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BSEB Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

Bihar Board Class 9 Science बल तथा गति के नियम InText Questions and Answers

प्रश्न श्रृंखला # 01 (पृष्ठ संख्या 131)

प्रश्न 1.
निम्न में किसका जड़त्व अधिक है :
(a) एक रबर की गेंद एवं उसी आकार का पत्थर
(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी
(c) र पाँच का एक सिक्का एवं र एक का सिक्का।
उत्तर:
(a) पत्थर
(b) एक रेलगाड़ी
(c) ₹ पाँच का सिक्का।
किसी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान से मापा जाता है। अधिक द्रव्यमान वाली वस्तुओं का जड़त्व अधिक होता है।

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें “फुटबॉल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है। दूसरा खिलाड़ी उस गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है। विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है। इसके साथ ही उस कारक की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है।”
उत्तर:
फुटबॉल का वेग चार बार बदलता है। पहली बार, जब फुटबॉल का एक खिलाड़ी गेंद को दूसरे खिलाड़ी की तरफ पहुँचाता है। दूसरी बार, जब खिलाड़ी गेंद को किक लगाकर गोल की तरफ पहुँचाने का प्रयास करता है। तीसरी बार, जब गोलकीपर बॉल को रोकता है। चौथी बार, जब गोलकीपर गेंद को टीम के खिलाड़ी की। ओर किक करता है। कारक जो बल प्रदान करता हैपहली अवस्था पहला खिलाड़ी, दूसरी अवस्था दूसरा खिलाड़ी, तीसरी अवस्था-गोलकीपर चौथी अवस्था-गोलकीपर।

प्रश्न 3.
किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं, क्यों ?
उत्तर:
इसका कारण न्यूटन के गति के प्रथम नियम से समझा जा सकता है। पत्तियाँ व पेड़ दोनों विरामावस्था में हैं। पर जब पेड़ को तीव्रता से हिलाया जाता है तब पेड़ गतिमान होता है व पत्तियाँ विरामावस्था में। अतः विरामावस्था में रहने के कारण पेड़ को हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं।

प्रश्न 4.
जब कोई गतिशील बस अचानक रुक जाती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो आपं पीछे की ओर हो जाते हैं, क्यों ?
उत्तर:
चलती हुई बस में, हम बस की गति की दिशा में गतिमान होते हैं। ब्रेक लगाने पर बस रुक जाती है। परन्तु हमारा शरीर जड़त्व के कारण गतिज अवस्था में ही बने रहने की प्रवृत्ति रखता है। अतः हम आगे की ओर झुक जाते हैं। जब बस विरामावस्था से गतिशील होती है तो हमारा पैर जो बस के फर्श के सम्पर्क में रहता है, गति में आ जाता है। परन्तु शरीर का ऊपरी भाग जड़त्व के कारण इस गति का विरोध करता है। अतः हम पीछे की ओर हो जाते हैं।

प्रश्न शृंखला # 02 (पृष्ठ संख्या 140)

प्रश्न 1.
यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर हैतो स्पष्ट कीजिए कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है ?
उत्तर:
घोड़ा पृथ्वी पर पीछे की ओर बल लगाता है या धकेलता है। इसकी प्रतिक्रिया में वह आगे की ओर बढ़ता है। यहाँ घोड़ा गाड़ी को आगे की दिशा में खींचता है किन्तु गाड़ी घोड़े पर विपरीत दिशा में बल लगाती है। चूँकि घोड़ा गाड़ी पर असमान बल लगाता है अत: वह उसे खींच पाता है।

प्रश्न 2.
एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से बहुतायात मात्रा में पानी फेंकने वाली रबड़ की नली को पकड़ने में कठिनाई क्यों होती है ? स्पष्ट करें।
उत्तर:
पानी फेंकने वाली रबड़ की नली में से जब बहुतायात मात्रा में तीव्र गति से पानी निकलता है तो गति के तीसरे नियम के अनुसार वह नली पर पीछे की ओर समान बल लगाता है। अतः अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबड़ की नली को पकड़ने में कठिनाई होती है।

प्रश्न 3.
एक 50g द्रव्यमान की गोली 4 kg द्रव्यमान की रायफल से 35 ms-1 के प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है। रायफल के प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए।
हल:
दिया है, रायत्रफल का द्रव्यमान m1 = 4 kg
रायफल का प्रारंभिक वेग (u1) = 0
गोली का द्रव्यमान (m2) = 50 g
= 501000 = 0.05 kg
गोली का प्रारंभिक वेग (u2) = 0
गोली का अंतिम वेग (v2) = 35.m/s
रायफल का प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग (v1) = ?

