पर्वत, पठार, मैदान तथा झीलें

Mountains, Plateaus, Plains and Lakes वलित पर्वत तलछटी चट्टानों में मोड़ पड़ जाने से बनते हैं, जैसे- एशिया में हिमालय, यूरोप, आल्पान, उत्तरी अमेरिका में रॉकी, द. अमेरिका में एंडीज। पुराने वलित पर्वतों में प्रमुख रूप से यूराल, आलेशियन, नानशान पर्वत हैं। वलित पर्वतों का निर्माण का सिद्धांत प्लेट टेक्टॉनिक की संकल्पना पर आधारित है। […]

नदी निर्मित स्थलाकृतियां

River Landforms नदी निर्मित स्थालाकृतियाँ किसी नदी द्वारा प्रमुख रूप से की जाने वाली अपरानात्मक प्रक्रियाएं हैं- अपघर्षण, सन्निघर्षण, विलयन, जल गति क्रिया द्वारा। नदी द्वारा लम्बवत कटाव के कारण गहरी एवं संकरी ‘आकार की घाटी’ का निर्माण होता है। अब लम्बवत कटाव के कारण गहराई बढती जाती है, तो गॅार्ज (महाखड्ड) का निर्माण होता […]

भूकंप

Earthquake मर्केली मापक द्वारा भूकंप की तीव्रता का मापन किया जाता है। इसके अनुसार भूकंप की तीव्रता को 12 श्रेणियों में बांटा गया है। रिक्टर पैमाने से भूकंप तीव्रता की उर्जा का मापन होता है। 8 संख्या से 5 संख्या तक 2 लाख गुना अधिक उर्जा उत्पन्न होती है। 7 संख्या उया उससे अधिक भूकंप […]

ज्वालामुखी

Volcano ज्वालामुखी से निकले धुलकण और रख के संगठित टुकड़े ‘टफ’ और स्कोरिया के संगठित कोणीय टुकड़े ‘ब्रेसिया’ कहलाते हैं। मैक्सिको का पाराक्यूटिन, हवाई का मौनालोआ, इटली का विसुवियस और स्ट्राम्बोली केन्द्रीय उद्गार से बने शंकु या ज्वालामुखी पहाड़ हैं। सयुंक्त राज्य अमेरिका का कोलंबिया और स्नेक पठार, भारत का दक्कन पठार, दक्षिणी अफ्रीका का […]

भू-आकृति विज्ञान

Geomorphology भू-आकृति विज्ञान पृथ्वी की उत्पत्ति व भूगार्भिक इतिहास पृथ्वी की उत्पत्ति के सम्बन्ध में सर्वप्रथम तर्कपूर्ण परिकल्पना का प्रतिपादन फ्रांसीसी वैज्ञानिक कास्त-ए-बफन द्वारा 1749 ई. में किया गया। पृथ्वी एवं अन्य ग्रहों की उत्पत्ति के सन्दर्भ में 2 प्रकार की संकल्पनाएं दी गयीं- अद्वैतवादी परिकल्पना द्वैतवादी परिकल्पना अद्वैतवादी परिकल्पना में कांट की गैसीय परिकल्पना […]

अक्षांश व देशांतर

Latitude And Longitude अक्षांश सभी अक्षांश रेखाएं समांतर होती हैं। इनकी संख्या 180 है तथा अंश में प्रदर्शित की जाती हैं। दो अक्षांशों के मध्य की दूरी 111 किमी. होती है। विषुवत वृत्त 0 डिग्री अक्षांश को प्रदर्शित करता है। विषुवत वृत्त के उत्तर\ के सभी अक्षांश उत्तरी अक्षांश तथा दक्षिण के सभी अक्षांश दक्षिणी […]

वानिकी एवं मत्स्य व्यवसाय

Forestry And Fishing Industry भारत मेँ से 677,088 वर्ग किमी. भूमि पर वनोँ का विस्तार है, जो भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 20.64 % प्रतिशत है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह मेँ 86.9 प्रतिशत भू भाग वन है, जो सर्वाधिक है। न्यूनतम 3.8 प्रतिशत वन हरियाणा मेँ है। वर्ष 2006 मेँ राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड की स्थापना […]

भारत में अनुसूचित जनजातियों के लिए राज्य / संघ राज्य क्षेत्र वार सूची

State/Union Territory-wise list of Scheduled Tribes in India Andhra Pradesh 1. Andh,Sadhu Andh 2 Bagata 3. Bhil 4. Chenchu 5. Gadabas, Bodo Gadaba, Gutob Gadaba, Kallayi Gadaba, Parangi Gadaba, Kathera Gadaba, Kapu Gadaba 6. Gond, Naikpod, Rajgond, Koitur 7. Goudu (in the Agency tracts) 8 Hill Reddis 9. Jatapus 10. Kammara 11. Kattunayakan 12. Kolam, […]

खनिज और ऊर्जा संसाधन

Mineral and Energy Resources खनिजो का देश के औद्योगिक उत्पादन मेँ लगभग 11 प्रतिशत योगदान है। उत्तरी पूर्वी प्रायद्वीप क्षेत्र जो मुख्यतः उड़ीसा के पठार, छोटानागपुर के पठार एवं छत्तीसगढ के उत्तरी भाग से बना है। इस भाग को मिनरल हार्ट ऑफ इंडिया कहते हैं। यहाँ 100% काइनाइट, 85% कोयला, 95% लौह अयस्क पाया जाता है। मध्य […]

उद्योग

Industry औद्योगिक आर्थिक क्रियाकलापों को मुख्यतः चार वर्गों में बांटा जा सकता है: प्राथमिक क्षेत्र (प्राइमरी सेक्टर) इसमें मुख्यतः कच्चे माल के निष्कर्षण (extraction) से सम्बन्धित क्रियाकलाप आते हैं। जैसे – खनन (माइनिंग), कृषि आदि द्वितियक क्षेत्र (सेकेन्डरी सेक्टर) इसमें तेल-शोषक कारखाने, निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) से जुड़े उद्योग आदि आते हैं तृतीयक क्षेत्र (टर्शियरी सेक्टर) इसमें […]