उभयचर वर्ग

Class Amphibia

  • इस वर्ग के सदस्य जल और स्थल दोनों में पाये जाते हैं। इसीलिए इनका नाम एम्फीबिया या उभयचर (Amphi = both) दिया गया है।
  • ये अनियततापी जंतु (Cold blooded animal or Poikilothermal) होते हैं। इस वर्ग में लगभग 3000 जातियाँ पायी जाती हैं।
  • इनके शरीर पर शल्क (scales), बाल (Hairs) या पंख (wings) नहीं होते हैं, परन्तु इनकी त्वचा अधिक ग्रन्थिमय (Glandular) होने के कारण काफी चिकनी होती है।
  • त्वचा (skin) बराबर कोमल और नम होने से इनमें त्वचीय श्वसन (Cutaneous respiration) होता है जो इनके जीवन के लिए अत्यावश्यक है।
  • इनमें दो जोड़े पाद होते हैं, जिनमें साधारणतः 5 अंगुलियाँ होती हैं। इनके नासाछिद्र मुखगुहा में खुलते हैं।
  • इनका अंत:ककाल अस्थि का बना होता है।
  • इनके हृदय में दो अलिंद (Auricles) और एक निलय (ventricles) होते हैं।
  • इनके लाल रुधिर कण में केन्द्रक होता है।
  • इनमें लार्वा अवस्था में श्वसन क्लोम (Gills) द्वारा और वयस्क जन्तु में फेफड़े, त्वचा तथा मुखगुहा द्वारा होता है। किसी -किसी जन्तु में वयस्क अवस्था में भी श्वसन क्लोम द्वारा होता है।
  • इनमें मलाशय और मूत्रजनन वाहिनी (Urinogenital duct) क्लोएका में खुलते हैं।
  • इनमें जनन पदार्थ तथा मल क्लोएका से ही बाहर निकलते हैं।
  • इनमें वाह्य निषेचन (External fertilization) होता है। इनमें अधिकांशतः परिवर्द्धन के समय एक लार्वा बनता है जिसे टैडपॉल (Tadpole) लार्वा कहते हैं।
  • इनमें ग्रीष्म एवं शीत निष्क्रियता होती है।

उदाहरण: प्रोटीअस (Proteus), नेक्ट्यूरस (Necturus), साइरेन (Siren), सैलामैण्डर (Salamander), मेढक (Frog), दादुर या टोड (Toad), धात्री दादुर (Midwife toad) आदि।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • इक्थियोफिस (1chthyophis) में पाद अनुपस्थित होते हैं।
  • टोड (Toad) का वैज्ञानिक नाम ब्यूफो (Bufo) है। यह शिकार की खोज में अधिकतर रात में निकलता है।
  • ऐलीटीज (Alytes) को धात्री शेक (Midwife toad) भि कहा जाता है।
  • हायला (Hyla) को वृक्ष मेढ़क या वृक्ष मंडूक (Tree Frog) कहते हैं।
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