A Child is born

Summary- Germaine Greer in Hindi & English (Bihar Board)

“A Child is Born” has been written by Germaine Greer(1939). She was one of the greatest writers of her time. She wrote many stories and essays. This is one of them. She has explained the birth of a child.
                        According to Germaine Greer, There are many ways—Some of them are different from one-another. A woman who follows tradition and culture. Her wishes will be fulfilled successfully. She will always feel good. Some educated women believe in superstition(सुप्स्टिशन). They take the help of unscientific, which is really bad. The method of old delivery is also harmful. If a child is dead due to a mother. It is mostly seen in old delivery(प्रस्व).
                There is a good example of Bangladesh. If a woman’s parents are alive, then she goes to her mother’s house for the last few months of her Pregnancy and remains there. She gets a lot of love and care. Under-five and six years children do not play with toys(टोएज). They play with natural objects.
With the help of this essay, she has motivated to whole mothers.

 हिन्दी में 

“A Child is Born” Germaine Greer(जर्मन ग्रीर) (1939) द्वारा लिखी गया है। वह अपने समय की सबसे बड़ी लेखिका थीं। उन्होने कई कहानियाँ और निबंध लिखी। यह उनमें से एक है। इस निबंध में उन्होंने बच्चे के जन्म के बारे में बताया है।
            जर्मन ग्रीर के अनुसार, कई तरीके हैं- उनमें से कुछ एक-दूसरे से भिन्न हैं। एक महिला जो परंपरा और संस्कृति का पालन करती है। उसकी इच्छाएँ सफलतापूर्वक पूरी होंगी। वह हमेशा अच्छा महसूस करेगी। कुछ पढ़ी-लिखी महिलाएं अंधविश्वास (सुप्स्टिशन) में विश्वास करती हैं। वे अवैज्ञानिकता की मदद लेती हैं, जो वास्तव में बुरा है। पुरानी डिलीवरी का तरीका भी हानिकारक है। अगर माँ की वजह से कोई बच्चा मरता है तो यह ज्यादातर पुरानी डिलीवरी (प्रवास) में देखा जाता है। 
            बांग्लादेश का एक अच्छा उदाहरण है। यदि किसी महिला के माता-पिता जीवित हैं, तो वह अपनी गर्भावस्था के अंतिम कुछ महीनों के लिए अपनी माँ के घर जाती है और वहीं रहती है। वहाँ उसे बहुत प्यार और देखभाल मिलती है। पांच और छह साल से कम उम्र के बच्चे खिलौने (टोएज) के साथ नहीं खेलते हैं बल्कि वे प्राकृतिक वस्तुओं के साथ खेलते हैं। अत: इस निबंध की मदद से, उन्होने सारी माताओं को प्रेरित किया है।

A Child is Born Summary

In English

A Child is Born” is written by the world-famous feminist Australia writer named Germaine Greer. In this prose, Germaine Greer describes many differences between a traditional and modern society in the matters of pregnancy and how to celebrate the birth of the child in both societies?

A pregnant woman of the traditional society in the west does not feel herself alone while she is pregnant because in western society the pregnant mom gets too much respect by her family members and other people. In traditional western society, mom is called by the name of her first child after childbirth. The newly born infant is taken care of by all the members of society.

So, at last, the permission is given by the boy’s mom to go to her mother’s house for the last months of her pregnancy and about the first three months of the baby’s life for better care. So western society are respected and praised too much for their such courage. In traditional western society, the childbirth is celebrated as a ceremony. Many people attend this party with some gifts to see the child and to congratulate that mom.

While In modern western society, pregnant woman has to take care of herself under the guidance of nurses and doctors. In west child is only born to fulfil the needs of parents. So the modern western pregnant woman has to bear all the pains during childbirth and child-rearing.

There is no such system in modern western society. So, we can say that western society is far better than western modern society in the matter of childbirth and child care.

एक बच्चा का जन्म सारांश

हिंदी में

एक बच्चा का जन्म” विश्व प्रसिद्ध नारीवादी ऑस्ट्रेलियन लेखक जर्मेन ग्रीर द्वारा लिखा गया है। इस गद्य में, जर्मेन ग्रीयर ने गर्भावस्था के मामलों में पारंपरिक और आधुनिक समाज के बीच कई अंतरों का वर्णन किया है और साथ ही दोनों समाजों में बच्चे के जन्म का जश्न कैसे मनाया जाता है ये भी बताया है?

पश्चिम में पारंपरिक समाज की एक गर्भवती महिला गर्भवती होने के दौरान खुद को अकेला महसूस नहीं करती है क्योंकि पश्चिमी समाज में गर्भवती माँ को अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों द्वारा बहुत अधिक सम्मान मिलता है। पारंपरिक पश्चिमी समाज में, माँ को प्रसव के बाद अपने पहले बच्चे के नाम से पुकारा जाता है। नवजात शिशु का समाज के सभी सदस्यों द्वारा ध्यान रखा जाता है।

तो, अंत में, लड़के की माँ को उसकी गर्भावस्था के अंतिम महीनों (बच्चे के जन्म के तीन महीनें पहले बेहतर देखभाल) में उसकी माँ के घर जाने की अनुमति दी जाती है। इसलिए पश्चमी समाज का सम्मान किया जाता है और उनके ऐसे साहस के लिए बहुत प्रशंसा की जाती है। पारंपरिक पश्चमी समाज में, बच्चे के जन्म को एक समारोह के रूप में मनाया जाता है। कई लोग इस पार्टी में शामिल होते हैं और बच्चे को देखने और उसकी माँ को बधाई देने के लिए कुछ उपहार भी देते है।

जबकि आधुनिक पश्चिमी समाज में, गर्भवती महिला को नर्सों और डॉक्टरों के मार्गदर्शन में खुद का ख्याल रखना पड़ता है। माता-पिता की जरूरतों को पूरा करने के लिए ही आधुनिक समाज में बच्चे का जन्म होता है। तो आधुनिक गर्भवती महिला को प्रसव और बच्चे के पालन-पोषण के दौरान सभी दर्द सहन करने पड़ते हैं।

आधुनिक पश्चिमी समाज में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए हम कह सकते हैं कि पारंपरिक पश्चमी समाज बच्चे के जन्म और बच्चे की देखभाल के मामले में पश्चिमी आधुनिक समाज से बेहतर है।

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *