ब्रिटिशकालीन भारत के रियासतों की सूची

ब्रिटिश भारत में रियासतें
सलामी रियासतें(सलामी राज्य)नरेन्द्रमण्डल(नरेशमण्डल)विलय का सिद्धान्तराजभत्ताविलय के उपकरण
व्यक्तिगत रेसिडेंसी
हैदराबाद रियासतजम्मू और कश्मीर रियासतत्रावणकोरसिक्किमरामपुर रियासत
अभिकरण
बलूचिस्तानदक्खिन के सल्तनतग्वालियर घरानाउत्तर पश्चिम सीमांत प्रान्तपंजाब प्रांतराजपूतानामध्य भारतपूर्वी राज्य
सूचियां
ब्रिटिशकालीन भारत के रियासतों की सूची
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ब्रिटिश भारत में रियासतेंभारत का राजनीतिक एकीकरण
देवासं

सन १९४७ में स्वतंत्रता और विभाजन से पहले भारतवर्ष में ब्रिटिश शासित क्षेत्र के अलावा भी छोटे-बड़े कुल 565 स्वतन्त्र रियासत हुआ करते थे, जो ब्रिटिश भारत का हिस्सा नहीं थे। ये रियासतें भारतीय उपमहाद्वीप के वो क्षेत्र थे, जहाँ पर अंग्रेज़ों का प्रत्यक्ष रूप से शासन नहीं था, बल्कि ये रियासत सन्धि द्वारा ब्रिटिश राज के प्रभुत्व के अधीन थे। इन संधियों के शर्त, हर रियासत के लिये भिन्न थे, परन्तु मूल रूप से हर संधि के तहत रियासतों को विदेश मामले, अन्य रियासतों से रिश्ते व समझौते और सेना व सुरक्षा से संबंधित विषयों पर ब्रिटिशों की अनुमति लेनी होती थी, इन विषयों का प्रभार प्रत्यक्ष रूप से अंग्रेजी शासन पर था और बदले में ब्रिटिश सरकार, शासकों को स्वतन्त्र रूप से शासन करने की अनुमती देती थी।

सन १९४७ में भारत की स्वतंत्रता व विभाजन के पश्चात सिक्किम के अलावा अन्य सभी रियासत या तो भारत या पाकिस्तान अधिराज्यों में से किसी एक में शामिल हो गए, या उन पर कब्जा कर लिया गया। नव स्वतंत्र भारत में ब्रिटिश भारत की एजेंसियों को “दूसरी श्रेणी” के राज्यों का दर्जा दिया गया (उदाहरणस्वरूप: “सेंट्रल इण्डिया एजेंसी”, “मध्य भारत राज्य” बन गया)। इन राज्यों के मुखिया को राज्यपाल नहीं राजप्रमुख कहा जाता था। १९५६ तक “राज्य पुनर्गठन अयोग” के सुझाव पर अमल करते हुए भारत सरकार ने राज्यों को पुनर्गठित कर वर्तमान स्थिती में लाया। परिणामस्वरूप सभी रियासतों को स्वतंत्र भारत के राज्यों में विलीन कर लिया गया। इस तरह रियासतों का अंत हो गया।

सन १९६२ में प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के शासनकाल के दौरान इन रियासतों के शासकों के निजी कोशों को एवं अन्य सभी ग़ैर-लोकतान्त्रिक रियायतों को भी रद्ध कर दिया गया

