मधुबाला

मधुबाला

मधुबाला, 1966
जन्ममुमताज़ बेग़म जहाँ देहलवी
14 फ़रवरी 1933
नई दिल्लीभारत
मृत्यु23 फ़रवरी 1969 (उम्र 36)
मुंबईमहाराष्ट्र, भारत
आवासमुंबई, भारत
राष्ट्रीयताभारतीय
व्यवसायअभिनेत्री
धार्मिक मान्यतामुस्लिम
जीवनसाथीकिशोर कुमार (वि॰ 1960–69)

मधुबाला (उर्दू: مدھو بالا ; जन्म: 14 फ़रवरी 1933, दिल्ली – निधन: 23 फ़रवरी 1969, बंबई) भारतीय हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री थी।[1][2] उनके अभिनय में एक आदर्श भारतीय नारी को देखा जा सकता है।[3] चेहरे द्वारा`भावाभियक्ति तथा नज़ाक़त उनकी प्रमुख विशेषतायें थीं। उनके अभिनय, प्रतिभा, व्यक्तित्व और खूबसूरती को देख कर यही कहा जाता है कि वह भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महान अभिनेत्री है। वास्तव मे हिन्दी फ़िल्मों के समीक्षक मधुबाला के अभिनय काल को स्वर्ण युग की संज्ञा से सम्मानित करते हैं।[4]

प्रारम्भिक जीवन

मधुबाला का जन्म १४ फ़रवरी १९३३ को दिल्ली में एक पश्तून मुस्लिम परिवार मे हुआ था। मधुबाला अपने माता-पिता की ५ वीं सन्तान थी। उनके माता-पिता के कुल ११ बच्चे थे। मधुबाला का बचपन का नाम ‘मुमताज़ बेग़म जहाँ देहलवी’ था। ऐसा कहा जाता है कि एक भविष्यवक्ता ने उनके माता-पिता से ये कहा था कि मुमताज़ अत्यधिक ख्याति तथा सम्पत्ति अर्जित करेगी परन्तु उसका जीवन दुखःमय होगा। उनके पिता अयातुल्लाह खान ये भविष्यवाणी सुन कर दिल्ली से मुम्बई एक बेहतर जीवन की तलाश मे आ गये। मुम्बई मे उन्होने बेहतर जीवन के लिए काफ़ी संघर्ष किया

बॉलीवुड में प्रवेश

फिल्म बसंत में मुमताज़ शांति और उल्हास के साथ।

बालीवुड में उनका प्रवेश ‘बेबी मुमताज़’ के नाम से हुआ। उनकी पहली फ़िल्म बसन्त (१९४२) थी। देविका रानी बसन्त में उनके अभिनय से बहुत प्रभावित हुयीं, तथा उनका नाम मुमताज़ से बदल कर ‘ मधुबाला’ रख दिया। उन्हे बालीवुड में अभिनय के साथ-साथ अन्य तरह के प्रशिक्षण भी दिये गये। (१२ वर्ष की आयु मे उन्हे वाहन चलाना आता था)।

अभिनय यात्रा

उन्हें मुख्य भूमिका निभाने का पहला मौका केदार शर्मा ने अपनी फ़िल्म नील कमल (१९४७) में दिया। इस फ़िल्म मे उन्होने राज कपूर के साथ अभिनय किया। इस फ़िल्म मे उनके अभिनय के बाद उन्हे ‘सिनेमा की सौन्दर्य देवी’ (Venus Of The Screen) कहा जाने लगा।मधुबाला अपनी पहली सफल फिल्म महल में।

इसके २ साल बाद बाम्बे टॉकीज़ की फ़िल्म महल में उन्होने अभिनय किया। महल फ़िल्म का गाना ‘आयेगा आनेवाला’ लोगों ने बहुत पसन्द किया। इस फ़िल्म का यह गाना पार्श्व गायिका लता मंगेश्कर, इस फ़िल्म की सफलता तथा मधुबाला के कैरियर में, बहुत सहायक सिद्ध हुआ।

महल की सफलता के बाद उन्होने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उस समय के स्थापित पुरूष कलाकारों के साथ उनकी एक के बाद एक फ़िल्म आती गयीं तथा सफल होती गयीं। उन्होंने अशोक कुमाररहमानदिलीप कुमारदेवानन्द आदि सभी के साथ काम किया।

