गांधी शांति प्रतिष्ठान

गांधी शान्ति प्रतिष्ठान (Gandhi Peace Foundation) एक अशासकीय संस्था (NGO) है। इसका लक्ष्य संसार में शान्ति एवं भाईचारा स्थापित करना है। इसके लिये संस्था बच्चों को शान्ति की संस्कृति से अवगत कराने की शिक्षा देती है; नवयुवकों को सम्मिलित किया जाता है; तथा गांधीजी द्वारा अपनाये गये जीवनमूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयत्न किये जाते हैं।

गांधी दर्शन

गाँधी ने किसी नए दर्शन की रचना नहीं की है वरन् उनके विचारों का जो दार्शनिक आधार है, वही गांधी दर्शन है। ईश्वर की सत्ता में विश्वास करनेवाले भारतीय आस्तिक के ऊपर जिस प्रकार के दार्शनिक संस्कार अपनी छाप डालते हैं वैसी ही छाप गांधी जी के विचारों पर पड़ी हुई है। वे भारत के मूलभूत कुछ दार्शनिक तत्वों में अपनी आस्था प्रकट करके अग्रसर […]

गांधी टोपी

गांधी टोपी अमूमन खादी से बनाई जाती है और आगे और पीछे से जुड़ीं हुई होती है, तथा उसका मध्य भाग फुला हुआ होता है। इस प्रकार की टोपी के साथ महात्मा गांधी का नाम जोड़कर इसे गांधी टोपी कहा जाता है। परंतु गाँधीजी ने इस टोपी का आविष्कार नहीं किया था। आमतौर पर भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ताओं द्वारा […]

गांधी के सिद्धांत

अनुक्रम 1सत्य 2अहिंसा 3शाकाहारी रवैया 4ब्रह्मचर्य 5सादगी 6विश्वास 7सन्दर्भ सत्य गांधी जी ने अपना जीवन सत्य, या सच्चाई की व्यापक खोज में समर्पित कर दिया। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी स्वयं की गल्तियों और खुद पर प्रयोग करते हुए सीखने की कोशिश की। उन्होंने अपनी आत्मकथा को सत्य के प्रयोग का नाम दिया। गांधी जी ने […]

गाँधी स्मृति

गांधी स्मृति भारत के नई दिल्ली स्थित एक संग्रहालय है जो महात्मा गांधी को समर्पित है। यह तीस जनवरी मार्ग पर स्थित है। पूर्व में इसे बिड़ला भवन कहा जाता था। इसी स्थान पर महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अन्तिम १४४ दिन बिताए थे और ३० जनवरी १९४८ यहीं पर उनकी हत्या कर दी गयी थी। यह मूल रूप से बिड़ला […]

खेड़ा सत्याग्रह

खेड़ा सत्याग्रह गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों का अंग्रेज सरकार की कर-वसूली के विरुद्ध एक सत्याग्रह (आन्दोलन) इसे प्रथम असहयोग आंदोलन भी कहा जाता है। इतिहास सन् 1918 ई. में गुजरात जिले की पूरे साल की फसल मारी गई। किसानों की दृष्टि में फसल चौथाई भी नहीं हुई थी। स्थिति को देखते हुए लगान की माफी होनी चाहिए […]

कोचरब आश्रम

कोचरब आश्रम, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेता मोहनदास गांधी द्वारा स्थापित भारत में पहला आश्रम था, जोकि उनके दोस्त बैरिस्टर जीवनलाल देसाई ने उन्हें उपहार में दिया था।[1] 25 मई 1915 को स्थापित, गांधी का कोचरब आश्रम गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर के पास स्थित था। यह आश्रम गांधीवादी विचारों के छात्रों के लिए सत्याग्रह, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी, गरीबों, महिलाओं और अछूतों के उत्थान के लिए काम […]

अहमदाबाद मिल हड़ताल, 1918

सन १९१८ में अहमदाबाद की एक सूती कपड़ा मिल के मजदूरों ने २१ दिन की हड़तल की थी। यही अहमदाबाद मिल हड़ताल के नाम से प्रसिद्ध है। १९१७ में चम्पारण सत्याग्रह की सफलता के बाद गांधीजी का दूसरा सफल सत्याग्रह, 1918 अहमदाबाद मिल मजदूरो की हड़ताल का नेतृत्व था। सन् 1917 में अहमदाबाद में प्लेग की बीमारी फैलने के कारण मिल कर्मचारियों को प्लेग बोनस […]

अनासक्ति योग

राग और द्वेष से असंपृक्त हो जाना ही अनासक्ति है। महात्मा गाँधी ने गीता के श्लोकों का सरल अनुवाद करके अनासक्ति योग का नाम दिया। कर्तव्य कर्म करते समय निष्पृह भाव में चले जाना ही अनासक्त भाव है। बुद्ध ने इसे ‘उपेक्षा’ कहा है।

भगवती चरण वोहरा

भगवती चरण वोहरा (4 जुलाई 1903- 28 मई 1930)) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे। वे हिन्दुस्तान प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य और भगत सिंह के साथ ही एक प्रमुख सिद्धांतकार होते हुए भी गिरफ्तार नहीं किए जा सके और न ही वे फांसी पर चढ़े। उनकी मृत्यु बम परिक्षण के दौरान दुर्घटना में हुई। परिचय भगवती चरण वोहरा का […]