक मान (0, 1, 2, 3, 4, …..) भिन्नात्मक मान (1/2, 3/4, 911) तथा वे मान जो यथातय भिन्न नहीं हैं (2–√, 3–√, 17−−√ इत्यादि) हो सकता है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए एक छात्र का कद 80-160 सेमी. तक बढ़ता है, तो उसके कद के मान इसके बीच आने वाले सभी मान हो सके हैं, जैसे-90 सेमी. 102.34 सेमी 156.49 सेमी. आदि। इस तरह ऊँचाई चर एक सतत चर है। सतत चर के अन्य उदाहरण भार, समय दूरी उपज आदि हैं।

विविक्त चर:
विविक्त चर केवल निश्चित मान लेते हैं। किन्हीं दो मानों के बीच एक अंतराल होता है। जैसे-पाशा फेंकने पर आया हुआ अंक। यह अंक 1, 2, 3, 4, 5, 6 में से कोई भी एक हो सकता है। नतीजा 1 और 2 के बीच नहीं हो सकता, इसी तरह किसी कक्षा में छात्रों की संख्या एक विविक्त चर है। यह संख्या केवल पूर्णांक ही हो सकती है। उदाहरणस्वरूप, छात्रों की संख्या 30 और 31 के बीच 30.5 (माना) नहीं हो सकती। आधा छात्र निरर्थक होगा।

इसका मतलब यह कतई नहीं है कि विविक्त चर भिन्नांक मान नहीं ले सकते। माना कि ‘X’ एक चर है जिसके मान 14, 18, 116, 132 हैं। यह एक विविक्त चर है, क्योंकि X के मान इन भिन्नों में से हो सकते हैं, तथापि ये दो सन्निकट भिन्नों के बीच नहीं, हो सकते। विविक्त चरों के कुछ उदाहरण हैं – सड़क पर किसी समय वाहनों की संख्या, पासे पर आने वाली संख्या, दो सिक्के उछालने पर आए हुए सरों (Heads) की संख्या इत्यादि।

प्रश्न 4.
आँकड़ों के वर्गीकरण में प्रयोग किए गए ‘समावेशी’ तथा ‘अपवर्जी’ विधियों को समझाएँ।
उत्तर:
आँकड़ों को दो विधियों से वर्गीकृत किया जा सकता है –

  1. समावेशी विधि
  2. अपवर्जी विधि।

1. समावेशी विधि (Exclusive Method):
इस विधि के अनुसार वर्ग के सभी मद ऊपरी सीमा सहित वर्ग में शामिल होते हैं। इसमें एक वर्ग की ऊपरी सीमा पर अगले वर्ग की निचली सीमा नहीं बनाती। यह विधि निम्न तालिका से स्पष्ट हो जाएगी।

2. अपवर्जी विधि (Exclusive Method):
इस विधि के अनुसार वर्ग की अपनी सीमा छोड़ा कर वर्ग के सी मद वर्ग में शामिल होते हैं। इसमें वर्ग की ऊपरी सीमा अगले वर्ग की निचली सीमा होगी। जैसे-0-10 तक 10-20 में क्रमश: 10 और 20 शामिल वर्गों में तालिका है और पहले वर्ग की उच्च सीमा 10 दूसरे वर्ग की निम्न सीमा है। यह बात निम्न तालिका से और भी स्पष्ट हो जाएगी।

ऊपरी दी गई जानकारी के आधार पर चाहे हम 0 से 30 तक अंकों के लिए 5 के वर्गान्तर के आधार पर 0 से आरंभ होकर शृंखला बनानी है तो दोनों विधियों के अनुसार निम्न प्रकार से अखंडित आवृत्ति होगा।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में 50 गृहस्थों द्वारा भोजन पर मासिक पारिवारिक व्यय को रुपए में दर्शाया गया है।

  1. भोजन पर मासिक पारिवारिक व्यय का विस्तार बताएँ।
  2. विस्तार को उचित वर्गान्तर की संख्या से विभाजित करें और लाभ का आवृत्ति वितरण ज्ञात करें।
  3. उन परिवारों की संख्या बताएँ जिनकी मासिक व्यय –

(क) 2,000 रुपए से कम हो
(ख) 3,000 रुपए से अधिक हो
(ग) 1,500 रुपए से 2,500 रुपए के बीच में हो
उत्तर:

(क) 2,000 रुपए से कम मासिक खर्चे वाले परिवार = 19 + 14 = 33
(ख) 3,000 रुपए से अधिक मासिक खर्चे वाले परिवार = 2 + 1 + 2 + 1 = 6
(ग) 1,500 – 2,500 के बीच मासिक खर्च वाले परिवार = 14 + 6 = 20 परिवार

प्रश्न 6.
एक शहर में 45 परिवारों का घरेलू उपकरण के प्रयोग की संख्या के बारे में सर्वेक्षण किया गया। उनके द्वारा नीचे दिये उत्तरों के आधार पर आवृत्ति विन्यास तैयार करें।

उत्तर:

प्रश्न 7.
वर्गीकृत आँकड़ों में सूचनाओं की हानि से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
अंकों को वर्गीकृत करने से आँकड़े सरलता से समझे जा सकते हैं। परंतु आँकड़ों को वर्गीकृत करने से आँकड़ों की विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाती। एक बार आँकड़ों के समूहों में वर्गीकृत करने से व्यक्तिगत मदों का या अन्य सांख्यिकी का महत्त्व गणना में कम हो जाता है। मान लो हमारे पास 6 मद दिए गए हैं – 25, 25, 20, 22, 21 तथा 28। जब इन मदों को 20-30 आवृत्ति वितरण में वर्गीकृत करते हैं तो हमें केवल इस बात का ज्ञान होता है कि 20 – 30 आवृत्ति वितरण में 6 आवृत्तियाँ या मदें हैं।

परंतु इस बात का ज्ञान नहीं होता कि 20 – 30 आवृत्ति वितरण में कौन-कौन से मूल्य वाली मदें हैं। यह मान लिया जाता है कि इस वर्ग में जितनी भी मदें हैं, उनका मूल्य वर्गान्तर का मद मूल्य (यहाँ पर 25) मान लिया जाता है। इसके अतिरिक्त सांख्यिकी गणना वर्गान्तर के मध्य मूल्य के आधार पर की जाती है न कि मदों के वास्तविक मूल्यों के आधार पर। इस तरह आँकड़ों के वर्गीकरण से मदों के वास्तविक मूल्य का पता नहीं चलता। इसे सूचनाओं की हानि कहते हैं।

प्रश्न 8.
क्या आप सहमत हैं कि वर्गीकृत आँकड़े मूले शुद्ध आँकड़ों से अच्छे हैं?
उत्तर:
शुद्ध या मूल आँकड़े अवर्गीकृत होते हैं। वे प्रायः इतने अधिक और बोझिल होते हैं कि उनको सँभालना भी कठिन हो जाता है। उन आँकड़ों से कोई निष्कर्ष निकालना बहुत ही कठिन कार्य है। यह बात निम्नलिखित 100 विद्यार्थियों के प्राप्तांक के लिए गए आँकड़ों से स्पष्ट होता है।

अब यदि आप से पूछा जाए कि आप तालिका देखकर बताएं कि गणित में सबसे अधिक कितने अंक हैं। तब आपको पहले 100 विद्यार्थियों के अंकों को बढ़ते या घटते क्रम में लिखना होगा। यह सब बहुत ही कठिन कार्य है। यह काम और अधिक कठिन बन जाएगा जब 100 विद्यार्थियों के स्थान पर आपको 1000 विद्यार्थियों के प्राप्तांक दिए गए हों। जब हम इन्हीं अंकों को वर्गीकृत करते हैं तो सूचनाएँ सरलता से मिल जाएँगी। नीचे इन्हीं आँकड़ों का वर्गीकरण दिखाया गया है –

ऊपरी दी गई तालिका से हम बिना किसी कठिनाई के निष्कर्ष निकाल सकते हैं और तुलना कर सकते हैं। इस तालिका से हमें पता चलता है कि 6 विद्यार्थी ऐसे हैं जिनके प्राप्तांक 70 80 के बीच में है। 90 से 100 के बीच अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 4 है। इस प्रकार हम देखते हैं कि वर्गीकृत आँकड़े शुद्ध या अवर्गीकृत आँकड़ों से श्रेष्ठ हैं।

प्रश्न 9.
एकल-विचार तथा द्विचर आवृत्ति वितरण में अंतर बताएँ।
उत्तर:
एकल चर तथा द्विचर आवृत्ति वितरण में अंतर (Differences betweena univarite and bivariate frequency distribution):
एक चर के आवृत्ति वितरण को एकल चर आवृत्ति वितरण (Univariate Distribution) कहते हैं। इसके विपरीत दो चरों के आवृत्ति वितरण को द्विचर आवृत्ति वितरण (Bivariate Freuency Distribution) कहते हैं। नीचे दोनों पद के आवृत्ति वितरण के उदाहरण दिए गए हैं।

