भारत

भारत गणराज्यRepublic of India (अंग्रेज़ी में)
ध्वजप्रतीक चिह्न
राष्ट्रवाक्य: सत्यमेव जयते” (संस्कृत)
“सत्य की ही विजय होती है”
राष्ट्रगान: जन गण मन (संस्कृत)[1][2]
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राष्ट्र गीत: (संस्कृत)
वन्दे मातरम्
“माँ, मैं आपको नमन करता हूँ।”[a][3][2]
भारत द्वारा नियंत्रित क्षेत्र को गहरे हरे रंग में दिखाया गया है;
दावाकृत भूभाग जिसपर नियंत्रण नहीं है उसे हल्के हरे रंग में दिखाया गया है।
राजधानीनई दिल्ली
28°36.8′N 77°12.5′E
सबसे बड़ा नगरमुम्बई
राजभाषा(एँ)हिन्दीअँग्रेजी[b][5]
मान्यता प्राप्त क्षेत्रिय भाषायेंआठवीं अनुसूची[दिखाएँ]
राष्ट्रभाषाकोई नहीं[7]
धर्म79.8% हिन्दू14.2% मुस्लिम2.3% ईसाई1.7% सिख0.7% बौद्ध0.4% जैन0.9% अन्य धर्मीय[c]
निवासीभारतीय
सरकारसंघीय संसदीय
संवैधानिक गणराज्य[8]
 – राष्ट्रपतिराम नाथ कोविन्द[9]
 – उपराष्ट्रपतिवेंकैया नायडू
 – प्रधान मंत्रीनरेंद्र मोदी (भाजपा)
 – लोकसभा अध्यक्षओम बिरला (भाजपा)
 – भारत के मुख्य न्यायाधीशशरद अरविंद बोबडे[10]
विधान मण्डलभारतीय संसद
 – उच्च सदनराज्यसभा
 – निम्न सदनलोक सभा
स्वतन्त्रता यूनाइटेड किंगडम
 – अधिराज्य१५ अगस्त १९४७ 
 – गणराज्य२६ जनवरी १९५० 
क्षेत्रफल
 – कुल३,२८७,५९० km2[d] (सातवां)
 – जल (%)९.६
जनसंख्या
 – २०१६ जनगणना१,२७,००००००० (द्वितीय)
सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी)२०२० प्राक्कलन
 – कुल$१२.३६३ महाशंख/(ट्रिलियन)[11] (तीसरा)
 – प्रति व्यक्ति$९,०२७[11] (११८वीं)
सकल घरेलू उत्पाद (सांकेतिक)२०२० प्राक्कलन
 – कुल$३.२०२ महाशंख/(ट्रिलियन)[11] (५वीं)
 – प्रति व्यक्ति$२,३३८[11] (१३९वाँ)
गिनी (२०१०)३३.९[12]
मध्यम · ३९वाँ
मानव विकास सूचकांक (२०१२)Increase ०.५५४[13][14]
मध्यम · १३६वाँ (मध्यम)
मुद्राभारतीय रुपया (₹) (INR)
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यू॰टी॰सी॰+५:३०)
 – ग्रीष्मकालीन (दि॰ब॰स॰)अपरिवर्तनीय (यू॰टी॰सी॰+५:३०)
दिनांक प्रारूपdd-mm-yyyy (CE)
यातायात चालन दिशाleft
दूरभाष कूट+९१
इंटरनेट टीएलडीडॉट इनअन्य टी॰ऍल॰डी॰[दिखाएँ]

भारत (आधिकारिक नाम: भारत गणराज्यअंग्रेज़ी: Republic of Indiaदक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। भारत भौगोलिक दृष्टि से विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है (१.रूस, २.कनाडा, ३.चीन, ४.अमरीका, ५.ब्राजील, ६.ऑस्ट्रेलिया), जबकि जनसंख्या के दृष्टिकोण से चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीननेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर में हिमालय पर्वत तथा दक्षिण में हिन्द महासागर स्थित है। दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम में अरब सागर हैं।

आधुनिक मानव या होमो सेपियन्स अफ्रीका से भारतीय उपमहाद्वीप में ५५,००० साल पहले आये थे। [15] शिकारी के रूप में इन्होने अलग अलग व्यवसाय शुरू किये और इस प्रकार इस क्षेत्र को अत्यधिक विविधता पूर्ण बना दिया इस प्रकार इनका मानव आनुवंशिक विविधता में अफ्रीका के बाद दूसरा स्थान है। [16] ९,००० वर्ष पहले ये सिंधु नदी के पश्चिमी हिस्से की तरफ बसे हुए थे जहां से इन्होने धीरे धीरे पलायन किया और सिंधुघाटी की सभ्यता के रूप में विकसित हुए। [17] १,२०० ईसा पूर्व संस्कृत भाषा सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में फैली हुए थी और तब तक यहां पर हिन्दू धर्म का उद्धव हो चुका था और ऋग्वेद की रचना भी हो चुकी थी। [18] ४०० ईसा पूर्व तक आते आते हिन्दू धर्म में जातिवाद देखने को मिल जाता है। [19] इसी समय बौद्ध एवं जैन धर्म उत्पन्न हो रहे होते है। [20] प्रारंभिक राजनीतिक एकत्रीकरण ने गंगा बेसिन में स्थित मौर्य और गुप्त साम्राज्यों को जन्म दिया। [21] उनका समाज विस्तृत सृजनशीलता से भरा हुआ था। [22] लेकिन महिलाओं की स्थिति भी गिर रही थी। [23] दक्षिण भारत में मध्य भारत के राज्यों ने द्रविड़ भाषाओंलिपियोंसंस्कृतियों और परम्पराओं को दक्षिण पूर्व एशिया के देशों को निर्यात किया। [24]

प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता और बड़े-बड़े साम्राज्यों का विकास-स्थान रहे भारतीय उपमहाद्वीप को इसके सांस्कृतिक और आर्थिक सफलता के लंबे इतिहास के लिये जाना जाता रहा है।[25] चार प्रमुख संप्रदायों: हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों का यहां उदय हुआ, पारसी, यहूदी, ईसाई, और मुस्लिम धर्म प्रथम सहस्राब्दी में यहां पहुचे और यहां की विविध संस्कृति को नया रूप दिया। क्रमिक विजयों के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी ने १८वीं और १९वीं सदी में भारत के ज़्यादतर हिस्सों को अपने राज्य में मिला लिया। १८५७ के विफल विद्रोह के बाद भारत के प्रशासन का भार ब्रिटिश सरकार ने अपने ऊपर ले लिया। ब्रिटिश भारत के रूप में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख अंग भारत ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक लम्बे और मुख्य रूप से अहिंसक स्वतन्त्रता संग्राम के बाद १५ अगस्त १९४७ को आज़ादी पाई। १९५० में लागू हुए नये संविधान में इसे सार्वजनिक वयस्क मताधिकार के आधार पर स्थापित संवैधानिक लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित कर दिया गया और युनाईटेड किंगडम की तर्ज़ पर वेस्टमिंस्टर शैली की संसदीय सरकार स्थापित की गयी। एक संघीय राष्ट्र, भारत को २९ राज्यों और ७ संघ शासित प्रदेशों में गठित किया गया है। लम्बे समय तक समाजवादी आर्थिक नीतियों का पालन करने के बाद 1991 के पश्चात् भारत ने उदारीकरण और वैश्वीकरण की नयी नीतियों के आधार पर सार्थक आर्थिक और सामाजिक प्रगति की है।

2017 में भारतीय अर्थव्यवस्था मानक मूल्यों (सांकेतिक) के आधार पर विश्व का छठा सबसे बड़ा[26][27] और क्रय-शक्ति समता (पर्चेजिंग पावर पैरिटी) के आधार पर विश्व की तीसरी[28] सबसे बडी अर्थव्यवस्था है। ३३ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ भारत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। १९९१ के बाज़ार-आधारित सुधारों के बाद भारत विश्व की सबसे तेज़ विकसित होती बड़ी अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक हो गया है और इसे एक नव-औद्योगिकृत राष्ट्र माना जाता है। परंतु भारत के सामने अभी भी गरीबी, भ्रष्टाचार, कुपोषण, अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य-सेवा और आतंकवाद की चुनौतियां हैं। आज भारत एक विविध, बहुभाषी, और बहु-जातीय समाज है और भारतीय सेना एक क्षेत्रीय शक्ति है। भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवींं सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था है।

नामोत्पत्ति

मुख्य लेख: भारत नाम की उत्पत्ति

भारत के दो आधिकारिक नाम हैं- हिन्दी में भारत और अंग्रेज़ी में इण्डिया (India)। इण्डिया नाम की उत्पत्ति सिन्धु नदी के अंग्रेजी नाम “इण्डस” से हुई है।[29] श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार भारत नाम मनु के वंशज तथा ऋषभदेव के सबसे बड़े बेटे एक प्राचीन सम्राट भरत के नाम से लिया गया है। [30][31] [32][33][34][35] एक व्युत्पत्ति के अनुसार भारत (भा + रत) शब्द का मतलब है आन्तरिक प्रकाश या विदेक-रूपी प्रकाश में लीन। एक तीसरा नाम हिन्दुस्तान भी है जिसका अर्थ हिन्द की भूमि, यह नाम विशेषकर अरब तथा ईरान में प्रचलित हुआ। [36] बहुत पहले भारत का एक मुंहबोला नाम सोने की चिड़िया भी प्रचलित था।[37] भारत नाम का संबंध महाभारत में वर्णित दुष्यंत के वंशज भारत से भी माना जाता है। [38] संस्कृत महाकाव्य महाभारत में वर्णित है की वर्तमान उतर भारत का क्षेत्र भारत के अंतर्गत आता था। [39] श्रीमद्भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कई बार भारत कहा है। भारत को कई अन्य नामों से जाना जाता है – भारतवर्ष, आर्यावर्त, इंडिया, हिन्द, हिंदुस्तान, जम्बूद्वीप आदि।

उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् ।वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र संततिः॥

—विष्णु पुराणवह देश जो समुद्र के उत्तर में तथा हिमालय के दक्षिण में स्थित है। वह भारतवर्ष के नाम से जाना जाता है।

राष्ट्रीय प्रतीक

 भारत के राष्ट्रीय प्रतीक
ध्वजतिरंगा
राष्ट्रीय चिह्नअशोक की लाट
राष्ट्रभाषाकोई नहीं
राष्ट्र-गानजन गण मन
राष्ट्र-गीतवन्दे मातरम्
मुद्रा (भारतीय रुपया)
पशुबाघ
जलीय जीवगंगा डालफिन
पक्षीमोर
पुष्पकमल
वृक्षबरगद
फलआम
खेलमैदानी हॉकी
पञ्चांगशक संवत
संदर्भ“भारत के राष्ट्रीय प्रतीक”
भारतीय दूतावास, लन्दन
Retreived ०३-०९-२००७

भारत का राष्ट्रीय चिह्न सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ की अनुकृति है जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है। भारत सरकार ने यह चिह्न २६ जनवरी १९५० को अपनाया। उसमें केवल तीन सिंह दिखाई पड़ते हैं, चौथा सिंह दृष्टिगोचर नहीं है। राष्ट्रीय चिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में ‘सत्यमेव जयते’ अंकित है।