१९५० के दशक में उनकी कुछ फ़िल्मे असफल भी हुयी। जब उनकी फ़िल्मे असफल हो रही थी तो आलोचक ये कहने लगे की मधुबाला में प्रतिभा नही है तथा उनकी कुछ फ़िल्में उनकी सुन्दरता की वज़ह से हिट हुयीं, ना कि उनके अभिनय से। लेकिन ऐसा नहीं था। उनकी फ़िल्मे फ़्लाप होने का कारण था- सही फ़िल्मों का चुनाव न कर पाना। मधुबाला के पिता ही उनके मैनेजर थे और वही फ़िल्मों का चुनाव करते थे। मधुबाला परिवार की एक मात्र ऐसी सदस्या थीं जिनकी आय पर ये बड़ा परिवार टिका था। अतः इनके पिता परिवार के पालन-पोषण के लिये किसी भी तरह के फ़िल्म का चुनाव कर लेते थे। चाहे भले ही उस फ़िल्म मे मधुबाला को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले या ना मिले और यही उनकी कुछ फ़िल्मे असफल होने का कारण बना। इन सब के बावजूद वह कभी निराश नही हुयीं। १९५८ मे उन्होने अपने प्रतिभा को पुनः साबित किया। इस साल आयी उनकी चार फ़िल्मे (फ़ागुनहावरा ब्रिजकाला पानी और चलती का नाम गाडी) सुपरहिट हुयीं।

दिलीप कुमार से सम्बन्ध

ज्वार भाटा (१९४४) के सेट पर वह पहली बार दिलीप कुमार से मिली। उनके मन मे दिलीप कुमार के प्रति आकर्षण पैदा हुआ तथा वह उनसे प्रेम करने लगीं। उस समय वह १८ साल की थीं तथा दिलीप कुमार २९ साल के थे। उन्होने १९५१ मे तराना मे पुनः साथ-साथ काम किया। उनका प्रेम मुग़ल-ए-आज़म की ९ सालों की शूटिंग शुरू होने के समय और भी गहरा हो गया था। वह दिलीप कुमार से विवाह करना चाहती थीं पर दिलीप कुमार ने इन्कार कर दिया। ऐसा भी कहा जाता है की दिलीप कुमार तैयार थे लेकिन मधुबाला के लालची रिश्तेदारों ने ये शादी नही होने दी। १९५८ मे अयातुल्लाह खान ने कोर्ट मे दिलीप कुमार के खिलाफ़ एक केस दायर कर के दोनो को परस्पर प्रेम खत्म करने पर बाध्य भी किया।

विवाह

मधुबाला को विवाह के लिये तीन अलग – अलग लोगों से प्रस्ताव मिले। वह सुझाव के लिये अपनी मित्र नर्गिस के पास गयी। नर्गिस ने भारत भूषण से विवाह करने का सुझाव दिया जो कि एक विधुर थे। नर्गिस के अनुसार भारत भूषण, प्रदीप कुमार एवं किशोर कुमार से बेहतर थे। लेकिन मधुबाला ने अपनी इच्छा से किशोर कुमार को चुना। किशोर कुमार एक तलाकशुदा व्यक्ति थे। मधुबाला के पिता ने किशोर कुमार से बताया कि वह शल्य चिकित्सा के लिये लंदन जा रही है तथा उसके लौटने पर ही वे विवाह कर सकते है। मधुबाला मृत्यु से पहले विवाह करना चाहती थीं ये बात किशोर कुमार को पता था।

१९६० में उन्होने विवाह किया। परन्तु किशोर कुमार के माता-पिता ने कभी भी मधुबाला को स्वीकार नही किया। उनका विचार था कि मधुबाला ही उनके बेटे की पहली शादी टूटने की वज़ह थीं। किशोर कुमार ने माता-पिता को खुश करने के लिये हिन्दू रीति-रिवाज से पुनः शादी की, लेकिन वे उन्हे मना न सके।

विशेष अभिनय

मुगल-ए-आज़म में उनका अभिनय विशेष उल्लेखनीय है। इस फ़िल्म मे सिर्फ़ उनका अभिनय ही नही बल्कि ‘कला के प्रति समर्पण’ भी देखने को मिलता है। इसमें ‘अनारकली’ की भूमिका उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका लगातार गिरता हुआ स्वास्थ्य उन्हें अभिनय करने से रोक रहा था लेकिन वो नहींं रूकीं। उन्होने इस फ़िल्म को पूरा करने का दृढ निश्चय कर लिया था। फ़िल्म के निर्देशक के. आशिफ़ फ़िल्म मे वास्तविकता लाना चाहते थे। वे मधुबाला की बीमारी से भी अन्जान थे। उन्होने शूटिंग के लिये असली जंज़ीरों का प्रयोग किया। मधुबाला से स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद भारी जंज़ीरो के साथ अभिनय किया। इन जंज़ीरों से उनके हाथ की त्वचा छिल गयी लेकिन फ़िर भी उन्होने अभिनय जारी रखा। मधुबाला को उस समय न केवल शारीरिक अपितु मानसिक कष्ट भी थे। दिलीप कुमार से विवाह न हो पाने की वजह से वह अवसाद (Depression) से पीड़ित हो गयीं थीं। इतना कष्ट होने के बाद भी इतना समर्पण बहुत ही कम कलाकारों मे देखने को मिलता है।

५ अगस्त १९६० को जब मुगले-ए-आज़म प्रदर्शित हुई तो फ़िल्म समीक्षकों तथा दर्शकों को भी ये मेहनत और लगन साफ़-साफ़ दिखाई पड़ी। असल मे यह मधुबाला की मेहनत ही थी जिसने इस फ़िल्म को सफ़लता के चरम तक पँहुचाया। इस फ़िल्म के लिये उन्हें फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार के लिये नामित किया गया था। हालांकि यह पुरस्कार उन्हें नहीं मिल पाया। कुछ लोग सन्देह व्यक्त करते है कि मधुबाला को यह पुरस्कार इसलिये नहीं मिल पाया क्योंकि वह घूस देने के लिये तैयार नहीं थी।

इस फ़िल्म की लोकप्रियता के वजह से ही इस फ़िल्म को 2004 मे पुनः रंग भर के पूरी दुनिया मे प्रदर्शित किया गया।

स्वर्गवास

मधुबाला, हृदय रोग से पीड़ित थीं जिसका पता १९५० मे नियमित होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण मे चल चुका था। परन्तु यह तथ्य फ़िल्म उद्योग से छुपाया रखा गया। लेकिन जब हालात बदतर हो गये तो ये छुप ना सका। कभी – कभी फ़िल्मो के सेट पर ही उनकी तबीयत बुरी तरह खराब हो जाती थी। चिकित्सा के लिये जब वह लंदन गयी तो डाक्टरों ने उनकी सर्जरी करने से मना कर दिया क्योंकि उन्हे डर था कि वो सर्जरी के दौरान ही मर जायेंगीं। जिन्दगी के अन्तिम ९ साल उन्हे बिस्तर पर ही बिताने पड़े। २३ फ़रवरी १९६९ को बीमारी की वजह से उनका स्वर्गवास हो गया। उनके मृत्यु के २ साल बाद यानि १९७१ मे उनकी एक फ़िल्म जिसका नाम जलवा था प्रदर्शित हो पायी थी।

2008 के भारतीय स्टाम्प पर मधुबाला का चित्र।

प्रमुख फिल्में

1958 में प्रदर्शित फिल्म काला पानी मधुबाला की हिट फिल्मों में से एक है।

वर्षफ़िल्मचरित्रटिप्पणी
1971ज्वाला
1964शराबीकमला
1962हाफ टिकटरजनी देवी/आशा
1961बॉयफ्रैंडसंगीता
1961झुमरूअंजना
1961पासपोर्टरीटा भगवानदास
1960जाली नोटरेनू
1960महलों के ख़्वाबआशा
1960मुगल-ए-आज़मअनारकली
1960बरसात की रातशबनम
1959दो उस्तादमधुशर्मा/अब्दुल रहमान खाँ
1959इंसान जाग उठागौरी
1959कल हमारा हैमधु/बेला
1958बागी सिपाही
1958हावड़ा ब्रिजएदना
1958पुलिस
1958काला पानीआशा
1958चलती का नाम गाड़ीरेनू
1958फागुन
1957गेटवे ऑफ इण्डियाअंजू
1957एक सालऊषा सिनहा
1957यहूदी की लड़की
1956ढाके की मलमल
1956राज हठ
1956शिरीं फ़रहाद
1955मिस्टर एंड मिसेज़ 55अनीता वर्मा
1955नाता
1955नकाब
1955तीरंदाज़
1954अमरअंजू राय
1954बहुत दिन हुए
1953रेल का डिब्बा
1953अरमान
1952संगदिल
1952साकी
1951ख़जाना
1951नाज़नीन
1951आराम
1951नादान
1951बादल
1951सैंया
1951तराना
1950निराला
1950मधुबाला
1950बेकसूर
1950हँसते आँसू
1950निशाना
1950परदेस
1949अपराधी
1949दौलत
1949दुलारी
1949इम्तहान
1949महल
1949नेकी और बदी
1949पारस
1949सिंगार
1949सिपहैया
1948अमर प्रेम
1948देश सेवा
1948लाल दुपट्टा
1948पराई आग
1947नीलकमल
1947चित्तौड़ विजय
1947दिल की रानी
1947खूबसूरत दुनिया
1947मेरे भगवान
1947सात समुद्रों की मल्लिका
1946फूलवरी
1946पुजारी
1946राजपूतानी
1945धन्ना भगत
1944मुमताज़ महल
1942बसंत