हम जानते हैं,
m1 U1 + m2u2 = m1V1 + m2V2
⇒ 4kg x 0 + 0.5 kg
⇒ 0.4kg x v1 + 0.05.kg x 35 ms-1
⇒ -4kg x v1 + 1.75 kg ms-1
v1 = 1⋅75kgm/s−4kg
= – 0.4375 m/s
≈ 4-044 m/s
यहाँ ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि रायफल गोली की विपरीत दिशा में चलती है। अतः रायफल का प्रतिक्षेपित वेग = 0.44 m/s है।

प्रश्न 4.
100 g और 200g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमश: 2 ms-1और 1 ms-1 के वेग से गति कर रही हैं। दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात प्रथम वस्तु का वेग 1.67 ms-1 हो जाता है, तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें।
हल : दिया गया है, पहली वस्तु का द्रव्यमान (m) = 100g
1001000 Kg = 0.1 kg
पहली वस्तु का प्रारंभिक वेग (u1) = 2 m/s
टक्कर के पश्चात पहली वस्तु का अंतिम वेग (v1) = 1.67 m/s
दूसरी वस्तु का द्रव्यमान (m2) = 200 g
2001000 = 0.2 kg
दूसरी वस्तु का प्रारंभिक वेग (u2) = 1 m/s
टक्कर के बाद दूसरी वस्तु का अंतिम वेग (v2) = ?
हम जानते हैं,
m1u1 + m2u2 = m1V1 + m1V2
⇒ 0.1 kg x 1.67 m/s + 0.2kg x v2
⇒ 0.2 kg m/s + 0.2 kg m/s = 0.167 kg m/s + 0.2 kg x v2
⇒ 0.4 kg m/s – 0.167 m/s = 0.2 kg x v2
⇒ v2 = 0⋅233kgm/s0⋅2kg 0.4 kg m/s -0.167 kg m/s = 0.2 kg x v2
⇒ v2 = 1.165 m/s
अतः टक्कर के बाद दूसरी वस्तु का वेग = 1.165 m/s

क्रियाकलाप 9.3 (पृष्ठ संख्या 130)

प्रश्न 1.
पानी से भरा गिलास ट्रे पर रखिए।
ट्रे को हाथ से पकड़कर जितनी तेजी से हो सके, घूम जाइए। हम देखते हैं कि गिलास लुढ़क जाता है और पानी छलक जाता है, क्यों ?
उत्तर:
ट्रे को हाथ से पकड़कर घूम जाने से ट्रे में गति आ जाती है व पानी से भरा गिलास जो ट्रे के सम्पर्क में है, उसका तल गति में आ जाता है। परन्तु गिलास का ऊपरी भाग जड़त्व के कारण इस गति का विरोध करता है व आगे की ओर लुढ़क जाता है और पानी छलक जाता है।

क्रियाकलाप 9.4 (पृष्ठ संख्या 136)

प्रश्न 2.
क्या बालू के थैले को फेंकने (क्रिया) के कारण उनमें से प्रत्येक ताक्षणिक प्रतिक्रिया का अनुभव करते हैं ?
उत्तर:
हाँ, बालू के थैले को फेंकने (क्रिया) के कारण प्रत्येक बच्चा पीछे की ओर तात्क्षणिक प्रतिक्रिया का अनुभव करता है।

प्रश्न 3.
आप गाड़ी के पहिए पर कोई सफेद रेखा खींच दें, ताकि जब वे दोनों बच्चे थैले को फेंकें तो गाड़ी की गति का अवलोकन किया जा सके।
उत्तर:
दोनों बच्चे जब थैले को आगे की ओर फेंकते हैं तो गाड़ी पीछे की गति करती है।

