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विगत वर्षों के प्रश्न: प्र. राज्य-व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से किस एक को आप स्वतंत्रता की सर्वाधिक उपयुक्त व्याख्या के रूप में स्वीकार करेंगे? (2019) (a) राजनीतिक शासकों की तानाशाही के विरूद्ध संरक्षण (b) नियंत्रण का अभाव (c) इच्छानुसार कुछ भी करने का अवसर (d) स्वयं को पूर्णतः विकसित करने का अवसर प्र. भारत […]

हिंदू-कुश हिमालय क्षेत्र में जल संकट

सामान्य अध्ययन-I महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों का वितरण जल संसाधन चर्चा में क्यों? जल नीति (Water Policy) पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन तथा अपर्याप्त शहरी नियोजन के कारण हिंदू-कुश हिमालय (Hindu Kush Himalayan- HKH) क्षेत्र के चार देशों – बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान के 13 नगरों में से 12 नगर जल-असुरक्षा […]

हिमालयी क्षेत्र और भू-जल

सामान्य अध्ययन-I भौतिकी भूगोल महत्त्वपूर्ण भौगोलिक घटनाएँ चर्चा में क्यों? भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (Indian Institute of Geomagnetism-IIG) के शोधकर्त्ताओं ने भू-जल में मौसमी बदलावों के आधार पर हिमालय को घटते और अपनी स्थिति परिवर्तित करते हुए पाया है।  प्रमुख बिंदु  जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च में प्रकाशित इस नए अध्ययन से पता चलता है कि सामान्य […]

निजता का मुद्दा और भारत के निगरानी कानून

सामान्य अध्ययन-II मौलिक अधिकार नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे संदर्भ कुछ समय पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया, जिसमें 10 सरकारी खुफिया एजेंसियों को किसी के भी कंप्यूटर डेटा पर निगरानी रखने यानी उसे खंगालने का अधिकार दिया गया है। केंद्र सरकार का कहना है कि यह कोई नया […]

निजता के अधिकार से उत्पन्न समस्याएँ

भूमिकापिछले काफी समय से देश में निजता के अधिकार के संबंध में बहुत सी खबरें प्रकाशित हुईं, बहुत से सम्मेलन आयोजित किये गए और मुद्दा भी सभी में एकसमान था कि आखिर “निजता का अधिकार” क्या है? क्या भारत के संविधान में इसका उल्लेख किया गया है अथवा नहीं ? यदि हाँ तो संविधान के […]

‘निजता’ अब मूल अधिकार

भूमिका इतिहास को बनते हुए देखना अपने आप में एक सौभाग्य है और फिर इतिहास रोज़ बनते भी तो नहीं, किन्तु निजता के मामले में उच्चतम न्यायालय की नौ जजों की संविधान पीठ का निर्णय आज़ाद भारत में एक ऐसी ऐतिहासिक घटना है, जो आने वाले दशकों में लोकतंत्र को मज़बूती देने का कार्य करती […]

राजद्रोह कानून की प्रासंगिकता

सामान्य अध्ययन-II संघवाद राज्य विधायिका राज्य नीति के नीति-निर्देशक सिद्धांत इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में राजद्रोह कानून, उसके इतिहास और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर भी चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी […]

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सर्वोच्च न्यायालय

सामान्य अध्ययन-II मौलिक अधिकार चर्चा में क्यों? हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रशांत कनौजिया नामक पत्रकार को जमानत पर तुरंत रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि पत्रकार ने किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को बाधित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया था। प्रमुख बिंदु सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि […]

इंटरनेट तक पहुँच

सामान्य अध्ययन-III सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर चर्चा में क्यों? हाल ही में केरल उच्च न्यायालय ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार के साथ-साथ शिक्षा के मौलिक अधिकार के एक हिस्से के रूप में इंटरनेट तक पहुँच के अधिकार को बरकरार रखा। न्यायालय द्वारा अवलोकन न्यायालय ने कहा कि इंटरनेट एक […]

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

सामान्य अध्ययन-II मौलिक अधिकार भारतीय संविधान चर्चा में क्यों? सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने एक कार्यशाला में कहा है कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और नौकरशाही की आलोचना को देशद्रोह नहीं कहा जा सकता है। प्रमुख बिंदु: प्रत्येक भारतीय को नागरिक के रूप में सरकार की आलोचना करने का अधिकार है और इस प्रकार की आलोचना […]