BSEB 11 ECO PT 2 CH 08

BSEB Bihar Board Class 11 Economics Solutions Chapter 8 सूचकांक

Bihar Board Class 11 Economics सूचकांक Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
मदों के सापेक्षिक महत्त्व को बताने वाले सूचकांक को –
(a) भारित सूचकांक कहते हैं।
(b) सरल समूहित सूचकांक कहते हैं।
(c) सरलमूल्यानुपात का औस कहते हैं।
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) भारित सूचकांक कहते हैं।

प्रश्न 2.
अधिकांश भारित सूचकांकों में भार का संबंध –
(a) आधार वर्ष होता है।
(b) वर्तमान वर्ष होता है।
(c) आधार एवं वर्तमान वर्ष दोनों से होता है।
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) आधार वर्ष होता है।

प्रश्न 3.
ऐसी वस्तु जिसका सूचकांक से कम भार है, उसकी कीमत में परिवर्तन से सूचकांक में कैसा परिवर्तन होगा?
(a) कम
(b) अधिक
(c) अनिश्चित
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) कम

प्रश्न 4.
कोई उपभोक्ता कीमत सूचकांक किस परिवर्तन को मापता है?
(a) खुदरा कीमत
(b) थोक कीमत
(c) उत्पादकों की कीमत
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) खुदरा कीमत

प्रश्न 5.
औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक में किस मद के लिए उच्चतम भार होता है?
(a) खाद्य पदार्थ
(b) आवास
(c) कपड़े
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) खाद्य पदार्थ

प्रश्न 6.
सामान्यतः मुद्रा स्फीति के परिवर्तन में किसका प्रयोग होता है?
(a) थोक कीमत सूचकांक
(b) उपभोक्ता कीमत सूचकांक
(c) उत्पादक कीमत सूचकांक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) थोक कीमत सूचकांक

प्रश्न 7.
हमें सूचकांक की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
आर्थिक चरों में दो समय बिंदुओं से सम्बन्धित औसत प्रतिशत परिवर्तन की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमें सूचकांक की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 8.
आधार वर्ष अवधि के वांछित गुण क्या होते हैं?
उत्तर:
आधार अवधि के वांछित गुण (Desirable properties of the base year) इस प्रकार हैं –

  1. आधार अवधि सामान्य अवधि होनी चाहिए।
  2. आधार अवधि ने तो अधिक पुरानी होनी चाहिए और न ही अधिक नई।
  3. यह वह अवधि होनी चाहिए जिसके आंकड़े उपलब्ध हों।

प्रश्न 9.
भिन्न उपभोक्ताओं के लिए भिन्न उपभोक्ता कीमत सूचकांकों की अनिवार्यता क्यों होती है?
उत्तर:
उपभोक्ता की विभिन्न श्रेणियों के लिए विभिन्न उपभोक्ता सूचकांक बनाना इलिए आवश्यक है क्योंकि उनके खान-पान (कोई वर्ग गेहूँ की रोटी खाता है और कोई वर्ग गेहूँ के स्थान पर चावल का अधिक प्रयोग करता है), पहनावे जीवन-स्तर और रीति-रिवाजों में विभिन्नता पाई जाती है।

प्रश्न 10.
औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक क्या मापता है?
उत्तर:
औद्योगिक कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सामान्य स्फीति मापता है।

प्रश्न 11.
कीमत सूचकांक तथा मात्रा सूचकांक में क्या अन्तर है?
उत्तर:
कीमत सूचकांक को बनाने का उद्देश्य वस्तुओं के समूहों के कीमतों में होने वाले सापेक्ष परिवर्तनों को मापना है जबकि मात्रा सूचकांक बनाने का उद्देश्य विभिन्न वस्तुओं की मात्रा में होने वाले सापेक्ष परिवर्तनों को मापना है।

प्रश्न 12.
क्या किसी भी तरह का कीमत परिवर्तन एक कीमत सूचकांक में प्रतिबिंबित होता है?
उत्तर:
नहीं।

प्रश्न 13.
क्या शहरी गैर-शारीरिक कर्मचारियों के उपभोक्ता कीमत सूचकांक भारत के राष्ट्रपति के निर्वाह लागत में परिवर्तन का प्रतिनिधित्व कर सकता है?
उत्तर:
नहीं।

प्रश्न 14.
नीचे एक औद्योगिक केन्द्र के श्रमिकों द्वारा 1980 एवं 2005 के दौरान निम्न मदों पर प्रतिव्यक्ति मासिक व्यय को दर्शाया गया है। इन मदों का भार 75, 10,5,6 तथा 4 है। 1980 को आधार मानकर 2005 के लिए जीवन निर्वाह लागत का एक भारित सूचकांक तैयार कीजिए –

उत्तर:

प्रश्न 15.
निम्नलिखित सारणी को ध्यानपूर्वक पढ़िए एवं अपनी टिप्पणी कीजिए।

उत्तर:
सारणी से पता चलता है कि व्यापक श्रेणियों के संवृद्धि निष्पादन में विभिन्नता है, सामान्य सूचकांक इन श्रेणियों के औसत निष्पादन को दिखाता है।
खनन तथा उत्खनन के अपेक्षाकृत निम्न निष्पादन के बावजूद सामान्य सूचकांक नीचे नहीं गिरा। इसका मुख्य कारण विनिर्माण तथा विद्युत में अच्छा निष्पादन होना है।

प्रश्न 16.
स्फीति परिवार में उपभोग की जाने वाली महत्त्वपूर्ण मदों की सूची बनाने का प्रयास कीजिए।
उत्तर:
गेहूँ, चीनी, चावल, दाल, कपड़ा, पैट्रोल, मकान, मनोरंजन, टेलीफोन, मोबाइल, टी. वी., रेडियो, वाहन, स्टेशनरी, पुस्तकें आदि।

प्रश्न 17.
यदि एक व्यक्ति का वेतन आधार वर्ष में 4000 रु0 प्रति वर्ष था और उका वर्तमान वर्ष में वेतन 6000 रु0 है।
उसके जीवन स्तर को पहले जैसा ही बनाए रखने के लिए उसके वेतन में कितनी वृद्धि होनी चाहिए, यदि उपभोक्ता कीमत सूचकांक 400 हो।
उत्तर:
आधार वर्ष में आय = 4000 रुपये
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक = 400 रुपये
अतः वर्तमान आय हो होनी चाहिए = 4000 × 400100 = 1600 रुपये
वर्तमान वार्षिक आय = 6,000 रुपये
आय में वृद्धि हो होनी चाहिए = 16000 – 6,000 = 10,000 रुपये

प्रश्न 18.
जून 2005 में उपभोक्ता कीमत सूचकांक 125 था। खाद्य सूचकांक 120 तथा अन्य मदों को सूचकांक 135 था। खाद्य पदार्थों को दिया जाने वाला भार कुल भार का कितना प्रतिशत था।
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक = 125
भोजन का सूचकांक = 120
उपभोक्ता सूचकांक का विचलन = 125 – 120 = 5
अन्य मदों का सूचकांक = 135
उपभोक्ता सूचकांक से विचलन = 135 – 120 = 5
अतः भोजन का भार = 55+15 × 100 = 25%

प्रश्न 19.
किसी शहर में एक मध्यवर्गीय पारिवारिक वजट में जांच-पड़ताल से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त होती है:

1995 की तुलना में 2004 में निर्वाह सूचकांक का मान क्या होगा?
उत्तर:

निर्वाह सूचकांक = 18650100 = 186.5

प्रश्न 20.
दो सप्ताह तक अपने परिवार के (प्रति इकाई) दैनिक व्यय, खरीदी गई मात्रा तथा दैनिक खरीददारी को अभिलिखित कीजिए। कीमत में आए परिवर्तन आपको किस प्रकार प्रभावित करते हैं।
उत्तर:
विद्यार्थियों को परामर्श दिया जाता है कि वे अपने माता/पिता से पिछले दो सप्ताह होने वाले दैनिक व्ययों के बारे में पूछे।
उनसे यह भी पूछे कि वह कौन-सी वस्तु कितनी मात्रा में क्रय करते हैं और प्रति इकाई उस वस्तु की क्या कीमत है। इन सब बातों को अपनी कापी में लिखें।

प्रश्न 21.
निम्नलिखित आँकड़ों दिए गए हैं –

(क) विभिन्न सूचकांकों को प्रयुक्त करते हुए मुद्रा स्फीति की दर का परिकलन कीजिए।
(ख) सूकांकों के सापेक्षिक मानों पर टिप्पणी लिखें।
(ग) क्या ये तुलना योग्य हैं?
उत्तर:
(क) मुद्रा स्फीति की दर गणना –

1. औद्योगिक श्रमिक –

2. नगरीय गैर-शारीरिक कर्मचारी –

3. कृषि श्रमिक –

4. थोक कीमत सूचकांक –

(ख) सूचकांकों के सापेक्षिक मान पर टिप्पणी –

  • औद्योगिक श्रमिकों का C.P.I. आरम्भ के वर्षों में तेजी से बढ़ा परन्तु बाद में इसकी वृद्धि दरों में कमी आई।
  • नगरीय गैर-शारीरिक कर्मचारियों के C.P.I. में काफ़ी उतार-चढाव आए।
  • कृषि श्रमिकों के C.P.I में काफी उतार-चढ़ाव पाए गए।

(ग) ये तुलना योग्य नहीं हैं।

Bihar Board Class 11 Economics सूचकांक Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
स्फीति दर की गणना का सूत्र लिखें।
उत्तर:
स्फीति दर = X1−Xt−1X−t−1×100
xt – 1 = पिछले माह, वर्ष, सप्ताह या दिन थोक मूल्य सूचकांक (WPI)
Xt = वर्तमान मास, वर्ष, सप्ताह या दिनों का थोक मूल्य सूचकांक।

प्रश्न 2.
मुद्रा की क्रय शक्ति तथा वास्तविक मजदूरी की गणना करने के लिए किस सूचकांक का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)।

प्रश्न 3.
पाशे की सूचकांक के भार क्या आधार है?
उत्तर:
पाशे की सूचकांक के भार का आधार चालू वर्ष की मात्रा है।

प्रश्न 4.
सामान्य मूल्य सूचकांक क्या माप करते हैं?
उत्तर:
सामान्य मूल्य सूचकांक मूल्य स्तर पर होने वाले परिवर्तन की माप करते हैं।

प्रश्न 5.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या है?
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक किसी वर्ग के व्यक्तियों द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के फुटकर मूल्यों में होने वाले परिवर्तनों का मापन करते हैं।

प्रश्न 6.
सूचकांक बनाने में कौन-सी माध्य विधि उपयुक्त है?
उत्तर:
गुणात्मक. माध्य (Geometric Mean)।

प्रश्न 7.
सरल समूही विधि सूचकांक को ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
P01 = ΣP1ΣP0×100 × 100

प्रश्न 8.
मूल्यानुपामों (Price Relatives) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:

प्रश्न 9.
मूल्यानुपात सूचकांक ज्ञान करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
P01 Σ(P1/P0×10)N

प्रश्न 10.
सूचकांकों को बनाने की भारित समूही विधि में किसी प्रकार के भार प्रयोग में लाये जाते हैं?
उत्तर:
मात्रा के भार (Quantity weight)

प्रश्न 11.
भारित समूही विधि द्वारा सूचकांक ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
P01 = ΣP1q1ΣP0q0×100 × 100

प्रश्न 12.
सचूकांको की भारित मूल्यानुपात विधि में किस प्रकार के भार का प्रयोग किया जाता हैं?
उत्तर:
मूल्य भार (Value Weight)।

प्रश्न 13.
भारित मूल्यानुपात विधि से सूचकांक को ज्ञात करने का सूत्र दीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 14.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक किसे कहते हैं?
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक वे सूचकांक हैं जो एक समयाविधि में कीमत स्तर में होने वाले परिवर्तनों को उपभोक्ताओं के जीवन निर्वाह पर पड़ने वाले प्रभाव को मापता है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को जीवन-निर्वाह व्यय सूचकांक कहते हैं।

प्रश्न 15.
थोक मूल्य सूचकांक किसे कहते हैं?
उत्तर:
थोक मूल्य सूचकांक वे सूचकांक हैं जो एक समयाविधि में वस्तुओं के थोक मूल्यों में हाने वाले परिवर्तनों को मापते हैं। भारत में सूचकांक सप्ताहिक आधार पर तैयार किये जाते हैं।

प्रश्न 16.
मुद्रा-स्फीति की दर निकालने का सूत्र लिखें।
उत्तर:

प्रश्न 17.
वर्ष 1999 में एक देश की चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय 800 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर वर्ष 2000 में 910 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में थोक मूल्य सूचकांक 120 से बढ़कर 130 हो गया।
राष्ट्रीय आय में वास्तविक वृद्धि कितनी हुई?
उत्तर:
वर्ष 2000 में वास्तविक राष्ट्रीय आय = 910×120130 = 840 करोड़ रुपये।
राष्ट्रीय आय मे वास्तविक वृद्धि = 840 – 800 = 40 करोड़ रुपये।

प्रश्न 18.
अभारित सूचकांक को परिभारित करें।
उत्तर:
अभारित सूचकांक को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है –

प्रश्न 19.
भारित सूचकांक क्या है?
उत्तर:
भारित सूचकांक कीमत सापेक्षों का भारित माध्य है।
सूत्र के रूप में P01 = ΣwlP11P10

प्रश्न 20.
भारत में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के निर्माण के लिये उद्योगों को कितनी श्रेणियों में विभाजित किया जाता है? उन श्रेणियों के नाम लिखें।
उत्तर:
भारत में औद्योगिक सूचकांकों का निर्माण करने के लिए उद्योगों का निम्न तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है –
(क) खनन (Mining)।
(ख) विनिर्माण (Manufacturing)।
(ग) बिजली (Electricity)।

प्रश्न 21.
अभारित सूचकांक की क्या सीमाएँ (दोष) हैं?
उत्तर:
अभारित सूचकांक की एक सीमा यह है कि सभी मदों को एक जैसा भार (महत्त्व) देता है चाहे कुछ मदें दूसरी मदों से अधिक आवश्यक ही क्यों न हों। जैसे-यह माचिस कीकीमत और मकान के किराये को एक जैसा महत्त्व देता है।

प्रश्न 22.
सूचकांक बनाने की विभिन्न विधियां कौन-सी हैं?
उत्तर:
सूचकांक बनाने की मुख्य विधियाँ निम्नलिखित हैं –

  1. साधारण समूह विधि (Simple Aggregative Method)
  2. साधारण मूल्यानुपात माध्य विधि (Simple Average of Price Relative Method)
  3. भारित समूह विधि (Weighted Aggregative Method)
  4. मूल्यों की भारित माध्य विधि (Weighted average ofPrice Relative Method)

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या है?
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक किसी स्थान विशेष पर वर्ग विशेष के व्यक्तियों के निर्वाह-व्यय में होनेवाले परिवर्तनों की दिशा व मात्रा को प्रकट करते हैं।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को निर्वाह व्यय सूचकांक भी कहते हैं। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक विभिन्न स्थानों के लिए अलग-अलग बनाये जाते हैं।