भारत के राष्ट्रीय झंडे में तीन समांतर आयताकार पट्टियाँ हैं। ऊपर की पट्टी केसरिया रंग की, मध्य की पट्टी सफेद रंग की तथा नीचे की पट्टी गहरे हरे रंग की है। झंडे की लंबाई चौड़ाई का अनुपात 3:2 का है। सफेद पट्टी पर चर्खे की जगह सारनाथ के सिंह स्तंभ वाले धर्मचक्र अनुकृति अशोक चक्र है जिसका रंग गहरा नीला है। चक्र का व्यास लगभग सफेद पट्टी के चौड़ाई जितना है और उसमें २४ अरे हैं। राष्ट्रभाषा: हिंदी कवि रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा लिखित ‘जन-गण-मन’ के प्रथम अंश को भारत के राष्ट्रीय गान के रूप में २४ जनवरी १९५० ई. को अपनाया गया। साथ-साथ यह भी निर्णय किया गया कि बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखित ‘वंदे मातरम्‘ को भी ‘जन-गण-मन’ के समान ही दर्जा दिया जाएगा, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम में ‘वंदे मातरम्’ गान जनता का प्रेरणास्रोत था।

भारत सरकार ने देश भर के लिए राष्ट्रीय पंचांग के रूप में शक संवत् को अपनाया है। इसका प्रथम मास ‘चैत’ है और वर्ष सामान्यत: ३६५ दिन का है। इस पंचांग के दिन स्थायी रूप से अंग्रेजी पंचांग के मास दिनों के अनुरूप बैठते हैं। सरकारी कार्यो के लिए ग्रेगरी कैलेंडर (अंग्रेजी कैलेंडर) के साथ-साथ राष्ट्रीय पंचांग का भी प्रयोग किया जाता है।

इतिहास

मुख्य लेख: भारत का इतिहासतीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक द्वारा बनाया गया मध्य प्रदेश में साँची का स्तूप

प्राचीन

(शीर्ष) ऋग्वेद की एक मध्यकालीन पांडुलिपि, मौखिक रूप से, १५००-१२०० ई.पू. (नीचे) संस्कृत महाकाव्य रामायण की एक पांडुलिपि से एक चित्रण

लगभग ६५,००० वर्ष पहले आधुनिक मानव या होमो सेपियन्स अफ्रीका से भारतीय उपमहाद्वीप में पहुंचे थे। [40][41][42] दक्षिण एशिया में ज्ञात मानव का प्राचीनतम अवशेष ३०,००० वर्ष पुराना है।[43] भीमबेटकामध्य प्रदेश की गुफाएँ भारत में मानव जीवन का प्राचीनतम प्रमाण हैं। प्रथम स्थाई बस्तियों ने ९००० वर्ष पूर्व स्वरुप लिया। ६,५०० ईसा पूर्व तक आते आते मनुष्य ने खेती करना, जानवरों को पालना तथा घरों का निर्माण करना शुरू कर दिया था जिसका अवशेष मेहरगढ़ में मिला था जो की पाकिस्तान में है। [44] यह धीरे-धीरे सिंधु घाटी सभ्यता के रूप में विकसित हुए,[45][44] जो की दक्षिण एशिया की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यता है।[46] यह २६०० ईसा पूर्व और १९०० ईसा पूर्व के मध्य अपने चरम पर थी।[47] यह वर्तमान पश्चिम भारत तथा पाकिस्तान में स्थित है।[48] यह मोहनजोदड़ोहड़प्पाधोलावीरा, और कालीबंगा जैसे शहरों के आसपास केंद्रित थी और विभिन्न प्रकार के निर्वाह पर निर्भर थी, यहाँ व्यापक बाजार था तथा शिल्प उत्पादन होता था।[46]

२००० से ५०० ईसा पूर्व तक ताम्र पाषाण युग संस्कृति से लौह युग का आगमन हुआ।[49] इसी युग को हिन्दू धर्म से जुड़े प्राचीनतम धर्म ग्रंथ,[50] वेदों का रचनाकाल माना जाता है[51] तथा पंजाब तथा गंगा के ऊपरी मैदानी क्षेत्र को वैदिक संस्कृति का निवास स्थान माना जाता है।[49] कुछ इतिहासकारों का मानना है की इसी युग में उत्तर-पश्चिम से भारतीय-आर्यन का आगमन हुआ था।[50] इसी अवधि में जाति प्रथा भी प्रारंम्भ हुई थी।[52]

वैदिक सभ्यता में ईसा पूर्व ६ वीं शताब्दी में गंगा के मैदानी क्षेत्र तथा उत्तर-पश्चिम भारत में छोटे-छोटे राज्य तथा उनके प्रमुख मिल कर १६ कुलीन और राजशाही में सम्मिलित हुए जिन्हे महाजनपद के नाम से जाना जाता है। [53] [54] बढ़ते शहरीकरण के बीच दो अन्य स्वतंत्र अ-वैदिक धर्मों का उदय हुआ। महावीर के जीवन काल में जैन धर्म अस्तित्व में आया।[55] गौतम बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित बौद्ध धर्म ने मध्यम वर्ग के अनुयायिओं को छोड़कर अन्य सभी वर्ग के लोगों को आकर्षित किया; इसी काल में भारत का इतिहास लेखन प्रारम्भ हुआ। [56][57][58] बढ़ती शहरी सम्पदा के युग में, दोनों धर्मों ने त्याग को एक आदर्श माना,[59] और दोनों ने लंबे समय तक चलने वाली मठ परंपराओं की स्थापना की। राजनीतिक रूप से तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व तक मगध साम्राज्य ने अन्य राज्यों को अपने अंदर मिला कर मौर्य साम्राज्य के रूप में उभरा। [60] मगध ने दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरे भारत पर अपना अधिपत्य स्थापित कर लिया लेकिन कुछ अन्य प्रमुख बड़े राज्यों ने इसके प्रमुख क्षेत्रों को अलग कर लिया। [61][62] मौर्य राजाओं को उनके साम्राज्य की उन्नति के लिए तथा उच्च जीवन सतर के लिए जाना जाता है क्योंकि सम्राट अशोक ने बौद्ध धम्म की स्थापना की तथा शस्त्र मुक्त सेना का निर्माण किया।[63][64]१८० ईसवी के आरम्भ से मध्य एशिया से कई आक्रमण हुए, जिनके परिणामस्वरूप उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में यूनानीशकपार्थी और अंततः कुषाण राजवंश स्थापित हुए। तीसरी शताब्दी के आगे का समय जब भारत पर गुप्त वंश का शासन था, भारत का स्वर्णिम काल कहलाया।[65]

तमिल के संगम साहित्य के अनुसार ईसा पूर्व २०० से २०० ईस्वी तक दक्षिण प्रायद्वीप पर चेर राजवंशचोल राजवंश तथा पाण्ड्य राजवंश का शासन था जिन्होंने बड़े सतर पर भारत और रोम के व्यापारिक सम्बन्ध और पश्चिम और दक्षिण पूर्व एशिया के साम्राज्यों के साथ व्यापर किया।[66][67] चौथी-पांचवी शताब्दी के बीच गुप्त साम्राज्य ने वृहद् गंगा के मैदानी क्षेत्र में प्रशासन तथा कर निर्धारण की एक जटिल प्रणाली बनाई; यह प्रणाली बाद के भारतीय राज्यों के लिए एक आदर्श बन गई। [68][69] गुप्त साम्राज्य में भक्ति पर आधारित हिन्दू धर्म का प्रचलन हुई। [70] विज्ञानकलासाहित्यगणितखगोलशास्त्रप्राचीन प्रौद्योगिकीधर्म, तथा दर्शन इन्हीं राजाओं के शासनकाल में फले-फूले, जो शास्त्रीय संस्कृत में रचा गया। [69]

मध्यकालीन भारत

१२वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला। हालाँकि, विशेषतः तुलनात्मक रूप से, संरक्षित दक्षिण में अनेक राज्य शेष रहे, अथवा अस्तित्व में आये। मुगलों के संक्षिप्त अधिकार के बाद सत्रहवीं सदी में दक्षिण और मध्य भारत में मराठों का उत्कर्ष हुआ। उत्तर पश्चिम में सिक्खों की शक्ति में वृद्धि हुई।

प्रारंभिक आधुनिक भारत

१७वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगालडचफ्रांसब्रिटेन सहित अनेक यूरोपीय देशों, जो भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होंने देश की आतंरिक शासकीय अराजकता का फायदा उठाया अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। १८५७ में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के विरुद्ध असफल विद्रोह, जो भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम से भी जाना जाता है, के बाद भारत का अधिकांश भाग सीधे अंग्रेजी शासन के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया।[71]कोणार्क-चक्र – १३वीं शताब्दी में बने उड़ीसा के सूर्य मन्दिर में स्थित, यह दुनिया के सब से प्रसिद्घ ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है।

आधुनिक भारत

बीसवी सदी के प्रारम्भ में आधुनिक शिक्षा के प्रसार और विश्वपटल पर बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के चलते भारत में एक बौद्धिक आन्दोलन का सूत्रपात हुआ जिसने सामाजिक और राजनीतिक स्तरों पर अनेक परिवर्तनों एवम आन्दोलनों की नीव रखी। १८८५ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ने स्वतन्त्रता आन्दोलन को एक गतिमान स्वरूप दिया। बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में लम्बे समय तक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये विशाल अहिंसावादी संघर्ष चला, जिसका नेतृत्‍व महात्मा गांधी, जो आधिकारिक रूप से आधुनिक भारत के ‘राष्ट्रपिता’ के रूप में संबोधित किये जाते हैं, इसी सदी में भारत के सामाजिक आन्दोलन, जो सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए भी विशाल अहिंसावादी एवं क्रांतिवादी संघर्ष चला, जिसका नेतृत्व डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर ने किया, जो ‘आधुनिक भारत के निर्माता’, ‘संविधान निर्माता’ एवं ‘दलितों के मसिहा’ के रूप में संबोधित किये जाते है। इसके साथ-साथ चंद्रशेखर आजादसरदार भगत सिंहसुखदेवराजगुरूनेताजी सुभाष चन्द्र बोस, आदि के नेतृत्‍व मे चले क्रांतिकारी संघर्ष के फलस्वरुप १५ अगस्त१९४७ भारत ने अंग्रेजी शासन से पूर्णतः स्वतंत्रता प्राप्त की। तदुपरान्त २६ जनवरी१९५० को भारत एक गणराज्य बना।

एक बहुजातीय तथा बहुधार्मिक राष्ट्र होने के कारण भारत को समय-समय पर साम्प्रदायिक तथा जातीय विद्वेष का शिकार होना पड़ा है। क्षेत्रीय असंतोष तथा विद्रोह भी हालाँकि देश के अलग-अलग हिस्सों में होते रहे हैं, पर इसकी धर्मनिरपेक्षता तथा जनतांत्रिकता, केवल १९७५-७७ को छोड़, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी थी, अक्षुण्ण रही है।

भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद हैं। इसके कारण इसे छोटे पैमानों पर युद्ध का भी सामना करना पड़ा है। १९६२ में चीन के साथ, तथा १९४७, १९६५, १९७१ एवं १९९९ में पाकिस्तान के साथ लड़ाइयाँ हो चुकी हैं।

भारत गुटनिरपेक्ष आन्दोलन तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्य देशों में से एक है।

१९७४ में भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद १९९८ में ५ और परीक्षण किये गये। १९९० के दशक में किये गये आर्थिक सुधारीकरण की बदौलत आज देश सबसे तेज़ी से विकासशील राष्ट्रों की सूची में आ गया है।

सरकार

विविध आधारों पर
भारत के राज्य और राज्यक्षेत्र
क्रमबद्ध सूचियों में
क्षेत्रफलजनसंख्याअर्थव्यवस्था (GDP)मानव विकासISO लघु नामराज्य और राजधानियाँअपराध दरअल्पभार लोगआर्थिक मुक्तिउच्चतम बिन्दुऊर्जा उत्पादन क्षमताएचआइवी जागरुकताकर राजस्वमानव विकास सूचकांकगृह स्वामित्वजीवन प्रत्याशा, जन्म के समयटीकाकरण आच्छादनटीवी स्वामित्वनाम व्युत्पत्तिनिर्धनतापरिवार आकारपूजा स्थलप्रजनन दरबाल पोषणबिजली उपलब्धताबेरोजगारी दरमतदाता संख्यामहिला सुरक्षामानव तस्करीमीडिया पहुँचमोटापालिंगानुपातलोकसभा सीटेंवनावरणवाहन घनत्वसंस्थागत प्रसवसाक्षरता दरस्वच्छ पेयजल पहुँच
देवासं

मुख्य लेख: भारत सरकार

भारत का संविधान भारत को एक संप्रभु, समाजवादीधर्मनिरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य घोषित करता है। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जिसकी द्विसदनात्मक संसद वेस्टमिन्स्टर शैली की संसदीय प्रणाली द्वारा संचालित है। भारत का प्रशासन संघीय ढांचे के अन्तर्गत चलाया जाता है, जिसके अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार और राज्य स्तर पर राज्य सरकारें हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्तियों का बंटवारा संविधान में दी गई रूपरेखा के आधार पर होता है। वर्तमान में भारत में २८ राज्य और ८ केंद्र-शासित प्रदेश हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में, स्थानीय प्रशासन को राज्यों की तुलना में कम शक्तियां प्राप्त होती हैं। भारत का सरकारी ढाँचा, जिसमें केंद्र राज्यों की तुलना में ज़्यादा सशक्त है, उसे आमतौर पर अर्ध-संघीय (सेमि-फ़ेडेरल) कहा जाता रहा है, पर १९९० के दशक के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलावों के कारण इसकी रूपरेखा धीरे-धीरे और अधिक संघीय (फ़ेडेरल) होती जा रही है।

इसके शासन में तीन मुख्य अंग हैं:- न्यायपालिकाकार्यपालिका और व्यवस्थापिका

व्यवस्थापिका संसद को कहते हैं, जिसके दो सदन हैं – उच्चसदन राज्यसभा, अथवा राज्यपरिषद् और निम्नसदन लोकसभा. राज्यसभा में २४५ सदस्य होते हैं जबकि लोकसभा में ५४५। राज्यसभा एक स्थाई सदन है और इसके सदस्यों का चुनाव, अप्रत्यक्ष विधि से ६ वर्षों के लिये होता है। राज्यसभा के ज़्यादातर सदस्यों का चयन राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाता है, और हर दूसरे साल राज्य सभा के एक तिहाई सदस्य पदमुक्त हो जाते हैं। लोकसभा के ५४३ सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष विधि से, ५ वर्षों की अवधि के लिये आम चुनावों के माध्यम से किया जाता है जिनमें १८ वर्ष से अधिक उम्र के सभी भारतीय नागरिक मतदान कर सकते हैं।

कार्यपालिका के तीन अंग हैं – राष्ट्रपतिउपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल। राष्ट्रपति, जो राष्ट्र का प्रमुख है, की भूमिका अधिकतर आनुष्ठानिक ही है। उसके दायित्वों में संविधान का अभिव्यक्तिकरण, प्रस्तावित कानूनों (विधेयक) पर अपनी सहमति देना और अध्यादेश जारी करना प्रमुख हैं। वह भारतीय सेनाओं का मुख्य सेनापति भी है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को एक अप्रत्यक्ष मतदान विधि द्वारा ५ वर्षों के लिये चुना जाता है। प्रधानमन्त्री सरकार का प्रमुख है और कार्यपालिका की सारी शक्तियाँ उसी के पास होती हैं। इसका चुनाव राजनैतिक पार्टियों या गठबन्धन के द्वारा प्रत्यक्ष विधि से संसद में बहुमत प्राप्त करने पर होता है। बहुमत बने रहने की स्थिति में इसका कार्यकाल ५ वर्षों का होता है। संविधान में किसी उप-प्रधानमंत्री का प्रावधान नहीं है पर समय-समय पर इसमें फेरबदल होता रहा है। मंत्रिमंडल का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। मंत्रिमंडल के प्रत्येक मंत्री को संसद का सदस्य होना अनिवार्य है। कार्यपालिका संसद को उत्तरदायी होती है, और प्रधानमंत्री और उनका मंत्रिमण्डल लोक सभा में बहुमत के समर्थन के आधार पर ही अपने कार्यालय में बने रह सकते हैं।

भारत की स्वतंत्र न्यायपालिका का ढाँचा त्रिस्तरीय है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय, जिसके प्रधान प्रधान न्यायाधीश है; २४ उच्च न्यायालय और बहुत सारी निचली अदालतें हैं। सर्वोच्च न्यायालय को अपने मूल न्यायाधिकार (ओरिजिनल ज्युरिडिक्शन), और उच्च न्यायालयों के ऊपर अपीलीय न्यायाधिकार के मामलों, दोनो को देखने का अधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय के मूल न्ययाधिकार में मौलिक अधिकारों के हनन के इलावा राज्यों और केंद्र, और दो या दो से अधिक राज्यों के बीच के विवाद आते हैं। सर्वोच्च न्यायालय को राज्य और केंद्रीय कानूनों को असंवैधानिक ठहराने के अधिकार है। भारत में २४ उच्च न्यायालयों के अधिकार और उत्तरदायित्व सर्वोच्च न्यायालय की अपेक्षा सीमित हैं। संविधान ने न्यायपालिका को विस्तृत अधिकार दिये हैं, जिनमें संविधान की अंतिम व्याख्या करने का अधिकार भी सम्मिलित है।

राजनीति

मुख्य लेख: भारत की राजनीतिभारत का संसद भवन

भारत विश्व का सबसे बडा लोकतंत्र है। बहुदलीय प्रणाली वाले इस संसदीय गणराज्य में छ: मान्यता-प्राप्त राष्ट्रीय पार्टियां, और ४० से भी ज़्यादा क्षेत्रीय पार्टियां हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जिसकी नीतियों को केंद्रीय-दक्षिणपंथी या रूढिवादी माना जाता है, के नेतृत्व में केंद्र में सरकार है जिसके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हैं। अन्य पार्टियों में सबसे बडी भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस (कॉंग्रेस) है, जिसे भारतीय राजनीति में केंद्र-वामपंथी और उदार माना जाता है। २००४ से २०१४ तक केंद्र में मनमोहन सिंह की गठबन्धन सरकार का सबसे बडा हिस्सा कॉंग्रेस पार्टी का था। १९५० मे गणराज्य के घोषित होने से १९८० के दशक के अन्त तक कॉंग्रेस का संसद में निरंतर बहुमत रहा। पर तब से राजनैतिक पटल पर भाजपा और कॉंग्रेस को अन्य पार्टियों के साथ सत्ता बांटनी पडी है। १९८९ के बाद से क्षेत्रीय पार्टियों के उदय ने केंद्र में गठबंधन सरकारों के नये दौर की शुरुआत की है।

गणराज्य के पहले तीन चुनावों (१९५१–५२, १९५७, १९६२) में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में कॉंग्रेस ने आसान जीत पाई। १९६४ में नेहरू की मृत्यु के बाद लाल बहादुर शास्त्री कुछ समय के लिये प्रधानमंत्री बने, और १९६६ में उनकी खुद की मौत के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं। १९६७ और १९७१ के चुनावों में जीतने के बाद १९७७ के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पडा। १९७५ में प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय आपात्काल की घोषणा कर दी थी। इस घोषणा और इससे उपजी आम नाराज़गी के कारण १९७७ के चुनावों में नवगठित जनता पार्टी ने कॉंग्रेस को हरा दिया और पूर्व में कॉंग्रेस के सदस्य और नेहरु के केबिनेट में मंत्री रहे मोरारजी देसाई के नेतृत्व में नई सरकार बनी। यह सरकार सिर्फ़ तीन साल चली, और १९८० में हुए चुनावों में जीतकर इंदिरा गांधी फिर से प्रधानमंत्री बनीं। १९८४ में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी कॉंग्रेस के नेता और प्रधानमंत्री बने। १९८४ के चुनावों में ज़बरदस्त जीत के बाद १९८९ में नवगठित जनता दल के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय मोर्चा ने वाम मोर्चा के बाहरी समर्थन से सरकार बनाई, जो केवल दो साल चली। १९९१ के चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, परंतु कॉंग्रेस सबसे बडी पार्टी बनी, और पी वी नरसिंहा राव के नेतृत्व में अल्पमत सरकार बनी जो अपना कार्यकाल पूरा करने में सफल रही।

१९९६ के चुनावों के बाद दो साल तक राजनैतिक उथल पुथल का वक्त रहा, जिसमें कई गठबंधन सरकारें आई और गई। १९९६ में भाजपा ने केवल १३ दिन के लिये सरकार बनाई, जो समर्थन ना मिलने के कारण गिर गई। उसके बाद दो संयुक्त मोर्चे की सरकारें आई जो कुछ लंबे वक्त तक चली। ये सरकारें कॉंग्रेस के बाहरी समर्थन से बनी थीं। १९९८ के चुनावों के बाद भाजपा एक सफल गठबंधन बनाने में सफल रही। भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग, या एनडीए) नाम के इस गठबंधन की सरकार पहली ऐसी सरकार बनी जिसने अपना पाँच साल का कार्यकाल पूरा किय। २००४ के चुनावों में भी किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, पर कॉंग्रेस सबसे बडी पार्टी बनके उभरी, और इसने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग, या यूपीए) के नाम से नया गठबंधन बनाया। इस गठबंधन ने वामपंथी और गैर-भाजपा सांसदों के सहयोग से मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पाँच साल तक शासन चलाया। २००९ के चुनावों में यूपीए और अधिक सीटें जीता जिसके कारण यह साम्यवादी (कॉम्युनिस्ट) दलों के बाहरी सहयोग के बिना ही सरकार बनाने में कामयाब रहा। इसी साल मनमोहन सिंह जवाहरलाल नेहरू के बाद ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने जिन्हे दो लगातार कार्यकाल के लिये प्रधानमंत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ। २०१४ के चुनावों में १९८४ के बाद पहली बार किसी राजनैतिक पार्टी को बहुमत प्राप्त हुआ, और भाजपा ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाई।

सैनि‍क शक्ति

मुख्य लेख: भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ और भारत के अर्धसैनिक बलभारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत – विराट एवं विक्रमादित्यएच.ए.एल तेजस भारत द्वारा विकसित एक हल्‍का सुपरसौनिक लड़ाकू विमान है।युद्ध अभ्यास करते भारतीय टैंकभारतीय प्रक्षेपास्त्र अग्नि की मारक सीमा

लगभग 13 लाख सक्रिय सैनिकों के साथ, भारतीय सेना दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी है। भारत की सशस्त्र सेना में एक थलसेनानौसेनावायु सेना और अर्द्धसैनिक बलतटरक्षक, जैसे सामरिक और सहायक बल विद्यमान हैं। भारत के राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर है।

1947 में अपनी स्वतंत्रता के बाद से, भारत ने ज्यादातर देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखा है। 1950 के दशक में, भारत ने दृढ़ता से अफ्रीका और एशिया में यूरोपीय कालोनियों की स्वतंत्रता का समर्थन किया और गुट निरपेक्ष आंदोलन में एक अग्रणी भूमिका निभाई। 1980 के दशक में भारत ने आमंत्रण पर दो पड़ोसी देशों में संक्षिप्त सैन्य हस्तक्षेप किया। मालदीव, श्रीलंका और अन्य देशों में ऑपरेशन कैक्टस में भारतीय शांति सेना को भेजा गया। हालाँकि, भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ एक तनावपूर्ण संबंध बने रहे और दोनों देशों में चार बार युध्द (1947, 1965, 1971 और 1999 में) हुए हैं। कश्मीर विवाद इन युद्धों के प्रमुख कारण था, सिवाय 1971 के, जो कि तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में नागरिक अशांति के लिए किया गया था। 1962 के भारत-चीन युद्ध और पाकिस्तान के साथ 1965 के युद्ध के बाद भारत ने अपनी सैन्य और आर्थिक स्थिति का विकास करने का प्रयास किया। सोवियत संघ के साथ अच्छे संबंधों के कारण सन् 1960 के दशक से, सोवियत संघ भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा।

आज रूस के साथ सामरिक संबंधों को जारी रखने के अलावा, भारत विस्तृत इजरायल और फ्रांस के साथ रक्षा संबंध रखा है। हाल के वर्षों में, भारत में क्षेत्रीय सहयोग और विश्व व्यापार संगठन के लिए एक दक्षिण एशियाई एसोसिएशन में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। १०,००० राष्ट्र सैन्य और पुलिस कर्मियों को चार महाद्वीपों भर में पैंतीस संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा प्रदान की है। भारत भी विभिन्न बहुपक्षीय मंचों, खासकर पूर्वी एशिया शिखर बैठक और जी-८५ बैठक में एक सक्रिय भागीदार रहा है। आर्थिक क्षेत्र में भारत दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के विकासशील देशों के साथ घनिष्ठ संबंध रखते है। अब भारत एक “पूर्व की ओर देखो नीति” में भी संयोग किया है। यह “आसियान” देशों के साथ अपनी भागीदारी को मजबूत बनाने के मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला है जिसमे जापान और दक्षिण कोरिया ने भी मदद किया है। यह विशेष रूप से आर्थिक निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा का प्रयास है।

1974 में भारत अपनी पहले परमाणु हथियारों का परीक्षण किया और आगे 1998 में भूमिगत परीक्षण किया। जिसके कारण भारत पर कई तरह के प्रतिबन्ध भी लगाये गए। भारत के पास अब तरह-तरह के परमाणु हथियारें है। भारत अभी रूस के साथ मिलकर पाँचवीं पीढ़ के विमान बना रहे है।

हाल ही में, भारत का संयुक्त राष्ट्रे अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ आर्थिक, सामरिक और सैन्य सहयोग बढ़ गया है। 2008 में, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच असैनिक परमाणु समझौते हस्ताक्षर किए गए थे। हालाँकि उस समय भारत के पास परमाणु हथियार था और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के पक्ष में नहीं था यह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) से छूट प्राप्त है, भारत की परमाणु प्रौद्योगिकी और वाणिज्य पर पहले प्रतिबंध समाप्त. भारत विश्व का छठा वास्तविक परमाणु हथियार राष्ट्रत बन गया है। एनएसजी छूट के बाद भारत भी रूस, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा सहित देशों के साथ असैनिक परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने में सक्षम है।

वित्त वर्ष 2014-15 के केन्द्रीय अंतरिम बजट में रक्षा आवंटन में 10 प्रतिशत बढ़ोत्‍तरी करते हुए 224,000 करोड़ रूपए आवंटित किए गए। 2013-14 के बजट में यह राशि 203,672 करोड़ रूपए थी।[72] 2012–13 में रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ रुपए[73] का प्रावधान किया गया था, जबकि 2011–2012 में यह राशि 1,64,415 करोइ़[74] थी। साल 2011 में भारतीय रक्षा बजट 36.03 अरब अमरिकी डॉलर रहा (या सकल घरेलू उत्पाद का 1,83%)। 2008 के एक SIRPI रिपोर्ट के अनुसार, भारत क्रय शक्ति के मामले में भारतीय सेना के सैन्य खर्च 72.7 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। साल 2011 में भारतीय रक्षा मंत्रालय के वार्षिक रक्षा बजट में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हालाँकि यह पैसा सरकार की अन्य शाखाओं के माध्यम से सैन्य की ओर जाते हुए पैसों में शमिल नहीं होता है। भारत दुनिया का सबसे बड़े हथियार आयातक है।

वित्त वर्ष2007-20082008-20092009-20102011-20122012-20132013-20142014-20152015-20162016-2017
बजट (करोड़ रूपए)96,000[74]1,05,600[74]1,41,703[74]1,64,415[74]1,93,407[73]2,03,672[72]2,24,000[72]2,94,3203,59,854

२०१४ में नरेन्द्र मोदी नीत भाजपा सरकार ने मेक इन इण्डिया के नाम से भारत में निर्माण अभियान की शुरुआत की और भारत को हथियार आयातक से निर्यातक बनाने के लक्ष्य की घोषणा की। रक्षा निर्माण के द्वार निजी कंपनियों के लिए भी खोल दिए गए और भारत के कई उद्योग घरानों ने बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में पूंजी निवेश की योजनाएँ घोषित की। फ्राँस की डसॉल्ट एविएशन ने अंबानी समूह के साथ साझेदारी में रफेल लड़ाकू विमान[75], तथा अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन ने टाटा समूह के साथ साझेदारी लड़ाकू विमान एफ-१६ [76] का निर्माण भारत में प्रारंभ करने की घोषणाएँ की हैं। अन्य प्रतिष्ठित समूह जैसे एल एंड टी,[77][78] महिंद्रा, कल्याणी आदि भी कई परियोजनाओं के निर्माण की पहल कर चुके हैं जिनमें तोपें, असला, जलपोत व पनडुब्बियों का निर्मान शामिल है। रूस के साथ कमोव हेलीकॉप्टर का निर्माण भी भारत में करने के लिए समझौता हुआ है।

राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश

मुख्य लेख: भारत के राज्य

वर्तमान में भारत 28 राज्यों तथा 8 केन्द्रशासित प्रदेशों मे बँटा हुआ है। राज्यों की चुनी हुई स्वतंत्र सरकारें हैं, जबकि केन्द्रशासित प्रदेशों पर केन्द्र द्वारा नियुक्त प्रबंधन शासन करता है, हालाँकि पॉण्डिचेरी और दिल्ली की लोकतांत्रिक सरकार भी हैं।

अन्टार्कटिका और दक्षिण गंगोत्री और मैत्री पर भी भारत के वैज्ञानिक-स्थल हैं, यद्यपि अभी तक कोई वास्तविक आधिपत्य स्थापित नहीं किया गया है।राज्यों के नाम निम्नवत हैं (कोष्ठक में राजधानी का नाम)

भारत के २९ राज्यों और ७ केंद्र शासित प्रदेशों के एक क्लिक करने योग्य नक्शा

अरुणाचल प्रदेश (इटानगर)असम (दिसपुर)उत्तर प्रदेश (लखनऊ)उत्तराखण्ड (देहरादून)ओड़िशा (भुवनेश्वर)आंध्र प्रदेश (अमरावती)कर्नाटक (बंगलोर)केरल (तिरुवनंतपुरम)गोआ (पणजी)गुजरात (गांधीनगर)छत्तीसगढ़ (रायपुर)झारखंड (रांची)तमिलनाडु (चेन्नई)तेलंगाना (हैदराबाद)त्रिपुरा (अगरतला)नागालैंड (कोहिमा)पश्चिम बंगाल (कोलकाता)पंजाब (चंडीगढ़†)बिहार (पटना)मणिपुर (इम्फाल)मध्य प्रदेश (भोपाल)महाराष्ट्र (मुंबई)मिज़ोरम (आइजोल)मेघालय (शिलांग)राजस्थान (जयपुर)सिक्किम (गंगटोक)हरियाणा (चंडीगढ़†)हिमाचल प्रदेश (शिमला)

केन्द्रशासित प्रदेश

जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर/जम्मू)लदाख* (लेह)अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह(पोर्ट ब्लेयर)चंडीगढ़†* (चंडीगढ़)दमन और दीव* (दमन)दादरा और नागर हवेली* (सिलवासा)पॉण्डिचेरी* (पुडुचेरी)लक्षद्वीप* (कवरत्ती)दिल्ली (नई दिल्ली)

† चंडीगढ़ एक केंद्रशासित प्रदेश है तथा यह पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी है। 26 जनवरी 2020 को दादरा एव नगर हवेली तथा दमन द्वीप का विलय करके एक केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया है। अब इसका पूरा नाम दादरा एव नगर हवेली तथा दमन द्वीप है

प्रमुख जनसंख्या केंद्र (पूरी सूची देखें)दर्शनवार्तासंपादन
श्रेणीमुख्य शहरक्षेत्र आबादीमेट्रोपॉलिटन सांख्यिकीय क्षेत्रराज्य

मुंबई


दिल्ली


बंगलुरु


हैदराबाद
1मुंबई1,24,42,373[79]मुम्बई महानगरीय क्षेत्रमहाराष्ट्र
2दिल्ली1,10,34,555[80]दिल्ली महानगरीय क्षेत्रदिल्ली
3बंगलुरु84,43,675[81]बंगलुरु महानगरीय क्षेत्रकर्नाटक
4हैदराबाद67,31,790[82]हैदराबाद महानगरीय क्षेत्रआंध्र प्रदेश
5अहमदाबाद55,77,967[83]अहमदाबाद महानगरीय क्षेत्रगुजरात
6चेन्नई46,46,732[84]चेन्नई महानगरीय क्षेत्रतमिल नाडू
7कोलकाता44,96,694[85]कोलकाता महानगरीय क्षेत्रपश्चिम बंगाल
8सूरत44,67,797[83]सूरत महानगरीय क्षेत्रगुजरात
9पुणे31,24,458 [86]पुणे महानगरीय क्षेत्रमहाराष्ट्र
10जयपुर30,46,163[87]जयपुर महानगरीय क्षेत्रराजस्थान
11रांची28,96,677[88]रांची महानगरीय क्षेत्रझारखंड
12लखनऊ28,17,105[89]लखनऊ महानगरीय क्षेत्रउत्तर प्रदेश
13कानपुर27,65,348[90]कानपुर महानगरीय क्षेत्रउत्तर प्रदेश
14नागपुर24,05,665[91]नागपुर महानगरीय क्षेत्रमहाराष्ट्र
15इंदौर1,960,631[92]इंदौर महानगरीय क्षेत्रमध्य प्रदेश
17भोपाल17,98,218[93]भोपाल महानगरीय क्षेत्रमध्य प्रदेश
19पटना16,83,200[94]पटना महानगरीय क्षेत्रबिहार
20वड़ोदरा16,66,703[83]वड़ोदरा महानगरीय क्षेत्रगुजरात
22लुधियाना16,13,878[95]लुधियाना महानगरीय क्षेत्रपंजाब
26नासिक14,86,973[96]नासिक महानगरीय क्षेत्रमहाराष्ट्र
28मेरठ1,309,023[97]मेरठ महानगरीय क्षेत्रउत्तर प्रदेश
भारतीय जनगणना ब्यूरो, २०११ के आधार पर[97]

