गोपीनाथ शर्मा

गोपीनाथ शर्मा व्यवसाय इतिहासकार  डॉ गोपीनाथ शर्मा () राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार हैं। आपने इतिहास से सम्बधित 25 ग्रंथों की रचना की। महाराणा फतहसिंह के `बहिडे’ नामक पुस्तकों का सम्पादन किया। 100 से अधिक लेख भारत की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में छपे। संसार के बड़े-बड़े विद्वानों ने मेवाड़ के इतिहास, संस्कृति, सामाजिक जीवन, कला आदि का मार्गदर्शन […]

अब्दुल क़ादिर बदायूंनी

मुल्ला अब्द-उल-कादिर बदायुनी (१५४० – १६१५) एक फारसी मूल के भारतीय इतिहासकार एवं अनुवादक रहे थे। ये मुगल काल में भारत में सक्रिय थे।[1] ये मुलुक शाह के पुत्र थे।[2]. बचपन में ये बसावर में रहे और शिक्षा संभल एवं आगरा में ली।[1] बाद में ये बदायुं आ गये और १५६२ में में पटियाला के राजकुमार हुसैन खान के अंतर्गत्त कार्यरत रहे।[1] बाद के वर्षों में इन्होंने सूफीवाद का अध्ययन किया। अकबर ने इन्हें अपने दर्बार […]

कल्हण

कल्हण जन्म unknownपरिहासपुर मृत्यु unknown  नागरिकता लोहार राजवंश  व्यवसाय कवि, लेखक, इतिहासकार  प्रसिद्धि कारण राजतरंगिणी  कल्हण कश्मीरी इतिहासकार तथा विश्वविख्यात ग्रंथ राजतरंगिनी (1148-50 ई.) के रचयिता थे। परिचय कल्हण (1150 ई.) कश्मीर के महाराज हर्षदेव (1068-1101) के महामात्य चंपक के पुत्र और संगीतमर्मज्ञ कनक के अग्रज थे। मंखक ने श्रीकंठचरित (1128-44) (सर्ग 25, श्लो. 78-20) में कल्याण नाम के इसी कवि की प्रौढ़ता को सराहा है और इसे […]

अबुल फजल

Abul Fazl अबुल फजल अकबर को अकबरनामा देते हुए। जन्म 14 जनवरी 1551आगरा, भारत मृत्यु 12 अगस्त 1602 मृत्यु का कारण हत्या परिचय – अबुल फजल का पूरा नाम अबुल फजल इब्न मुबारक था। इसका संबंध अरब के हिजाजी परिवार से था। इसका जन्म 14 जनवरी 1551 में हुआ था। इसके पिता का नाम शेक मुबारक था। अबुल फजल ने अकबरनामा एवं आइने […]

गौरीशंकर हीराचंद ओझा

गौरीशंकर हीराचंद ओझा जन्म 15 सितंबर 1863[1] मृत्यु 17 अप्रैल 1947[1]  व्यवसाय लेखक, इतिहासकार, लेखक  डॉ गौरीशंकर हीराचंद ओझा (1863-1947)[2] भारत के इतिहासकार एवं हिन्दी लेखक थे। डॉ॰ ओझा राजस्थान क्षेत्र के मार्गशोधक इतिहास लेखकों में गिने जाते हैं।[3] इन्होंने राजस्थान तथा भारत के इतिहास सम्बन्धी अनेक पुस्तकें लिखी थी। कविराज श्यामलदास ने इनको उदयपुर के इतिहास विभाग में नियुक्त किया था। ओझाजी कविराज श्यामलदास को अपना गुरु मानते […]

रोमिला थापर

रोमिला थापर जन्म 30 नवम्बर 1931 (आयु 89)लखनऊ, ब्रिटिश भारत राष्ट्रीयता भारतीय शिक्षा प्राप्त की पंजाब विश्वविद्यालयस्कूल ऑफ़ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज, लंदन विश्वविद्यालय व्यवसाय इतिहासकार[1] प्रसिद्धि कारण प्राचीन भारत पर अपने कार्य के लिए रोमिला थापर विख्यात भारतीय इतिहासकार हैं,[1] तथा इनके अध्ययन का मुख्य विषय “प्राचीन भारतीय इतिहास” रहा है। परिचय रोमिला थापर का जन्म ३० नवम्बर १९३१ को लखनऊ में […]

बिपिन चन्द्र

बिपिन चन्द्र जन्म 24 मई 1928कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश , पंजाब, ब्रिटिश भारत मृत्यु 30 अगस्त 2014 (उम्र 86)गुड़गांव, हरियाणा, भारत नागरिकता भारतीय शिक्षा प्राप्त की Forman Christian College, LahoreStanford UniversityDelhi University पुरस्कार Padma Bhushan (2010),[1] Royal Asiatic Society of Bihar plaque बिपिन चन्द्र (१९२८ – ३० अगस्त २०१४) आधुनिक भारत के इतिहास के इतिहासकार थे। प्रोफेसर बिपिन चन्द्र भारत के स्वतंत्रता संघर्ष और आधुनिक इतिहास लेखन परंपरा में मार्क्सवादी चिंतन धारा […]

अशोक स्तम्भ टोपरा कला

अशोक के शिलालेखों का राष्ट्रीय उद्यान/अशोक स्तम्भ पार्क, मौर्य वंश के सम्राट अशोक की बौद्ध शिक्षा को समर्पित करने के लिए 2011 में प्रस्तावित उद्यान है।[1][2] यह उद्यान हरियाणा के टोपरा गाँव में अशोक स्तम्भों और चट्टानी शिलालेख से बनना प्रस्तावित हुआ था।[3][4] अशोक चक्र के बारे मे यमुनानगर के टोपरा कलां गाँव में स्थापित हल्के स्टील से बने एक […]

आईएनएस कुर्सुरा (एस20)

आईएनएस कुर्सुरा (एस20) भारतीय नौसेना की कल्वरी-स्तरीय डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है। वह भारत की पाँचवीं पनडुब्बी थी। कुर्सुरा को 18 दिसंबर 1969 को भारतीय नौसेना में जोड़ा गया था और 31 साल की सेवा के बाद 27 फरवरी 2001 को इसे सेवामुक्त किया गया। इसने 1971 में भारत-पाकिस्तानी युद्ध में भाग लिया, जहां इसने गश्त देने वाले मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका […]

ओडिशा राज्य संग्रहालय

ओडिशा राज्य संग्रहालय ଓଡ଼ିଶା ରାଜ୍ୟ ସଂଗ୍ରହାଳୟ संग्रहालय का प्रवेश द्वार स्थापित 1932 स्थान बीजेबी नगर, भुवनेश्वर, ओडिशा, भारत निर्देशक मंजूश्री सामंतराइ वेबसाइट web.archive.org/web/20130206084619/http://orissamuseum.nic.in/ ओडिशा राज्य संग्रहालय भारतीय राज्य ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित एक संग्रहालय है। इसकी स्थापना १९३२ में हुई थी तथा १९६० में यह वर्तमान भवन में स्थानांतरित हुआ।[1] संग्रहालय ११ खण्डों में विभाजित है जिसमे पुरातत्वशास्त्र, अभिलेख, मुद्राशास्त्र, शस्त्रागार, खनन, भूविज्ञान, प्राकृतिक इतिहास, कला एवं शिल्प, समकालीन कला, पट्टचित्र, मानवशास्त्र, […]