प्रश्न 2.
सूचकांक क्या है?
उत्तर:
सूचकांक एक विशेष प्रकार का माध्यम है जो किसी समय अथवा के आधार पर सम्बन्धित चरों के समूह में होने वाले सापेक्षिक परिवर्तनों को मापता है।
इसमें किसी एक समय के मूल्यों को 100 मानकर दूसरे समय के मूल्यों का प्रतिशत ज्ञात किया जाता है ओर इन प्रतिशतों की माध्य निकाली जाती है। प्रतिशतों की यह माध्य ही सूचकांक या निर्देशांक कहलाता है। प्रो. ब्लेयर के शब्दों में, “सूचकांक विशिष्ट प्रकार के माध्य होते हैं।” (Index Number are specified type of averages)

प्रश्न 3.
थोक मूल्य सूचकांक तालिका बनाएँ जिसमें उद्योगों के समूहीकरण तथा उनके दिये गये भार दिखाये गये हों।
उत्तर:
उद्योगों का समूहीकरण तथा उनके भार (Industrial grouping and their weights)

प्रश्न 4.
सूचकांक बनाने में अनेकों कठिनाइयां सामने आती हैं। किन्हीं तीन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
1. आधार वर्ष का चुनाव (Selection of Base Year):
आधार वर्ष सामान्य होना चाहिए अर्थात् वह एक ऐसा वर्ष हो जो बाढ़, युद्ध, महामारी आदि असाधारण प्रकोपों से मुक्त हो। आधार वर्ष बहुत ही छोटा या बहुत बढ़ा नहीं होना चाहि। यह बहुत पुराना भी नहीं होना चाहिए।

2. वस्तुओं का चुनाव (Selection of Commodities):
केवल उन्हीं चुनाव किया जाना चाहिए जो सम्बन्धित वर्ग में लोकप्रिय हों तथा उनकी आदतों व आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करें। वस्तुओं के गुणों में स्थिरता होनी चाहिए।

3. मूल्यों का चुनाव (Selection of Prices):
वस्तुओं के कवेल प्रतिनिधि मूल्यों का ही चुनाव किया जाना चाहिए। ये मूल्य उन मण्डियों से प्राप्त किया जाने चाहिये जहाँ पर उन वस्तुओं का काफी मात्रा में क्रय-विक्रय होता है।

प्रश्न 5.
थोक कीमत सूचकांक के लाभ लिखें।
उत्तर:
थोक मूल्य सूचकांक के लाभ इस प्रकार हैं –

  1. थोक मूल्य सूचकांक के द्वारा मुद्रास्फिीति दर की गणना की जाती है। मुद्रास्फीति दर की गणना करने के लिये निम्नसूत्र का प्रयोग किया जाता है।
  2. थोक कीमत सूचकांक में परिवर्तनों की दशाओं को देखकर भविष्य में मांग और पूर्ति में होने वाले परिवर्तनों का अनुमान लगाया जा सकता है।
  3. थोक कीमतों की सूचकांक की सहायता से राष्ट्रीय आय में वास्तविक वृद्धि ओर कमी की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  4. विभिन्न परियोजनाओं की लागत अंकन में थोक कीमत सूचकांक सहायक होते हैं।

प्रश्न 6.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या जीवन-निर्वाह सूचकांक की उपयोगिता लिखें।
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की उपयोगिता निम्नलिखित है –

  1. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की सहायत से एक वर्ग विशेष के रहन सहन के व्यय में होने। वाले परिवर्तनों का ज्ञान होता है।
  2. इसके आधार पर सरकार विभिन्न कर्मचारियों को महंगाई भत्ता व न्यूनतम आदि निश्चित करती है।
  3. व्यय में होने वाले परिवर्तनों के अनुसार यथासम्भव नीतियों निर्धारण किया जा सकता है।

प्रश्न 7.
साधारण सूचकांक का निर्माण की कौन-सी विधियाँ हैं? प्रत्येक किया जाने वाला सूत्र लिखिए।
उत्तर:
1. सही समूह विधि (Aggregative Method):
इस विधि द्वारा सूचकांक को ज्ञात करने का सूत्र निम्न है –
P01 = Σ(P1P0×100)
P1 = चालू वर्ष की कीमतों का योग
P0 = आधार वर्ष की कीमतों का योग

2. मूल्यानुपति विधि इस विधि द्वारा सूचकांक को ज्ञात करने का सूत्र निम्लिखित है –
P01 = Σ(P1P0×100)N

प्रश्न 8.
भारित सूचकांक बनाने की लैसपियर तथा पाश्चे विधियों में अन्तर के तीन बिन्दु बताएँ।
उत्तर:
लैसपियर तथा पाश्चे विधियों में अन्तर (Difference between Laspeyre’s method and Pasche’s method)

प्रश्न 9.
थोक कीमत सूचकांक के लाभ लिखें।
उत्तर:
थोक कीमत सूचकांक के लाभ निम्नलिखित हैं –

  1. थोक मूल्य सूचकांक के द्वारा स्फीति की दर की गणना की जाती है। मुद्रा-स्फीति दर की गणना करने क लिये निम्नलिखित सूख का प्रयोग किया जाता है –
  2. थोक कीमत सूचकांक में परिवर्तनों की दशाओं को देखकर भविष्य में मांग और पूर्ति में होने वाले परिवर्तनों का अनुमान लगाया जा सकता है।
  3. थोक कीमतों की सूचकांक की सहायता से राष्ट्रीय आय में वास्तविक वृद्धि और कमी की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  4. विभिन्न परियोजनाओं की लागत अंकन में थोक कीमत सूचकांक सहायक होते हैं।

प्रश्न 10.
सेंसेक्स पर एक संक्षिप्त नोट लिखों।
उत्तर:
सेंसेक्स का पूरा नाम Bomaby Stock Exchange Sensitive Index है। इसका आधार वर्ष 1978-79 सूचकांक की मूल्य इसी आधार वर्ष के संदर्भ में होता है।
यदि हम कहें कि सेंसेक्स अब 10,000 रुपये है। इसका अभिप्राय यह है कि 1978-78 में सेंक्स 100 रुपये था जो अब बढ़कर 10,000 रुपये हो गया है।
बम्बई स्टॉक एक्यचेंज में 30 स्टाक हैं जो 30 उद्योगों का प्रतिनिधि करते हैं। यदि सेंसेक्स बढ़ जाता है, तो इसका अभिप्राय है कि बाजार ठीक चल रहा है और निवेशाक अधिक लाभ कमाने की आशा करते हैं।

प्रश्न 11.
कुछ मुख्य सूचकांकों के नाम लिखकर किसी सूचकांक को समझाएँ।
उत्तर:
कुछ मुख्य सूचकांक (Some Important Index Number):
उपभोक्ता सूचकांक, थोक मूल्य सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, कृषि उत्पादन का सूचकांक, सेंसेक्स, उत्पादन मूल्य सूचकांक, मानव विकास सूचकांक आदि कुछ महत्त्वपूर्ण सूचकांक हैं।

मानव विकास सूचकांक (Human Development Index):
यह आर्थिक विकास के माप का एक संयुक्त सूचकांक है। इसका निर्माण तीन तत्त्वों (जीवन दीर्घता, ज्ञान या शिक्षा प्राप्ति प्रति व्यक्ति वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद) के आधार पर तैयार किया जाता है।
समीकरण के रूप में HdI = 13 (IRI + EAI + SLI)

प्रश्न 12.
सरल समूह विधि की सीमाएँ लिखें।
उत्तर:
सीमाएँ (Limitations):
सरल समूह विधिक की मुख्य सीमाएं निम्नलिखित हैं –

  1. जिस वस्तु की कीमत अधिक होगी उसके पक्ष मे छिपे रूप में भार मिल जाता है। उदाहरण के लिये सोने की कीमत अधिक होने से अधिक भार मिल जाता है।
  2. जिस इकाई की कीमत व्यक्त की जाती है, यदि उसका आकारया मात्रा बड़ी है तो उसको अधिक भार मिल जाता है।
    उदाहरण के लिये जिस वस्तु की कीमत प्रति टन मे व्यक्त की जायेगी उसको अधिक भार मिलेगा और जिस वस्तु की कीमत कि ग्राम में व्यक्त की जायेगी उसको भार कम मिलेगा।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
उपभोक्ता कीमत सूचकांक निर्माण विधि में निहित चरण लिखें। उपभोक्ता कीमत सूचकांक किन-किन मान्यताओं पर आधारित है?
उत्तर:
उपभोक्ता कीमत सूचकांक के निर्माण की प्रक्रिया में निहित चरण-उपभोक्ता कीमत सूचकांक के निर्माण चरण निहित हैं –

1. कार्यक्षेत्र (Scope):
सबसे पहला महत्त्वपूर्ण चरण यह तय करना है कि समाज के किस वर्ग के विषय में सूचकांक बनाना है।

2. सीमाक्षेत्र (Coverage):
कार्य क्षेत्र निर्धारित करने के बाद सीमा क्षेत्र का निर्धारण किया जाता है अर्थात् किस क्षेत्र में श्रमिकों, विद्यार्थियों आदि से सूचकांक का सम्बन्ध है। एक जिला या एक राज्य।

3. आधार वर्ष का चुनाव (Selection of the base year):
यह एक महत्त्वपूर्ण चरण आधार वर्ष का चुनाव करते समय दो बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। एक आधार वर्ष आर्थिक दृष्टि से न एक सामान्य वर्ष होना चाहिए। दूसरे वह चालू वर्ष से अधिक दूर और न ही अधिक नजदीक होना चाहिए।

4. परिवार बजट के विषय में सूचना प्राप्त करना (Conducting an enquires about family budget):
इसके अन्तर्गत एक परिवार बजट में एक समय काल में विभिन्न मदों की जानकारी प्राप्त की जाती है।

5. कीमत की जानकारी प्राप्त करना (Obtaining Prince Quotation):
परिवार बजट के बाद उन कीमतों की जानकारी ली जाती है जिनको सूचकांक में शामिल किया जाना है। कीमतें प्रायः उन्हीं बाजारों से प्राप्त करनी चाहिए जहाँ से सामान्यत: सम्बन्धित वर्ग समूह सामान खरीदता है।

