सरीसृप वर्ग

Reptilia Class

  • ये साधारणतः स्थलवासी होते हैं लेकिन कुछ जलवासी भी होते हैं।
  • ये थल पर रेंगकर (Repere=Crawl) चलते हैं। इसलिए इस वर्ग को रेप्टीलिया (Reptilia) कहा जाता है।
  • ये अनियततापी (Poikilothermal या cold blooded) जंतु हैं।
  • इनकी त्वचा में एपिडर्मल श्रृंगी शल्क (Epidermal horny scales) पाए जाते हैं।
  • इनका अन्तः कंकाल अस्थि का बना होता है।
  • इनकी त्वचा रूखी (Dry) होती है क्योंकि इसमें ग्रन्थियाँ नहीं होती हैं।
  • इनकी खोपड़ी में केवल एक ऑक्सिपिटल कॉण्डाइल (Occipital condyle) होता है।
  • इनमें क्लोम (Gills) विकास की प्रारम्भिक अवस्था में पाया जाता है। वयस्क में शवसन क्रिया फेफड़े (Lungs) द्वारा होती है।
  • इनमें हृदय में दो अलिन्द (Auricles) तथा आंशिक रूप से विभाजित एक निलय (ventricle) होता है।
  • इनमें लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) पायी जाती हैं।
  • आहारनाल, जनन तथा मूत्रवाहिनियाँ क्लोएका (Cloaca) में खुलती हैं। इसलिए पृथक-पृथक गुदा (Anus) तथा जनन छिद्र नहीं होती है।
  • इनमें साधारणतः अन्तः निषेचन (Internal fertilization) होता है। अण्डे बड़े और चूनेदार (Calcareous) कवच (Shell) द्वारा आच्छादित रहते हैं।
  • इनमें कोई लावा अवस्था नहीं पायी जाती है।
  • इनका शरीर लम्बा और बेलनाकार होता है।
  • इनके मुख के अन्दर एक विष दन्त पाया जाता है।

उदाहरण: कच्छप (Turtle), कछुआ (Tortoise), स्फेनोडॉन (sphenodon), घरेलु छिपकली (House Lizard), यूरोमैस्टिक्स (Uromastix), गोह (Varanus), कैलोटीस (Calotes), नाग (Naja), करैत (Karait), अजगर (Python), मगरमच्छ (Crocodiles), घड़ियाल (Gavialis), एलीगेटर (Alligator) आदि।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • पायथन (Python) को साधारणतः अजगर (Ajgar) कहते हैं। यह एक विषहीन साँप है।
  • नाजा (Naja) का साधारण नाम कोबरा (Cobra) है। यह एक विषैला साँप है।
  • बंगेरस (Bungarus) का साधारण नाम करैत (Karait) है। यह अत्यधिक विषैला होता है।
  • हेमीडेक्टिलस (Hemidactylus) को घरेलु छिपकली (House Lizard) के नाम से जाना जाता है।
  • वैरानस (varanus) को साधारणतया गोह के नाम से जाना जाता है।
  • ट्रायोनिक्स (Trionix) नदियों, तालाबों आदि में पाया जाने वाल साधारण कछुआ है।
  • ड्रैको (Draco) को उड़ने वाली छिपकली (Flying Lizard) कहते हैं।