गजानन विश्वनाथ केटकर

गजानन विश्वनाथ केटकर हिन्दू महासभा के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे हैं। लोकमान्य तिलक के पौत्र थे। इन्होंने कला से स्नातक करने के उपरांत विधि स्नातक किया। ये केसरी एवं महारत्ता पत्रों के संपादक भी रहे हैं। इन्होंने हिन्दू महासभा का कार्य १९३८ में भागनगर (हैदराबाद) के अहिंसक प्रतिरोध के दौरान भी जारी रखा था। १९४१ में हुए हिन्दू महासभा के भागलपुर में हुए सत्र में भाग भी लिया, जिसे ब्रिटिश सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था। ये कई वर्षों तक महाराष्ट्र हिन्दू सभा के कोषाध्यक्ष भी रहे। गांधी हत्या काण्ड के अंतर्गत नेहरू सरकार द्वारा जब वीर सावरकर गिरफतार हुए, तब उनके मुकदमें के लिए धन का प्रबंध भी किया। १९४८ में केटकर ने नेहरू सरकार एवं प्रतिबंधित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच वार्ता में मध्यस्थता की। १९५० में और फिर १९६४ में जेल भी गए।

बाहरी कड़ियाँ

Posted in Aik
Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *