मनुष्य का कंकाल तंत्र

Human Skeletal System मानव शरीर का ढाँचा हड्डियों का बना होता है। सभी हड्डियाँ एक-दूसरे से जुड़ी रहती है। हड्डियों के ऊपर मांसपेशियाँ होती हैं जिनकी सहायता से हड्डियों के जोड़ों को हिलाया-डुलाया जाता है। हड्डियाँ एवं मांसपेशियाँ शरीर के आन्तरिक अंगों की सुरक्षा करती है। मनुष्य के शरीर में 206 हड्डियाँ पायी जाती हैं। […]

अंत: स्रावी ग्रंथियां

Endocrine Glands जन्तुओं में विभिन्न शारीरिक क्रियाओं का नियंत्रण एवं समन्वयन तंत्रिका, तंत्र के अतिरिक्त कुछ विशिष्ट रासायनिक यौगिकों के द्वारा भी होता है। ये रासायनिक यौगिक हार्मोन (Hormone) कहलाते हैं। हार्मोन शब्द ग्रीक भाषा (Gr. Hormaein = to stimulate or excite) से लिया गया है, जिसका अर्थ है- उत्तेजित करने वाला पदार्थ। हार्मोन का […]

मानव प्रजनन तंत्र

Human Reproductive System जिस प्रक्रम द्वारा जीव अपनी संख्या में वृद्धि करते हैं, उसे प्रजनन (Reproduction) कहते हैं। प्रजनन जीवों का सर्वप्रमुख लक्षण है। इस पृथ्वी पर जीव-जातियों की सततता प्रजनन के फलस्वरूप ही संभव हो पायी है। इस प्रकार प्रजनन वह प्रक्रम है जिसके द्वारा जीव अपनी ही जैसी अन्य उर्वर सन्तानों की उत्पत्ति करता है […]

पेशी तंत्र

Muscular System पेशियाँ त्वचा के नीचे का माँस होती है। यह अंगों में गति उत्पन्न करता है एवं शरीर को सुदृढ़ बनाती है। संपूर्ण शरीर में 500 से अधिक पेशियाँ हैं। पेशियाँ प्रेरक उपकरण का सक्रिय भाग है। इनके संकुचन के फलस्वरूप विभिन्न गतिविधियाँ होती हैं। लम्बे समय तक कठोर कार्य के पश्चात् मांसपेशियों में […]

मानव रोग

Human Disease रोग (व्याधि) शब्द का मूल शब्द व्याधा है, जिसका अर्थ है रुकावट, अर्थात् अच्छे स्वास्थ्य में रुकावट उत्पन्न होना ही रोग है। दूसरे शब्दों में, शरीर में विकार होना ही रोग (Disease-Dis-EASE अर्थात् असहज) कहलाता है। रोग के प्रकार Types of Disease रोग को उनकी प्रकृति तथा कारणों के आधार पर दो वर्गों में […]

जैव विकास

Organic Evolution पृथ्वी पर वर्तमान जटिल प्राणियों का विकास प्रारम्भ में पाए जाने वाले सरल प्राणियों में परिस्थिति और वातावरण के अनुसार होने वाले परिवर्तनों के कारण हुआ। सजीव जगत में होने वाले इस परिवर्तन को जैव-विकास (Organic evolution) कहते हैं। विकास या इवोल्यूशन (Evolution) शब्द का शाब्दिक अर्थ लिपटी हुई वस्तु को खोलकर उसमें समय-समय पर हुए परिवर्तनों को दर्शाना’ […]

आनुवंशिकी

Genetics प्रत्येक जीव में बहुत से ऐसे गुण होते हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी माता-पिता अर्थात् जनकों से उनके संतानों में संचरित होते रहते हैं। ऐसे गुणों को आनुवंशिक गुण (Hereditary characters) या पैतृक गुण कहते हैं। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जीवों के मूल गुणों का संचरण आनुवंशिकता (Heredity) कहलाता है। मूल गुणों के संचरण […]

वनस्पति विज्ञान से सम्बंधित तथ्य

विश्व का सबसे बड़ा पौधा Sequoia dendron है, जिसकी ऊंचाई 90 मीटर तथा व्यास 13 मीटर होता है। सबसे लंबा आवृतबीजी पौधा यूकेलिप्टिस है। विश्व का सबसे छोटा पुष्पीय बोल्फिया होता है। सबसे बड़ा फूल रैफ्लीसिया होता है। सबसे छोटे बीज आकिड्स के होते हैं। सबसे बड़ी पत्ती विक्टोरिया रेजिया की होती है। अमीबा कभी मरता नहीं […]

पादप ऊतक

Plant Tissue ऊतक एक या एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं के संगठन होते हैं। कोशिकाओं का ऐसा समूह, जिससें कोशिकाएं उद्गम, आकृति परिवर्द्धन तथा कार्य की दृष्टि से समान होती हैं, ऊत्तक कहलाती है। ऊतकों की कोशिकाओं के विभाजित होने तथा नई कोशिकाओं के निर्माण के आधार पर पादप ऊत्तक को मुख्यतः दो वर्गों […]

अनावृतबीजी एवं आवृतबीजी

Gymnosperms and Angiosperm अनावृत्तबीजी Gymnosperms उन पौधों को इसमें रखते हैं, जिनके बीज में आवरण नहीं पाया जाता है। ये पौधे मुख्य रुप से सदाबहार वनों एवं पहाड़ी क्षेत्रों में पाये जाते हैं। आवृतबीजी Angiosperm उन पौधों को रखा जाता है, जिनके बीजों में आवरण पाया जाता है। इस समुदाय के पौधों को पुष्पीय पादप भी कहते […]