अनुक्रम

परिचय

मुख्य लेख: ब्रिटिश भारत में रियासतेंनरेन्द्र मंडल की एक बैठक की तसवीर, सन १९४०

सन १८५७ तक, भारतवर्ष के सारे बड़े व शक्तिशाली साम्राज्यों और रियासतों(मुग़ल साम्राज्यमराठा साम्राज्यअवधमैसूरसिख साम्राज्य आदि) को अंग्रेज़ों ने युद्ध या कूटनीती से पस्त कर दिया था और भारतीय उपमहाद्वीप के ज़्यादातर हिस्सों पर अधिकार जमा लिया था। इस्के अलावा उन्होंने फ़्रान्सिसी और पुर्तगाली ईस्ट इण्डिया कंपनीयों को भी हरा कर उनका भी भारत में विस्तार रोक दिया था। १९वीं सदी के मध्य तक ब्रिटिश साम्राज्य ने भारतीय उपमहाद्वीप मैं अपनी प्रभुता व नायकत्वता(अंग्रेज़ी: hegemony) स्थापित कर ली थी और भारत में ख़ुद को एकमात्र नायक के रूप मैं स्थापिन कर लिया था। १८५७ के संग्राम के बाद अगस्त १८५८ के इलाहाबाद घोषणा के बाद ब्रिटिश सरकार ने विस्तारवादी नीती छोड़ दी और रियासतों से अब तक हुई संधि के तहत रियासतों से रिश्तों को आगे बढ़ाने की घोषणा की। रियासतों से हुए सहायक संधियों के तहत राज्यों पर ब्रिटिश ताज अधिपत्य था और राज्यों के विदेशी मामलों और सुरक्षा के लिये ज़िम्मेदार था। संधि द्वारा रियासत के शासकों को क्षेत्रिय स्वायत्तता (राजकीय शासन संभालने की स्वतन्त्रता) परन्तु यह स्वायत्तता केवल सैद्धान्तिक थी, वास्तव में रजवाड़ों के आंतरिक मामलों में ब्रिटिशों का काफ़ी प्रभाव व हस्तक्षेप था।

ब्रिटिश सरकार हर राज्य के लिये एक स्थायी अफ़सर नियुक्त करती थी जिसे रेसीडेंट(अंग्रेज़ी: Resident) कहा जाता था। “रेसिडेंट ” एक राजनयिक पद्धती थी जो रजवाड़ों में ब्रिटिश सरकार के दूतों को दिया जाता था। रेसिडेंट ब्रिटिश सरकार द्वारा नियुक्त किये गए सलाहकार थे जिनका काम था रियासतों में ब्रिटिश सरकार का प्रतिनिधितव करना और शासकों के सामने ब्रिटिश हितों को रखना। १९४७ तक केवल चार राज्यों, जो सबसे विशाल और महत्वपूर्ण थे, में रेसिडेंट बचे थे जबकी अन्य सभी छोटे राज्यों समूहों में वर्गीकृत कर दिया गया। इन समूहों को “एजेंसी” कहा जाता था जेसे की “राजपूताना एजेंसी”, “सेंट्रल इण्डिया एजेंसी” और “बलूचिस्तान एजेंसी”। महत्वपूर्ण राजायों को सलामी राज्य का दरजा दिया जाता था।

१९२० में रियासतों का प्रतिनिधात्व करने के लिये “नरेन्द्र मंडल” की स्थापना की गई जो शासकों के लिये ब्रिटिश सरकार से अपनी आशाओं और आकांशाओं को प्रस्तुत करने का एक मंच था। इस्की बैठक “संसद भवन” के सेंट्रल हाॅल में होती थी। इसे १९४७ में विस्थापित कर दिया गया।

१९४७ में भारत की आज़ादी के समय अंग्रेज़ सरकार ने “इण्डियन इन्डिपेंडेंस ऐक्ट” के तहत सभी रियासतों को ३ विकल्पों के साथ छोड़ा था भारत या पाकिस्तान में विलय या स्वतन्त्र रहना। अधिकतर राज्यों ने भारत या पाकिस्तान में विलय को स्वीकार कर लिया सिवाए हैंदराबाद, जुनागढ़, जम्मू-कश्मीर, बिलासपुर, भोपाल और त्रावणकोर के जिन्होंने पहले आज़ाद रहने का फ़ैसला लिया था। पर बाद में इन सभी राज्यों को भारत या पाकिस्तान में मिला लिया गया। नव स्वतंत्र भारत में एजेंसियों को ” भाग-B ” के राज्यों का दर्जा दिया गया (उदाहरणस्वरूप: “सेंट्रल इण्डिया एजेंसी” बन गया “मध्य भारत राज्य“)। इन राज्यों के मुखिया को राज्यपाल नहीं राजप्रमुख कहा जाता था। १९६२ तक “राज्य पुनर्गठन अयोग” के सुझाव पर अमल करते हुए भारत सरकार ने राज्यों को पुनर्गठित कर मौजूदा स्थिति में लाया। परिणामस्वरूप सारी रियासतों को स्वतंत्र भारत के राज्यों में विलीन कर लिया गया। इस तरह रियासतों का अंत हा गया।

अंतिम बचा राज्य सिक्किम को भी १६ मई १९७५ में जनमत-संग्रह के पश्चात भारत में शामिल कर लिया गया था, जिसमें सिक्किम के लोगों ने भारी मतों से इस्के लिये वोट दिया।

1947 में रियासतों की सूची

व्यक्तिगत रेसिडेंसीयों की सूची

रियासत का नामरेसिडेंटवर्तमान देशों का भागअंतिम शासक
 हैदराबादरेसिडेंसी तेलंगानामहाराष्ट्रछत्तीसगढ़ और कर्नटक, भारतउस्मान अलि ख़ानअसफ़ जाह अष्टम
 जम्मू और कश्मीररेसिडेंसी जम्मू और कश्मीर, भारत; आज़ाद कश्मीर, पाकिस्तान;
गिलगित-बल्तिस्तान, पाकिस्तान;
 शिंजियांगचीन
महाराज हरि सिंह
 मैसूररेसिडेंसी कर्नाटक, भारतश्री जयचामराजेंद्र वडियार
 सिक्किमरेसिडेंट सिक्किम, भारतचोग्याल वांग्चूक् नामग्याल
 त्रावणकोरमद्रास प्रेसिडेंसी के अंतरगत स्थाई रेसिडेंट केरल और तमिल नाडु के 5 तालुकत्रावणकोर के महाराज, श्री पद्मनाभ दास श्री चित्थिरा थिरुनाल बलराम वर्मा वंचि पाल महाराज मारतंड वर्मा पंचम, श्री उथ्रडोम थिरुनाल कुलशेखरा कीर्तिपती मन्नेय सुल्तान महाराज राजा रामराज बहादुर शमशेर जंग

बलूचिस्तान एजेंसी

[1]

रियासत का नामराज्य का पदवर्तमान देशों का भागअंतिम शासक
 कलातरजवाड़ाबलूचिस्तान, पाकिस्तानख़ान-ए-कलात, बग़लर बेग़ी मीर आग़ा सुलैमान जान
 खारानरजवाड़ाबलूचिस्तान, पाकिस्तानहबीबुल्लाह ख़ान
 लास बुलारजवाड़ाबलूचिस्तान, पाकिस्तानलाॅस बुला के आमिर और जाम, मीर मुहम्मद यूसुफ़ ख़ान
 मकरानरजवाड़ाबलूचिस्तान, पाकिस्तानबाई ख़ान बलोच गिकची

काठीयाव़ाड एजेंसी

[2] काठीयाव़ाड एजेंसी की रियासते।

रियासत का नामराज्य का पदवर्तमान देश का भागअंतिम शाशक
 ध्रोल राज्यरज़वाडाकाठीयाव़ाड,भारत ठाकोर साहेब श्री श्री चंद्रसिंहजी जाडेजा
 नवानगर रियासतरज़वाडाकाठीयाव़ाड,भारत जाम साहेब श्री श्री शत्रुशैल्यसिंहजी जाडेजा
 राजकोट रियासतरज़वाडाकाठीयाव़ाड,भारत ठाकोर साहेब श्री प्रद्युमनसिंहजी जाडेजा
 गोंडल (रियासत)रज़वाडाकाठीयाव़ाड,भारतठाकोर साहेब श्री भगवतसिंहजी जाडेजा
 मोरबी रियासतरज़वाडाकाठीयाव़ाड,भारत ठाकोर साहेब श्री लगधीरसिंहजी जाडेजा
 मकाजी मेधपर (रियासत)राज्य भायाती गांवकाठीयाव़ाड,भारत ध्रोल राज्य

दक्खन राज्य एजेंसी एवं कोल्हापुर रेसिडेंसी

नामएजेंसी/रेसिडेंसीमौजूदा हिस्साअंतिम शासक
 अक्कालकोटरियासत महाराष्ट्रभारतअक्कालकोट की रानी साहेब, श्रीमंत रानी सुमित्रा बाई राजे भोंसले
 औंधरियासत महाराष्ट्रभारतऔंध के पंत प्रतिनिधी, मैहरबां श्रीमंत भगवंतराव श्रीपतराव
 भोररियासत महाराष्ट्रभारतराजा श्रीमंत सर रघुताथराव खोपडे देशमुख
 जमखंडीरियासत कर्नाटकभारतराजा साहेब श्रेमंत राजा राजाप्रणै राव परषुरामराव पटवरधन
 जंजीरा रियासतरियासत महाराष्ट्रभारतजंजिरा के नवाब, सिदि मुहम्मद ख़ान (द्वितीय)
 जथरियासत महाराष्ट्रभारतल्यूटेनेन्ट श्रीमंत राजा विजयसिंहराव रामराव बाबासाहेब दाफ़ले
 कोल्हापुररियासत महाराष्ट्रभारतकोल्हापुर के महाराज, छत्रपती महाराज साहब बहादुर श्रीमंत राजश्री शाहु (द्वितीय) भोंसले
 कुरुन्दवाद (वरिष्ठ)रियासत महाराष्ट्रभारतकुरुन्दवाद वरिष्ठ के राजा श्रीमंत भालचंद्रराव चिंतामनराव पटवर्धन
 कुरुन्दवाद (कनिष्ठ)रियासत महाराष्ट्रभारतकुरुन्दवाद कनिष्ठ के राजा, राजा श्रीमंत हरिहर्राव रघुनाथराव पटवर्धन
 मुधोलरियासत कर्नाटकभारतश्रीमंत राजा भैरवसिंहराव मलोजीराव घोरपडे (द्वितीय)
 फलटणरियासत महाराष्ट्रभारतमेजर राजा बहादुर श्रीमंत राम राजे नाइक निम्बलकर
 सांगलीरियासत महाराष्ट्रभारतकैप्टन श्रीमंत राजा साहेब सर चिंतामनराव (द्वितीय) धूंदिडिराजराव अप्पासाहेब पटवरधन
 सवानुररियासत कर्नाटकभारतसवानुर के नवाब, अब्दुल माजिद ख़ान (द्वितीय)
 सावंतवाडीरियासत महाराष्ट्रभारतभोंसले कुल

ग्वालियर रेसिडेंसी (मराठा)

ग्वालियर रेसिडेंसी के राज्यों की सूची।

राज्य का नामएजेंसी/रेसिडेंटवर्तमान भागअंतिम शासक
 ग्वालियररियासत मध्य प्रदेशभारतमहाराज जिवाजी राव सिंधिया
 गढ़ा राज्यरियासत मध्य प्रदेशभारत
 खनियाधानारियासत मध्य प्रदेशभारत
 रामगड़ी रियासतरियासत उत्तर प्रदेशभारतदीवान महादेव मिश्रा[3]
 राजगढ़रियासत मध्य प्रदेशभारतमहारानी सुशीला सिन्हा रुद्राणी
 रामपुररियासत उत्तर प्रदेशभारतरामपुर के नवाब, नवाब सईयद मुहम्मद क़ाज़ीम ‘अलि ख़ान बहादुर

मद्रास प्रेसिडेंसी की रियासतें[संपादित करें]

रियासतका नामराज्य का पदवर्तमान देशोंका भागअंतिम शासक
 बनगानपल्लीरियासत आंध्र प्रदेश, भारतबनगानपल्ली के नवाब, नवाब सईयद फ़ज़ल्-ए-अलि ख़ान चतुर्थ बहादुर
 कोच्चिरियासतकेरल, भारतकेरल वर्मा
 पुदुकोट्टई राज्यरियासत तमिलनाडु, भारतपुदुकोट्टई के महाराज, राजागोपाल तोंडईमान
 संदूररियासत कर्नाटक, भारतसंदूर के राजा, हिन्दुराव, मम्लुक्तमदार सेनापति, श्रीमंत महाराज श्री मुरर्राव यश्वंतराव घोरपडे

उत्तर-पष्चिमी सीमांत राज्य एजेंसी के राज्य

राज्य का नामपद/वर्गिकरणवर्तमान भागअंतिम शासक
 अम्बरियासत. ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, पाकिस्ताननवाब मुहम्मद सईद ख़ान
 चित्रालरियासत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, पाकिस्तानमेहतार सैफ़-उल्-मुक़ नसिर
 दिररियासत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, पाकिस्तानमुहम्मद शाह खोसरू ख़ान
 फुलरारियासत रियासत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, पाकिस्तानख़ान अटा मुहम्मद ख़ान
 स्वातरियासत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, पाकिस्तानमियांगुल अब्दुल्-हक़ जहांज़ीब

गिलगित एजेंसी के राज्य

हुंज़ा और नगर रियासतों समेत गिलगित एजेंसी के कई जागीर जम्मू और कश्मीर के महाराज के आधीन थे।

