86 वां संविधान संशोधन अधिनियम (शिक्षा)

86वां संविधान संशोधन विधेयक, भारतीय संविधान का एक संशोधन विधेयक है। यह विधेयक 12दिसम्बर|12 दिसंबर]], 2002 को प्रारित हुआ। इस विधेयक मे 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के सभी बच्चों को राज्य द्वारा मौलिक अधिकार के रूप में प्राथमिक शिक्षा मुफ्त देने का प्रावधान हैं। 86वें संविधान संशोधन 2002 के अंतर्गत मूल अधिकारों में (अनु० 21) सम्मिलित […]

हिन्दू विवाह अधिनियम

हिन्दू विवाह अधिनियम An Act to amend and codify the law relating to marriage शीर्षक Act No. 25 of 1955 द्वारा अधिनियमित Parliament of India अधिनियमित करने की तिथि 18 May 1955 शुरूआत-तिथि 18 May 1955 Status: प्रचलित हिन्दू विवाह अधिनियम भारत की संसद द्वारा सन् १९५५ में पारित एक कानून है। इसी कालावधि में तीन अन्य महत्वपूर्ण कानून पारित […]

सातवीं अनुसूची

इस लेख में सत्यापन हेतु अतिरिक्त संदर्भ अथवा स्रोतों की आवश्यकता है।कृपया विश्वसनीय स्रोत जोड़कर इस लेख में सुधार करें। स्रोतहीन सामग्री को चुनौती दी जा सकती है और हटाया भी जा सकता है। (नवम्बर 2018) भारत के संविधान में राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के मध्य मुद्दों अथवा अधिकारों के बंटवारे के लिए विभिन्न अनुसूचियाँ परिभाषित की गयी हैं। […]

सांसद (भारत)

भारत में संसद सदस्य देश के संसद में सेवा करने वाले व्यक्तियों को संदर्भित करता है। भारत में, भारतीय संसद के सभी सदस्यों के लिए सांसद शब्द का प्रयोग किया जाता है, इसमें शामिल है: सांसद, लोकसभा (अंग्रेज़ी: Member of Parliament, Lok Sabha) भारतीय संसद का सदस्य होता है एवं लोकसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, जो भारत के संसद का निचला सदन हैं। […]

समवर्ती सूची

निम्न विषय पर आधारित एक श्रृंखला का हिस्सा भारत का संविधान उद्देशिका भाग[दिखाएँ] अनुसूचियाँ[दिखाएँ] परिशिष्ट[दिखाएँ] संशोधन[दिखाएँ] सम्बन्धित विषय[दिखाएँ] देवासं समवर्ती सूची अथवा तीसरी-सूची(सातवीं अनुसूची) भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची में दिये गये 52 विषय (हालांकि अन्तिम विषय को 47वाँ स्थान दिया गया है) की सूची है। इसमें राज्य सरकार और केन्द्र सरकार दोनों के साझा अधिकारों को वर्णित किया गया है। विधायी […]

केन्द्र-राज्य संबंध

निम्न विषय पर आधारित एक श्रृंखला का हिस्सा भारत का संविधान उद्देशिका भाग[दिखाएँ] अनुसूचियाँ[दिखाएँ] परिशिष्ट[दिखाएँ] संशोधन[दिखाएँ] सम्बन्धित विषय[दिखाएँ] देवासं केंद्र-राज्य संबंध से अभिप्राय किसी लोकतांत्रिक राष्ट्रीय-राज्य में संघवादी केंद्र और उसकी इकाइयों के बीच के आपसी संबंध से होता है। विश्व भर में लोकतंत्र के उदय के साथ राजनीति में केंद्र-राज्य संबंधों को एक नई परिभाषा मिली है। […]

संघ सूची

निम्न विषय पर आधारित एक श्रृंखला का हिस्सा भारत का संविधान उद्देशिका भाग[दिखाएँ] अनुसूचियाँ[दिखाएँ] परिशिष्ट[दिखाएँ] संशोधन[दिखाएँ] सम्बन्धित विषय[दिखाएँ] देवासं संघ सूची भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची में वर्णित कुछ विषयों की सूची है जिसमें दिये गये विषयों पर केवल केन्द्र सरकार कानून बना सकती है। संविधान लागु होने के समय इसके अंतर्गत 97 विषय थे परंतु वर्तमान में 100 विषय है৷ […]

राज्यपाल (भारत)

अधिक जानकारी के लिए देखें: भारतीय राज्यों के वर्तमान राज्यपालों की सूची भारत का संविधान संघात्मक है। इसमें संघ तथा राज्यों के शासन के सम्बन्ध में प्रावधान किया गया है। संविधान के भाग 6 में राज्य शासन के लिए प्रावधान है। राज्य की भी शासन पद्धति संसदीय है। राज्यपाल की नियुक्ति राज्यों में होती है तथा केंद्र प्रशासित […]

राज्य मंत्री

मंत्री पद की शपथ के लिये व्यक्ति को दोनो सदनो में से किसी की सदन का सदस्य होना अनिवार्य है अथवा 6 महिने के अन्दर किसी भी सदन का सदस्य बनना पडता है । राज्यमंत्रीी एक केबिनेट मंत्री के सहायक के रूप में कार्य करता है और कैबिनेट के मीटिंग में भाग नही ले सकता […]

मूल कर्त्तव्य

संविधान के पुनरीक्षण के लिए गठित स्वर्ण सिंह समिती की रिपोर्ट के आधार पर १९७६ में ४२वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में भाग ४-क तथा अनुच्छेद ५१-क को जोड़कर १० मूल कर्त्वयों को शामिल किया गया। मूल कर्त्तव्यों का वर्गिकरण नैतिक कर्त्तव्य राजनीतिक कर्त्तव्य विशेष कर्त्तव्य श्रेणियाँ:  भारत का संविधान भारत सरकार