भाषाएँ

मुख्य लेख: भारत की भाषाएँ

भाषाओं के मामले में भारतवर्ष विश्व के समृद्धतम देशों में से है। संविधान के अनुसार हिन्दी भारत की राजभाषा है, और अंग्रेजी को सहायक राजाभाषा का स्थान दिया गया है। १९४७-१९५० के संविधान के निर्माण के समय देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी भाषा और हिन्दी-अरबी अंकों के अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप को संघ (केंद्र) सरकार की कामकाज की भाषा बनाया गया था, और गैर-हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी के प्रचलन को बढ़ाकर उन्हें हिन्दी-भाषी राज्यों के समान स्तर तक आने तक के लिये १५ वर्षों तक अंग्रेजी के इस्तेमाल की इजाज़त देते हुए इसे सहायक राजभाषा का दर्ज़ा दिया गया था। संविधान के अनुसार यह व्यवस्था १९५० मे समाप्त हो जाने वाली थी, लेकिन् तमिलनाडु राज्य के हिन्दी भाषा विरोधी आन्दोलन और हिन्दी भाषी राज्यों राजनैतिक विरोध के परिणामस्वरूप, संसद ने इस व्यवस्था की समाप्ति को अनिश्चित काल तक स्थगित कर दिया है। इस वजह से वर्तमान समय में केंद्रीय सरकार में काम हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषाओं में होता है और राज्यों में हिन्दी अथवा अपने-अपने क्षेत्रीय भाषाओं में काम होता है। केन्द्र और राज्यों और अन्तर-राज्यीय पत्र-व्यवहार के लिए, यदि कोई राज्य ऐसी मांग करे, तो हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं का होना आवश्यक है। भारतीय संविधान एक राष्ट्रभाषा का वर्णन नहीं करता।

हिन्दी और अंग्रेज़ी के इलावा संविधान की आठवीं अनुसूची में २० अन्य भाषाओं का वर्णन है जिन्हें भारत में आधिकारिक कामकाज में इस्तेमाल किया जा सकता है। संविधान के अनुसार सरकार इन भाषाओं के विकास के लिये प्रयास करेगी, और अधिकृत राजभाषा (हिन्दी) को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए इन भाषाओं का उपयोग करेगी। आठवीं अनुसूची में दर्ज़ २२ भाषांए ये हैं:

राज्यवार भाषाओं की आधिकारिक स्थिति इस प्रकार है:

नंबर.राज्यआधिकारिक भाषा(एं)अन्य मान्यता प्राप्त भाषाएं
१.अरुणाचल प्रदेशअंग्रेज़ी[98]:65
२.असमअसमियाअंग्रेज़ी[99]बांग्ला बराक घाटी के तीन ज़िलों में;[100] बोडो बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद् के ज़िलों में.[101]
३.आंध्र प्रदेशतेलुगु[102]उर्दू इन ज़िलों में दूसरी आधिकारिक भाषा है: कुर्नूलकडपाअनंतपुर, गुन्टूर, चित्तूर और नेल्लोर जहां १२% से अधिक जनसंख्या उर्दू को प्राथमिक भाषा के तौर पर बोलती है।[103]
४.उत्तर प्रदेशहिन्दीउर्दू[104],भोजपुरी,अवधी,संस्कृत
५.उत्तराखण्डहिन्दीसंस्कृत[105]
६.ओडिशाओडिया
७.कर्नाटककन्नड
८.केरलमलयालमअंग्रेज़ी[106]
९.गुजरातगुजराती[98]:28
१०.गोआकोंकणी[107]मराठी,[98]:27 [108] English[109]
११.छत्तीसगढहिन्दी[98]:pg 29 [110]छत्तीसगढी[111]
१२.जम्मू और कश्मीरउर्दूअंग्रेज़ी[112]
१३.झारखण्डहिन्दीसंथालीओडिया और् बांग्ला[98]
१४.तमिल नाडुतमिलअंग्रेज़ी[98]
१५.तेलंगानातेलुगुउर्दू इन ज़िलों में दूसरी आधिकारिक भाषा है: हैदराबाद, रंगा रेड्डी, मेडक, निज़ामाबादमहबूबनगर, अदीलाबाद और वारंगल [103]
१६.त्रिपुराबांग्ला और कोक्रोबोरोक[113][114]
१७.नागालैंडअंग्रेज़ी[98]
१८.पंजाबपंजाबी
१९.पश्चिमी बंगालबांग्लाअंग्रेज़ी और नेपाली[98]
२०.बिहारहिन्दी[115]उर्दू (कुछ क्षेत्रों और कामों के लिये)[116]अंगिकाभोजपुरीबज्जिका, और मैथिली
२१.मणिपुरमणिपुरी(मेइतेई, या मेइतेईलॉन भी कहा जाता है)[117]अंग्रेज़ी[98]
२२.मध्य प्रदेशहिन्दी[118]
२३.महाराष्ट्रमराठी
२४.मिज़ोरममिज़ो
२५.मेघालयअंग्रेज़ी[119]खासी भाषा और गारो भाषा[120]
२६.राजस्थानहिन्दी
२७.सिक्किमनेपाली[121]११ अन्य भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्ज़ा प्राप्त है, लेकिन सिर्फ़ संस्कृति और परंपरा के संरक्षण के नज़रिये से [122]
२८.हरियाणाहिन्दी[123]पंजाबी[124]
२९.हिमाचल प्रदेशहिन्दी[125]अंग्रेज़ी[98]:13

भूगोल और जलवायु

मुख्य लेख: भारत का भूगोल

भू-आकृतिक विशेषतायें

हिमालय उत्तर में जम्मू और कश्मीर से लेकर पूर्व में अरुणांचल प्रदेश तक भारत की अधिकतर पूर्वी सीमा बनाता हैराथोंग शिखर, कंचनजंघा के समीप स्थित, जेमाथांग ग्लेशियर के पास से लिया गया चित्र

भारत पूरी तौर पर भारतीय प्लेट के ऊपर स्थित है जो भारतीय आस्ट्रेलियाई प्लेट (Indo-Australian Plate) का उपखण्ड है। प्राचीन काल में यह प्लेट गोंडवानालैण्ड का हिस्सा थी और अफ्रीका और अंटार्कटिका के साथ जुड़ी हुई थी। तकरीबन ९ करोड़ वर्ष पहले क्रीटेशियस काल में भारतीय प्लेट १५ सेमी. वर्ष की गति से उत्तर की ओर बढ़ने लगी और इओसीन पीरियड में यूरेशियन प्लेट से टकराई। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के मध्य स्थित टेथीस भूसन्नति के अवसादों के वालन द्वारा ऊपर उठने से तिब्बत पठार और हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ। सामने की द्रोणी में बाद में अवसाद जमा हो जाने से सिन्धु-गंगा मैदान बना। भारतीय प्लेट अभी भी लगभग ५ सेमी./वर्ष की गति से उत्तर की ओर गतिशील है और हिमालय की ऊंचाई में अभी भी २ मिमी./वर्ष कि गति से उत्थान हो रहा है।

भारत के उत्तर में हिमालय की पर्वतमाला नए और मोड़दार पहाड़ों से बनी है। यह पर्वतश्रेणी कश्मीर से अरुणाचल तक लगभग १,५०० मील तक फैली हुई है। इसकी चौड़ाई १५० से २०० मील तक है। यह संसार की सबसे ऊँची पर्वतमाला है और इसमें अनेक चोटियाँ २४,००० फुट से अधिक ऊँची हैं। हिमालय की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट है जिसकी ऊँचाई २९,०२८ फुट है जो नेपाल में स्थित है।

हिमालय के दक्षिण सिन्धु-गंगा मैदान है जो सिंधु, गंगा तथा ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों द्वारा बना है। हिमालय (शिवालिक) की तलहटी में जहाँ नदियाँ पर्वतीय क्षेत्र को छोड़कर मैदान में प्रवेश करती हैं, एक संकीर्ण पेटी में कंकड पत्थर मिश्रित निक्षेप पाया जाता है जिसमें नदियाँ अंतर्धान हो जाती हैं। इस ढलुवाँ क्षेत्र को भाबर कहते हैं। भाबर के दक्षिण में तराई प्रदेश है, जहाँ विलुप्त नदियाँ पुन: प्रकट हो जाती हैं। यह क्षेत्र दलदलों और जंगलों से भरा है। तराई के दक्षिण में जलोढ़ मैदान पाया जाता है। मैदान में जलोढ़ दो किस्म के हैं, पुराना जलोढ़ और नवीन जलोढ़। पुराने जलोढ़ को बाँगर कहते हैं। यह अपेक्षाकृत ऊँची भूमि में पाया जाता है, जहाँ नदियों की बाढ़ का जल नहीं पहुँच पाता। इसमें कहीं कहीं चूने के कंकड मिलते हैं। नवीन जलोढ़ को खादर कहते हैं। यह नदियों की बाढ़ के मैदान तथा डेल्टा प्रदेश में पाया जाता है जहाँ नदियाँ प्रति वर्ष नई तलछट जमा करती हैं।

उत्तरी भारत के मैदान के दक्षिण का पूरा भाग एक विस्तृत पठार है जो दुनिया के सबसे पुराने स्थल खंड का अवशेष है और मुख्यत: कड़ी तथा दानेदार कायांतरित चट्टानों से बना है। पठार तीन ओर पहाड़ी श्रेणियों से घिरा है। उत्तर में विंध्याचल तथा सतपुड़ा की पहाड़ियाँ हैं, जिनके बीच नर्मदा नदी पश्चिम की ओर बहती है। नर्मदा घाटी के उत्तर विंध्याचल प्रपाती ढाल बनाता है। सतपुड़ा की पर्वतश्रेणी उत्तर भारत को दक्षिण भारत से अलग करती है और पूर्व की ओर महादेव पहाड़ी तथा मैकाल पहाड़ी के नाम से जानी जाती है। सतपुड़ा के दक्षिण अजंता की पहाड़ियाँ हैं। प्रायद्वीप के पश्चिमी किनारे पर पश्चिमी घाट और पूर्वी किनारे पर पूर्वी घाट नामक पहाडियाँ हैं।

कई महत्वपूर्ण और बड़ी नदियाँ जैसे गंगाब्रह्मपुत्रयमुनागोदावरी और कृष्णा भारत से होकर बहती हैं।

जलवायु

कोपेन के वर्गीकरण में भारत में छह प्रकार की जलवायु का निरूपण है किन्तु यहाँ यह भी ध्यातव्य है कि भू-आकृति के प्रभाव में छोटे और स्थानीय स्तर पर भी जलवायु में बहुत विविधता और विशिष्टता मिलती है। भारत की जलवायु दक्षिण में उष्णकटिबंधीय है और हिमालयी क्षेत्रों में अधिक ऊँचाई के कारण अल्पाइन (ध्रुवीय जैसी), एक ओर यह पुर्वोत्तर भारत में उष्ण कटिबंधीय नम प्रकार की है तो पश्चिमी भागों में शुष्क प्रकार की।

कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार भारत में निम्नलिखित छह प्रकार के जलवायु प्रदेश पाए जाते हैं:

परंपरागत रूप से भारत में छह ऋतुएँ मानी जाती रहीं हैं परन्तु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग चार ऋतुओं का वर्णन करता है जिन्हें हम उनके परंपरागत नामों से तुलनात्मक रूप में निम्नवत लिख सकते हैं:

शीत ऋतु (Winters) – दिसंबर से मार्च तक, जिसमें दिसंबर और जनवरी सबसे ठंढे महीने होते हैं; उत्तरी भारत में औसत तापमान १० से १५ डिग्री सेल्सियस होता है।

ग्रीष्म ऋतु (Summers or Pre-monsoon) – अप्रैल से जून तक जिसमें मई सबसे गर्म महीना होता है, औसत तापमान ३२ से ४० डिग्री सेल्सियस होता है।

वर्षा ऋतु (Monsoon or Rainy) – जुलाई से सितम्बर तक, जिसमें सार्वाधिक वर्षा अगस्त महीने में होती है, वस्तुतः मानसून का आगमन और प्रत्यावर्तन (लौटना) दोनों क्रमिक रूप से होते हैं और अलग अलग स्थानों पर इनका समय अलग अलग होता है। सामान्यतः १ जून को केरल तट पर मानसून के आगमन तारीख होती है इसके ठीक बाद यह पूर्वोत्तर भारत में पहुँचता है और क्रमशः पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण की ओर गतिशील होता है इलाहाबाद में मानसून के पहुँचने की तिथि १८ जून मानी जाती है और दिल्ली में २९ जून।

शरद ऋतु (Post-monsoon ot Autumn) – उत्तरी भारत में अक्टूबर और नवंबर माह में मौसम साफ़ और शांत रहता है और अक्टूबर में मानसून लौटना शुरू हो जाता है जिससे तमिलनाडु के तट पर लौटते मानसून से वर्षा होती है।

भारत के मुख्य शहर हैं – दिल्लीमुम्बईकोलकाताचेन्नईबंगलोर (बेंगलुरु)|

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अर्थव्यवस्था

मुख्य लेख: भारत की अर्थव्यवस्था२०१४ में क्रयशक्ति समानता के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में तीसरी सबसे बड़ी थी।

मुद्रा स्थानांतरण की दर से भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में दसवें और क्रयशक्ति के अनुसार तीसरे स्थान पर है। वर्ष २००३ में भारत में लगभग ८% की दर से आर्थिक वृद्धि हुई है जो कि विश्व की सबसे तीव्र बढती हुई अर्थव्यवस्थओं में से एक है। परंतु भारत की अत्यधिक जनसंख्या के कारण प्रतिव्यक्ति आय क्रयशक्ति की दर से मात्र ३,२६२ अमेरिकन डॉलर है जो कि विश्व बैंक के अनुसार १२५वें स्थान पर है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार २६५ (मार्च २००९) अरब अमेरिकी डॉलर है। मुम्बई भारत की आर्थिक राजधानी है और भारतीय रिजर्व बैंक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्यालय भी। यद्यपि एक चौथाई भारतीय अभी भी निर्धनता रेखा से नीचे हैं, तीव्रता से बढ़ती हुई सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के कारण मध्यमवर्ग में वृद्धि हुई है। १९९१ के बाद भारत में आर्थिक सुधार की नीति ने भारत के सर्वंगीण विकास मे बड़ी भूमिका निभाई है।सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी) भारत के सबसे अधिक विकासशील उद्योगों में से एक है, वार्षिक आय २८५० करोड़ डालर, इन्फोसिस, भारत की सबसे बडी आईटी कम्पनियों में से एक

१९९१ के बाद भारत में हुए आर्थिक सुधारोँ ने भारत के सर्वांगीण विकास मे बड़ी भूमिका निभाई। भारतीय अर्थव्यवस्था ने कृषि पर अपनी ऐतिहासिक निर्भरता कम की है और कृषि अब भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल २५% है। दूसरे प्रमुख उद्योग हैं उत्खननपेट्रोलियमबहुमूल्य रत्नचलचित्रवस्त्रसूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं, तथा सजावटी वस्तुऐं। भारत के अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र उसके प्रमुख महानगरों के आसपास स्थित हैं। हाल ही के वर्षों में $१७२० करोड़ अमरीकी डालर वार्षिक आय २००४-२००५ के साथ भारत सॉफ़्टवेयर और बीपीओ सेवाओं का सबसे बडा केन्द्र बन कर उभरा है। इसके साथ ही कई लघु स्तर के उद्योग भी हैं जोकि छोटे भारतीय गाँव और भारतीय नगरों के कई नागरिकों को जीविका प्रदान करते हैं। पिछले वर्षों में भारत में वित्तीय संस्थानों ने विकास में बड़ी भूमिका निभाई है।

केवल तीस लाख विदेशी पर्यटकों के प्रतिवर्ष आने के बाद भी भारतीय पर्यटन राष्ट्रीय आय का एक अति आवश्यक, परन्तु कम विकसित स्रोत है। पर्यटन उद्योग भारत के जीडीपी का कुल ५,३% है। पर्यटन १०% भारतीय कामगारों को आजीविका देता है। वास्तविक संख्या ४.२ करोड है। आर्थिक रूप से देखा जाए तो पर्यटन भारतीय अर्थव्यवस्था को लगभग $४०० करोड डालर प्रदान करता है। भारत के प्रमुख व्यापार सहयोगी हैं अमरीकाजापानचीन और संयुक्त अरब अमीरात

भारत के निर्यातों में कृषि उत्पाद, चाय, कपड़ा, बहुमूल्य रत्न व आभूषण, साफ़्टवेयर सेवायें, इंजीनियरिंग सामान, रसायन तथा चमड़ा उत्पाद प्रमुख हैं जबकि उसके आयातों में कच्चा तेल, मशीनरी, बहुमूल्य रत्न, उर्वरक (फ़र्टिलाइज़र) तथा रसायन प्रमुख हैं। वर्ष २००४ के लिये भारत के कुल निर्यात $६९१८ करोड़ डालर के थे जबकि उसके आयात $८९३३ करोड़ डालर के थे।

दिसम्‍बर 2013 के अंत में भारत का कुल विदेशी कर्ज 426.0 अरब अमरीकी डॉलर था, जिसमें कि दीर्घकालिक कर्ज 333.3 अरब (78,2%) तथा अल्‍पकालिक कर्ज 92,7% अरब अमरीकी डॉलर (21,8%) था। कुल विदेशी कर्ज में सरकार का विदेशी कर्ज 76.4 अरब अमरीकी डॉलर (कुल विदेशी कर्ज का 17.9 प्रतिशत) था, बाकी में व्‍यावसायिक उधार, एनआरआई जमा और बहुउद्देश्‍यीय कर्ज आदि हैं।[126]

जनसांख्यिकी

मुख्य लेख: भारत के लोग

भारत में धार्मिक समूह (२०११ की जनगणना)[127]
धार्मिक समूहप्रतिशत
हिन्दू  79.80%
मुस्लिम  14.23%
ईसाई  2.30%
सिख  1.72%
बौद्ध  0.70%
जैन  0.37%
निधर्मी  0.24%

हिन्दू धर्म भारत का सबसे बडा़ धर्म है – इस चित्र में गोआ का एक मंदिर दर्शाया गया है

भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत की विभिन्नताओं से भरी जनता में भाषाजाति और धर्म, सामाजिक और राजनीतिक सौहार्द्र और समरसता के मुख्य शत्रु हैं।

भारत की जनगणना २०११ के अनुसार भारत में ७४.०४ प्रतिशत साक्षरता है जिस में से +८०% पुरुष और ६हैं।[128]% स्त्रियाँ साक्षर हैं। लिंग अनुपात की दृष्टि से भारत में प्रत्येक १००० पुरुषों के पीछे मात्र ९४० महिलायें हैं। कार्य भागीदारी दर (कुल जनसंख्या मे कार्य करने वालों का भाग) ३९.१% है। पुरुषों के लिये यह दर ५१,७% और स्त्रियों के लिये २५,६% है। भारत की १००० जनसंख्या में २२.३२ जन्मों के साथ बढ़ती जनसंख्या के आधे लोग २२.६६ वर्ष से कम आयु के हैं।

यद्यपि भारत की ७९.८० प्रतिशत या ९६.६२ करोड़ जनसंख्या हिन्दू है,[129] १४.२३ प्रतिशत या १७.२२ करोड़ जनसंख्या के साथ भारत विश्व में मुसलमानों की संख्या में भी इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर है। अन्य धर्मावलम्बियों में ईसाई (२.३० % या २.७८ करोड़), सिख (१,७२ % या २.०८ करोड़), बौद्ध (०,७० % या ८४.४३ लाख), जैन (०,३७ % या ४४.५२ लाख), अन्य धर्म (०,६६ % या ७९.३८ लाख) इनमें यहूदीपारसीअहमदी और बहाई आदि धर्मीय हैं। नास्तिकता ०,२४% या ३८.३७ लाख है।

भारत दो मुख्य भाषा-सूत्रों: आर्य और द्रविड़ भाषाओँ का स्रोत भी है। भारत का संविधान कुल २३ भाषाओं को मान्यता देता है। हिन्दी और अंग्रेजी केन्द्रीय सरकार द्वारा सरकारी कामकाज के लिये उपयोग की जाती हैं। संस्कृत और तमिल जैसी अति प्राचीन भाषाएं भारत में ही जन्मी हैं। संस्कृत, संसार की सर्वाधिक प्राचीन भाषाओँ में से एक है, जिसका विकास पथ्यास्वस्ति नाम की अति प्राचीन भाषा/ बोली से हुआ था। तमिल के अलावा सारी भारतीय भाषाएँ संस्कृत से ही विकसित हुई हैं, हालाँकि संस्कृत और तमिल में कई शब्द समान हैं ! कुल मिला कर भारत में १६५२ से भी अधिक भाषाएं एवं बोलियाँ बोली जातीं हैं।

संस्कृति

मुख्य लेख: भारतीय संस्कृतिताजमहल, विश्व के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में गिना जाता है।

भारत की सांस्कृतिक धरोहर बहुत संपन्न है। यहाँ की संस्कृति अनोखी है और वर्षों से इसके कई अवयव अब तक अक्षुण्य हैं। आक्रमणकारियों तथा प्रवासियों से विभिन्न चीजों को समेट कर यह एक मिश्रित संस्कृति बन गई है। आधुनिक भारत का समाज, भाषाएं, रीति-रिवाज इत्यादि इसका प्रमाण हैं। ताजमहल और अन्य उदाहरण, इस्लाम प्रभावित स्थापत्य कला के उत्कृष्ट नमूने हैं।गुम्पा नृत्य एक तिब्बती बौद्ध समाज का सिक्किम में छिपा नृत्य है। यह बौद्ध नव वर्ष पर किया जाता है।

भारतीय समाज बहुधर्मिक, बहुभाषी तथा मिश्र-सांस्कृतिक है। पारंपरिक भारतीय पारिवारिक मूल्यों को काफी आदर की दृष्टि से देखा जाता है।

विभिन्न धर्मों के इस भूभाग पर कई मनभावन पर्व त्यौहार मनाए जाते हैं – दिवालीहोलीदशहरापोंगल तथा ओणम . ईद उल-फ़ित्रईद-उल-जुहामुहर्रम, क्रिसमस, ईस्टर आदि भी काफ़ी लोकप्रिय हैं।

भारत में संगीत तथा नृत्य की अपनी शैलियां भी विकसित हुईं, जो बहुत ही लोकप्रिय हैं। भरतनाट्यमओडिसीकथक प्रसिद्ध भारतीय नृत्य शैली है। हिन्दुस्तानी संगीत तथा कर्नाटक संगीत भारतीय परंपरागत संगीत की दो मुख्य धाराएं हैं। लोक नृत्यों (folk dances) में शामिल हैं पंजाब का भांगड़ाअसम का बिहूझारखंड का झुमइर और डमकचझारखंड और उड़ीसा का छाऊराजस्थान का घूमरगुजरात का डांडिया और गरबा, कर्नाटक जा यक्षगानमहाराष्ट्र का लावनी और गोवा का देख्ननी 

हालाँकि हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है, क्रिकेट सबसे अधिक लोकप्रिय है। वर्तमान में फुटबॉलहॉकी तथा टेनिस में भी बहुत भारतीयों की अभिरुचि है। देश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 1983 और 2011 में दो बार विश्व कप और 2007 का 20–20 विश्व-कप जीत चुकी है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2003 में वह विश्व कप के फाइनल तक पहुँची थी। 1930 तथा 40 के दशक में हॉकी भारत में अपने चरम पर थी। मेजर ध्यानचंद ने हॉकी में भारत को बहुत प्रसिद्धि दिलाई और एक समय भारत ने अमरीका को 24–0 से हराया था जो अब तक विश्व कीर्तिमान है। शतरंज के जनक देश भारत के खिलाड़ी विश्वनाथ आनंद ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

वैश्वीकरण के इस युग में शेष विश्व की तरह भारतीय समाज पर भी अंग्रेजी तथा यूरोपीय प्रभाव पड़ रहा है। बाहरी लोगों की खूबियों को अपनाने की भारतीय परंपरा का नया दौर कई भारतीयों की दृष्टि में उचित नहीं है। एक खुले समाज के जीवन का यत्न कर रहे लोगों को मध्यमवर्गीय तथा वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। कुछ लोग इसे भारतीय पारंपरिक मूल्यों का हनन भी मानते हैं। विज्ञान तथा साहित्य में अधिक प्रगति न कर पाने की वजह से भारतीय समाज यूरोपीय लोगों पर निर्भर होता जा रहा है। ऐसे समय में लोग विदेशी अविष्कारों का भारत में प्रयोग अनुचित भी समझते हैं।

सिनेमा और टेलीविज़न

मुख्य लेख: भारतीय सिनेमा

भारतीय फिल्म उद्योग, दुनिया की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सिनेमा का उत्पादन करता है। इसके अलावा यहाँ असमियाबंगालीभोजपुरीहिंदीकन्नड़मलयालमपंजाबीगुजरातीमराठीओडियातमिल और तेलुगू भाषाओं के क्षेत्रीय सिनेमाई परंपराएं भी मौजूद हैं। दक्षिण भारतीय सिनेमा का राष्ट्रीय फिल्म राजस्व में 75% से अधिक का हिस्सा है। भारत में सितंबर 2016 तक 2200 मल्टीप्लेक्स स्क्रीन सिनेमाघर थे तथा इसके 2019 तक 3000 तक बढ़ने की अपेक्षा की गई हैं।[130]

1959 में भारत में टेलीविजन का प्रसारण, राज्य संचालित संचार के माध्यम के रूप में शुरू हुआ, और अगले दो दशकों तक इसका धीमी गति से विस्तार हुआ। 1990 के दशक में टेलीविजन प्रसारण पर राज्य के एकाधिकार समाप्त हो गया, और तब से, उपग्रह चैनलों ने भारतीय समाज की लोकप्रिय संस्कृति को आकार दिया है। आज, भारत में टेलीविज़न मनोरंजन का सबसे प्रचलित माध्यम हैं, तथा इसकी पैठ समाज के हर वर्ग तक फैली हैं। उद्योग के अनुमान हैं कि भारत में 2012 तक 462 मिलियन उपग्रह या केबल कनेक्शन के साथ, कुल 554 मिलियन से अधिक टीवी उपभोक्ता हैं, मनोरंजन के अन्य साधनो में प्रेस मीडिया (350 मिलियन), रेडियो (156 मिलियन) तथा इंटरनेट (37 मिलियन) भी सम्मलित हैं

पाक-शैली (खानपान)

मुख्य लेख: भारतीय खाना

भारतीय खानपान बहुत ही समृद्ध है। शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनों ही तरह का खाना पसन्द किया जाता है। भारतीय व्यंजन विदेशों में भी बहुत पसन्द किए जाते हैं।

विदेश-सम्बन्ध

मुख्य लेख: भारत के वैदेशिक सम्बन्ध2014 में पुतिन और मोदी नई दिल्ली में

1947 में अपनी स्वतंत्रता के बाद, भारत के अधिकांश देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखा है। 1950 के दशक में, भारत ने पुरजोर रूप से अफ्रीका और एशिया में यूरोपीय उपनिवेशों की स्वतंत्रता का समर्थन किया और गुट निरपेक्ष आंदोलन में एक अग्रणी की भूमिका निभाई।[131] 1980 के दशक में भारत दो पड़ोसी देशों के निमंत्रण पर, सेना के द्वारा संक्षिप्त सैन्य हस्तक्षेप किया, एक श्रीलंका मे और दुसरा मालदीव में। भारत के पड़ोसी पाकिस्तान के साथ एक तनाव भरा संबंध है और दोनों देशों के बीच चार बार युद्ध हुआ है, 1947, 1965, 1971 और 1999में। कश्मीर विवाद इन युद्धों का प्रमुख कारण था।[132] 1962 के भारत – चीन युद्ध और पाकिस्तान के साथ 1965 के युद्ध के बाद भारत और सोवियत संघ के साथ सैन्य संबंधों मे॑ काफी बढ़ोतरी हुई। 1960 के दशक के अन्त में सोवियत संघ भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरी थी।[133]

रूस के साथ सामरिक संबंधों के अलावा, भारत का इजरायल और फ्रांस के साथ विस्तृत रक्षा संबंध हैं। हाल के वर्षों में, भारत ने क्षेत्रीय सहयोग और विश्व व्यापार संगठन के लिए एक दक्षिण एशियाई एसोसिएशन में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। [134] भारत ने 100,000 सैन्य और पुलिस कर्मियों को चार महाद्वीपों भर में संयुक्त राष्ट्र के पैंतीस शांति अभियानों में सेवा प्रदान की है।[135] भारत ने विभिन्न बहुपक्षीय मंचों, सबसे खासकर पूर्वी एशिया के शिखर बैठक और जी-8 5 में एक सक्रिय भागीदारी निभाई है। आर्थिक क्षेत्र में भारत का दक्षिण अमेरिका, एशिया, और अफ्रीका के विकासशील देशों के साथ घनिष्ठ संबंध है।[136] [137]

भारतीय पर्व

भारत में कई सारे पर्व मनाए जाते हैं, जिसमें 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 2 अक्टूबर को गांधी जयंतीदिवालीहोली और ईद पूरे देश में मनाई जाती है। इसके अलावा अन्य पर्व राज्यों के अनुसार होते हैं।

भारत की जनजातियां

  • गोंड – गोंड भारत की सबसे बड़ी जनजाति है , मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इनका शासन था ।
  • भील – भील देश की तीसरी सबसे बड़ी और देश की सबसे विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई जनजाति है , यह जनजाति मुख्यरूप से राजस्थान , मध्यप्रदेश , गुजरात और महाराष्ट्र में निवास करती है , इस जनजाति का इतिहास बेहद ही गौरवशाली रहा है , यह जनजाति प्राचीन समय में एक कबीले में ना रह कर , देश के कई क्षेत्रों पर शासन किया । भील जनजाति देश में भील रेजिमेंट और भील प्रदेश चाहती है
  • मीणा – मीणा राजस्थान की एक जनजाति है ।
  • नागा – नागा जनजाति मुख्यरूप से नागालैंड में पाई जाती है , देश में नागा रेजिमेंट है ।
  • खांसी- एक जनजाति
  • गारो – एक जनजाति

इन्हें भी देखें

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सी.आई.एस.एफ़
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सी.आर.पी.एफ़
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पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो
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सेना
भारतीय थल सेना
भारतीय नौसेना
भारतीय वायु सेना
भारतीय तटरक्षक
सीमा सुरक्षा बल
भारत तिब्बत सीमा पुलिस

विधि प्रवर्तन:गुप्तचर विभाग
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ)
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आई.बी)
संयुक्त इंटेलिजेंस समिति (जे.आई.सी)

राजनीति
चुनाव · मानवाधिकार · राष्ट्रवाद · राजनीतिक पार्टियां (कांग्रेस · भाजपा · बसपा · सीपीआई · सीपीआईएम · एनसीपी) · आरक्षण · घोटाले · अनुसूचित समूह · धर्म-निरपेक्षवाद
भूगोल

भूमिरूप
पर्वत · हिमनद · ज्वालामुखी · घाटियां · नदियां · झीलें · मरुस्थल · द्वीप · जलप्रपात · सागरतट
मैदान(गांगेय मैदान · पूर्वी तटीय · पश्चिमी तटीय)


क्षेत्र
पूर्वी भारत · पश्चिमी भारत · उत्तरी भारत · दक्षिण भारत · पूर्वोत्तर भारत
उपखंड
राज्य एवं संघ शासित प्रदेश · शहर · जिले · स्वायत्त क्षेत्र · नगरपालिकाएं  · पारंपरिकउपखंड

पर्यावरण
जलवायु · जलवायु क्षेत्र · भूगर्भ ज्ञान · इकोक्षेत्र · अभयारण्य · राष्ट्रीय उद्यान · संरक्षित क्षेत्र · वन्य जीवन · Fauna · Flora
अर्थ
व्यवस्था