द्विचर आवृत्ति वितरण (Bivariate Frequency Distribution):

इस तालिका से पता चलता है कि कुल 20 कंपनियाँ हैं। इनका विज्ञापन पर व्यय तथा उनके द्वारा विक्रय की मात्रा दी गई है। अर्थात् यहाँ दो चर हैं –

  1. विज्ञापन पर व्यय तथा
  2. विक्रय। विक्रय के मूल्य को विभिन्न स्तंभों में दिखाया गया है तथा विज्ञापन के व्यय को विभिन्न पंक्तियों में दिखाया गया है। तालिका से हमें पता चलता है कि तीन फर्म ऐसी हैं, जिनका विक्रय 135 – 145 लाख के बीच में है और उनका विज्ञापन पर व्यय 64-66 हजार रुपयों के बीच में है।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित तालिका की सहायता से 7 तक के वर्ग अंतराल में समावेशी विधि के अनुसार आवृत्ति वितरण बनाएँ।

उत्तर:
आवृत्ति वितरण (Frequency Distribution):

Bihar Board Class 11 Economics आँकड़ों का संगठन Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
खुले सिरे वाले वर्ग किसे कहते हैं?
उत्तर:
खुले सिर वाले वर्ग होते हैं जिसमें या तो निम्न सिरा या ऊपरी सिर परिभाषित नहीं होता।

प्रश्न 2.
वर्ग का मध्य बिन्दु क्या है?
उत्तर:
उच्च वर्ग सीमा तथा निम्न वर्ग सीमा का औसत मूल्य का मध्य बिन्दु कहते हैं।

पश्न 3.
दो चरों वाली आवृत्ति वितरण को क्या कहते हैं?
उत्तर:
दो चरों वाली आवृत्ति वितरण को द्विचर आवृत्ति वितरण कहते हैं।

प्रश्न 4.
वर्गीकृत आँकड़ों की सांख्यिकी गणना किस पर आधारित होती है?
उत्तर:
वर्गीकृत आँकड़ों की सांख्यिकी की गणना वर्ग के मध्य बिंदुओं पर आधारित होती है।

प्रश्न 5.
निम्न तालिका में से भारत की जनसंख्या का विस्तार बताइए।

उत्तर:
भारत की जनसंख्या का विस्तार = 102 – 35.7 = 67 करोड़।

प्रश्न 6.
उत्पादन की दृष्टि से देशों के नाम बढ़ते हुए क्रम में लिखें।

उत्तर:बढ़ते हुए क्रम में।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित की प्रकृति क्या है – “गुणात्मक या मात्रात्मक (परिणामात्मक)?

  1. राष्ट्रीयता
  2. साक्षरता
  3. धर्म
  4. लिंग
  5. वैवाहिक स्थिति आदि

उत्तर:
राष्ट्रीयता, साक्षरता, धर्म, लिंग, वैवाहिक, आदि की प्रकृति गुणात्मक है।

प्रश्न 8.
वर्गीकरण की परिभाषा दीजिए।
उत्तर:
वर्गीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें आँकड़ों को उनकी विशेषताओं के आधार पर वर्गों में विभाजित किया जाता है।

प्रश्न 9.
वर्गीकरण को कोई एक उद्देश्य लिखें।
उत्तर:
आँकड़ों के विशाल समूह को उनकी विशेषताओं के आधार पर संक्षिप्त करना ताकि उनकी समानताएँ व असमानताएँ स्पष्ट हो सकें।

प्रश्न 10.
व्यक्तिगत श्रेणी का क्या अर्थ है?
उत्तर:
व्यक्तिगत श्रेणी वह श्रेणी है जिसमें प्रत्येक मद का माप अलग दिया जाता है।

प्रश्न 11.
अपवर्जी श्रेणी क्या है?
उत्तर:
अपवर्जी श्रेणी वह श्रेणी है जिसके अंतर्गत वर्ग की ऊपरी सीमाओं को छोड़कर अन्य सभी समान मदों को वर्ग समूह में सम्मिलित किया जाता है।

प्रश्न 12.
20-30 वर्ग समूह का मध्यमूल निकालें।
उत्तर:
25

प्रश्न 13.
निम्नलिखित आँकड़ों के बढ़ते क्रम में क्रमबद्ध कीजिए। 18, 30, 15, 20, 10, 25, 19 तथा 28
उत्तर:
10, 15, 18, 19, 20, 25, 28 तथा 30

