वैनगंगा नदी

वेनगंगा नदी
Waingangaवैनगंगा नदी
River
देश भारत
शहरसिवनी जिला, गोपालगंज पंचायत, मुंडारा
स्रोतमुंडारा
 – स्थानसिवनी जिलामध्यप्रदेश
 – ऊँचाई1,048 मी. (3,438 फीट)
 – निर्देशांक21°57′N 79°34′E
लंबाई569 कि.मी. (354 मीलapprox.
जलसम्भर43,658 कि.मी.² (एक्स्प्रेशन त्रुटि: round का घटक नहीं मिला वर्ग मील)

भारत के राज्य मध्यप्रदेश के सिवनी जिला में वैनगंगा नदी का उदगम स्थल सिवनी से नागपुर रोड पर 10 कि.मी. की दूरी पर बसे ग्राम गोपालगंज से लगभग 6 कि.मी. पूर्वी दिशा में ग्राम मुंडारा है। मुंडारा गांव के पास स्थित रजोलाताल से वैनगंगा नदी एक कुंड से निकलती है यह नदी सिवनी की अर्द्व परिक्रमा करती हुई पहले उत्तर में फिर पूर्व की ओर तत्पश्चात दक्षिणी-पूर्वी दिशा में बहती है इसका प्रारम्भिक बहाव क्षेत्र चट्टानी हैँ, परन्तु फिर उपजाऊ मैदान तथा सकरी घाटीयोँ से होकर बहती है यह नदी दिघोरी, बंडोल छपारा से होते हुये सीधे छपारा के भीमगढ संजय सरोवर बांध जो कि एशिया का सबसे बडा मिट्टी का बांध हैँ से जल भराव के बाद मझगवा, केवलारी से बालाघाट जिला होते हुये गोंदिया तथा चांदा जिले से बहती हुई वर्धा नदी में मिलती है। इन दोनों के संगम के बाद नदी का नाम प्राणहिता हो जाता है कन्हान नदी,बावनथड़ी नदी तथा पेँच नदी इसकी सहायक नदीयाँ है। आगे जाकर यह नदी गोदावरी नदी मे मिल जाती है इस प्रकार वैनगंगा नदी गोदावरी नदी की सहायक नदी है।

वैनडंगा नदी का उपयोग रूडयार्ड किपलिंग द्वारा द जंगल बुक और द सेकंड जंगल बुक (1894- 1895) में किया गया था, जिसमें “मोगली कहानियों” की विशेषता थी। पुस्तकों में, यह जंगल के सभी लोगों के लिए पानी का प्राथमिक स्रोत है, “पीस रॉक” का स्थान और वह जगह जहां शेर खान ने मोगली की हड्डियों को रखने की कसम खाई थी, जब उसने उसे मार दिया था। किपलिंग द्वारा लिखित “रेड डॉग” में यह अंतिम युद्ध का मैदान भी है। कान्हा नेशनल पार्क के जंगलों, जो वैनगंगा के चारों ओर उग आए थे, में किपलिंग की कहानियों में चित्रित बाघ, तेंदुआ और भालू आबादी हैं। कुछ लोगों का मानना ​​है कि मोगली सिवनी जिले के अमोदागढ़ में पाया गया था।

[छुपाएँ]देवासंगंगा नदी
सहायक नदियाँअलकनंदा  • कोसी  • गंडक  • मन्दाकिनी  • नंदाकिनी  • भागीरथी  • विष्णु गंगा  • धौलीगंगा  • यमुना • रामगंगा  • घाघरा  • सोन  • ब्रह्मपुत्र  • हुगली  • पद्मा  • मेघना  • सरस्वती नदी
आरंभिक पड़ावगोमुख  • गंगोत्री  • विष्णु प्रयाग  • कर्णप्रयाग  • देवप्रयाग  • रुद्रप्रयाग  • नंदप्रयाग • ऋषिकेश  • हरिद्वार
मैदानी क्षेत्रगंगा के मैदान  • गढ़मुक्तेश्वर  • फैजाबाद  • बिठूर  • कन्नौज  • फ़र्रूख़ाबाद  • कानपुर  • इलाहाबाद  •  • राजेसुल्तानपुर वाराणसी  • मीरजापुर  • पटना  • भागलपुर  • पाकुर
अंत्य क्षेत्रफरक्का बैराज  • पाकुर  • कोलकाता  • हावड़ा  • सुन्दरवन  • गंगा-सागर-संगम  • बांग्लादेश  • बंगाल की खाड़ी
धार्मिक महत्वपौराणिक प्रसंग  • गंगा दशहरा  • कुम्भ मेला  • मकर संक्रांति  • गंगा स्नान  • सगर  • भगीरथ
पंच प्रयागविष्णु प्रयाग  • कर्णप्रयाग  • देवप्रयाग  • रुद्रप्रयाग  • नंदप्रयाग
यह भी देखेंनंदा देवी  • कामत पर्वत  • त्रिशूल पर्वत  • जीव-जन्तु और वनस्पति • आर्थिक महत्त्व  • फरक्का बांध • टिहरी बाँध • बैक्टीरियोफेज

2012 तक, वैनगंगा बेसिन में लगभग 149 बांध बनाए गए थे। [5]  वैनगंगा नदी पर गोस खुर्द बांध महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा बनाया जा रहा है।  नदी के साथ प्रमुख विशेषताओं में से एक भीमगढ़ बांध (एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध) है, जो सिवनी जिले में स्थित है।

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