रियासत का नामरियासत के समूह का नामवर्तमान देशों का भागअंतिम शासक
 हुन्ज़ागिलगित एजेंसी गिलगित-बल्तिस्तान, पाकिस्तानमौहम्मद जमाल ख़ान
 नगर रियासतगिलगित एजेंसी गिलगित-बल्तिस्तान, पाकिस्तानशौक़त अली ख़ान

सिंध प्रांत के राज्य

रियासत का नामरायासत का पदवर्तमान देशों का भागअंतिम शासक
 ख़ैरपुर रियासतरियासत सिंध, पाकिस्तानज्यौर्ज अलि मुरद ख़ान

पंजाबी राज्य एजेंसी

नामरेसिडेंसी/एजेंसीमौजूदा भागअंतिम शासक
 बहावलपुररियासत पंजाबपाकिस्ताननवाब सादीक़ मोहम्मद ख़ान (पंचम)
 बिलासपुररियासतहिमाचल प्रदेशभारतबिलास्पुर के राजा कीर्तिचंद
 फ़रीदकोटरियासत पंजाबभारतफ़रीदकोट के राजा, कर्नल महामहिं फ़र्ज़न्द-ए-सादत्-ए-निशान-ए-हज़रत-ए-कैसर-ए-हिंद राजा सर हरिंदर सिंह ब्रार बंस सहब बहादुर
 जिंदरियासत पंजाब और हरयाणाभारतजिंद के महाराज, महाराजा सतबीर सिंह (राजकुमार सनी)
 कल्सिया.रियासत हरयाणाभारतराजा हिम्मत शेर सिंह साहब बहादुर
 कांगड़ारियासत हिमाचल प्रदेशभारतराजा आदित्यदेवचंद कटोच्छ
 कपूरथलारियासत पंजाबभारतब्रिगेडियर महाराज सर सुखजीत सिंह साहीब बहादुर, कपूरथला के महाराज
 लोहारूरियासत हरयाणाभारतलोहारु के नवाब, नवाब मिर्ज़ी अलाउद्दीन अहमद ख़ान (द्वितीय)(परवेज़ मिर्ज़ा)
 मलेरकोट्ला (रियासत)रियासत पंजाबभारतमहामहिं नवाब मुहम्मद इफ़तिक़ार अली ख़ा बहादुर
 मण्डीरियासत हिमाचल प्रदेशभारत
 नाभारियासत पंजाबभारतनाभा के महाराज, महाराज श्री प्रताप सिंह मालवेन्द्र बहादुर
 पटियालारियासत पंजाबभारतमहाराजाधिराज सर यादवेंद्र सिंह महेंद्र बहादुर
 सिर्मूररियासत हिमाचल प्रदेशभारतल्यूटेनेन्ट महाराज राजेन्द्र प्रकाश बहादुर
 सुकेत/ सुरेंद्रनगररियासत हिमाचल प्रदेशभारतसुकेत के राजा, हरी सेन
 टिहरी गढ़वालज़मीनदारी उत्तराखंडभारतमहाराज मनुजेन्द्र शाह साहब बहादुर

