प्रोटिओसोमस

 प्रोटिओसोमस सभी यूकेरियोट्स और आर्चिया और कुछ बैक्टीरिया में प्रोटीन कॉम्प्लेक्स हैं। यूकेरियोट्स में, प्रोटिओसोमस न्यूक्लियस और साइटोप्लाज्म में स्थित हैं। [१]  प्रोटिओसोम का मुख्य कार्य प्रोटीलाइज़िस द्वारा अनावश्यक या क्षतिग्रस्त प्रोटीन को अवक्रमित करना है,  जो पेप्टाइड बांड टूटने वाली एक रासायनिक प्रतिक्रिया है। ऐसी प्रतिक्रियाओं में मदद करने वाले एंजाइमों को प्रोटीज़ कहा जाता है।  प्रोटिओसोमस […]

प्राणी

प्राणी, जन्तु, जानवरAnimals वैज्ञानिक वर्गीकरण अधिजगत: सुकेन्द्रिक (युकेरियोट) अश्रेणीत: ओफ़िस्टोकोंटा (Opisthokonta) जगत: जंतुलीनियस, 1758 संघ Subkingdom प्राणीस्पंजPlacozoaSubkingdom EumetazoaRadiata (unranked)CtenophoraCnidariaBilateria (unranked)OrthonectidaRhombozoaAcoelomorphaChaetognathaSuperphylum DeuterostomiaChordataHemichordataEchinodermataXenoturbellidaVetulicolia†Protostomia (unranked)Superphylum EcdysozoaKinorhynchaLoriciferaPriapulidaNematodaNematomorphaLobopodia†OnychophoraTardigradaArthropodaSuperphylum PlatyzoaPlatyhelminthesGastrotrichaRotiferaAcanthocephalaGnathostomulidaMicrognathozoaCycliophoraSuperphylum LophotrochozoaSipunculaHyolitha†NemerteaPhoronidaBryozoaEntoproctaBrachiopodaMolluscaAnnelidaEchiura प्राणी या जन्तु या जानवर ‘ऐनिमेलिया’ (Animalia) या मेटाज़ोआ (Metazoa) जगत के बहुकोशिकीय, जंतुसम पोषण प्रदर्शित करने वाले, और सुकेंद्रिक जीवों का एक मुख्य समूह है। पैदा होने के बाद जैसे-जैसे कोई प्राणी बड़ा होता है उसकी शारीरिक योजना निर्धारित रूप से विकसित होती जाती है, हालांकि कुछ प्राणी जीवन में आगे जाकर कायान्तरण (metamorphosis) की […]

प्राणिविज्ञान

प्राणिविज्ञान या जन्तुविज्ञान (en:Zoology) जीवविज्ञान की शाखा है जो जन्तुओं और उनके जीवन, शरीर, विकास और वर्गीकरण (classification) से सम्बन्धित होती है। प्राणी की परिभाषा प्राणी की परिभाषा कई प्रकार से की गई है। कुछ लोग प्राणी ऐसे जीव को कहते हैं जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का सृजन तो नहीं करता, पर जीवनयापन के लिए इन पर निर्भर करता है। इन पदार्थों को प्राणी बाह्य स्रोत […]

प्राणियों और वनस्पतियों का देशीकरण

प्राणियों और वनस्पतियों को उनके मूल निवास के समकक्ष, या बिल्कुल भिन्न जलवायुवाले दूसरे प्रदेश में, कृत्रिम या प्राकृतिक तरीके से ले जाकर, सफलतापूर्वक उनका विस्तार किए जाने की पद्धति के लिए प्राणियों और वनस्पतियों का देशीकरण (Naturalization of Plants and Animals) – इस पद का व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। व्यापक अर्थ में देशीकरण […]

प्रसूता

प्रसूता वह स्त्री है जिसने हाल ही में संतान को जन्म दिया है। प्रसूता स्त्री की शारीरिक, मानसिक तथा यौन दशाएं सामान्य स्त्रियों से भिन्न होती है। श्रेणी:  जीव विज्ञान