सन्दर्भ

  1.  “Remembering Madhubala, the ‘Marilyn Monroe of Bollywood'” (अंग्रेज़ी में). इंडिया टुडे. मूल से 6 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.
  2.  Gangadhar, V. (17 August 2007). “They now save for the rainy day”द हिन्दू. मूल से 8 अक्तूबर 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 October 2011.
  3.  “हिंदी सिनेमा को महिलाओं ने दी अलग पहचान”दैनिक जागरण. मूल से 14 फ़रवरी 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.
  4.  Siṃha, Alakā (2008). %E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%20%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%97’&f=false Ādhunika bhārata kī prasiddha mahilāeṃ. Atmaram & Sons. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788190482882. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.

बाहरी कड़ियाँ

[छुपाएँ]देवासंहिन्दी फ़िल्म कलाकार
अभिनेता१९४० के दशक के:कुन्दन लाल सहगल · अशोक कुमार · दिलीप कुमार · देव आनन्द · इफ़्तेख़ार · रहमान · पिंचू कपूर · प्रेमनाथ · अजीत · राज कपूर · पृथ्वीराज कपूर · प्राण · मनमोहन कृष्णा · डेविड अब्राहम · भारत भूषण
१९५० के दशक के:शम्मी कपूर · राजेन्द्र कुमार · राज कुमार · सुनील दत्त · जीवन · किशोर कुमार · मदन पुरी · ओम शिवपुरी · अनूप कुमार · राजेन्द्र नाथ · तरुण बोस · धुमाल · मूलचन्द
१९६० के दशक के:शशि कपूर · केष्टो मुखर्जी · धर्मेन्द्र · जितेन्द्र · राजेश खन्ना · संजीव कुमार · फ़िरोज़ ख़ान · संजय ख़ान · जॉय मुखर्जी · विश्वजीत · ओम प्रकाश · असित सेन · प्रेम चोपड़ा · ए के हंगल · रमेश देव ·
१९७० के दशक के:अमिताभ बच्चन · अनिल कपूर · नवीन निश्चल · राकेश रोशन · राकेश बेदी · ओम पुरी · अमरीश पुरी · राज बब्बर
१९८० के दशक के:संजय दत्त · सनी देओल · शाहरुख़ ख़ान · आमिर ख़ान · सलमान ख़ान ·
१९९० के दशक के:संजय कपूर · अक्षय कुमार · सुनील शेट्टी · सैफ़ अली ख़ान · अजय देवगन ·
२००० के दशक के:शाहिद कपूर · ऋतिक रोशन · अभिषेक बच्चन · फ़रदीन ख़ान · अर्जुन रामपाल
२०१० के दशक के:रणबीर कपूर
अभिनेत्री१९४० के दशक की:देविका रानी · मीना कुमारी · गीता बाली · तबस्सुम
१९५० के दशक की:मधुबाला · वहीदा रहमान · नरगिस · सुलोचना · वैजयन्ती माला
१९६० के दशक की:प्रिया राजवंश · आशा पारेख · हेमा मालिनी · शर्मिला टैगोर · राखी गुलज़ार · पद्मिनी · सुमिता सान्याल
१९७० के दशक की:रेखा · मुमताज़ · ज़ीनत अमान · परवीन बॉबी · नीतू सिंह · शबाना आज़मी · प्रीति गाँगुली · प्रीती सप्रू · श्री देवी · पद्मिनी कोल्हापुरी
१९८० के दशक की:माधुरी दीक्षित · जूही चावला · अमिता नाँगिया · शिल्पा शिरोडकर
१९९० के दशक की:दिव्या भारती · बिपाशा बसु · करिश्मा कपूर · करीना कपूर · मनीषा कोइराला · काजोल देवगन · रानी मुखर्जी · प्रीति ज़िंटा ·
२००० के दशक की:नीतू चन्द्रा · दीपिका पादुकोण · अनुष्का शर्मा · सोनम कपूर · अमीशा पटेल · प्रीति झंगियानी · प्रियंका चोपड़ा
२०१० के दशक की:सोनाक्षी सिन्हा · परिणीति चोपड़ा ·

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