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संस्कृति
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शिक्षा
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सं
अतुल्य भारत
  • भारतीय पर्यटन विभाग की पंचलाइन       • पर्यटकीय दृष्टि से आकर्षक स्थल   
इतिहास
पर्यटन • भारत में पर्यटन • विश्व धरोहर • भारत के विश्व धरोहर स्थल
ब्रांडेड और प्रोत्साहन
अमिताभ कांत (२००२) • भारतीय पर्यटन विभाग
विश्व धरोहर स्थल
आगरा का किला • अजंता गुफाएं • साँची • चंपानेर-पावागढ़ • छत्रपति शिवाजी टर्मिनस • गोआ के गिरजाघर एवं कॉन्वेंट • एलीफेंटा गुफाएं • एल्लोरा गुफाएं • फतेहपुर सीकरी
राष्ट्रीय उद्यान
काजी़रंगा राष्ट्रीय उद्यान • केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान • चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान • मानस राष्ट्रीय उद्यान • नण्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान • सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान
प्रागैतिहासिक स्थल
भीमबेटका • हम्पी• धोलावीरा • सिंधु घाटी सभ्यता • खजुराहो
बौद्ध आकर्षण
महाबोधी मंदिर • तवांग मठ • धर्मशाला • सारनाथ • कुशीनगर • सांची • वैशाली
हिन्दू तीर्थ
कोणार्क सूर्य मंदिर • महान चोला मंदिर • मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मन्दिर • हरिद्वार • बागेश्वर • सीतामढ़ी • इलाहाबाद • वाराणसी • उज्जैन • मथुरा • द्वारिका • भुवनेश्वर • देवघर • गया • कमल मंदिर • मातृमंदिर, ऑरोविले, पुदुच्चेरी • महाबलिपुरम के तट मन्दिर • रामेश्वरम तीर्थ • वृन्दावन • अयोध्या • नासिक • त्र्यम्बकेश्वर मन्दिर • जगन्नाथ पुरी • अमरनाथ शक्तिपीठ • वैद्यनाथ मंदिर, देवघर • कामाख्या शक्तिपीठ • अमरकंटक शक्तिपीठ • सोमनाथ • उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर • श्री शैलम देवस्थानम • भीमाशंकर मंदिर • ओम्कारेश्वर मंदिर • केदारनाथ मंदिर • काशी विश्वनाथ मंदिर • घृष्णेश्वर मंदिर • नागेश्वर मंदिर, द्वारका • हिंगलाज भवानी शक्तिपीठ
स्मारक समूह
हम्पी • महाबलिपुरम के तट मन्दिर • पत्तदकल • हुमायुं का मकबरा • ताजमहल • लाल किला • कुतुब मीनार • कोणार्क सूर्य मंदिर • आमेर का किला
पर्वत
कश्मीर • लद्दाख• उत्तराखण्ड • सिक्किम • अरावली • पश्चिमी घाट • कंचनजंघा • नन्दा देवी पर्वत
मरुस्थल
राजस्थान • कच्छ
झीलें, नदियाँ
डल • चिलका• लोकटक • नाको • नैनीताल • उदयपुर • केरल
समुद्र तट
अंडमान • लक्षद्वीप• गोआ • कलकत्ता • मुंबई • चेन्नई • कन्याकुमारी • सौराष्ट्र• कटक
अन्य आकर्षण
भारत की पर्वतीय रेल • भीमबेटका पाषाण आश्रय • नालन्दा विश्वविद्यालय • जलियांवाला बाग • पोरबंदर • कुरुक्षेत्र • हज़रतबल • अजमेर • हिमाचल प्रदेश का हिमालय परिदृश्य
विशेष आयोजन
रेड डि हिमालया • डेसर्ट सफारी • पैलेस ऑन व्हील्स • अहमदाबाद पतंग उत्सव • कुंभ मेला • सिंहस्थ मेला • नौचन्दी मेला • सोनपुर मेला • पुष्कर मेला • सूरजकुण्ड मेला • श्रावणी मेला (वैद्यनाथ धाम) • रामायण मेला • माघ मेला • नन्दादेवी मेलाअल्मोड़ा • नन्दादेवी मेला, नैनीताल • कोट की माई का मेला • गोगामेडी मेला • हरियाली आमवस्या का मेला • उदयपुर • नवरात्रि मेलाविन्ध्याचल • बानेश्वर का मेला • गंगासागर मेला • बग्वाल मेला (उत्तराखण्ड) • पूर्णागिरि मेला • अंबुवासी मेलाकामाख्या • उत्तरायणी मेलाबरेली • कांवर मेलाकाशीपुर • शरद पूर्णिमा मेला, पुनरासर धाम • पितृपक्ष मेलागया • खिचड़ी मेलागोरखपुर • रामलीला मेलाओरछा • हरेला मेलाभीमताल • सालासर मेला • कालका माता का मेलादेसूरी • कपाल मोचन मेलायमुनानगर • कतिकी मेलाबिठूर • नानकमत्ता साहब का दीपावली मेला
भारतीय खानपान एवं व्यंजन
श्रीनगर , लखनऊ का मुग़लई खाना • कोलकाता बंगाल का मच्छी चावल • देहरादून का बासमती • पंजाब की मक्के की रोटी-सरसों का साग • मथुरा के पेड़े • राजस्थान का दाल बाटी चूरमा • जयपुर की कचौरी • बिहार का लिट्टी-चोखा • मुम्बई का वड़ा पाव • दक्षिण का डोसा • हैदराबादी खाना • तेलुगू भोजन • छत्तीसगढ़ का खाना • आदिवासियों का खाना • उत्तर प्रदेश का खाना • ओड़िशा का खाना • उत्तर भारतीय खाना • त्रिपुरा का खाना • गुजराती खाना • गोआ का खाना • पूर्वोत्तर भारतीय खाना • पूर्व भारतीय खाना • पश्चिम भारतीय खाना• पहाड़ी खाना • सिक्किम का खाना • आंग्ल-भारतीय व्यंजन • पंजाबी खाना • कश्मीरी खाना • असम का खाना • मलयाली खाना • कन्नड़ खाना • मैथिल खाना • मैसूर पाक
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भारत के राज्य और संघ राज्यक्षेत्र
राज्य
अरुणाचल प्रदेश
असम
आन्ध्र प्रदेश
उत्तराखण्ड
उत्तर प्रदेश
ओडिशा
कर्नाटक
केरल
गुजरात
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छत्तीसगढ़
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बिहार
मणिपुर
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
मिज़ोरम
मेघालय
राजस्थान
सिक्किम
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश

संघ राज्यक्षेत्र
अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह
चण्डीगढ़
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
दिल्ली
पुदुच्चेरी
लक्षद्वीप
जम्मू और कश्मीर
लद्दाख
भारतीय राज्यों की राजधानियाँ
प्रस्तावित राज्य तथा क्षेत्र
ऐतिहासिक क्षेत्र
ब्रिटिश प्रांत
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दक्षिण एशिया के देश एवं क्षेत्र
बांग्लादेश · भूटान · भारत · माल्दीव · नेपाल · पाकिस्तान · श्रीलंका कई बार सम्मिलित:  अफगानिस्तान • बर्मा • ईरान • ब्रिटिश हिन्द महासागरीय क्षेत्र • तिब्बत

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हिन्द महासागर तटवर्ती देश
अफ़्रीका
इरित्रिया · कीनिया · कोमोरोस · जिबूती · मिस्र · फ़्रान्स (मेयोट और रेयूनियों· मेडागास्कर · मॉरिशस · मोज़ाम्बीक · सेशेल्स · सोमालिया · दक्षिण अफ़्रीका · सूडान · तंज़ानिया · सोमालीलैंड (गैर मान्यता प्राप्त) · रोड्रीग्वेज़मौरीशस · ज़ंज़ीबारतंजानिया

एशिया
इराक़ · ईरान · इज़राइल · इंडोनेशिया · ओमान · क़तर · कुवैत · थाईलैण्ड · पाकिस्तान · पूर्वी तिमोर · बहरीन  · बांग्लादेश · भारत · म्यान्मार  · जॉर्डन · मलेशिया · मालदीव · सउदी अरब · श्रीलंका · संयुक्त अरब अमीरात · यमन  · क्रिसमस द्वीप and कोकोस (कीलिंग) द्वीपसमूहऑस्ट्रेलिया  · ब्रिटिश हिन्द महासागरीय क्षेत्र (कागोस आर्कीपेलागो)यूनाइटेड किंगडम
अन्य
अंटार्कटिका · ओशिआनिया (ऑस्ट्रेलिया)
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अरब सागर के तटीय देश
Flag of India.svg भारत · Flag of Iran.svg ईरान · Flag of Maldives.svg मालदीव · Flag of Oman.svg ओमान · Flag of Pakistan.svg पाकिस्तान · Flag of Somalia.svg सोमालिया · Flag of Yemen.svg यमन
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एशिया के देश
अज़रबैजान  • अफ़्गानिस्तान  • आर्मीनिया  • इण्डोनेशिया  • इराक  • इज़राइल  • ईरान  • उज़्बेकिस्तान  • उत्तर कोरिया  • ओमान  • कज़ाख़िस्तान  • क़तर  • कुवैत  • कम्बोडिया  • किर्गिज़स्तान  • चीन  • जापान  • जॉर्जिया  • ताजिकिस्तान  • तुर्कमेनिस्तान  • तुर्की  • थाईलैंड  • दक्षिण कोरिया  • नेपाल  • पाकिस्तान  • पूर्वी तिमोर  • फ़िलीपीन्स  • बहरीन  • बांग्लादेश  • ब्रुनेई  • भारत  • भूटान  • मलेशिया  • मंगोलिया  • मालदीव  • म्यान्मार  • यमन  • जार्डन  • रूस  • लाओस  • लेबनान  • वियतनाम  • संयुक्त अरब अमीरात  • साइप्रस  • सउदी अरब  • सिंगापुर  • सीरिया  • श्रीलंका

अमान्य देश
अबख़ाज़िया * उत्तरी साइप्रस ताइवान * दक्षिण ओसेतिया * नागोर्नो-काराबाख़ * फ़िलिस्तीन
प्राधिकरण नियंत्रण
वर्ल्डकैट
वी॰आई॰एफ॰ए॰135375457
एल॰सी॰सी॰एन॰n80125948
आई॰एस॰एन॰आई0000 0001 2331 2734
जी॰एन॰डी॰4026722-2
सेलाइबर148745
एस॰यू॰डी॰ओ॰सी॰080728499
बी॰एन॰एफ॰cb11934238p (आँकड़े)
BIBSYS90577766
एच॰डी॰एस॰003407
एन॰एल॰ए॰35219734
एन॰डी॰एल॰00564071
एन॰के॰सी॰ge129384
बी॰एन॰ई॰XX451208
CiNiiDA01135694
[दिखाएँ] भारत के बारे में
प्राधिकरण नियंत्रणवर्ल्डकैटवी॰आई॰एफ॰ए॰135375457एल॰सी॰सी॰एन॰n80125948आई॰एस॰एन॰आई0000 0001 2331 2734जी॰एन॰डी॰4026722-2सेलाइबर148745एस॰यू॰डी॰ओ॰सी॰080728499बी॰एन॰एफ॰cb11934238p (आँकड़े)BIBSYS90577766एच॰डी॰एस॰003407एन॰एल॰ए॰35219734एन॰डी॰एल॰00564071एन॰के॰सी॰ge129384बी॰एन॰ई॰XX451208CiNiiDA01135694


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