प्रश्न 4.
अब दो बच्चों को किसी एक गाड़ी पर खड़ा करें तथा एक अन्य बच्चे को दूसरी गाड़ी पर। आप यहाँ गति के द्वितीय नियम को देख सकते हैं। क्योंकि इस अवस्था में यह · बल अलग-अलग त्वरण उत्पन्न करेगा।
उत्तर:
जब दो बच्चों को एक गाड़ी पर खड़ा किया जाता है तो उनका द्रव्यमान बढ़ जाता है अतः द्वितीय नियम द्वारा (aaF) गाड़ी में कम त्वरण उत्पन्न होता है। जिस गाड़ी पर एक बच्चा खड़ा है उसमें अपेक्षाकृत ज्यादा त्वरण उत्पन्न होता है।

क्रियाकलाप 9.5 (पृष्ठ संख्या 137)

प्रश्न 5.
स्ट्रा (अथवा गुब्बारे) की गति की दिशा का अवलोकन करें।
उत्तर:
जब गुब्बारे से हवा बाहर निकलती है तो स्ट्रॉ विपरीत दिशा में गति करती है। यह क्रिया संवेग संरक्षण व गति के तीसरे नियम को दर्शाती है।

क्रियाकलाप 9.6 (पृष्ठ संख्या 138)

प्रश्न 6.
परखनली कॉर्क की गत्ति की विपरीत दिशा में प्रक्षेपित होती है। कॉर्क तथा प्रक्षेपित परखनली के वेगों में अन्तर का भी अवलोकन करें।
उत्तर:
परखनली का पानी वाष्पित होकर कॉर्क पर आगे की दिशा में बल लगाता है जिस कारण कॉर्क परखनली से बाहर आ जाती है व परखनली को विपरीत दिशा में पीछे की ओर धकेलती है। ऐसा गति के तीसरे नियम के अनुसार होता है। कॉर्क का वेग परखनली के वेग से अधिक होगा क्योंकि परखनली का द्रव्यमान कॉर्क से अधिक है। ऐसा संवेग संरक्षण नियम के अनुसार हो रहा है। अतः उनका कुल संवेग संरक्षित रहता है।

Bihar Board Class 9 Science बल तथा गति के नियम Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना सम्भव है ? यदि हाँ, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
उत्तर:
जब किसी वस्तु पर शून्य बाह्य असंतुलित बल लगाया जाता है तो वस्तु का अशून्य वेग से गति करना सम्भव है। दरअसल यदि किसी गतिमान वस्तु पर बाह्य बल कार्य नहीं करता तो वस्तु गतिमान रहेगी। इसके लिए यह आवश्यक है कि वस्तु एकसमान वेग से किसी निश्चित दिशा में गतिमान हो।

प्रश्न 2.
जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।
उत्तर:
छड़ी से दरी को पीटने पर, दरी अचानक गतिमान हो जाती है जब उसके छिद्रों में फंसे धूल के कण विरामावस्था में रहते हैं। अपनी विरामावस्था को बनाए रखने के लिए वे दरी से बाहर आ जाते हैं। यह न्यूटन के गति के प्रथम नियम के कारण होता है जिसके अनुसार प्रत्येक वस्तु अपनी स्थिर अवस्था या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल कार्यरत न हो।

प्रश्न 3.
बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है ?
उत्तर:
बस की छत पर रखे सामान की बस की विराम स्थिति में अपनी विरामावस्था में रहने की प्रवृत्ति होती है व अपनी गतिज अवस्था में रहने की प्रवृत्ति होती है जब बस गतिमान होती है। यह न्यूटन के गति के प्रथम नियम के कारण होता है। जब बस अपनी विरामावस्था से गतिमान अवस्था में आती है तब सामान अपनी विरामावस्था की स्थिति में रहने के कारण गिर सकता है। इसी प्रकार, गतिमान बस के विरामावस्था में आने पर या ब्रेक लगने के कारण उसके वेग में परिवर्तन होने के कारण भी सामान, अपनी गतिमान अवस्था में रहने की प्रवृत्ति के कारण, गिर सकता है। अत: बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से बाँधा जाता है जिससे कि वह गिरने से बच सके।

प्रश्न 4.
किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था आने के लिए प्रयासरत है।
(सही विकल्प का चयन करें।)
उत्तर:
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।

कारण – जब गेंद जमीन पर लुढ़कती है तो घर्षण बल उसकी गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है और कुछ समय के पश्चात् गेंद रुक जाती है।

प्रश्न 5.
एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन है तो इस पर लगने वाले की गणना करें। (1 टन = 1000 kg)।
हल:
दिया गया है,
ट्रक का प्रारंभिक वेग (u) = 0 (ट्रक विरामावस्था से चलता है।)
दूरी, s = 400 m
समय, 1 = 20 s
त्वरण, a = ?
हम जानते हैं,
s = ut + 1/2 at2
⇒ 400 m = 0 x 20s +12 x a x (20s)2
400 m = 0 + 12 x a x 400 s2
400 m = a x 200 s2
a = 400m200s2 = 2 ms-2
ट्रक पर लगने वाला बल = ?
ट्रक का द्रव्यमान = 7 ton =7 x 1000 kg = 7000 kg

हम जानते हैं, बल F = ma
⇒ F = 7000 kg x 2 ms-2
⇒ F = 14000 newton
अतः ट्रक पर लगने वाला त्वरण = 2 ms-2 व बल = 14000 N.

प्रश्न 6.
1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 ms-1 के वेग से झील की जमीनी सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रुकता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।
हल:
दिया गया है,
पत्थर का द्रव्यमान = 1 kg
प्रारंभिक वेग, u = 20 m/s
अंतिम वेग, v = 0 (चूँकि पत्थर विरामावस्था में आ जाता है।)
दूरी, s = 50 m
घर्षण बल = ?

हम जानते हैं,
v2 = u2 + 2as
⇒ 02 = (20 m/s)2 + 2a x 50 m
⇒ -400 m2s-2 = 100 m x a
a = −400m2s−2100m =-4ms-2
हम जानते हैं कि बल, F = m x a
या, F = 1 kg x -4 ms-2
F = -4kg ms-2
अतः पत्थर पर लगने वाला घर्षण बल F = -4 kg ms-2
यहाँ चिह्न दर्शाता है कि बल पत्थर की गति की विपरीत दिशा में कार्य कर रहा है।

प्रश्न 7.
एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें –
(a) नेट त्वरण बल
(b) रेल का त्वरण, तथा
(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल।
हल:
दिया गया है, इंजन का बल = 40000 N
घर्षण बल = 5000 N
इंजन का द्रव्यमान = 8000 kg
पाँच डिब्बों का द्रव्यमान = 5 x 2000 kg
= 10000 kg

(a) नेट त्वरण बल = इंजन द्वारा लगाया गया बल – घर्षण बल
= 40000 N – 5000 N
= 35,000 N

(b) रेल का त्वरण
हम जानते हैं,
F = m x a
या, 35000 N = (इंजन का द्रव्यमान + 5 डिब्बों का द्रव्यमान) x a
या, 35,000 N = (8,000 kg + 10,000kg) x a
या, 35,000 N = 18,000 kg x a
या, = 35000N18000kg
या, =1.944 ms-2

(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल
नेट त्वरण बल = 35000 N
5 डिब्बों का द्रव्यमान = 10000 kg
हम जानते हैं, F = m x a

अतः, 35,000 N = 10,000 kg x a
a = 35,000N10,000kg = 3.5 ms-2
अतः डिब्बों का त्वरण = 3.5 m/s2
डिब्बे 1 द्वारा डिब्बा 2 पर लगाया गया बल
= 4 डिब्बों का द्रव्यमान – त्वरण
F = 4 x 2000 kg x 3.5 ms-2 = 8000 kg x 3.5 ms-2
F = 28000 N

