रेशे

Fibres

वे श्रृंखला-युक्त ठोस जिनकी लम्बाई-चौड़ाई की अपेक्षा सैकड़ों या हजारों गुना अधिक हो, रेशे (Fibres) कहलाते हैं।

संश्लिष्ट रेशा (synthetic Fibres): संश्लिष्ट रेशे कई सरल अणुओं के संयोग से बने बहुलक (Polymers) होते हैं। कृत्रिम तरीके से प्रयोगशालाओं में तैयार किये गये रेशों की संश्लिष्ट रेशा कहा जाता है। उदाहरण- रेयॉन (Rayon), नाइलॉन (Nylon) पॉलिएस्टर (Polyester) इत्यादि।

प्रमुख संश्लिष्ट रेशे

  1. नॉयलॉन (Nylon): नॉयलान शब्द न्यूयार्क (Newyork) शहर के “NY” तथा लंदन के “LON’ के मिलाकर बनाया गया है। नॉयलॉन ऐसे छोटे कार्बनिक अणुओं के बहुलकीकरण प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है, जो प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नहीं है। यह एक पॉली एमाइड रेशे का उदाहरण है, जिसमें एमाइड समूह (> CONH2) प्रत्येक इकाई पर होता है, तथा बार-बार दोहराया जाता है। नॉयलान मानव द्वारा संश्लिष्ट किया गया पहला रेशा था। इसका निर्माण सर्वप्रथम 1935 ई० में किया गया था तथा व्यापारिक स्तर पर 1939 ई० में महिलाओं के लिए जुराबें इससे बनाई गई। नॉयलान का उपयोग मछली पकड़ने के जाल में, पैरासूट के कपड़े में, टायर, दाँत, ब्रश, पर्वतारोहण के लिए रस्सी आदि बनाने में होता है।
  2. रेयॉन (Rayon): सेल्युलोज से बने कृत्रिम रेशे को रेयॉन कहते हैं। रेयॉन बनाने के लिए सेल्युलोज कागज की लुगदी या काष्ठ को लिया जाता है। इसे सान्द्र तथा ठण्डे सोडियम हाइड्रॉक्साइड तथा कार्बन डाइसल्फाइड से उपचारित करते हैं, उसके बाद इस सेल्युलोज के विलयन को धातु बेलनों में बने छिद्रों में से होकर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में गिराया जाता है, यहाँ इसके लम्बे-लम्बे तन्तु बन जाते हैं। रेयॉन रासायनिक दृष्टि से सूत के समान है। रेयॉन का उपयोग कपड़ा बनाने में, कालीन बनाने में, चिकित्सा-क्षेत्र में लिंट या जाली बनाने के लिए किया जाता है।
  3. पॉलीएस्टर (Polyester): इसे इंग्लैंड में विकसित किया गया था। इसे संश्लिष्ट करने के लिए दो हाइड्रॉक्सिल (—OH) समूह-युक्त कार्बन यौगिक की अभिक्रिया दो कार्बोसिलिक (—COOH) समूह के यौगिक के साथ की जाती है। हाइड्रॉक्सिल तथा कार्बोक्सलिक समूह के मध्य अभिक्रिया के परिणामस्वरूप एस्टर समूह बनता है। चूँकि इस रेशे में अनेक एस्टर समूह होते हैं, इसलिए इसे पॉलीएस्टर कहते हैं। पॉलीएस्टर का उपयोग कपड़े के रूप में, पाल नौकाओं का पाल बनाने में, अग्निशमन में प्रयुक्त हौज पाइप आदि बनाने में किया जाता है।
  4. कार्बन फाइबर (Carbon Fibres): कार्बन फाइबर कार्बन परमाणुओं की लम्बी श्रृंखला से बने होते हैं। इनका संक्षारण (corrosion) नहीं होता है। इसका निर्माण संश्लिष्ट रेशों को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है, जिससे रेशे अपघटित होकर कार्बन फाइबर उत्पन्न करते हैं। इसका उपयोग अंतरिक्षयान तथा खेलकूद की सामग्री बनाने में होता है।
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