आनंदमोहन बोस

Anandamohan Bose

Anandamohan Bose
जन्म23 सितम्बर 1847
MymensinghBritish India (now in Bangladesh)
मृत्यु20 अगस्त 1906 (उम्र 58)
Calcutta
शिक्षा प्राप्त कीUniversity of Cambridge
व्यवसायPoliticianacademiciansocial reformerlawyer
प्रसिद्धि कारणCo-founder of Indian National Association
राजनैतिक पार्टीIndian National Congress

आनन्द मोहन बसु (23 सितम्बर 1847 – 20 अगस्त 1906) ब्रिटिश राज के दौरान एक भारतीय राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद, समाज सुधारक और वकील थे। उन्होंने इंडियन नेशनल एसोसिएशन की सह-स्थापना की, जो शुरुआती भारतीय राजनीतिक संगठनों में से एक थी। बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बन गए। 1874 में वे पहले भारतीय रैंगलर बन गए। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में रैंगलर उस छात्र को कहते हैं जो प्रथम श्रेणी के सम्मान के साथ गणितीय ट्राईपोस के तीसरे वर्ष को पूरा किया हो। इस सब के साथ वे ब्राह्मधर्म और साथ शिवनाथ शास्त्री के एक अग्रणी प्रकाश आदि धर्म के एक प्रमुख धार्मिक नेता भी थे। [1] [2]

आनन्दमोहन अपने छात्र जीवन से ही ब्राह्म धर्म के समर्थक थे। वह 1869 में अपनी पत्नी स्वर्णप्रभा देवी ( जगदीश चन्द्र बसु की बहन) के साथ आधिकारिक रूप से ब्राह्म धर्म के अनुयायी बन गए। कुछ समय बाद बाल विवाह संगठन चलाने और अन्य विभिन्न मामलों को लेकर ब्राह्म समाज के युवा सदस्यों का केशब चंद्र सेन से मतभेद हो गया। परिणामस्वरूप, 15 मई 1878 को उन्होंने शिबनाथ शास्त्रीशिब चन्द्र देवउमेश चन्द्र दत्त और अन्य लोगों के साथ साधारण ब्राह्म समाज की स्थापना की और इसके प्रथम अध्यक्ष चुने गए थे। 27 अप्रैल 1879 को उन्होंने ब्राह्म आन्दोलन के छात्रसंघ, छात्रसमाज की स्थापना की। 1879 में, उन्होंने इस आंदोलन की एक पहल के रूप में सिटी कॉलेज, कलकत्ता की स्थापना की।

आनन्दमोहन अपने छात्र काल से ही राजनीति में रुचि रखते थे। इंग्लैंड में रहते हुए, उन्होंने कुछ अन्य भारतीयों के साथ “इंडिया सोसाइटी” की स्थापना की। वे शिषिर कुमार घोष द्वारा स्थापित “इंडियन लीग” से भी जुड़े थे। वे 1884 तक ” इंडियन एसोसिएशन ” के सचिव रहे और जीवन भर इसके अध्यक्ष रहे। उन्होंने वर्नाकुलर प्रेस एक्ट और भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु में कटौती जैसे कृत्यों का विरोध किया। उन्होंने 1905 में फेडरेशन हॉल में आयोजित बंगाल विभाजन के खिलाफ विरोध सभा की अध्यक्षता की, जहां उनके खराब स्वास्थ्य के कारण उनके संबोधन को रबींद्रनाथ टैगोर ने पढ़ा था।

अनुक्रम

साधारण ब्राह्म समाज

इन्होंने ब्रिटिश शासन के विरोध में शिशिर कुमार घोष तथा सुरेंद्र नाथ बेनर्जी के साथ मिलकर 1876 में indian national association की स्थापना की जिसके माध्यम से इन्होंने लार्ड लिटन के arms act,press act तथा civil service में उम्र न्यूनीकरण का विरोध किया।

संदर्भ

  1.  Islam, Sirajul (2012). “Bose, Ananda Mohan”. प्रकाशित Islam, Sirajul; Jamal, Ahmed A. (संपा॰). Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh (Second संस्करण). Asiatic Society of Bangladesh.
  2.  Ananda Mohan Bose Britannica.com.

बाहरी कड़ियाँ

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