प्रश्न 14.
वर्ग अंतराल किसे कहते हैं?
उत्तर:
उच्च और निम्न वर्ग-सीमा के अंतर को वर्ग-अंतराल कहते हैं।

प्रश्न 15.
आवृत्ति से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
जब किसी श्रेणी में मद का मूल्य बार-बार आता है तो हम उसे आवृत्ति कहते हैं।

प्रश्न 16.
वर्ग सीमाएँ कितनी होती हैं?
उत्तर:
वर्ग सीमाएँ दो होती हैं।

प्रश्न 17.
निम्न सीमा किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्रत्येक वर्ग की पहली संख्या को निचली सीमा कहते हैं। जैसे 5-10 में 5 निम्न सीमा है।

प्रश्न 18.
प्रवेश पत्रिका के दो लाभ लिखें।
उत्तर:

  1. प्रवेश पत्रिका से किसी भी वर्गांतर में लिखी गई अशुद्धि को सरलता से ज्ञात किया जा सकता है।
  2. वर्गांतर का निर्माण पुनः भी किया जाता है।

प्रश्न 19.
शुद्ध आँकड़ों तथा व्यक्तिगत श्रृंखला में क्या अंतर है?
उत्तर:
शुद्ध आँकड़े मूल रूप में व्यक्त किए जाते हैं जबकि व्यक्तिगत श्रृंखला में मूल आँकड़ों को किसी क्रम में व्यवस्थित किया जा सकता है।

प्रश्न 20.
विन्यास किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब व्यक्तिगत आँकड़ों को बढ़ते हुए क्रम में या घटते क्रम में व्यवस्थित किया जाता है तो उसे विन्यास कहते हैं।

प्रश्न 21.
यदि समान अंतराल आवृत्ति वितरण में आँकड़े एक या दो वर्गों में केन्द्रित हैं तो आप क्या करेंगे?
उत्तर:
उस अवस्था में हम असमान अंतराल आवृत्ति का निर्माण करेंगे।

प्रश्न 22.
एकल संतत चरों के तीन उदाहरण दें।
उत्तर:
वजन, समय तथा दूरी एकल सतत चरों के तीन उदाहरण हैं।

प्रश्न 23.
तीन ऐसे गुणों के नाम लिखो जो प्रकृति में परिणामात्मक हैं।
उत्तर:

  1. ऊँचाई
  2. आयु तथा
  3. आय

प्रश्न 24.
सतत चरों के तीन उदाहरण दें।
उत्तर:
छात्रों की ऊँचाई, विभिन्न वर्षों में भारत में चावल का उत्पादन, भार।

प्रश्न 25.
एक आवृत्ति वितरण में साधारणतया कितने वर्ग होने चाहिए।
उत्तर:
एक आवृत्ति वितरण में कम-से-कम 5 और अधिक-से-अधिक 15 वर्ग होने चाहिए।

प्रश्न 26.
समावेशी विधि में किन वर्ग सीमाओं को शामिल किया जाता है।
उत्तर:
समावेशी विधि में वर्ग की दोनों सीमाओं-उच्च सीमा तथा निम्न सीमा को शामिल किया जाता है।

प्रश्न 27.
तुम्हारे छोटे भाई की पुस्तकें हमेशा अव्यवस्थित पड़ी रहती हैं? इससे उसे क्या परेशानी होती हैं?
उत्तर:
उसे पुस्तकों को तलाश करने में काफी समय गँवाना पडता है।

प्रश्न 28.
वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
समान गुण वाले आँकड़ों की वर्गों और समूहों में व्यवस्थित करने की क्रिया को वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 29.
आवृत्ति किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी मूल्य की बारम्बारता या पुनः को आवृत्ति कहते हैं।

प्रश्न 30.
संख्यात्मक (परिणात्मक) वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
आँकड़ों की संख्या के आधार पर वर्गीकरण को संख्यात्मक वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 31.
गुणात्मक वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
गुणों के आधार पर आँकड़ों के वर्गीकरण को गुणात्मक वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 32.
भौगोलिक वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
क्षेत्र के आधार पर वर्गीकरण को भौगोलिक वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 33.
समयानुसार आँकड़ों के वर्गीकरण को क्या कहते हैं?
उत्तर:
काल-श्रेणी।

प्रश्न 34.
शुद्ध आँकड़ों को शुद्ध आँकड़ें क्यों कहते हैं?
उत्तर:
मौलिक आँकड़ों को शुद्ध आँकड़े कहते हैं।

प्रश्न 35.
नीचे एक श्रृंखला दी गई हैं। इस श्रृंखला का नाम बताएँ – 19, 12, 15, 18, 20, 25, 20.
उत्तर:
यह व्यक्तिगत श्रृंखला है।

प्रश्न 36.
वर्गीकरण की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर:
क्योंकि शुद्ध एवं अव्यवस्थित आँकड़ों का निर्वाचन एक जटिल क्रिया है।

प्रश्न 37.
क्रमबद्ध आँकड़ों से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
इसका अभिप्राय आँकड़ों को एक क्रम (घटते या बढ़ते) में प्रस्तुत करना है।

प्रश्न 38.
संतत श्रृंखला किसे कहते हैं?
उत्तर:
संतत (अविच्छन) श्रृंखला उस श्रृंखला को कहते हैं जिसमें एक से दूसरे जुड़े हुए वर्गों की एक आवृत्ति व्यक्त की जाती है।

प्रश्न 39.
समायोजित वर्गचिह्न निकालने का सूत्र लिखें।
उत्तर:
समायोजित वर्गचिह्न = (समायोजित उच्च सीमा + समायोजित निम्न सीमा) ÷ 2।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
सतत तथा विविक्त (विछिन्न) चरों में अंतर बताएँ। उदाहरण देकर समझाएँ।
उत्तर:
सतत तथा विविक्त चरों में अंतर (Differences between Continuous Series and Discrete Series):
एक चर को संतत चर उस समय कहा जाता है जब वह 12, 13, 34,78 अथवा 2–√ या 1 – 414 …..। उदाहरण के लिए वस्तुओं की कीमतों, व्यक्तियों की ऊँचाई, भारत तथा उनकी आय को सतत चर कहा जा सकता है। इसके विपरीत यदि चर केवल एक विशेष मूल्य को ले सकता है तो इसे विविक्त चर कहेंगे जैसे-पूर्ण संख्या (Whole number) को विविक्त चर कहते हैं। एक श्रेणी में विद्यार्थियों की संख्या आदि।

प्रश्न 2.
एक आदर्श वर्गीकरण के आवश्यक तत्त्वों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
एक आदर्श वर्गीकरण के आवश्यक तत्त्व निम्नलिखित हैं –

  1. वर्गीकरण का आकार उचित होना चाहिए।
  2. वर्गीकरण सरल होना चाहिए।
  3. उसमें निरन्तरता का गुण होना चाहिए।
  4. वह शुद्ध होना चाहिए।
  5. वह उद्देश्य के अनुकूल होना चाहिए।
  6. वह लोचदार होना चाहिए।
  7. उसमें व्यापकता का गुण होना चाहिए।
  8. उसमें सजातीयता का गुण होना चाहिए।

प्रश्न 3.
आँकड़ों के वर्गीकरण के अपवर्जी विधि तथा समावेशी विधि समझाइए।
उत्तर:
अंकों का वर्गीकरण दो विधियों से कर सकते हैं –

  1. अपवर्जी विधि
  2. समावेशी विधि

1. अपवर्जी विधि (Exclusive Method):
इस विधि में वर्गान्तर की उच्च सीमा वाला मद उस वर्गान्तर में शामिल न होकर अगले वर्गान्तर में शामिल होगा। वर्गान्तर 0-10, 10-20, 20-30 किसी विशेष मद का मूल्य 10 है तो वह 0-10 में शामिल न होकर 10-20 वर्गान्तर में माना जाएगा।

2. समावेशी विधि (Inclusive Method):
जैसा कि इसके नाम से प्रतीत होता है कि समंकमाला में आए हुए उच्च सीमा मूल्य उसी में शामिल होंगे, अगले में नहीं। वर्गान्तर 10 19, 20-29, 30-39 में। यदि कोई मूल्य 19 आता है तो वह 10-19 वाले वर्गान्तर में शामिल करना चाहिए, अगले में नहीं।

प्रश्न 4.
एकल, द्वि तथा बहु चर वितरण को समझाइए।
उत्तर:

  1. एकल चर वितरण (Univariate Distribution): एकल चर वितरण उस वितरण को कहते हैं, जिसमें केवल एक चर होता है, जैसे-जनसंख्या की केवल आय।
  2. द्विचर वितरण (Bivariate Distribution): द्विचर वितरण उस वितरण को कहते हैं, जिसमें दो चर होते हैं। जैसे एक कक्षा के सभी छात्रों की ऊँचाई तथा वजन।
  3. बहुचर वितरण (Multivariate Distribution): बहुचर वितरण उस वितरण को। कहते हैं जिसमें दो से अधिक चर होते हैं-उदाहरण के लिए सभी परिवारों के उपयोग की सभी मदों का व्यय।

प्रश्न 5.
चर (Variables) और गुणधर्म (Attributes) में उदाहरण सहित अंतर बताएँ।
उत्तर:
साधारण भाषा में चर से अभिप्राय किसी ऐसी विशेषता से है जो एक वस्तु से दूसरी वस्तु में बदलते हैं। उदाहरण के लिए व्यक्तियों की ऊँचाई और उनका वजन बदलते रहते हैं। इसी तरह एक व्यक्ति की योग्यता, वस्तुओं की कीमतों आदि चर हैं, परंतु सांख्यिकी में चर से अभिप्राय उस परिवर्तनशील चर से है जिसे संख्यात्मक रूप में मापा जा सकता है। उदाहरण के लिए व्यक्तियों की ऊँचाई व वजन चर हैं, क्योंकि उन्हें संख्यात्मक रूप में मापा जा सकता है।

इसी तरह से व्यक्ति की आय, उपभोग के विभिन्न मदों पर पारिवारिक खर्चे, परिवार का आकार, फर्म का उत्पादन आदि चर के उदाहरण हैं। इसके विपरीत कला के प्रति रुचि और बुद्धिमता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होती है, परंतु इनको उसी तरह से संख्यात्मक रूप में नहीं मापा जा सकता जिस तरह व्यक्ति की आय या ऊँचाई को। इनको हम गुण-धर्म कहेंगे न कि चर।

प्रश्न 6.
बारम्बारता सारणी तथा बारम्बारता वितरण में अंतर बताएँ।
उत्तर:
बारम्बारता सारणी में सभी मदों को व्यक्तिगत रूप से व्यक्त किया जाता है जबकि आवृत्ति वितरण में एक विशेष वर्ग की बारम्बारता को दर्शाया जाता है। यह सब नीचे की तालिकाओं से स्पष्ट है –

प्रश्न 7.
वर्गान्तर के आधार पर निर्णय कैसे किया जाता है?
उत्तर:
वर्गान्तर के आधार का निर्धारण (Determination of the size of class intervals):
वर्गात्तर की संख्या निकालने के लिए हम विस्तार को वर्गों की संख्या से विभाजित करेंगे।
सूत्र में h = RN
यहाँ h = वर्गान्तर का आकार
R = विस्तार
N = वर्गों की संख्या मान लें विस्तार 70 है और वर्गों की संख्या 10 है तो वर्गान्तर का आधार = 70 ÷ 10 = 7 होगा।

प्रश्न 8.
वर्गीकरण की विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:
वर्गीकरण की विशेषतायें (Characteristics of Classfication):
आँकड़ों को विभिन्न वर्गों में बाँटा जाता है, जैसे – 0 – 5, 5 – 10, 10 – 15, 15 – 20 आदि।

  1. समानता तथा सजातीयता के आधार पर तथ्यों को विभाजित करना।
  2. वर्गीकरण इस ढंग से विभाजित किया जाता है कि इकाई की विभिन्नता में उनकी एकता स्पष्ट हों।
  3. वर्गीकरण समय, गुण, मात्रा, क्षेत्र आदि के आधार पर किया जा सकता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
एक उदाहरण की सहायता से सिद्ध करें कि विस्तार सभी वर्गान्तरों का योगफल होता है।
उत्तर:
यह सिद्ध करने के लिए कि विस्तार सभी वर्गान्तरों का योगफल है, नीचे एक आवृत्ति विवरण तालिका बनाते हैं।

विस्तार = 100 – 0 = 100
सभी वर्गान्तर का जोड़ = 10 + 10 + 10 + 10 + 10 + 10 + 10 + 10 + 10 + 10 = 100 (वर्गान्तर का जोड़)
अत: विस्तार सभी वर्गान्तरों का योगफल होता है।

प्रश्न 2.
नीचे एक कंपनी के 550 कर्मचारियों की आय की आवृत्ति वितरण तालिका दी गई है। तालिका वर्गान्तर की समायोजन की विधि लिखकर समायोजित आवृत्ति वितरण तालिका बनाएँ।

उत्तर:
वर्गान्तर में समायोजन (Adjustment in Class intervals):
दी गई तालिका से हमें पता चलता है कि दूसरे वर्ग में ऊपरी सीमा तथा निचली सीमा में निरंतर नहीं है। उदाहरण के लिए पहले वर्ग की ऊपरी सीमा 899 है और दूसरे वर्ग की निचली सीमा 900 है। इन दोनों में 1 का अंतर (Gap) है। इन दोनों वर्गों को अखंडित बनाए रखने के लिए हमें वर्गान्तर में समायोजन करना पड़ता है। समायोजन के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है।