प्रतिरूपण

जीव-विज्ञान में प्रतिरूपण, आनुवांशिक रूप से समान प्राणियों की जनसंख्या उत्पन्न करने की प्रक्रिया है, जो प्रकृति में विभिन्न जीवों, जैसे बैक्टीरिया, कीट या पौधों द्वारा अलैंगिक रूप से प्रजनन करने पर घटित होती है। जैव-प्रौद्योगिकी में, प्रतिरूपण डीएनए खण्डों (आण्विक प्रतिरूपण), कोशिकाओं (सेल क्लोनिंग) या जीवों की प्रतिरूप निर्मित करने की प्रक्रिया को कहा जाता है। यह शब्द किसी उत्पाद, जैसे डिजिटल माध्यम या सॉफ्टवेयर की अनेक प्रतियां निर्मित करने की प्रक्रिया को भी सूचित […]

प्रतिरक्षा विज्ञान

एक जीवाणु (एमआरएसए, पीला) एक प्रतिरक्षा कोशिका (न्यूट्रोफिल, बैंगनी) द्वारा निहित होते हुए तंत्र प्रतिरक्षा तंत्र उप-विभाजन Cellular ClinicalGenetic (Immunogenetics)Humoral Molecular महत्वपूर्ण रोग Autoimmune diseaseHypersensitivityImmune disorderImmunodeficiency महत्वपूर्ण परीक्षण AgglutinationImmunoassayImmunoprecipitationSerology विशेषज्ञ Immunologist प्रतिरक्षाविज्ञान (Immunology) जीवचिकित्सा विज्ञान की एक शाखा है जिसमें सभी प्राणियों के सभी प्रतिरक्षा तंत्रों का अध्ययन किया जाता है। रूसी जीवविज्ञानी इल्या इलिच मेखनिकोव ने प्रतिरक्षा विज्ञान पर अध्ययन को बढ़ाया और उन्हें इस कार्य […]

प्रतिजन

प्रतिरक्षाविज्ञान में, प्रतिजन (antigen) किसी जीवधारी के शरीर में उपस्थित वे अणु हैं जो रोगों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करते हैं। दूसरे शब्दों में, कोई भी पदार्थ जो शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को प्रतिपिण्ड उत्पन्न करने में सहायक होता है, उसको प्रतिजन कहते हैं। प्रतिजन वायरस बैक्टीरिया प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट आदि हो सकते हैं। जिनका आणविक भार कम से कम 6000 डाल्टन होना चाहिए।[1] […]

प्रकिण्व रियेक्टर

प्रकिण्व रियेक्टर प्रकिण्व अभिक्रिया या रियेक्शन के लिये उपयोग किया जाने वाला पात्र एन्ज़ाइम रियेक्टर या प्रकिण्व रियेक्टर कहलाता है। रियेक्टरों का उपयोग बैच या सतत प्रणाली में किया जा सकता है। प्रकार एन्ज़ाइम रियेक्टर कई प्रकार के होते हैं: विलेडित टैंक या टैंक झिल्ली या मैम्ब्रेन सतत प्रवाह या कॉन्स्टैंट फ्लो [छुपाएँ]देवासंजीवविज्ञान के मुख्य उप-क्षेत्र शरीर संरचना […]

प्रकिण्व अभियांत्रिकी

प्रकिण्व अभियांत्रिकी किसी प्रकिण्व या एन्ज़ाइम के अमीनो अम्ल में परिवर्तन द्वारा उसके गुणधर्म में उपयोगी परिवर्तन लाने हेतु अध्ययन को प्रकिण्व अभियांत्रिकी या एन्ज़ाइम इंजीनियरिंग कहते हैं। यह परिवर्तन पुनर्योगज डी एन ए या रीकॉम्बिनेंट डी एन ए प्रौद्योगिकी द्वारा किये जाते हैं। एन्ज़ाइम इंजीनियरिंग का एकमात्र उद्देश्य औद्योगिक अथवा अन्य उद्योगों के लिये अधिक क्रियाशील, स्थिर एवं उपयोगी एन्ज़ाइमों को प्राप्त करना है। [छुपाएँ]देवासंजीवविज्ञान के मुख्य उप-क्षेत्र […]