सुप्रबुद्ध कोलीय

महाराजा सुप्रबुद्ध कोलीय जिन्हें महाराजा सुप्पबुद्ध कोलीय भी बोला जाता है कोलीय गणराज्य के कोली महाराजा थे। महावंश वंशावली और थेरवाद टीका परंपरा के अनुसार बुद्ध के मामा और ससुर थे। उन्हें महासु्प्रबुद्ध के नाम से भी जाना जाता था। उनका विवाह शाक्य गणराज्य की राजकुमारी के साथ हुआ था।

महाराजा सुप्रबुद्ध कोलीय
महाराजा कोलीय
भगवान गौतम बुद्ध, पत्नी राजकुमारी यशोधरा एवं पुत्र राहुल
पिताजीमहाराजा अंजन कोलीय
पुत्रदेवदत्त
जन्मसुप्रबुद्ध
देवदह
पत्नीमहारानी अमिता (शाक्य गणराज्य की राजकुमारी)
संतानराजकुमार देवदत्त एवं राजकुमारी यशोधरा (भदकंचना)
पूरा नामरामग्राम नरेश महाराज सुप्रबुद्ध कोलीयशासनावधि नामगणपति
घरानानागवंशी क्षत्रिय
पितामहाराजा अंजन कोलीय
मातामहारानी यशोधरा (शाक्य गणराज्य की राजकुमारी)
धर्मक्षत्रिय धर्म

महावंश के अनुसार, वह महाराजा अंजना और उनकी पत्नी यशोधरा के पुत्र थे। वह अपनी पत्नी अमिता से बुद्ध के भद्रकंचना (सिद्धार्थ की पत्नी यशोधरा) और देवदत्त दोनों के पिता बने। उनकी दो बहनें, मायादेवी और पजापति और एक भाई दण्डपाणि कोलीय थे।महावंश द्वारा बुद्ध को दी गई वंशावली विस्तार और व्याख्या को प्रतिबिंबित कर सकती है जो ऐतिहासिक तथ्यों के बजाय स्थानीय परंपराओं को दर्शाती है।

महाराजा सुप्रबुद्ध कोलीय रिसते मे भगवान बुद्ध के ससुर भी लगते थे और फूफा भी लगते थे साथ ही ममेरे भाई भी लगते थे।

  • फूफा, फुफा लगते थे क्योंकि भगवान बुद्ध की पिताजी की बहन पमिता (बुद्ध की बुआ) का विवाह महाराजा दण्डपाणि कोलीय के साथ हुआ था।
  • ममेरा भाई, ममेरा भाई लगते थे क्योंकि महाराजा अंजन कोलीय की बहन एवं महाराजा दण्डपाणि की बुआ का विवाह भगवान बुद्ध के पिताजी शुद्धोधन के साथ हुआ था।
  • ससुर, ससुर इसलिए लगते थे क्योंकि उनकी पुत्री राजकुमारी यशोधरा का विवाह भगवान बुद्ध के साथ हुआ था।

एसा इसलिए होति था क्योंकि कोली और शाक्य अपने खून पर बहुत ज्यादा गर्व करते थे एवं किसी दूसरे खानदान के साथ संबंध नही बनाना चाहते थे जिससे उनके खून की पवित्रता बनीं रहे।

कोलीय गणराज्य और शाक्य गणराज्य रोहिणी हे बंटे हुए थे। लेकिन दोनों गणराज्यों के बीच ख़ून का संबंध था। दोनों गणराज्यों के राजपरिवार अपने खून पर इतना अभिमान करते थे की वो किसी और घराने मे शादी नही करते थे।

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