जलालाबाद (शाहजहाँपुर)

जलालाबाद (शाहजहाँपुर्)
—  नगर  —
 जलालाबाद (शाहजहाँपुर्) 
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देशFlag of India.svg भारत
राज्यउत्तर प्रदेश
ज़िलाशाहजहाँपुर
जनसंख्या31,112 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
• ऊँचाई (AMSL)

• 133 मीटर (436 फी॰)

निर्देशांक27.12°N 79.78°Eजलालाबाद (शाहजहाँपुर) (अंग्रेजी: Jalalabad (Shahjahanpur), उर्दूجلال آباد (Jalālābādशाहजहाँपुर जिले का एक प्रमुख ऐतिहासिक नगर है जिसकी देखरेख यहाँ की नगरपालिका करती है। यह नगर भारतवर्ष के राज्य उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत आता है। जलालाबाद सिर्फ़ एक नगर ही नहीं बल्कि शाहजहाँपुर जिले की तहसील भी है।

इतिहास

१९८८ के शाहजहाँपुर डिस्ट्रिक्ट गजेटियर के पृष्ठ १२ पर दिये गये प्रमाणों[1]के अनुसार जलालाबाद स्थित जमदग्नि आश्रम तथा उससे आधे मील दूर रामताल के समीप परशुराम के मन्दिर में परशुराम का फरसा[2] आज भी देखा जा सकता है। इसी नगर का अति प्राचीन तिकोला देवी मन्दिर द्वापर कालीन बताया जाता है। प्रचलित जनश्रुति के अनुसार पाण्डवों ने अज्ञातवास के समय अपने कुछ दिन यहाँ पर रहकर बिताये थे[3]

भौगोलिक स्थिति

भारत के मानचित्र पर जलालाबाद की स्थिति 27.12°N 79.78°E[4] है। यह समुद्र तल से 133 मीटर (436 फुट) की ऊँचाई पर स्थित है।

साँख्यकीय आँकडे

भारतवर्ष की वर्ष 2001 की जनगणना[5]के अनुसार इस नगर में कुल जनसंख्या के 53% पुरुष व 47% स्त्रियाँ थीं। यहाँ की औसत साक्षरता दर 50% थी जो उस समय के राष्ट्रीय औसत 59.5% से कम थी। पुरुषों में यह दर 58% और स्त्रियों में 42% थी। कुल जनसंख्या का 18% उन बच्चों का था जो 6 वर्ष से कम आयु के थे।

व्यापारिक सम्भावनायें

लखनऊकानपुर तथा बरेली महानगरों के मध्य बसे होने के कारण यह नगर पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश को सडक मार्ग से सीधा जोडता है। समीपवर्ती शहर फर्रुखाबाद होने से इसका महत्व और भी बढ जाता है क्योंकि फर्रुखाबाद में आलू की उपज प्रचुर मात्रा में होती है। यदि यहाँ पर मेगा फूड पार्क स्थापित हो जाये तो किसानों की मौज आ जाये। गेहूँ व चावल के अतिरिक्त आम व अमरूद के उत्पादन का सीधा लाभ उन्हें मिल सकता है।.

प्रमुख मन्दिर व ऐतिहासिक स्थल

भगवान परशुराम का एक पौरोणिक चित्र (अपने फरसे के साथ)

हिन्दू मान्यता के अनुसार यह नगर भगवान परशुराम की जन्मस्थली है। यहाँ स्थित उनके पिता महर्षि जमदग्नि आश्रम के निकट बनी रेणुका कुटी में उनका जन्म हुआ था ऐसा कहा जाता है। इसी कारण कुछ विद्वान इसे परशुराम पुरी के नाम से भी सम्बोधित करने लगे हैं। बहरहाल यहाँ के कुछ प्रमुख मन्दिर व ऐतिहासिक स्थल इस प्रकार हैं:.

मस्जिदें व दरगाह

  • हजरत निजामशाह दरगाह
  • जामा मस्जिद यूसुफ ताल
  • चौपालवाली मस्जिद यूसुफ जई
  • शहीद अहमदयार खाँ की मजार रामताल रोड

नदियाँ

गंगारामगंगाबैगुल एवं खदरी – ये चार नदियाँ इसके भौगोलिक क्षेत्र से होकर गुजरती हैं।

पेट्रोल पम्प

यहाँ पर भारतीय तेल कम्पनी इण्डियन आयल के तीन तथा बहुराष्ट्रीय कम्पनी एस्सार का एक अधिकृत पेट्रोल पम्प है। 1) Mohan filing station, Gunara Mod 2) Kanti filing station, Baraily Road 3) Kargil shahid Ramesh chandra filing station

ऐतिहासिक कालेज

सुप्रसिद्ध कांग्रेसी नेता व स्वतन्त्रता सेनानी प्रेमकृष्ण खन्ना ने अपने घनिष्ठ मित्र और क्रान्तिकारी आन्दोलन के सूत्रधार पं० राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ के विचारों से प्रेरणा प्राप्त कर आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया और अपने जनपदीय कार्यक्षेत्र शाहजहाँपुर में आधा दर्जन प्रकल्प[6] खडे कर दिये जिनमें सबसे पहला प्रकल्प – काकोरी शहीद इण्टर कालेज जलालाबाद इसी नगर में स्थापित हुआ था। .

इन्हें भी देखें

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