भारतीय नदी अन्तराबन्धन

नदी जोड़ो परियोजना

प्रस्तावित नदी जोड़ो परियोजना।
देशभारत
मन्त्रालयजल संसाधन मंत्रालय
वर्तमान स्थितिसक्रिय

नदी जोड़ो परियोजना एक बड़े पैमाने पर प्रस्तावित सिविल इंजीनियरिंग परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारतीय नदियों को जलाशयों और नहरों के माध्यम से आपस में जोड़ना है। जिससे भारत के कुछ हिस्सों में लगातार बाढ़ या पानी की कमी की समस्या को दूर किया जा सकता है।[1][2]

इस परियोजना को तीन भागों में विभाजित किया गया है: उत्तर हिमालयी नदी जोडो घटक; दक्षिणी प्रायद्वीपीय घटक और 2005 से शुरू, अंतरराज्यीय नदी जोडो घटक।[3] परियोजना को जल संसाधन मंत्रालय के अन्तर्गत भारत के राष्ट्रीय जल विकास प्राधिकरण (एनडब्ल्यूडीए) द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है। एनडब्ल्यूडीए ने हिमालयी घटक की 14 परियोजनाओं, प्रायद्वीपीय घटक की 16 परियोजनाएं, और 37 अंतरराज्यीय नदी जोड़ने परियोजनाओं पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार किया है।[4]

भारत में औसत वर्षा करीब 4,000 अरब घन मीटर है, लेकिन भारत की अधिकांश वर्षा 4 महीने की अवधि – जून से सितंबर (मानसून) के बीच होती है। हालांकि, देश भर में वर्षण समान नहीं है, पूर्व और उत्तरी में अधिक बारिश होती है, जबकि पश्चिम और दक्षिण में कम बारिश होती है।[5][6] भारत में कई बार अतिरिक्त मानसून और बाढ़ के वर्ष, और इसके बाद औसत या देर से मॉनसून के साथ सूखा कि स्थिति भी देखने को मिलती है। इस भौगोलिक और समय के विचरण में प्राकृतिक पानी की उपलब्धता बनाम सिंचाई, पेय और औद्योगिक गतिविधि हेतु जल की वार्षिक मांग के बीच, मांग-आपूर्ति की एक बडी खाई बनी हुई है, जोकि भारत की बढ़ती आबादी के साथ और बिगड़ते जा रही है।[6]

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