मान्यताएँ (Assumption):
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक निम्न मान्यताओं पर आधारित है –

  1. उपभोक्ता के एक विशेष वर्ग में सभी व्यक्तियों की आवश्यकतायें एक जैसी हों।
  2. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सम्मिलित की जाने वाली वस्तुओं की कीमतें विभिन्न स्थानों पर समान हों।
  3. उपभोग की जाने वाली वस्तुओं की मात्रायें आधार वर्ष चालू वर्ष में समान रहती हैं।

प्रश्न 2.
सूचकांको (निर्देशांकों) के निर्माण की साधारण विधि लिखें।अथवा, सूचकांक का निर्माण करते समय कौन-कौन सी समस्याएं आती हैं? अथवा, एक सूचकांक बनाते समय हमें कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिये?
उत्तर:
सूचकांक के निर्माण की साधारण विधि (General method of Constructing of index Numbers)
सूचकांक के निर्माण में निम्नलिखित मुख्य समस्याएँ हैं –

1. सूचकांक का उद्देश्य (Purpose of Index Number):
सूचकांक बनाने के पूर्व यह निर्धारित कर लेना आवश्यक है कि इसका उद्देश्य क्या है क्योंकि उद्देश्य के अनुसार ही सूचनाएँ एकत्र की जायेंगी। उदाहरणार्थ जीवन निर्वाह लागत सूचकांक (Cost of Living Index Number) उत्पादन सूचकांक का निर्माण करता है।

2. आधार वर्ष का चुनाव (Selection of the Base Year):
सूचकांक के निर्माण में एक आधार वर्ष का चुनाव आवश्यक है क्योंकि इसकी तुलना में चर मूल्यों के परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है। आधार वर्ष का चुनाव कठिन होता है।
आधार वर्ष का चुनाव इस बात को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए कि वह आर्थिक दृष्टि से सामान्य वर्ष हो। उस वर्ष कोई राजनैतिक, प्राकृतिक आर्थिक दृष्टि से असामान्य घटना न घटी हो।

3. मदों का चुनाव (Selection of Items):
निर्देश में शामिल की जाने वाली मदों का चुनाव करना आवश्यक है। यह चुनाव के अनुकूल होना चाहिए। निर्देशांक बनाने के लिए उद्देश्य के अनुसार उचित संख्या में प्रतिनिधि वस्तुओं को शामिल किया जा सकता है।

4. प्रतिनिधि मूल्यों का चुनाव (Selection of Representative):
दिर्नेशांक बनाते समय चुनी हुई वस्तुओं के मूल्यों की समस्या आती है। अत: उपभोक्ता सूचकांक बनाते समय वे मूल्य लेने जिन पर आम उपभोक्ता को वस्तु उपलब्ध होती है।

5. वस्तुओं को भार देना (Assigning Weightage):
निर्देशांक के लिए चुनी हुई वस्तुओं का महत्त्व या भार एक समान उपभोक्ता को वस्तु उपलबध होती है।

6. माध्य का चुनाव (Selection of Suitable Average):
सूचकांक एक विशेष प्रकार को माध्य होते हैं। केन्द्रीय प्रवृत्तियों की मापों के लिए माध्य, माध्यिका भूयिष्ठक में से किसी का भी प्रयोग किया जा सकता हैं।
यहाँ किसी औसत का प्रयोग करने से यह समस्या आती है। प्रायः समान्तर माध्य प्रयोग किया जाता है। अलग-अलग माध्यमों से भिन्न भिन्न सूचकांक प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 3.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की विशेषतायें (Features of Consumer Price Index):
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की मुख्य विशेषतायें निम्नलिखित हैं –

1. भारत में तीन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बनाये जाते हैं –

  • औद्योगिक कर्मचारियों के लिये
  • शहरी गैर-शारीरिक कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिये
  • कृषि श्रमिकों के लिये।

2. इन तीन प्रकार के उपभोक्ता मूल्य सचूकांकों के आधार वर्ष 1982 (औद्योगिक कर्मचारियों के लिये), 1984-85 (शहरी गैर-शारीरिक कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिये) तथा 1986-82 (कृषि श्रमिकों के लिये) हैं।

3. इन तीनों सूचकांकों की गणना प्रतिमास की जाती है ताकि इस बात का विश्लेषण किया जा सके कि कीमतों में होने वाले परिवर्तनों का प्रभाव इन तीन श्रेणीके लोगों के जीवन निर्वाह व्यय पर क्या पड़ा है।

4. औद्योगिक कर्मचारियों तथा कृषि श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का प्रकाशन श्रमिक ब्यूरों (Bureau) द्वारा किया जाता है।

5. शहरी गैर कार्मिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का प्रकाशन केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा किया जाता है।

6. औद्योगिक श्रमिकों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में ली गई मुख्य मदों को निम्न तालिका में दर्शाया गया है। तालिका से हमें पता चलता है कि भोजन को सबसे अधिक भार दिया गया है।

प्रश्न 4.
सूचकांक के लाभ लिखें।
उत्तर:
निर्देशांक ठीक उसी प्रकार से देश के आर्थिक परिवर्तनों को मापने के लिए उपयोगी हैं, जैसे वायुमापक यन्त्र (Barometer) के द्वारा वायु के दबाव व मौसम की स्थिति की जानकारी प्राप्त होती है। निर्देशांकों की उपयोगिता अथवा लाभ निम्नलिखित हैं –
1. जटिल तथ्यों को सरल करना (To Simplify Complexities):
व्यापार या व्यवसाय में ऐसे परिवर्तन होते रहते हैं जिनका प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन नहीं हो सकता। निर्देशांक ऐसे जटिल तथ्यों को सरल करके उन्हें ऐसा रूप प्रदान करते हैं ताकि वे तथ्य प्रत्येक व्यक्ति की समझ में आ सकें।

2. भविष्य के लिए पूर्वानुमान लगाना (To Make Predicitions):
सूचकांकों द्वारा भूतकाल के तथ्यों तथा उनमें वर्तमान में होने वाले परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए ‘भविष्य’. में क्या होगा’ इसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।

3. तुलनात्मक अध्ययन में सहायक (Helpful in Comparative Study):
सूचकांकों या निर्देशांकों की सहायता से तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है। जैसे-इनके द्वारा यह ज्ञात किया जा सकता है कि किसी वस्तु किस वर्ष कितनी थी तथा अब कितनी है। इसमें कितने प्रतिशत कमी या वृद्धि हुई है।

4. सापेक्ष माप करना (Relative Measurement):
सूचकांक केवल सापेक्ष परिवर्तनों का मापने का कार्य करते हैं। अत: जहाँ आर्थिक तथ्यों का निरपेक्ष या प्रत्यक्ष माप संभव न हो वहाँ सूचकांक तथ्यों का सापेक्ष या अप्रत्यक्ष माप प्रस्तुत करते हैं।

5. मुद्रा की क्रय का माप (To Measure Value of Money):
निर्देशांक मुद्रा के मूल्य में होने वाले परिवर्तनों को मापता है। यदि मूल्यों में कमी होती है तो मुद्रा का मूल्य बढ़ जाता है और यदि वृद्धि का मूल्य कम हो जाता है।

प्रश्न 5.
निम्न मूल्य से 1984 को आधार मानकर 1985 से 2001 के लिए सूचकांक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
प्रश्न 6.
निम्नलिखित आंकड़ों से वर्ष 1984 को आधार मानकर मूल्यानुपात ज्ञात कीजिए –

उत्तर:
प्रश्न 7.
1985 को आधार मानकर निम्नलिखित आंकड़ों की सहायता से वर्ष 1988 के लिए सूचकांक (index) तैयार करें।

उत्तर:

प्रश्न 8.
निम्नलिखित आंकड़ों की सहायता से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का निर्धारण करें –

उत्तर:
उपभोक्ता-मूल्य सूचकांक का निर्माण
प्रश्न 9.
निम्न आँकड़ों की सहायता से जीवन निर्वाह लागत सूचकांक ज्ञात कीजिये। (Calculate the cost of living index number from the following data)

उत्तर:
प्रश्न 10.
1980 को आधार मानकर 1985 का भारित सूचकांक मूल्यानुपात निकालो।

उत्तर:

प्रश्न 11.
मूल्यानुपात माध्य कीमत विधि द्वारा सूचकांक ज्ञात करें।

उत्तर:

दूसरे शब्दों में कीमतों में 70.3% वृद्धि हुई।

प्रश्न 12.
निम्नलिखित आंकड़ों की सहायता से जीवन-निर्वाह लागत सूचकांक की गणना करें।

उत्तर:

जीवन निर्वाह सूचकांक = 25350100 = 253.50

प्रश्न 13.
निम्नलिखित आंकड़ों की सहायता से मूल्यनुपात माध्य विधि द्वारा साधारण सूचकांक ज्ञात कीजिए:

उत्तर:

दूसरे शब्दों में कीमतों में 49% वृद्धि हुई।

प्रश्न 14.
भारित मूल्यानुपात माध्य विधि से सूचकांक की गणना कीजिये।

उत्तर:

प्रश्न 15.
निम्न तालिका को ध्यान से पढ़े और अपनी टिप्पणी दें:
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक आधार वर्ष 1993-94 (Index of Industrial Production Base 1993-94)

उत्तर:
टिप्पणी तालिका से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था की मुख्य श्रेणियों के संवर्धन में वृद्धि में अंतर है।
सामान्य इन श्रेणियों की औसत उपलब्धियों को दर्शाता है। सामान्य सूचकांक में 45% की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में खनन उत्खनन में केवल 25% हुई है। खनन तथा उत्खनन में उत्पादन में कम प्रतिशत उत्पादन होने पर भी सामान्य सूचकांक में कमी नहीं आई है। इसका कारण विनिर्माण में 47% तथा विद्युत में 41% वृद्धि होना है। इसके अतिरिक्त विनिर्माण को अधिक भार दिया गया है।