राजपूताना एजेंसी

राजपूताना एजेंसी के राज्यों की सूचि।

नामरेसिडेंट या एजेंटवर्तमान भागअंतिम शासक
 अलवररियासत राजस्थानभारतअलवर के महाराज, राज ऋषी श्री सवाई महाराज जीतेंद्र प्रताप सिंहजी वीरेंद्र शिरोमणीं देव भरत प्रभाकर बहादुर जीतेंद्र सिंह
बाँसवाड़ारियासत राजस्थानभारतबाँसवाड़ा के महारावल, राज रयान महिमेंद्र महाराजाधिराज महारावलजी साहब श्री जगमालजी (द्वितीय) बहादुर, नरेश राज्य
 भरतपुररियासत राजस्थानभारतमहाराजा ब्रजेंद्र सिंह
 बीकानेररियासत राजस्थानभारतबीकानेर के महाराज एवं बीकानेर के शाही घराने के मुखिया, श्री राज राजेश्वर महाराजाधिराज नरेंद्र सवाई महाराज शिरोमणीं रवि राज सिंहजी बहादुर
 बूंदीरियासत राजस्थानभारतकर्नल महाराव राजा श्री बहादुर सिंहजी बहादुर
 धौलपुररियासत राजस्थानभारतधौलपुर के महाराज राणा, महामहिं महाराजाधिराज श्री सवाई महाराज राणा श्री हेमन्त सिंह, लोकेन्द्र बहादुर, दिलेर जंग जय देव
 डूंगरपुररियासत राजस्थानभारतडुंगरपुर के महारावल, राय-ए-रय़ान, महिमहेंद्र, महाराजाधिराज महारावल श्री महिपाल सिंहजी (द्वितीय) साहिब बहादुर
 जयपुररियासत राजस्थानभारतमहामहिं सारामद-ए-राजाहई हिंदुस्तान राज राजेन्द्र श्री महाराजाधिराज सर सवाई महाराज सवाई मान सिंह (द्वितीय)
 जैसलमेररियासत राजस्थानभारतमहाराजाधिराज महारावल सर जवाहर सिंह बहादुर
 झालावाड़रियासत राजस्थानभारतझालावाड़ के महाराज राणा, महाराजाधिराज महाराज राणा श्री चन्द्रजीत सिंह देव बहादुर
 जोधपुररियासत राजस्थानभारतराजराजेश्वर सरामद-ए-राजाह्-ए-हिंदुस्तान महाराजाधिराज श्री गज सिंहजी (द्वितीय) साहब बहादुर
 करौलीरियासत राजस्थानभारतमहाराजा श्री गणेश पाल देव बहादुर यदकुल चन्द्रभाल
 किशनगढ़रियासत राजस्थानभारतउम्दए राजहे बुलंद मकान महाराजाधिराज महाराज सुमेर सिंहजी बहादुर
 कोटारियासत राजस्थानभारतमहाराव श्री भीम सिंह (द्वितीय) बहादुर
 कुशलगढ़रियासत राजस्थानभारतराव हरेंद्र सिंह
 लवा-सरदारगढ़रियासत राजस्थानभारत
 मेवाड़रियासत राजस्थानभारतमाहाराणा सर भूपाल सिंह
 तोरावटीरियासत राजस्थानभारतराव वीर विक्रम सिंह तंवर
 प्रतापगढ़रियासत राजस्थानभारतराजा अजीत प्रताप सिंह
 शाहपुरारियासत राजस्थानभारतराजाधिराज सुदर्शन सिंह
 सिरोहीरियासत राजस्थानभारतमहाराव रघुबीर सिंह
 टोंकरियासत राजस्थानभारतनवाब फ़ारुख़ अली ख़ान

गुजराती राज्य एजेंसी एवं बरोडा रेसिडेंसी

बडोदा के मराठा महाराज, महामहिं सयाजीराव महाराज गयकवाड़ (तृतीय) द्वारा बनवाया वदोदरा का शानदार लक्ष्मीविलास राजमहल

सबरकांथा एजेंसी

मध्य भारत एजेंसी के राज्यों की सूचि

मराठा साम्राज्य के होल्कर शाही वंश द्वारा बनवाया इंदौर का शानदार राजवाड़ा राजमहलमध्य प्रदेश स्थित, और्छा राजमहल

पूर्वी राज्य एजेंसी के राज्यों की वर्गित सूचि

कुचबिहार राजमहलकुचबिहारउज्जयंत महल, अगरतला, त्रिपुरापूर्व ताचेर रियासत का राजमहल

पूर्वी राज्य एजेंसी का गठन सन1933 में ओड़िसा, छत्तिसगढ़ और बिगाली राज्यों की एजेंसिसों के विलय द्वारा हुआ था। इसके अंतर्गयत ओड़िसा, छत्तिसगढ़ और बंगाल एजेंसियों (अर्थात पूर्वी भारत की सारी रियासतें) के सारे राज्य आते थे।

ओड़िसा राज्य एजेंसी

छत्तिसगढ़ी राज्य एजेंसी

बंगाल राज्य एजेंसी]

कंपनी राज के दौरान पूरी तरह से विलित राज्य

इन्हें भी देखें: विलय का सिद्धान्त

Ac (१८४२)

A

इन्हें भी देखें

बाहरी कड़ियाँ

सन्दर्भ

  1.  “संग्रहीत प्रति”. मूल से 11 जून 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 जुलाई 2015.
  2.  http://www.wikipedia.org/wiki/List_of_princely_states_of_India
  3.  http://www.almanachdegotha.org/id242.html Archived 14 मई 2015 at the वेबैक मशीनhttp://internationalnobilityregister.page.tl/Princely-states-of-India.htm Archived 4 अप्रैल 2015 at the वेबैक मशीन.
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