प्रश्न 8.
एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि गाड़ी को 1.7 ms-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?
हल:
दिया गया है,
गाड़ी का द्रव्यमान = 1,500 kg
त्वरण, a = – 1.7 ms-2
गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल = ?
हम जानते हैं, F = m x a
अतः, F = 1,500 kg x 1.7 ms-2
F = – 2550 N
अतः गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल – 2550 N है। यहाँ ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बल गाड़ी की विपरीत दिशा में लग रहा है।

प्रश्न 9.
किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग। है, का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2
(b) m2
(c) 12 mv2
(d) mv.
(उपर्युक्त में से सही विकल्प चुनें।)
उत्तर:
(d) mv.
हम जानते हैं,
संवेग p = mv.

प्रश्न 10.
हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?
उत्तर:
चूँकि 200 N का बल बक्से को धकेलने में लग रहा है अतः 200 N का घर्षण बल बक्से पर लगेगा। न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार बक्से पर विपरीत दिशा में समान परिमाण का बल आरोपित होगा।

प्रश्न 11.
दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 kg है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 ms-1 है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं तब उनका सम्मिलित वेग का क्या होगा?
हल:
चूँकि दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान बराबर है व वे समान वेग से विपरीत दिशा में चल रही हैं अतः टकराने के बाद जब दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, उनका सम्मिलित वेग शून्य होगा।
व्याख्या:
दिया गया है, पहली वस्तु का द्रव्यमान m1 = 1.5 kg
दूसरी वस्तु का द्रव्यमान m2 = 1.5 kg
पहली वस्तु का प्रारंभिक वेग (11) = 2.5 m/s
दूसरी वस्तु का प्रारंभिक वेग (up) =- 2.5 m/s
(दूसरी वस्तु पहली के विपरीत दिशा में गतिमान है। टकराने के बाद वस्तुओं का सम्मिलित वेग, जो आपस में जुड़ जाती है, v = ?)
m1u1 + m2u2 = m1v1 + m2V2
⇒ 1.5 kg x 2.5 ms-1 + 1.5 kg x (-2.5 ms-1) = 1.5 kg x v+ 1.5 kg x v
⇒ 3.75 kg ms-1 – 3.75 kg ms-1 = 3.0 kg x v
0 = v x 3.0 kg
⇒ v = 0
अत: दोनों वस्तुओं का टकराने के बाद अंतिम वेग शून्य होगा।

प्रश्न 12.
गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं एवं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता ?
उत्तर:
ट्रक के अत्यधिक द्रव्यमान के कारण उसका घर्षण बल भी बहुत अधिक होगा। विद्यार्थी द्वारा ट्रक पर लगाया जाने वाला बल इस घर्षण बल से बहुत कम है अतः वह ट्रक को गतिशील नहीं कर पाता। यहाँ, दोनों दिशाओं में लगने वाला नेट बल शून्य है जिसके कारण ट्रक गतिमान नहीं होता। विद्यार्थी द्वारा आरोपित बल व घर्षण बल एक-दूसरे को निरस्त कर रहे हैं। अतः विद्यार्थी द्वारा दिया गया तर्क सही है।

प्रश्न 13.
200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 ms-1 से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 ms-1 के वेग से अपने प्रारम्भिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाप का परिकलन कीजिए।
हल:
दिया गया है,
हॉकी की गेंद का द्रव्यमान m = 200 g = 0.2 kg
हॉकी की गेंद का प्रारम्भिक वेग v1 = 10 ms-1
प्रारम्भिक संवेग = mv1 = 0.2 x 10 = 2 kg ms-1
हॉकी स्टिक से टकराने के बाद गेंद का विपरीत दिशा में वेग v2 = – 5 ms-1
अन्तिम संवेग = mv1 = 0.2 x (-5) = -1 kg ms-1 अतः अभीष्ट संवेग परिवर्तन = mv1 – mv2
= 2 – (-1) = 3 kg ms-1