प्रश्न 16.
निम्नलिखित तालिका को ध्यान से पढ़े और उस टिप्पणी करें।

उत्तर:
तालिका से हमें निम्नलिखित बातों की जानकारी प्राप्त होती है –

  1. भारत के उद्योगों को मुख्य तीन समूहों में विभाजित किया गया है।
  2. विनिर्माण को सबसे अधिक भार दिया गया है।
  3. मई 2005 में सामान्य सूचकांक 213 था।
  4. खनन और उत्खनन में तुलनात्मक रूप से सबसे कम वृद्धि हुई है।
  5. खनन और उत्खनन में कम वृद्धि होने के बावजूद सामान्य सूचकांक नीचे नहीं आया। इसका मुख्य कारण विनिर्माण में अधिक वृद्धि होना है।

प्रश्न 17.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से आप क्या समझते हैं? उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की उपयोगिता का वर्णन करें।
उत्तर:
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumber price Index):
यह किसी स्थान विशेष पर वर्ग विशेष के व्यक्तियों के निर्वाह व्यय में होने वाले परिवर्तन की दशा व मात्रा को प्रकट करती हैं। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को निर्वाह व्यय सूचकांक भी कहते हैं। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक विभिन्न स्थानों के लिए अलग-अलग बनाए जाते हैं।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की उपयोगिता –

  1. इनकी सहायता से एक वर्ग विशेष के रहन-सहन में व्यय में होने वाले परिवर्तनों का ज्ञान होता है।
  2. इसके आधार पर विभिन्न कर्मचारियों का महँगाई भत्ता व न्यूनतम वेतन आदि निश्चित किया जाता है।
  3. व्यय में होने वाले परिवर्तनों के अनुसार यथासंभव नीतियों का निर्धारण किया जाता है।

प्रश्न 18.
थोक मूल्य सूचकांक क्या है? इसके लाभों का वर्णन करो।
उत्तर:
थोक मूल्य सूचकांक किसी स्थान पर विभिन्न वस्तुओं के थोक मूल्यों में होने वाले परिवर्तनों की दिशा व मात्रा का ज्ञान कराते हैं।

  1. थोक मूल्य सूचकांक में परिवर्तन की दशाओं को देखकर भविष्य में माँग और पूर्ति में होने वाले परिवर्तनों को अनुमान लगाया जा सकता है।
  2. थोक कीमतों की सपकांक की सहायता से राष्ट्रीय आय में वास्तविक वृद्धि और कमी की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  3. विभिन्न परिजयोजनों के लागत अंकन में थोक कीमत सूचकांक सहायक होते हैं।

प्रश्न 19.
निम्नलिखित आंकड़ों की सहायता से 1985 को आधार मानकर समूह रीति से 1989 का मूल्यानुप ती निर्देशांक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
सूचकांक के स्तर में लगातार वृद्धि होने पर मुद्रा स्फीति की दर।
(a) बढ़ती है
(b) कम होती है
(c) स्थिति रहती है
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) बढ़ती है

प्रश्न 2.
उपभोक्ता कीमत सूचकांक का वैकल्पिक नाम है –
(a) अभारित सूचकांक
(b) भारित सूचकांक
(c) निर्वाह व्यय सचकांक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) निर्वाह व्यय सचकांक

प्रश्न 3.
भारत वर्ष में सूचकांकों का निर्माण करने के लिए आधार वर्ष है –
(a) 1981 – 82
(b) 1993 – 94
(c) 2000 – 2001
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) 1993 – 94

प्रश्न 4.
कीमत सूचकांक में वृद्धि से मुद्रा की क्रय शक्ति –
(a) घटती है
(b) बढ़ती है
(c) कोई फर्क नहीं पड़ता है
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(d) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 5.
सूचकांक का निर्माण करने के लिए आधार वर्ष होना चाहिए –
(a) सामान्य वर्ष
(b) असमान्य वर्ष
(c) कोई भी नहीं
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) सामान्य वर्ष

प्रश्न 6.
कीमत सापेक्ष होती हैं –
(a) अशुद्ध संख्या
(b) शुद्ध संख्या
(c) शब्दों में विवरणात्मक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(d) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 7.
संयुक्त सूचकांक के निर्माण में शामिल कीजाती हैं –
(a) दो वस्तुएँ
(b) एक वस्तु
(c) दोनों
(a) और (c)
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) दो वस्तुएँ

प्रश्न 8.
संयुक्त सूचकांक होता है –
(a) सापेक्ष कीमतों का गुणात्मक माध्य
(b) सापेक्ष कीमतों का सामांतर माध्य
(c) दोनों (a) और (b)
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) सापेक्ष कीमतों का सामांतर माध्य

प्रश्न 9.
सूचकांक निर्माण के लिए जो वस्तुएँ ली जाती हैं वे नहीं होना चाहिए।
(a) समूह की प्रतिनिधि
(b) समूह से कोई संबंध नहीं होना चाहिए
(c) दोनों (a) और (c)
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) समूह की प्रतिनिधि

प्रश्न 10.
थोक मूल्य सूचकांक का प्रकाशन भारत में होता है –
(a) दैनिक आधार पर
(b) साप्ताहिक आधार पर
(c) मासिक आधार पर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) साप्ताहिक आधार पर