ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान

जन्मतिथि: 1890 निधन: 20 जनवरी, 1988 सीमांत गांधी जन्मस्थान: पेशावर, अब पाकिस्तान में ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान (1890 – 20 जनवरी 1988) सीमाप्रांत और बलूचिस्तान के एक महान राजनेता थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने कार्य और निष्ठा के कारण “सरहदी गांधी” (सीमान्त गांधी), “बच्चा खाँ” तथा “बादशाह खान” के नाम से पुकारे जाने लगे। वे भारतीय उपमहाद्वीप में अंग्रेज […]

क्रिसमस दिवस षडयंत्र

पहला क्रिसमस दिवस षडयंत्र 1909 में भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन द्वारा रची गई थी: साल की छुट्टियों के दौरान, बंगाल के राज्यपाल ने अपने निवास पर वाइसराय, कमांडर-इन-चीफ और उच्च रैंकिंग अधिकारी और राजधानी के अधिकारियों (कलकत्ता) कि उपस्थिति में एक नृत्यसभा का आयोजन किया। इसकी सुरक्षा का प्रभार 10वीं जाट रेजिमेंट को दिया गया था। यतीन्द्रनाथ मुखर्जी द्वारा समझाने के बाद, […]

साँचा:क्रान्तिकारी नारियाँ

सुनीति चौधरी ऑर शान्ति घोष • सुहासिनी गांगुली • उज्ज्वला मजूमदार • शोभारानी दत्त • विमल प्रतिभा देवी • चारुशीला देवी • कल्याणी दास • ननीबाला घोष • दुकडीबाला देवी • क्षीरोदा सुन्दरी चौधरी • कल्पना दत्त • वीना दास • सुशीला मित्र • लीला नाग(राय) • प्रीतिलता वादेदार • कसीदा

कूका विद्रोह

कूका विद्रोह सन १८७१-७२ में पंजाब के कूका लोगों (नामधारी सिखों) द्वारा किया गया एक सशस्त्र विद्रोह था जो मूलतः अंग्रेजों द्वारा गायों की हत्या को बढ़ावा देने के विरोध में किया गया था। बालक सिंह तथा उनके अनुयायी गुरु रामसिंह जी ने इसका नेतृत्व किया था। कूके लोगों ने पूरे पंजाब को बाईस जिलों में बाँटकर अपनी समानान्तर सरकार बना डाली। कूके वीरों की संख्या […]

कुली-बेगार आन्दोलन

कुली-बेगार आन्दोलन 1921 में उत्तर भारत के बागेश्वर नगर में आम जनता द्वारा अहिंसक आन्दोलन था। इस आन्दोलन का नेतृत्व बद्री दत्त पाण्डे ने किया, तथा आंदोलन के सफल होने के बाद उन्हें ‘कुमाऊं केसरी’ की उपाधि दी गयी। इस आन्दोलन का उद्देश्य कुली बेगार प्रथा बन्द कराने के लिये अंग्रेजों पर दबाव बनाना था। आंदोलन से प्रभावित राष्ट्रपिता महात्मा […]

ए ओ ह्यूम

एलेन ओक्टेवियन ह्यूम (६ जून १८२९ – ३१ जुलाई १९१२) ब्रिटिशकालीन भारत में सिविल सेवा के अधिकारी एवं राजनैतिक सुधारक थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक थे। ह्यूम प्रशासनिक अधिकारी और राजनैतिक सुधारक के अलावा माहिर पक्षी-विज्ञानी भी थे, इस क्षेत्र में उनके कार्यों की वजह से उन्हें ‘भारतीय पक्षीविज्ञान का पितामह’ कहा जाता है। जीवनी ए ओ ह्यूम […]

उमराव सिंह (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी)

उमराव सिंह गुर्जर (१८३२ – १८५७) – सन १८५७ की क्रान्ति के एक नायक थे। राव उमरावसिंह गुर्जर का जन्म सन् 1832 में दादरी (उ. प्र) के निकट ग्राम कटेहडा में [[राव किशन भाटी गुर्जर]] के पुत्र के रूप में हुआ था। 10 मई को मेरठ से 1857 की जन-क्रान्ति की शुरूआत कोतवाल धनसिंह गुर्जर द्वारा हो चुकी थी। राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत भारत-पुत्र उमरावसिंह गुर्जर ने […]

उत्तराखंड में स्वाधीनता संग्राम

अंग्रेजों का आगमन 1805 में भारत का नक्शा; वर्तमान राज्य उत्तराखण्ड का क्षेत्र उस समय गोरखा नेपाली शासन के अंतर्गत आता था।सुगौली संधि द्वारा गोरखा शासन से मुक्त हुआ क्षेत्र। वर्तमान राज्य उत्तराखण्ड जिस भौगोलिक क्षेत्र पर विस्तृत है उस इलाके में ब्रिटिश शासन का इतिहास उन्नीसवी सदी के दूसरे दशक से लेकर भारत की आज़ादी तक […]

उत्तराखंड के शहीदों की सूची

जैती (सालम) के शहीद नरसिंह धानक (1886-1942) टीका सिंह कन्याल पुत्र जीत सिंह (1919-1942) तिलाडी के आन्दोलकारी जो कारागार में शहीद हुये गुन्दरू पुत्र सागरू (1890-1932) गुलाब सिंह ठाकुर (1910- टिहरी जेल में मृत्यु) ज्वाला सिंह पुत्र जमना सिंह (1880-1931) जमन सिंह पुत्र लच्छू (1880-1931) दिला पुत्र दलपति (1880- टिहरी जेल में मृत्यु) मदन सिंह […]

काकोरी काण्ड

काकोरी काण्ड (अंग्रेजी: Kakori conspiracy) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रान्तिकारियों द्वारा ब्रिटिश राज के विरुद्ध भयंकर युद्ध छेड़ने की खतरनाक ईच्छा से हथियार खरीदने के लिये ब्रिटिश सरकार का ही खजाना लूट लेने की एक ऐतिहासिक घटना थी जो ९ अगस्त १९२५ को घटी।[1] इस ट्रेन डकैती में जर्मनी के बने चार माउज़र पिस्तौल काम में लाये गये थे।[2] इन पिस्तौलों की विशेषता यह थी कि इनमें बट के पीछे […]