आर्द्रता स्तर एवं COVID-19

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प्रीलिम्स के लिये:निरपेक्ष आर्द्रता, सापेक्ष आर्द्रतामेन्स के लिये:आर्द्रता के प्रकार 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका में ‘मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (Massachusetts Institute of Technology- MIT) के शोधकर्त्ताओं द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार मानसून के समय में COVID- 19 का प्रभाव कम हो सकता है। 

मुख्य बिंदु:

  • अध्ययन के अनुसार, कोरोनावायरस नमी के प्रति संवेदनशील होता है तथा नमी के मध्यम स्तर पर इसके पनपने की संभावना कम होती है।
  • अध्ययन के अनुसार, 3-9 ग्राम/घन मीटर की औसत आर्द्रता सीमा वाले क्षेत्रों, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका तथा कई यूरोपीय देश शामिल है, में COVID -19 संक्रमण के मामलों की अधिकतम संख्या दर्ज की गई है।
  • सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और कतर जैसे गर्म तथा आर्द्र देशों में तुलनात्मक रूप से अधिक वायरस टेस्ट कराने के बाद भी संक्रमित लोगों की संख्या कम पाई गई है, तथा ऐसी संभावना है कि गर्म एवं आर्द्र मौसम वायरस के प्रसार को धीमा कर देता है।

पूर्व में किये गए अध्ययन: 

  • वर्ष 2018 के एक अध्ययन के अनुसार, जब सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity- RH) 85% से अधिक होती है तो इन्फ्लूएंजा तथा कोरोनावायरस के प्रसार में वृद्धि तथा जब RH 60% से नीचे रहती है तो कमी देखी जाती है। 
  • वर्ष 2010 में किये गए एक अध्ययन के अनुसार, स्टेनलेस स्टील सतह पर इस वायरस के जीवित रहने की क्षमता का परीक्षण करने पर पाया गया कि 4°C पर संक्रामक वायरस 28 दिनों तक बना रहा जबकि 20% RH पर निष्क्रियता का स्तर निम्नतम पाया गया। 
  • इस अध्ययन के अनुसार वायरस 5 से 28 दिनों के मध्य जीवित रहता है तथा कम RH पर वायरस अधिक सक्रिय पाया गया। 

शोध का महत्त्व: 

  • यह भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों को इस महामारी को रोकने वाली शमन रणनीतियों को अपनाने में मदद कर सकता है।

आर्द्रता (Humidity): 

  • हवा में मौजूद जलवाष्प को आर्द्रता कहते हैं। मात्रात्मक दृष्टि से इसे विभिन्न प्रकार से व्यक्त किया जाता है।

निरपेक्ष आर्द्रता (Absolute humidity): 

  • वायुमंडल में मौज़ूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता कहा जाता है। 
  • यह हवा के प्रति इकाई आयतन में जलवाष्प का वजन है एवं इसे ग्राम प्रति घनमीटर के रूप में व्यक्त किया जाता है। 
  • हवा द्वारा जलवाष्प को ग्रहण करने की क्षमता पूरी तरह से तापमान पर निर्भर होती है। 
  • निरपेक्ष आर्द्रता पृथ्वी की सतह पर अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग होती है। 

सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity- RH):

  • दिये गए तापमान पर अपनी पूरी क्षमता की तुलना में वायुमंडल में मौजूद आर्द्रता के प्रतिशत को सापेक्ष आर्द्रता कहा जाता है। 
  • हवा के तापमान के बदलने के साथ ही आर्द्रता को ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है तथा सापेक्ष आर्द्रता भी प्रभावित होती है। 
  • यह महासागरों के ऊपर सबसे अधिक तथा महाद्वीपों के ऊपर सबसे कम होती है।
  • एक निश्चित तापमान पर जलवाष्प से पूरी तरह पूरित हवा को संतृप्त कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि हवा इस स्थिति में दिये गए तापमान पर और अधिक आर्द्रता को ग्रहण करने में सक्षम नहीं होती है।
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