जयशक्ति चन्देल

चंदेल अभिलेखों में पूर्ववर्ती नरेश वाक्पति के पुत्र जयशक्ति का उल्लेख आता है। यह ‘जेज्जाक’ और ‘जेजा’ के नाम से भी प्रसिद्ध था। इसका राज्यकाल संभवत: 9वीं शताब्दी के तृतीय चरण में था।

वह स्वतंत्र शासक नहीं था किंतु उस काल की राजनीतिक अव्यवस्था का लाभ उठाकर इसने अपनी शक्ति को दृढ़ किया। प्राय: विद्वान्‌ इसे प्रतिहारों का सामंत बतलाते हैं। अभिलेखों में कभी कभी चंदेल राजाओं की तालिका जयशक्ति के नाम से ही प्रारंभ होती है। कदाचित्‌ उसी के समय में पहली बार वर्तमान खजुराहो के समीप की भूमि एक पृथक्‌ भुक्ति के रूप में संगठित हुई और जयशक्ति के नाम पर ही वह ‘जेजाक भुक्ति’ कहलाई। उसने अपनी पुत्री नट्टा का विवाह कलचुरि नरेश कोक्कल्ल प्रथम के साथ किया था जो संभवत: उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित था। अभिलेखों में उसके नाम के साथ उसके अनुज विजयशक्ति का नाम भी संबद्ध रहता था जो बाद में सिंहासन का अधिकारी हुआ।

श्रेणियाँ

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *