Indian Civilization and Culture

Summary In English

Indian Civilization And Culture” is a remarkable essay written by our father of nation Mahatma Gandhi. In this essay, he compares Indian Civilization to the Civilization of the West and finds it superior to all.

Our Indian Civilization is the most ancient, the most vital and the longest surviving of all civilization in the world. So, our civilization can teach the world. Therefore, we need not copy of Western civilization.

According to Gandhiji, “Mind is a restless bird, the more it gets the more it wants still it remains always unsatisfied.” The more we indulge in our passion the more our mind becomes uncontrolled.

Lastly, Gandhiji says that it behoves every lover of India to clings to the old Indian Civilization even as a child clings to his mother’s breast.

भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता सारांश

हिंदी में

भारतीय सभ्यता और संस्कृति” हमारे राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी द्वारा लिखित एक उल्लेखनीय निबंध है। इस निबंध में, वे भारतीय सभ्यता की तुलना पश्चिम की सभ्यता से करते है और इसे सभी से बेहतर पाते हैं।

हमारी भारतीय सभ्यता दुनिया की सभी सभ्यताओं में सबसे प्राचीन, सबसे महत्वपूर्ण और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली है। इसीलिए, हमारी सभ्यता दुनिया को सिखा सकती है। अतः हमें पश्चिमी सभ्यता की नकल करने की आवश्यकता नहीं है।

गांधीजी के अनुसार, “मन एक बेचैन पक्षी के सामान है, जितना अधिक इसे प्राप्त होता है उतना ही अधिक यह चाहता है फिर भी यह हमेशा असंतुष्ट रहता हैं” जितना अधिक हम अपने जुनून में लिप्त होते हैं उतना ही हमारा मन अनियंत्रित हो जाता है।

अंत में, गांधीजी का कहना है कि भारत के हर प्रेमी को पुरानी भारतीय सभ्यता से ऐसे चिपके रहना चाहिए जैसे एक बच्चा अपनी माँ के स्तन से चिपका रहता है।


Indian Civilization and Culture Summary in English

“Indian Civilization and Culture” has been written by Mahatma Gandhi. He wrote many stories, essays. This is one of them.

In this essay, he has tried to distinguish between Indian Civilization and Modern Civilization. According to him, Modern Civilization teaches the lesson of materiality while Indian Civilization teaches that ‘Simple living and High Thinking’.

Our ancestors followed the principle and lived a happy life. They did not run behind money and that is why they were satisfied. In Modern civilization, people have become greedy.

According to Mahatma Gandhi, “Mind is a restless bird, the more it gets the more it wants and still remains unsatisfied”.

 (हिन्दी में)

“भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति” हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के द्वारा लिखा गया हैं। उन्होंने बहुत सारी कहानियाँ और लेखों को लिखा है। यह उनमें से एक हैं।

इस लेख में उन्होंने भारतीय संस्कृति और आधुनिक संस्कृति के बीच अंतर बताने का प्रयास किया हैं। उनके अनुसार आधुनिक संस्कृति हमें वस्तुवाद का पाठ पढ़ाती हैं जबकि भारतीय संस्कृति हमें साधारण जीवन जीने और उच्च विचार रखनें (या सोचने) का पाठ पढ़ाती हैं। 

हमारे पूर्वज सिद्धांतो का अनुसरण किये और एक सुखद जीवन व्यतीत किये। वे पैसों के पीछे नहीं भागे और यही कारण है कि वे संतुष्ट थे। भारतीय संस्कृति में लोग लालची बन गए हैं।

महात्मा गाँधी के अनुसार, “मन एक बैचेन पक्षी के सामान होता हैं, यह जितना पता है उससे कहीं ज्यादा यह चाहता है फिर भी असंतुष्ट रहता हैं।”

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *