मंकीडक्टाइल (MONKEYDACTYL) : टेरोसॉरस प्रजातियाँ

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चर्चा में क्यों?

चीन के लिओनिंग स्थित तिओजिशन संरचना में नई टेरोसॉरस प्रजाति के एक ऐसे जीवाश्म की खोज की गई है जो  लगभग 160 मिलियन वर्ष पुराना है।

  • इसे ‘कुनपेंगोप्टेरस एंटीपॉलिकैटस’ (Kunpengopterus Antipollicatus) नाम दिया गया है, जिसे ‘मंकीडक्टाइल’ भी कहा जाता है।

तिओजिशन संरचना:

  • भौगोलिक रूप से तिओजिशन संरचना व्यापक रूप से चीन के पश्चिमी लिओनिंग प्रांत और उसके सीमावर्ती प्रांत उत्तरी हेबै (Hebei) में विस्तृत है।
  • यह स्थलीय संरचना मध्यवर्ती लावा और पाइरोक्लास्टिक चट्टानों से निर्मित है, जो मूलत: ज्वालामुखीय चट्टानों और अवसादी निक्षेपों से मिलकर बनी है।
  • यहाँ प्रचुर मात्रा में कुशल विधि द्वारा जीवाश्म पौधों [पत्ते, बीज और फल, अनुमेय राइजोम्स (permineralized rhizomes) तथा लकड़ी सहित] को संरक्षित किया जाता है।
Monkeydactyl

 प्रमुख बिंदु:

टेरोसॉरस के बारे में :

  • टेरोसॉरस प्रजाति सरीसृप वर्ग के अंतर्गत आती है, जो कि डायनासोर वर्ग से संबंधित है। कीटों के बाद ये पहले ऐसे जानवर हैं जो उड़ने में सक्षम हैं।
  •  इनकी  विभिन्न प्रजातियाँ आकार में अत्यंत बड़े (F-16 जेट विमान के आकार के) तथा अत्यंत छोटे (कागज़ के जहाज के आकार के) भी हो सकते हैं।
  • इनकी उत्पत्ति मेसोज़ोइक युग (252.2 मिलियन से 66 मिलियन वर्ष पूर्व) के सभी कालखंडों (ट्रायसिक, जुरासिक और क्रेटेशियस) के दौरान हुई।

मंकीडक्टाइल जीवाश्म (कुनपेंगोप्टेरस एंटीपॉलिकैटस) के बारे में:

  • ग्रीक भाषा में ‘एंटीपॉलिकैटस'(Antipollicatus) का अर्थ है- ‘सम्मुख अँगूठा  (Opposable Thumbs)’ जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है कि चीन के शोधकर्त्ताओं ने पहली बार जुरासिक युग की टेरोसॉरस प्रजाति के एक ऐसे जीवाश्म की खोज की है, जिसमें सम्मुख अँगूठे (Opposable Thumbs) पाए जाते हैं, यह लक्षण इसे अन्य प्रजातियों से अलग करता है।
    • यह संभवतः अंग का सबसे पहला ज्ञात उदाहरण हो सकता है।
  • यह 2019 में पहचान की गई प्रजाति की तुलना में बहुत पुराना है। 
    • पुरातत्व वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति की पहचान एक टेरोसॉरस प्रजाति के रूप में  की  है जो 77 मिलियन वर्ष पहले वर्तमान पश्चिमी कनाडा में रहते थे 
    • इसे क्रायोड्राकॉन बोरिया (Cryodrakon boreas) नाम दिया गया और यह माना जाता था कि यह सबसे बड़े उड़ने वाले जानवरों में से एक है, जो डायनासोर के सिर से अधिक ऊँचा उड़ता है, जिसके पंख की लंबाई 10 मीटर से अधिक होती  है।

सम्मुख अँगूठे (Opposable Thumbs):

  • परिचय:
    • अँगूठे की विपरीतता का आशय – अँगूठे के लचीलेपन, मज़बूत पकड़ और अत्यधिक घुमावदार से है, ताकि एक अँगूठे की नोक को दूसरी उंगलियों के बीच  मज़बूत पकड़ बनाई जा सके।
    • मानव के साथ-साथ कुछ प्राचीन बंदरों और वानरों के भी सम्मुख अँगूठे के साक्ष्य मिले थे।
    • हालाँकि, मानव का अँगूठा अपेक्षाकृत लंबा और नियमित दूरी पर होता है और अंगूठे की मांसपेशियाँ बड़ी होती हैं।
      • इसका अर्थ है कि छोटी वस्तुओं को धारण करने की मानव की अगुलियों की सटीक पकड़ गैर-मानव प्रजातियों से बेहतर होती है। यही कारण है कि मनुष्य एक कलम पकड़ने में, एक कान की बाली को खोलने में या सुई में धागा डालने में सक्षम है।
  • मंकीडक्टाइल और अँगूठे की विपरीतता:
    • अनुसंधान दल ने एंटीपॉलिकैटस के जीवाश्म को स्कैन करने के लिये ‘सूक्ष्म-गणना टोमोग्राफी’ (micro-CT) का उपयोग किया। इस तकनीक में किसी वस्तु का चित्र बनाने के लिये एक्स-रे का उपयोग होता है।
    • इसके पूर्वजमीय आकारिकी और मांसलता का अध्ययन करने से पता चला  हैं कि एंटीपॉलिकैटस’ का प्रयोग पेड़ पर चढ़ने अथवा पेड़ों की डालियों को पकड़ने के लिये किया जाता था, जो कि वृक्षीय जीवन हेतु अनुकूलन को दर्शाता है।
    • पेड़ों पर निर्भर जीवन के परिणामस्वरूप प्रजातियों में इस प्रकार हाथों के  विकास हुआ, साथ ही अँगूठे की विपरीतता ने सभी प्रजातियों को पेड़ो की शाखाओं पर निवास करने में सक्षम बना दिया।
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