बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान
बांदीपुर टाइगर रिज़र्व
आईयूसीएन श्रेणी द्वितीय (II) (राष्ट्रीय उद्यान)
बांदीपुर में बाघ
बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान की अवस्थिति दिखाता मानचित्र
अवस्थितिचामराजनगर जिलाकर्नाटकभारत
निकटतम शहरमैसूर ८० कि.मी.
क्षेत्रफल८७४.२ वर्ग किलोमीटर
स्थापित१९७४
शासी निकायवन एवं पर्यावरण मंत्रालय (भारत), कर्नाटक वन विभाग
www.karnatakaforest.gov.in

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (कन्नड़ भाषा:ಬಂಡೀಪುರ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಉದ್ಯಾನदक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित है। यह प्रोजेक्ट टाइगर के तहत सन् 1974 में एक टाइगर रिज़र्व के रूप में स्थापित किया गया था। एक समय यह मैसूर राज्य के महाराजा की निजी आरक्षित शिकारगाह थी।[1] बांदीपुर अपने वन्य जीवन के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ कई प्रकार के बायोम हैं, लेकिन इनमें शुष्क पर्णपाती वन प्रमुख है।

उद्यान ८७४ वर्ग किलोमीटर (३३७ वर्ग मील) के क्षेत्र में फैला हुआ है और भारत के लुप्तप्राय वन्य जीवन की कई प्रजातियों का संरक्षण स्थल है। आसपास के नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान (६४३ वर्ग किलोमीटर (२४८ वर्ग मील)), मुदुमलाइ राष्ट्रीय उद्यान (320 वर्ग किलोमीटर (120 वर्ग मील)) और वायनाड वन्यजीव अभयारण्य (344 वर्ग किलोमीटर (133 वर्ग मील)) के साथ कुल मिलाकर 2183 वर्ग किलोमीटर (843 वर्ग मील) का यह नीलगिरी बायोस्फीयर रिज़र्व का हिस्सा है जिससे यह दक्षिण भारत का सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र बन जाता है।[2]

बांदीपुर चामराजनगर जिले के गुण्द्लुपेट तालुके में स्थित है। यह मैसूर शहर से ८० किलोमीटर (५० मील) की दूरी पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल ऊटी जाने के मार्ग पर स्थित है। इसकी वजह से बहुत से पर्यटन यातायात बांदीपुर से होकर गुज़रते हैं और वर्ष इन वाहनों से हुई टक्कर के कारण कई वन्य प्राणियों की मृत्यु हो जाती है।[3] इन हादसों को कम करने की दृश्टि से सरकार ने गोधुलि वेला से भोर तक बांदीपुर से गुज़रने वाले यातायात पर प्रतिबन्ध लगा दिया है।[4]

इतिहास

सन् १९३१ में मैसूर राज्य के महाराजा ने ९० वर्ग किलोमीटर (३५ वर्ग मील) का एक अभयारण्य बनाया और उसका नाम वेणुगोपाल वन्यजीव पार्क रखा। सन् १९७३ में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत वेणुगोपाल वन्यजीव पार्क में लगभग ८०० वर्ग किलोमीटर (३१० वर्ग मील) जोड़कर बांदीपुर टाइगर रिजर्व स्थापित किया गया था।

स्थिति

कर्नाटक के चामराजनगर ज़िले में स्थित ८७४.२ वर्ग किलोमीटर विस्तार का बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान उत्तर पश्चिम में राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान (नागरहोल) द्वारा, दक्षिण में तमिलनाडु के मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य द्वारा और दक्षिण पश्चिम में केरल के वायनाड वन्यजीव अभयारण्य द्वारा घिरा हुआ है। यह सब साथ मिलकर नीलगिरी बायोस्फीयर रिज़र्व बनाते हैं।[2]

वनस्पति

सदाबहार तथा पतझड़ी वन पाये जाते हैं।

स्तनपायी

यहाँ बाघतेंदुआहाथी (भारतीय हाथी), गौरभालूढोलसांबरचीतलकाकड़भारतीय चित्तीदार मूषक मृग तथा लोरिस पाये जाते हैं।[2]

पक्षी

यह पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग है। यहाँ पक्षियों की २०० से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।[2]

[छुपाएँ]देवासं भारत के राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर भारतजम्मू कश्मीरदाचीगाम  • हेमिस • किश्तवार • सलीम अलीहिमाचल प्रदेशग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान • पिन घाटीउत्तराखंडकार्बेट • गंगोत्री • गोविंद • नंदा देवी • राजाजी • फूलों की घाटीहरियाणाकलेसर • सुल्तानपुरउत्तर प्रदेशनवाबगंज • दुधवाराजस्थानदर्राह • मरुभूमि • केवलादेव • रणथंबोर • सरिस्का • माउंट आबू
दक्षिण भारतआंध्र प्रदेशकासु ब्रह्मानन्द रेड्डी • महावीर हरिण वनस्थली • मृगवनी • श्री वेंकटेश्वरकर्नाटकअंशी • बांदीपुर • बनेरघाट • कुदरेमुख • नागरहोलतमिलनाडुगुइंडी • मन्नार की खाड़ी • इंदिरा गांधी • पलानी पर्वत • मुदुमलाइ • मुकुर्थीकेरलएराविकुलम • मथिकेत्तन शोला • पेरियार • साइलेंट वैली
पूर्वी भारतबिहारवाल्मीकिझारखंडबेतला • हज़ारीबागपश्चिम बंगालबुक्सा • गोरुमारा • न्योरा घाटी • सिंगालीला • सुंदरवन • जलदापाड़ाउड़ीसाभीतरकनिका • सिमलीपाल
पश्चिम भारतगुजरातकृष्ण मृग • गिर • कच्छ की खाड़ी • वंस्दामहाराष्ट्रचांदोली • गुगामल • नवेगाँव • संजय गांधी • ताडोबागोआमोल्लेम
मध्य भारतमध्य प्रदेशबांधवगढ • जीवाश्म • कान्हा • कूनो • माधव • पन्ना • पेंच • संजय • सतपुरा • वन विहार • डायनासोरछत्तीसगढइंद्रावती • कांगेर घाटी
पूर्वोत्तर भारतअरुणाचल प्रदेशमोलिंग • नमदाफासिक्किमकंचनजंगाअसमदिबरू-साइखोवा • काज़ीरंगा • मानस • नमेरी • ओरांगनागालैंडन्टङ्कीमेघालयबलफकरम • नोकरेक  • नोंगखाइलेममणिपुरकेयबुल लामजाओ • सिरोईमिजोरममुर्लेन • फौंगपुइ
द्वीपअंडमान एवं निकोबारकैम्पबॅल बे • गैलेथिआ • महात्मा गांधी • माउन्ट हैरियट • मिडल बटन द्वीप • नौर्थ बटन द्वीप • रानी झांसी • सैडल पीक • साउथ बटन द्वीप
राष्ट्रीय उद्यान • भारत के अभयारण्य • वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (भारत)

श्रेणियाँ

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *