कोशिका के प्रकार

Types of Cells रचना के आधार पर कोशिकाएँ दो प्रकार की होती हैं। ये हैं- प्रोकैरियोटिक कोशिका तथा 2. यूकैरियोटिक कोशिका। प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic cell): इस प्रकार की कोशिकाएँ प्रारम्भिक कोशिकाएँ (Primitive cells) कहलाती हैं। यह सरल रचना वाली कोशिका होती है। इस प्रकार की कोशिकाओं में स्पष्ट केन्द्रक (True Nucleus) का अभाव होता है। जीवाणु […]

कोशिका संरचना

Cell Structure कोशिका का निर्माण विभिन्न घटकों से होता है, जिन्हें कोशिकांग (Cell organelle) कहते हैं। प्रत्येक कोशिकांग एक विशिष्ट कार्य करता है। इन कोशिकांगों के कारण ही कोशिका एक जीवित संरचना है, जो जीवन सम्बन्धी सभी कार्य करने में सक्षम होती है। जीवों के सभी प्रकार की कोशिकाओं में एक ही प्रकार के कोशिकांग […]

कोशिका विभाजन

Cell Division 1855 ई. में सर्वप्रथम वर्चों (Virchow) महोदय ने स्पष्ट किया कि नवीन कोशिकाओं का जन्म पहले से विद्यमान कोशिकाओं से होता है। कोशिका विभाजन का प्रमुख कार्य एक कोशिका से अनेक संतति कोशिकाओं (Daughter Cells) को जन्म देना है। ये कोशिकाएँ मानव तथा अन्य प्राणियों में शारीरिक वृद्धि, क्षतिग्रस्त ऊतकों के पुनरुत्पादन, नवीन […]

विषाणु

Virus विषाणु की खोज रूसी वनस्पति वैज्ञानिक इवानोवस्की (Ivanovsky) ने 1892 ई. में तम्बाकू की पत्ती में मोजैक रोग (Mosaic disease) के कारण की खोज करते समय किया था। लुई पाश्चर तथा बीजरिंक ने इन्हें जीवित तरल संक्रामक का नाम दिया। एड्स (AIDs) के विषाणु को 1986 ई. में मानव प्रतिरक्षा अपूर्णता वाइरस (HIV) नाम […]

मोनेरा जगत

Kingdom Monera मोनेरा (Monera) जगत में सभी प्रोकैरिओटिक जीवों को सम्मिलित किया गया है। इस जगत के जीव सूक्ष्मतम तथा सरलतम होते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि इस जगत के जीव प्राचीनतम हैं। मोनेरा जगत के जीव उन सभी स्थानों में पाये जाते हैं जहाँ जीवन की थोड़ी भी संभावना मौजूद है, जैसे-मिट्टी, […]

जीवाणु

Bacteria जीवाणु हरितलवक रहित (Non chlorophilous), एककोशिकीय (Unicellular) या बहुकोशिकीय (Multicellular) प्रोकैरियोटिक सूक्ष्मजीव होते हैं। जीवाणु वास्तव में पौधे नहीं होते हैं। इनकी कोशिकाभिति का रासायनिक संगठन पौधों की कोशिका के रासायनिक संगठन से बिल्कुल भिन्न होता है। यद्यपि कुछ जीवाणु प्रकाश-संश्लेषण क्रिया किया करते हैं लेकिन उनमें विद्यमान बैक्टीरियोक्लोरोफिल पौधों में उपस्थित क्लोरोफिल से […]

प्रोटिस्टा जगत

Kingdom Protista प्रोटिस्टा जगत में जल में रहने वाले एककोशिकीय (Unicellular), सुकेन्द्रकीय (Eukaryotic) सूक्ष्मजीव आते हैं। ये तरह-तरह के जीवन वर्गों को प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्ट्स में विविध पोषी स्लाइम, मोल्स तथा प्रोटोजोआ होते हैं एवं प्रकाश संश्लेषी एककोशिकीय शैवाल होते हैं। प्रोटिस्टा की संरचना (Structure of protista): प्रोटिस्ट्स में कोशिकाएँ एक कला (Membrane) द्वारा घिरी होती […]

कवक

Fungi कवक हरितलवक (Chlorophyll) रहित, संकेन्द्रीय (Nucleated), संवहन ऊतक रहित (Non-vascular) थैलोफाइटा (Thallophyta) है। कवक का अध्ययन माइकोलॉजी (Mycology) कहलाता है। पर्णहरित विहीन होने के कारण कवक अपना भोजन स्वयं नहीं बना पाते हैं। अतः ये विविधपोषी (Heterotrophic) होते हैं। इसमें संचित भोजन ग्लाइकोजेन (Glycogen) के रूप में रहता है। इनकी कोशिका भित्ति (Cell wall) काइटिन (Chitin) […]

लाइकेन

Lichen लाइकेन थैलोफाइटा प्रकार की वनस्पति है जो कवक (Fungi) तथा शैवाल (Algae) दोनो से मिलकर बनती है। इसमें कवक तथा शैवालों का सम्बन्ध परस्पर सहजीवी (symbiotic) जैसा होता है। कवक जल, खनिज-लवण, विटामिन्स आदि शैवाल को देता है और शैवाल प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया द्वारा कार्बोहाइड्रेट का निर्माण कर कवक को देता है। […]

पादप जगत

Kingdom Plantae जीवों के आधुनिक वर्गीकरण (Modern classification) के अनुसार, जीवमण्डल (Biosphere), के सभी बहुकोशिकीय (Multicellular), प्रकाश संश्लेषी (Photosynthetic), ससीम केन्द्रकी (Eucaryotic), उत्पादक (Producer) एवं स्वपोषी (Autotrophic) जीवों को पादप जगत (Plant Kingdom) के अन्तर्गत रखा गया है। पादप जगत में अब तक 3.5 लाख जीवों को सम्मिलित किया जा चुका है। आधुनिक वर्गीकरण के […]