प्रारंभिक भारतीय साहित्य

सामान्य अध्ययन-I भारतीय साहित्य भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ प्रत्येक भाषा एक सांस्कृतिक इकाई की उपज होती है, किंतु कालांतर में प्रत्येक भाषा अपनी एक अलग संस्कृति का निर्माण करती हुई चलती है। भाषा और संस्कृति राज्य और सभ्यताओं की तरह जड़ और मरणशील नहीं होती। भारत की साहित्यिक परंपरा 4000 वर्षों से भी अधिक […]

प्राचीन भारतीय साहित्य

सामान्य अध्ययन-I भारतीय साहित्य प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति वेदांग, सूत्र तथा स्मृति साहित्य वेदों को सही ढंग से समझने के लिये वेदांगों की रचना हुई। इनकी संख्या कुल छ: है-शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद तथा ज्योतिष। ये सभी गद्य में लिखे गए हैं। कल्प का अर्थ है- कर्मकांड अर्थात् विधि, नियम। इसके तीन भाग हैं: […]

द्रविड़ साहित्य

सामान्य अध्ययन-I संस्कृति भारतीय साहित्य द्रविड साहित्य का विकास मूलतः दक्षिण भारत में हुआ है तथा इससे हमें प्राचीन दक्षिण भारत की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलती है। द्रविड़ साहित्य में 4 भाषाओं को लिखित साहित्य में सम्मिलित किया जाता है। ये भाषाएँ हैं – तमिल,तेलुगू, कन्नड़, मलयालम। इन भाषाओं […]

भारतीय नृत्य कला (भाग 2)

सामान्य अध्ययन-I भारतीय नृत्य कला कत्थक (उत्तर प्रदेश,जयपुर) कत्थक शब्द का उदभव कथा शब्द से हुआ है जिसका शाब्दिक अर्थ है कथा कहना। वस्तुतः कत्थक उत्तर प्रदेश की ब्रजभूमि की रासलीला परंपरा से जुड़ा हुआ है। इसमें पौराणिक कथाओं के साथ ही ईरानी एवं उर्दू कविता से ली गई विषय वस्तुओं का नाटकीय प्रस्तुतीकरण किया […]

सिंधु घाटी सभ्यता

सामान्य अध्ययन-I प्राचीन भारतीय इतिहास परिचय- भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से प्रारंभ होता है जिसे हम हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जानते हैं। यह सभ्यता लगभग 2500 ईस्वी पूर्व दक्षिण एशिया के पश्चिमी भाग मैं फैली हुई थी,जो कि वर्तमान में पाकिस्तान तथा पश्चिमी भारत के नाम से जाना जाता है। सिंधु […]

स्वतंत्रता के पश्चात देशी राज्यों (रियासतों) का एकीकरण

सामान्य अध्ययन-I आधुनिक भारतीय इतिहास परिचय भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 ने रियासतों को यह विकल्प दिया कि वे भारत या पाकिस्तान अधिराज्य (डामिनियम) में शामिल हो सकती हैं या एक स्वतंत्र संप्रभु राज्य के रूप में स्वंय को स्थापित कर सकती हैं। तत्कालीन समय में लगभग 500 से ज़्यादा रियासतें लगभग 48% भारतीय क्षेत्र एवं […]

कठपुतली

सामान्य अध्ययन-I कठपुतली नृत्य को लोकनाट्य की ही एक शैली माना गया है। कठपुतली अत्यंत प्राचीन नाटकीय खेल है जिसमें लकड़ी, धागे, प्लास्टिक या प्लास्टर ऑफ पेरिस की गुड़ियों द्वारा जीवन के प्रसंगों की अभिव्यक्ति तथा मंचन किया जाता है। ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में पाणिनी के अष्टाध्यायी में नटसूत्र में पुतला नामक नायक का […]

अखण्ड भारत का सपना : सरदार वल्लभ भाई पटेल

सामान्य अध्ययन-I आधुनिक भारतीय इतिहास चर्चा में क्यों ? 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्मदिन एकता दिवस के रूप में मनाया गया । इसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती के रूप में मनाया गया । राष्ट्रीय एकता दिवस को पहली बार 2014 में नई दिल्ली में भारत की […]

शीत युद्ध

सामान्य अध्ययन-I साम्यवाद पूंजीवाद राष्ट्रीय सीमाओं का पुनर्वितरण चर्चा में क्यों? हाल ही में बर्लिन की दीवार गिरने (इसे 9 नवंबर, 1989 को ध्वस्त किया गया था) की 30वीं वर्षगाँठ मनाई गई जो शीत-युद्ध काल की एक प्रमुख घटना थी। शीत युद्ध (Cold War) क्या है? शीत युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ […]

भारत छोड़ो आंदोलन में महिलाओं की भूमिका

सामान्य अध्ययन-I आधुनिक भारतीय इतिहास भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पृष्ठभूमि: वर्ष 1939 में इंग्लैंड ने जर्मन राइख (साम्राज्य) पर आक्रमण कर दिया। जिसके बाद द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत मानी जाती है। विश्व युद्ध के प्रारंभ होते ही भारत को उसमें शामिल कर लिया गया तथा इस संबंध में भारत के नेताओं से कोई परामर्श नहीं […]