बिहारिनदेव

बिहारिनदेव हरिदासी सम्प्रदाय के एक श्रेष्ठ आचार्य एवं कवि हैं। जीवन परिचय बिहारिनदेव विट्ठलविपुलदेव के शिष्य थे। वे अपने गुरु विट्ठलविपुलदेव की मृत्यु के पश्चात् टट्टी संस्थान के आचार्य के पद को ग्रहण किए । विट्ठलविपुलदेव की मृत्यु वि ० सं ० 1632 में हुआ। विहारिनदेव दिल्ली-निवासी थे। इनका जन्म शूरध्वज ब्राह्मण कुल में हुआ […]

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान बीआईटी मेसरा, जयपुर कैंपस ध्येय सा विद्या या विमुक्तये(Sā Vidyā Yā Vimuktaye) Motto in English सीखना वह है जो लिबरेट करता है प्रकार डीम्ड विश्वविद्यालय स्थापित 1995 जनक संस्था बीआईटी मेसरा सभापति सीके बिरला कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू उपकुलपति डॉ। एम.के. मिश्रा निदेशक डॉ। अभिनव दिनेश स्थान जयपुर, राजस्थान, भारत संबद्धताएं AICTE, ACU, AIU, PCI, NAAC, NBA, UGC जालस्थल BIT Mesra, Jaipur […]

पंचद्रविड़

पंचद्रविड़ का शाब्दिक अर्थ है- पांच द्रविड़।[कृपया उद्धरण जोड़ें] अर्थात् पाँच विशेष क्षेत्र जो द्रविडको अग्रपंक्तिमे लेता हो- द्रविड,कर्णाटक, तैलंग, गुर्जर,और महाराष्ट्र किन्तु बाद में यह पद उन समस्त उच्चकुलीन ब्राह्मणों के लिए प्रयुक्त होने लगा | स्कन्दपुराणके अनुसार विन्ध्याचल के दक्षिण में मूलतः वैदिक वर्णाश्रमधर्मावलम्वि जनके एक ब्राह्मण समुह रहते है जिनको पंचद्रविड कहते हैं| द्राविडाः, कार्णाटकाः,तैलंगाः, गौर्जराः,और महाराष्ट्राः ये पंचद्रविड कहलाते थे| […]

नागरीदास (हरिदासी सम्प्रदाय )

नागरीदास नागरीदास हरिदासी सम्प्रदाय के चतुर्थ आचार्य भक्त कवि हैं। परिचय नागरीदास हरिदासी सम्प्रदाय के चतुर्थ आचार्य भक्त कवि हैं। महन्त किशोरीदास के अनुसार आप का जन्म वि ० सं ० १६०० में हुआ। इसकी पुष्टि महन्त किशोरी दास द्वारा निजमत सिद्धान्त के निम्न दिए उद्धरण से होती है :सम्वत सोरह सै तनु धाऱयो। महा शुक्ल पंचमी बिचारयो।। ये […]

नंददास

नन्ददास (वि ० सं ० १५९० – ) ब्रजभाषा के एक सन्त कवि थे। वे वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में से एक प्रमुख कवि थे। ये गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे। परिचय नन्ददास का जन्म सनाढ्य ब्राह्मण कुल में वि ० सं ० 1420 में (अष्टछाप और वल्लभ :डा ० दीनदयाल गुप्त :पृष्ठ २५६-२६१ ) अन्तर्वेदी रामपुर (वर्तमान श्यामपुर) […]

धौथड़

धौथड़ एक जाट क़बीला है, जो गोजरानवाला जिला, पाकिस्तान में पाया जाता है। इस जाती का सिख शाखा भारत के विभाजन के समय भारत पंजाब और हरियाणा चली गई थी। पाकिस्तान में धौथड़ सियालकोट, गुजरात, हाफ़िज़ आबाद, मंडी बहाउालदीन और साहीवाल के जिलों में पाए जाते हैं। जबकि भारत में धौथड़ करनाल और कपरखला के जिलों में आबाद हैं। धर्म पाकिस्तान के धौथड़ मुसलमान और भारत में रहने वाले धौथड़ सिख हैं। सन्दर्भ श्रेणियाँ:  जाट जंजातयाँ पंजाबी जंजातयाँ पंजाब भारत

द्वितीय विश्वयुद्ध में अधिप्रचार तथा भारत

पूरे द्वितीय विश्वयुद्ध के समय इस युद्ध के दोनों पक्षों (अक्षदेश तथा मित्र देश) ने भारत के नागरिकों तथा सैनिकों के जनमत को अपने पक्ष में करने के लिये अधिप्रचार ९प्रोपेगैण्डा) का खूब इस्तेमाल किया। इन्हें भी देखें अधिप्रचार द्वितीय विश्वयुद्ध में भारत आजाद हिन्द फौज श्रेणियाँ:  अधिप्रचार द्वितीय विश्वयुद्ध भारत

द्विजदेव (कवि )

द्विजदेव (कवि ) (१८३० -१८७१ ):रीति कालीन स्वच्छन्द मुक्तक काव्य परम्परा के अंतिम कवि हैं। ये अयोध्या के महाराज मान सिंह माने जाते हैं जो द्विजदेव के नाम से कविता करते थे। ये जाति से ब्राह्मण थे। वर्ष १८५७ की गदर में अंग्रेजों का साथ दिया था और जागीर प्राप्त की थी लेकिन अंत समय में […]

दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज

दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज ध्येय सत्यमेव जयते Motto in English ट्रुथ अलोन ट्राइंफ्स प्रकार पब्लिक स्थापित 191203 प्रधानाचार्य डॉ। हेम चंद जैन स्नातक 1800 परास्नातक 110 स्थान दिल्ली, भारत परिसर सेक्टर -3, द्वारका उपनाम DDUC संबद्धताएं दिल्ली विश्वविद्यालय जालस्थल http://dducollegedu.ac.in/ दिल्ली विश्वविद्यालय का संविधान महाविद्यालय दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज (अनौपचारिक रूप से डीडीयूसी के रूप में जाना जाता […]

तेली

तेली परंपरागत रूप से भारत, पाकिस्तान और नेपाल में तेल पेरने और बेचने वाली वैश्य जाति है। सदस्य या तो हिंदू या मुस्लिम हो सकते हैं; मुस्लिम तेली को रोशंदर या तेली मलिक कहते हैं। महाराष्ट्र के यहूदी समुदाय (जिसे बैन इज़राइल कहा जाता है) शीलवीर तेली नामक तेली जाति में एक उप-समूह के रूप में भी जाना जाता था, अर्थात् […]