भगत राम तलवार

भगत राम तलवार भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। सन १९४१ में गृहबन्दी से सुभाष चन्द्र बोस को छुड़ाकर भगाने में भगत राम की महती भूमिका थी। दोनों ने एक साथ कोलकाता से काबुल तक की यात्रा की, जिसके बाद नेताजी जर्मनी चले गये। भगत राम तलवार वस्तुतः कम से कम चार देशों (जर्मनी, जापान, सोवियत रूस, और ब्रितानी भारत) के गुप्तचर थे। ये बात […]

बारीन्द्र कुमार घोष

वारीन्द्रनाथ घोष (बांग्ला : बारीन्द्रकुमार घोष ; 5 जनवरी 1880 – 18 अप्रैल 1959) भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार तथा “युगांतर” के संस्थापकों में से एक थे। वह ‘बारिन घोष’ नाम से भी लोकप्रिय हैं। बंगाल में क्रांतिकारी विचारधारा को फेलाने का श्री बारीन्द्र और भूपेन्द्र नाथ दत्त (स्वामी विवेकानंद जी के छोटे भाई) को ही जाता है। महान अध्यात्मवादी श्री अरविन्द घोष उनके बड़े भाई थे। […]

बाबू गेनू सैद

बाबू गेनू सैद (2 जनवरी 1908 – 12 दिसम्बर 1930) भारत के स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी एवं क्रांतिकारी थे। उन्हें भारत में स्वदेशी के लिये बलिदान होने वाला पहला व्यक्ति माना जाता है। 1930 में महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह आरम्भ किया | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इसका विशेष महत्व है | सम्पूर्ण भारत के लोग अबाल-वृद्ध , शिक्षित-अशिक्षित , ग्रामीण नागरिक सबने उसमे […]

बाबा गुरमुख सिंह

बाबा गुरमुख सिंह (1888 – 13 मार्च, 1977) एक ग़दर क्रांतिकारी और एक सिख नेता थे.[1] जीवनी बाबा गुरमुख सिंह लुधियाना जिले के ललतों खुर्द में पैदा हुए थे। उन्होंने लुधियाना के एक चर्च मिशन स्कूल में मैट्रिक तक पढ़ाई की और कर्तार सिंह सराभा के एक स्कूल के साथी थे। उन्होंने सेना में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन मेडिकल कारणों के […]

बाघा यतीन

जतींद्रनाथ मुखर्जी 7 दिसंबर 1879 – 10 सितंबर 1915 जतींद्रनाथ मुखर्जी उपनाम : बाघा जतीन जन्मस्थल : कायाग्राम, कुष्टिया जिला बांग्लादेश मृत्युस्थल: बालेश्वर,ओड़ीशा आन्दोलन: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम प्रमुख संगठन: युगांतर बाघा जतीन (बांग्ला में বাঘা যতীন (उच्चारणः बाघा जोतिन) (०७ दिसम्बर १८७९ – १० सितम्बर १९१५) के बचपन का नाम जतीन्द्रनाथ मुखर्जी (जतीन्द्रनाथ मुखोपाध्याय) था। वे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कार्यकारी दार्शनिक क्रान्तिकारी थे। वे युगान्तर पार्टी के […]

बसावन सिंह

बसावन सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे। उनका जन्म २३ मार्च १९०९ इस्वी को जमालपुर, वैशाली, बिहार मे हुआ था। उनकी औपचारिक शिक्शा दसवीं के बाद समाप्त हो गयी क्योंकि उन्होने १९२०-२१ के असहयोग आन्दोलन मे भाग लिया। उसके बाद मे वे क्रान्तिकारी आन्दोलन मे भाग लिये। १९२५ मे योगेन्द्र शुक्ल के नेत्रित्व वाली हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक आर्मी से जुड़ गये।

बसन्त कुमार विश्वास

युवा क्रांतिकारी व देशप्रेमी श्री बसंत कुमार बिस्वास (6 फ़रवरी 1895 – 11 मई 1915) बंगाल के प्रमुख क्रांतिकारी संगठन ” युगांतर ” के सदस्य थे। उन्होंने अपनी जान पर खेल कर वायसराय लोर्ड होर्डिंग पर बम फेंका था और इस के फलस्वरूप उन्होंने 20 वर्ष की अल्पायु में ही देश पर अपनी जान न्योछावर कर दी। जीवनी इनका जन्म 6 […]

प्राण सुख यादव

प्राण सुख यादव (1802–1888) एक सेना नायक [1], 1857 की क्रांति में भागीदार क्रांतिकारी[2] तथा सिख कमांडर हरी सिंह नलवा के मित्र थे।[3][4] अपने पूर्व के समय में वह सिख खालसा सेना व फ्रेंच आर्म्स की तरफ से लड़ते थे। महाराजा रणजीत सिंह के निधन के बाद उन्होने प्रथम व द्वितीय ब्रिटिश-सिख संघर्ष में भागीदारी निभाई।.[5] 1857 की क्रांति 1857 की क्रांति में, राव तुलाराम व प्राण सुख यादव […]

प्रफुल्ल चाकी

प्रफुल्ल चाकी अनुशीलन समिति List[दिखाएँ] List[दिखाएँ] List[दिखाएँ] List[दिखाएँ] देवासं प्रफुल्ल चाकी (बांग्ला: প্রফুল্ল চাকী) (१० दिसम्बर १८८८ – १ मई १९०८) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं महान क्रान्तिकारी थे। भारतीय स्वतन्त्रता के क्रान्तिकारी संघर्ष में उनका नाम अत्यन्त सम्मान के साथ लिया जाता है। अनुक्रम 1जीवन परिचय 2मुजफ्फरपुर काण्ड 3बलिदान 4बाहरी कड़ियाँ 5सन्दर्भ जीवन परिचय प्रफुल्ल का जन्म उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला (अब बांग्लादेश में स्थित) के […]

प्रतापसिंह बारहठ

प्रतापसिंह बारहठ (२४ मई १८९३ – २७ मई १९१८) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक महान क्रांतिवीर तथा केसरी सिंह बारहठ के पुत्र थे। परिचय उनका जन्म राजस्थान के उदयपुर में २४ मई १८९३ में हुआ था। वे क्रान्तिवीर ठा. केसरी सिंह बारहठ के पुत्र थे। प्रारंभिक शिक्षा कोटा, अजमेर और जयपुर में हुई। क्रांतिकारी मास्टर अमीरचंद से प्रेरणा लेकर देश को स्वतंत्र करवाने में जुट गए। वे रासबिहारी बोस का अनुसरण करते हुए क्रांतिकारी […]

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