मास्टर तारा सिंह

तारा सिंह शिमला कांफ़्रेंस के दौरान मोहम्मद अली जिन्नाह और मलिक ख़िज़र हयात टिवाणा के बीच खड़े हुए मास्टर तारा सिंह जन्म 24 जून 1885रावलपिंडी, पंजाब क्षेत्र, ब्रिटिश भारत (हाल में पंजाब, पाकिस्तान) मृत्यु 22 नवम्बर 1967 (उम्र 82)चण्डीगढ़, भारत राष्ट्रीयता भारतीय मास्टर तारा सिंह (जन्म 24 जून 1885, रावलपिंडी, पंजाब में – मौत 22 नवंबर 1967, चंडीगढ़ में) शुरूआती तथा मध्य 20वीं सदी के एक प्रमुख सिक्ख राजनीतिक और धार्मिक नेता थे। उन्होंने […]

माधवराव सप्रे

माधवराव सप्रे (जून १८७१ – २६ अप्रैल १९२६) हिन्दी के आरंभिक कहानीकारों में से एक, सुप्रसिद्ध अनुवादक एवं हिन्दी के आरंभिक संपादकों में प्रमुख स्थान रखने वाले हैं। वे हिन्दी के प्रथम कहानी लेखक के रूप में जाने जाते हैं। परिचय माधवराव सप्रे का जन्म सन् १८७१ ई० में दमोह जिले के पथरिया ग्राम में हुआ था। बिलासपुर में मिडिल तक की पढ़ाई के […]

मदनलाल ढींगरा

मदनलाल धींगड़ा मदनलाल धींगड़ा (1883-1909) जन्म 18 सितम्बर 1883अमृतसर, पंजाब, ब्रिटिश भारत मृत्यु 17 अगस्त 1909पेंटविले जेल, लन्दन यू॰के॰ मदनलाल ढींगरा स्मारक, अजमेर, राजस्थान मदनलाल धींगड़ा (१८ सितम्बर १८८३ – १७ अगस्त १९०९) भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अप्रतिम क्रान्तिकारी थे। भारतीय स्वतंत्रता की चिनगारी को अग्नि में बदलने का श्रेय महान शहीद मदन लाल धींगरा को ही जाता है […]

भारतीय स्वतंत्रता के पूर्व के आदिवासी विद्रोह

सन १९४७ में भारत के स्वतन्त्र होने से पूर्व जनजातीय लोगों द्वारा अनेक अंग्रेजों के विरुद्ध अनेक विद्रोह किये गये। नीचे इन विद्रोहों का कालक्रम से संक्षिप्त वर्णन दिया गया है- १८वीं शताब्दी 1766-72: राजा जगन्नाथ के नेतृत्व में चौर विद्रोह 1774-79: Halba rebellion in Dongar (By Halba tribes in Bastar Chhattisgarh) against British armies and the Marathas. […]

भारतीय स्वतंत्रता का क्रांतिकारी आन्दोलन

भारत की स्वतंत्रता के लिये अंग्रेजों के विरुद्ध आन्दोलन दो प्रकार का था, एक अहिंसक आन्दोलन एवं दूसरा सशस्त्र क्रान्तिकारी आन्दोलन। भारत की आज़ादी के लिए 1857 से 1947 के बीच जितने भी प्रयत्न हुए, उनमें स्वतंत्रता का सपना संजोये क्रान्तिकारियों और शहीदों की उपस्थित सबसे अधिक प्रेरणादायी सिद्ध हुई। वस्तुतः भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन भारतीय इतिहास […]

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास

१९३१ में अपनाया गया झंडा और जिसका प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध में मुक्त भारत की अन्तःकालीन सरकार द्वारा किया गया।नमक मार्च पर राष्ट्रवादी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी हैं, और पहली भी, जो भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में अग्रणी थी। इसकी स्थापना २८ दिसम्बर १८८५ को ७२ व्यक्तियों द्वारा हुई व इसकी स्थापना में, ए ओ ह्यूम (एक सेवानिवृत्त […]

भारतीय परिषद अधिनियम 1909

भारत परिषद अधिनियम (इंडिया कॉउंसिल्स एक्ट), वर्ष १९०९ में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक अधिनियम था, जिसे ब्रिटिश भारत में स्वशासित शासन प्रणाली स्थापित करने के लक्ष्य से पारित किया गया था। मार्ले-मिन्टो सुधार के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस समय मार्ले भारत के राज्य सचिव एवं लार्ड मिन्टो भारत के वायसरॉय थे। इन्हीं दोनों के नाम पर इसे मार्ले-मिन्टो सुधारों की संज्ञा […]

भारतीय राष्ट्रवाद

राष्ट्र की परिभाषा एक ऐसे जन समूह के रूप में की जा सकती है जो कि एक भौगोलिक सीमाओं में एक निश्चित देश में रहता हो, समान परम्परा, समान हितों तथा समान भावनाओं से बँधा हो और जिसमें एकता के सूत्र में बाँधने की उत्सुकता तथा समान राजनैतिक महत्त्वाकांक्षाएँ पाई जाती हों। राष्ट्रवाद के निर्णायक तत्वों मे राष्ट्रीयता की भावना […]

भारतमाता

भारत को मातृदेवी के रूप में चित्रित करके भारतमाता या ‘भारतम्बा’ कहा जाता है। भारतमाता को प्राय: केसरिया या नारंगी रंग की साड़ी पहने, हाथ में भगवा ध्वज लिये हुए चित्रित किया जाता है तथा साथ में सिंह होता है। जो हमेशा गुस्से में होता है । भारत में भारतमाता के बहुत से मन्दिर हैं। काशी का भारतमाता मन्दिर अत्यन्त प्रसिद्ध है जिसका उद्घाटन सन् १९३६ में स्वयं महात्मा गांधी ने किया […]

भारत में ब्रिटिश राज

इंडियाब्रिटिश राज ← 1858–1947 →  →  →  → Flagस्टार ऑफ़ इंडिया राष्ट्रगानगॉड सेव द किंग/क्वीन 1936 में ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य। राजधानी 1858–1912  कलकत्ता1912–1947   नयी दिल्ली भाषाएँ अंग्रेज़ीहिन्दुस्तानीअन्य स्थानीय भाषाएँ शासन साम्राज्य सम्राट/महारानीक  –  १८५८–१९०१ विक्टोरिया ख  –  १९०१–१९१० एडवर्ड सप्तम  –  १९१०–१९३६ जॉर्ज पंचम  –  १९३६ एडवर्ड अष्टम  –  १९३६–१९४७ जार्ज षष्ठम वायसराय एवं गवर्नर जनरल  –  १८५८–१८६२ चार्ल्स कैनिंग (पहले)  –  1947 लुईस […]