प्रश्न 14.
10 g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms-1 के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 5 के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी ? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।
हल:
दिया है, गोली का द्रव्यमान, m = 10 g = 1000 kg = 0.01 kg
गोली का प्रारंभिक वेग, u = 150 m/s
गोली का अंतिम वेग, v = 0
समय, t = 0.3 s
भेदने वाली दूरी, s = ?
गुटके द्वारा लगाया गया बल = ?
हम जानते हैं, v = u + at
⇒ 0 = 150 ms-1 + a x 0.03 s
⇒  – 150 ms-1 = a x 0.03 s
⇒ a = −150ms−10.03s
= – 5000 m/s2
जानते हैं, s = ut + 1/2 at2
⇒ s = 150 m/s x 0.03 s + 12
(-500 ms-2) x (0.03 s)2
⇒ s = 4.5 m – 2500 ms-2 x 0.000952)
⇒ s = 4.5 m – 2.25 m
⇒ s = 2.25 m
हम जानते हैं, F = m x a
⇒ F = 0.01 kg x (-5000 ms-2) =-50N
यहाँ ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बल गोली की विपरीत दिशा में लग रहा है।

प्रश्न 15.
एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg है, 10 ms-1 के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए विरामावस्था में रखे 5kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट्ट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।
हल:
वस्तु का द्रव्यमान m1 = 1 kg
लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान m2 = 5 kg
वस्तु का प्रारंभिक बेग, u1 = 10 m/s
लकड़ी के गुटके का प्रारंभिक वेग, u2 = 0
वस्तु के गुटके का अंतिम वेग, v = ?
‘संघट्ट के पहले तथा बाद में कुल वेग = ?

हम जानते हैं,
m1u1 + m2u2= m1v1 + m2v2
⇒ 1 kg x 10 m/s + 5 kg x 0 = 1 kg x v + 5 kg x v
⇒ 10 kg m/s = v (1 kg + 5 kg)
⇒ 10 kg m/s = v x 6 kg
⇒ v = 10kgms−16kg
⇒ v = 1.66 m/s
टकराने से पहले कुल संवेग
= m1u1 + m2v2
= 1 kg x 10 ms-1 +5 kg x 0
= 10 kg ms-1
टकराने के बाद संवेग = m1v1 + m2v2
= m1v + m2v = v (m1 + m2)
[क्योंकि दोनों वस्तुओं का वेग टकराने के बाद एक समान है।
= (1 kg + 5 kg) x 106 m/s [(i) से]
= 6 kg x 106 m/s
= 10 kg m/s

प्रश्न 16.
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 5 में 5 ms-1 से 8 ms-1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।
हल:
दिया है, प्रारम्भिक वेग, u = 5 m/s
अन्तिम वेग, v = 8 m/s
वस्तु का द्रव्यमान, m = 100 kg
समय t = 6s
प्रारम्भिक व अन्तिम संवेग = ?
वस्तु पर आरोपित बल = ?
हम जानते हैं,
संवेग = द्रव्यमान x वेग
प्रारम्भिक संवेग = द्रव्यमान x प्रारम्भिक वेग
= 10 kg x 5 m/s
= 500 kg m/s

अन्तिम संवेग = द्रव्यमान x अन्तिम वेग
= 100 kg x 8 m/s
= 800 kg m/s

हम जानते हैं,
v = u + at
⇒ 8 m/s = 5 m/s + a x 6s
8 m/s -5 m/s =a x 6s
3 m/s =a x 6s
a = 3m/s6s = 0.5 ms-2
वस्तु पर आरोपित बल = द्रव्यमान x त्वरण
= 100 kg x 0.5 ms-2
= 50 N

प्रश्न 17.
अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं। अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा, गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख्तर ने कहा कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।
उत्तर:
राहुल का तर्क सही प्रतीत होता है क्योंकि पूरे तन्त्र पर कोई भी बाहरी बल नहीं लगा है तथा संवेग संरक्षण के सिद्धान्त के अनुसार त्वरण के समय तन्त्र का कुल संवेग संरक्षित रहता है, अतएव कीड़ा एवं कार दोनों पर समान बल लगेगा तथा दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन होगा।

प्रश्न 18.
एक 10 kg द्रव्यमान की घंटी 80 cm की ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानान्तरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms-2 लें।
हल:
दिया है,
घंटी का द्रव्यमान = 10 kg
दूरी, s = 80 cm = 80100 = 0.8 m
त्वरण, a = 10 ms-2
घंटी का प्रारम्भिक वेग, u = 0
– संवेग = ?
हम जानते हैं,
u2 = u2 + 2as
v2 = 0 + 2 x 10 x 0.8
v2 = 16 m2s2
v = 16 m s-2
v = 16m2s−2−−−−−−−√ = 4 m/s

हम जानते हैं,
संवेग p = m x v
p = 10 kg x 4 m/s =40 kg m/s

अतिरिक्त अभ्यास
प्रश्न A1.
एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी-समय सारणी निम्नवत् है –

(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं ? क्या यह नियत है ? बढ़ रहा है ? या शून्य है ?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं ?
हल: (a)

उपर्युक्त सारणी दर्शाती है कि वेग परिवर्तन की दर बढ़ रही है.अतः वस्तु का त्वरण लगातार बढ़ रहा है।
(b) चूँकि बल, वस्तु में उत्पन्न त्वरण के समानुपाती होता है, इसलिए वस्तु पर लगने वाला बल भी लगातार बढ़ रहा है।

प्रश्न A2.
1200 kg द्रव्यमान की कार को एक समतल सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं। उसी कार को तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देकर 0-2 ms-2 का त्वरण उत्पन्न किया जाता है। कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धकेल पाते हैं। (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं।)
हल:
दिया है:
कार का द्रव्यमान m = 1200 kg
तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देने पर उत्पन्न त्वरण a = 0.2 ms-1
तीसरे व्यक्ति द्वारा लगाया गया बल
F = ma = 1200 x 0.2 = 240N
चूँकि तीनों व्यक्तियों में से प्रत्येक समान पेशीय बल का उपयोग कर रहा है, इसलिए प्रत्येक समान बल से कार को धकेल पाते हैं।
अतः कार को धकेलने में प्रत्येक व्यक्ति द्वारा आरोपित अभीष्ट बल %D240 N.

प्रश्न A3.
500g द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 ms-1 वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है। कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.01 s में ही रोक दिया जाता है। कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल का परिकलन करो।
हल:
दिया है:
हथौड़े का द्रव्यमान m = 500 g = 0.5 kg
हथौड़े का प्रारम्भिक वेग u = 50 ms-1
हथौड़े पर अन्तिम वेग v = 0 ms-1
समय अन्तराल t = 0.01 s
हम जानते हैं कि,
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम
= mv−mut
= 0⋅5×0−0⋅5×500⋅01
= – 250⋅01 = – 2500 N
(ऋणात्मक चिह्न बल की दिशा बताता है कि बल कील ने लगाया)
अतः, कील द्वारा हथौड़े पर लगा अभीष्ट बल = 2500 N.

प्रश्न A4.
एक 1200 kg द्रव्यमान की मोटरकार 90 km/h की वेग से एक सरल रेखा के अनुदिश चल रही है। उसका वेग बाहरी असन्तुलित बल लगने के कारण 4s में घटकर 18 km/h हो जाता है। त्वरण और संवेग में परिवर्तन का परिकलन करें। लगने वाले बल के परिमाण का भी परिकलन करें।
हल:
दिया है:
मोटरकार का द्रव्यमान m = 1200 kg
कार का प्रारम्भिक वेग u = 90 km / h
कार का अन्तिम वेग v = 18 km / h
समय अन्तराल t =4s
वेग में परिवर्तन v – u = (90 – 18) km /h
= 72 x 5/18 = 20 m/s
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम
= 204 = 5 ms-2
संवेग परिवर्तन p = m (v – u)
= 1200 x 20
= 24000 kg ms-1
बल (F) = द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)
= 1200 x 5 = 6000 N
अत: अभीष्ट त्वरण = 5 ms-2, संवेग में परिवर्तन = 24000 kg ms-1 एवं लगने वाला बल = 6000 N.