रितिका सिंह

रितिका सिंह( जन्म-१६ दिसम्बर, १९९४) एक भारतीय अभिनेत्री व मिश्रित मार्शल कलाकार है, जों तमिल फिल्मो में मुख्य रूप से दिखाई देते हैं व साथ ही जिन्होंने हिन्दू और तेलुगु फिल्मो में भी काम किया है। २००९ में एशियाई खेलो में भारत के लिए खेलने के बाद उन्होंने सुपर फाइट लीग में भाग लिया उसके बाद सुधा कोंगरा प्रसाद की तमिल फिल्म इरुदी सुर्त्रू (हिंदी में साला खडूस) में आर माधवन के साथ प्रमुख भूमिका निभाई।[1]रितिका सिंह

मिश्रित मार्शल आर्ट्स करियर

अपने पिता के मार्गदर्शन में रितिका सिंह ने किक बॉक्सिंग व मिश्रित मार्शल कलाकार के रूप में प्रशिक्षण लिया। किकबॉक्सर के रूप में २००९ के एशियाई खेलों में 52 किलो वर्ग वाली प्रतियोगिता में भाग लेके उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। बाद में वह सुपर फाइट लीग के उद्घाटन सत्र में दिखाई दी और उन्होंने एक मिश्रित मार्शल कलाकार के रूप में भी काम किया।[2]

अभिनय करियर

2013 में, निर्देशक सुधा कोंगारा प्रसाद ने सुपर फाइट लीग के विज्ञापन रितिका सिंह को देखा और बाद में उनकी द्विभाषी फिल्म साला खडूस(२०१६) में एक प्रमुख भूमिका निभाई, जिसके लिए निर्माताओं ने प्रतियोगिता के अध्यक्ष , राज कुंद्रा के द्वारा उन्हें संपर्क किया। चेन्नई की झुग्गी बस्तियों में रहने वाली एक मारीवारी की लड़की मढ़ी को चित्रित करते हुए सिंह को फिल्म में लिया गया, क्योंकि निर्माताओं को एक पेशेवर मुक्केबाज की तलाश थी, न कि एक अभिनेत्री की तलाश थी। फिल्म के तमिल संस्करण(इरुदी सुर्त्रू) के लिए, सिंह ने ध्वन्यात्मक रूप से हिंदी में संवाद लिखकर तमिल में उसको सीखा। माधवन और राजकुमार हिरानी द्वारा सह-उत्पादित यह फिल्म, जनवरी २०१६ के अंत तक जारी की गई। रितिका को अपने चरित्र के चित्रण के लिए बोला गया के वह एक अद्भुत खोज है और वह फिल्म के लिए मुख्य आकर्षण है। इरुदी सुतुरु में उनके प्रदर्शन के लिए, ऋतिका ने ६३ वें राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड्स में विशेष बाद ध्यान जीता, और पहली अभिनेत्री बन गई, जिन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार में मान्यता प्राप्त होने के लिए उनकी भूमिका के लिए डब नहीं किया। बाद में सिंह मणिकंदन के आंडवन कट्टालाई में दिखाई दिए, जिसे सितंबर २०१६ में रिलीज़ किया गया था। सितंबर २०१६ तक, सिंह पी. वासु के शिवलिंग और गुरु, तेलुगू रीमेक पर काम कर रहे हैं। [3]

पुरस्कार

२०१६ में इरुदी सुर्त्रू के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवार्ड- जूरी अवार्ड मिला व आनंद विकतन सिनेमा अवार्ड -सर्वश्रेष्ट अभिनेत्री का पुरूस्कार मिला। फिल्म ‘साला खडूस’ के लिए २०१६ में ही सर्वश्रेष्ट महिला पदार्पण के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला।[4]

सन्दर्भ

[छुपाएँ]देवासंफ़िल्मफ़ेयर महिला प्रथम अभिनय पुरस्कार
१९८९-२०००जूही चावला (1989)भाग्यश्री (1990)पूजा भट्ट (1991)रवीना टण्डन (1992)दिव्या भारती (1993)ममता कुलकर्णी (1994)सोनाली बेंद्रे & तबु (1995)ट्विंकल खन्ना (1996)सीमा बिस्वास (1997)महिमा चौधरी (1998)प्रीति ज़िंटा (1999)नंदिता दास (2000)
२००१-वर्तमानकरीना कपूर (2001)बिपाशा बसु (2002)ईशा देओल (2003)लारा दत्ता & प्रियंका चोपड़ा (2004)आयशा टाकिया (2005)विद्या बालन (2006)कंगना राणावत (2007)दीपिका पादुकोण (2008)असिन (2009)जैकलिन फर्नांडीस (2010)सोनाक्षी सिन्हा (2011)परिणीति चोपड़ा (2012)इलियाना डी’क्रूज़(2013)वाणी कपूर (2014)कृति सैनॉन (2015)भूमि पेडनेकर (2016)रितिका सिंह (2017)— (2018)सारा अली ख़ान (2019)अनन्या पांडे (2020)
  1.  “Ritika Singh wants to stay grounded”. The Indian Express. 2016-01-14. Retrieved 2016-09-25.
  2.  Sunaina Kumar (2013-06-22). “Not Your Usual Punching Bags”. Tehelka. Retrieved 2016-09-25.
  3.  “Lawrence-Ritika in ‘Shivalinga’ remake”. Sify. Retrieved 1 October 2016.
  4.  “Ananda Vikatan Cinema Awards – 2016”. www.vikatan.com (in Tamil). Retrieved 2017-01-28.

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