  1. दूसरे वर्ग की नीचे वाली सीमा तथा पहले वर्ग की ऊपरी सीमा का अंतर निकाला जाता है। तालिका में दूसरे वर्ग की नीचे की सीमा 900 है और पहले वर्ग की ऊपरी सीमा 899 है। इन दोनों में अंतर 1 (900-899) है।
  2. प्राप्त अंतर को दो से विभाजित करें अर्थात् 1 को 2 से विभाजित करें। ऐसा करने से उत्तर 0.5 आता है।
  3. 0.5 को सभी वर्गों की निम्न सीमा से घटा दें। जैसे 800, 900, 1000, 1100, 1200 तथा 1300 में से 0.5 घटाने पर क्रमश: 799.5, 899.5, 999.5, 1099.5 1299.5 तथा 1399.5 आता है।
  4. 0.5 को सभी वर्गों की उच्च सीमा से जोड़ दें। जैसे – 899, 999, 1099, 1199, 1299 तथा 1399 में 0.5 जोड़ने पर क्रमश: 899.5 999.5, 1199.5 तथा 1399.5 आता है।
  5. समायोजन करने के पश्चात् आवृत्ति वितरण तालिका में यह नए वर्ग लिख लें। इसके बाद समायोजित वर्ग के मध्य बिन्दु निकालें। समायोजित वर्ग के मध्य बिन्दु निकालने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करें –

अतः पहले वर्ग का मध्य-बिन्दु 849.5 (799.5+899.52) इसी प्रकार सभी समायोजित वर्गों के समायोजित मध्य – बिंन्दु ज्ञात करेंगे।

समायोजित आवृत्ति वितरण तालिका (Adjusted Frequency Distribution Table)

प्रश्न 3.
एक काल्पनिक द्विचर आवृत्ति वितरण तालिका का निर्माण करें।
उत्तर:
द्विचर आवृत्ति वितरण तालिका (Bivariate Frequency Distribution Table):

संख्यात्मक प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित आवृत्ति वितरण को ‘से कम’ संचयी आवृत्ति वितरण में बदलें।

उत्तर:
‘से कम’ संचयी आवृत्ति वितरण।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित ‘से कम’ संचयी आवृत्ति माला को सामान्य समंक-माला में बदलें।

उत्तर:

प्रश्न 3.
निम्नलिखित तालिका से बताएँ कि 149 सेमी, से कम लम्बाई के कितने विद्यार्थी हैं?

उत्तर:
149 सेमी. से कम लम्बाई वाले विद्यार्थियों की संख्या = 1 + 7 + 7 + 13 = 25

प्रश्न 4.
एक देश के निर्यात के आँकड़े नीचे सारणी में दिए गए हैं। इन्हें आवृत्ति वक्र काल-श्रेणी आरेख द्वारा प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर:

प्रश्न 5.
नीचे दी गई साधारण आवृत्ति वितरण को ‘से अधिक’ संचयी आवृत्ति वितरण बनाएँ।

उत्तर:
से अधिक’ संचयी आवृत्ति वितरण।

प्रश्न 6.
निम्न संचयी आवृत्ति को सामान्य आवृत्ति वितरण में बदलें।

उत्तर:

प्रश्न 7.
नीचे असमान वर्गान्तर में आवृत्ति वितरण तालिका दी गई है। इसकी सहायता से समान वर्गान्तर आवृत्ति वितरण तालिका तैयार करें।

उत्तर:
दी हुई तालिका से पता चलता है कि वर्गान्तर में 5 और 10 अंतर है। अतः हम समान वर्गान्तर की तालिका बनने के लिए 5 या 10 का अंतर ले सकते हैं। परंतु यदि हम 5 के अंतर का वर्गान्तर लेंगे तो वर्गान्तरों की संख्या 20 हो जाएगी जो कि बहुत अधिक होगी। अतः हम 10 का अंतर लेकर वर्गान्तर लेंगे।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित तालिका को आवृत्ति वक्र द्वारा प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर:
तालिका में दिए गए आँकड़ों को नीचे बारम्बारता वक्र में दिखाया गया है। तालिका में मध्य-बिन्दु को x – अक्ष पर तथा आवृत्तियाँ को y – अक्ष पर दर्शाया गया है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित आँकड़ों 10 के वर्ग-अंतराल में अपवर्जी विधि के अनुसार सतत श्रृंखला में प्रस्तुत कीजिए।
22, 25, 38, 40, 30, 50, 45, 55, 58, 60, 65, 42, 52, 23, 35, 45, 45, 55, 58, 47 तथा 37।
उत्तर:
सतत (अविच्छन) श्रृंखला (Continuous Series):

प्रश्न 10.
एक गरीब में 30 परिवारों का सामान्य दैनिक खर्च (रुपयों) में इस प्रकार है।
11, 12, 14, 16, 16, 17, 18, 18, 20, 20, 20, 21, 21, 22, 22, 23, 23, 24, 25, 25, 26, 27, 28, 31, 32, 32, 26, 26, 38।
इन आँकड़ों का निम्नलिखित वर्गों के आधार पर एक बारम्बारता सारणी बनाएँ। 10 – 14, 15 – 19, 20 – 24, 25 – 29, 30 – 34, तथा 35 – 39।
उत्तर:

प्रश्न 11.
निम्नलिखित आँकड़ों की सहायता से आवृत्ति वितरण तालिका बनाएँ।
(अपवर्जी तथा समावेशी विधि के अनुसार।)

उत्तर:
अपवर्जी विधि के अनुसार –

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
एक वर्ग की निचली और ऊपरी सीमा का अंतर कहलाता है –
(a) आवृत्ति वितरण
(b) वर्ग-आवृत्ति
(c) वर्ग-अंतरल
(d) वर्ग-सीमा
उत्तर:
(c) वर्ग-अंतरल

प्रश्न 2.
10, 5, 7, 7, 8, 9, 10, 15 आँकड़े किस प्रकार के आँकड़े हैं?
(a) विविक्त श्रृंखला
(b) सतत श्रृंखला
(c) व्यक्तिगत श्रृंखला
(d) शुद्ध आँकड़े
उत्तर:
(d) शुद्ध आँकड़े

प्रश्न 3.
वर्गीकरण का तात्पर्य है वस्तुओं को –
(a) उपयुक्त क्रम. से व्यवस्थित करना तथा सजातीय समूहों में रखना
(b) सजाना एवं सँवारना
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) उपयुक्त क्रम. से व्यवस्थित करना तथा सजातीय समूहों में रखना

प्रश्न 4.
आँकड़े को व्यवस्थित करते हैं –
(a) समयानुसार
(b) स्थानानुसार
(c) दोनों के अनुसार
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) दोनों के अनुसार

प्रश्न 5.
चर पद का तात्पर्य ऐसी विशेषताओं से है जो –
(a) अपरिवर्तनशील होती हैं
(b) परिवर्तनशील होती हैं
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) परिवर्तनशील होती हैं

प्रश्न 6.
सांख्यिकी में चर पद का प्रयोग तभी किया जाता है जब ये विशेषताएँ –
(a) शब्दों में व्यक्त की जा सकें
(b) संख्याओं में मापी जा सके
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) संख्याओं में मापी जा सके

प्रश्न 7.
हम व्यक्तियों का वर्गीकरण उनके गुणों की –
(a) कोटियों के आधार पर कर सकते हैं
(b) संख्याओं के आधार पर कर सकते हैं
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) कोटियों के आधार पर कर सकते हैं

प्रश्न 8.
कोई चर तब संतत कहा जाता है जब यह किसी दिए परास के अंतर्गत –
(a) कोई भी मूल्य धारण कर सके
(b) कोई भी मूल्य धारण न कर सके
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) कोई भी मूल्य धारण कर सके

प्रश्न 9.
असंतत या विविक्त चर धारण करते हैं –
(a) कोई भी मूल्य
(b) विशेष मूल्य (पूर्णांक)
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) विशेष मूल्य (पूर्णांक)

प्रश्न 10.
सामान्य भाषा में समष्टि पद का अर्थ है किसी क्षेत्र में रहने वाले –
(a) विशिष्ट व्यक्तियों की संख्या
(b) सभी व्यक्तियों की संख्या (कुल)
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) सभी व्यक्तियों की संख्या (कुल)

प्रश्न 11.
आवृत्ति वितरण में परास का अर्थ है –
(a) उच्चतम मूल्य – न्यूनतम मूल्य
(b) उच्चतम मूल्य + न्यूनतम मूल्य
(c) (a) और (b) दोन
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) उच्चतम मूल्य – न्यूनतम मूल्य

प्रश्न 12.
किसी विशेष वर्ग में मूल्यों की संख्या उस वर्ग की कहलाती है –
(a) आवृत्ति
(b) संचयो आवृत्ति
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) आवृत्ति

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