परिवहन लागत को कम करने के लिये जलमार्ग का उपयोग

  • सामान्य अध्ययन-I
  • जल संसाधन
  • सामान्य अध्ययन-II
  • नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे
प्रीलिम्स के लिये:भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरणमेन्स के लिये:परिवहन लागत को कम करने हेतु जलमार्ग के उपयोग से संबंधित मुद्दे 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में नौवहन राज्य मंत्री ने राज्यसभा में परिवहन लागत को कम करने हेतु जलमार्ग के उपयोग से संबंधित जानकारी दी है।

मुख्य बिंदु:

  • अंतर्देशीय जल परिवहन का उपयोग कर परिवहन की लागत में  महत्त्वपूर्ण बचत की जा सकती है।
  • RITES, 2014 रिपोर्ट के अनुसार, स्थल परिवहन के साधनों पर लागत का अन्य परिवहन के माध्यमों के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया गया था जिसका विवरण निम्नलिखित है:
मार्ग राजमार्गरेलवेअंतर्देशीय जल परिवहन
लागत (रुपए/टन-किमी.) 2.501.361.06
  • राष्ट्रीय जलमार्ग -1 (गंगा नदी), राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) और राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (कोट्टापुरम से कोल्लम तक वेस्ट कोस्ट नहर) का परिचालन किया जा रहा है एवं इन जलमार्गों पर जहाज़ों का आवागमन जारी है।
  • आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के विजयवाड़ा-मुक्ताला खंड में फेयरवे विकास कार्य (Fairway Development Works) (राष्ट्रीय जलमार्ग-4 का हिस्सा) पूरा हो चुका है।
  • इब्राहिमपटनम, हरिश्चंद्रपुरम, मुक्ताला और मादीपाडू में फिक्स्ड टर्मिनल (Fixed Terminals) के लिये भूमि अधिग्रहण एवं चार पीपे के पुल का निर्माण किया गया है।

8 नए राष्ट्रीय जलमार्गों जिन पर निर्माण गतिविधियाँ शुरू की गई हैं, विवरण निम्नलिखित है:

राज्य और जलमार्गकार्य की स्थिति
1. असम में बराक नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-16)सिलचर से भंगा तक राष्ट्रीय जलमार्ग -16 के चरण -1 के लिये 76.01 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शुरू किया गया है। इसमें बदरपुर और करीमगंज में टर्मिनलों का उन्नतीकरण एवं ड्रेजिंग (dredging) का रखरखाव शामिल है।
2. बिहार में गंडक नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-37)आवश्यक प्रारंभिक विकास प्रक्रिया पूरी कर ली गई है एवं आगे का विकास कार्य मांग के अनुसार पूरा किया जाएगा।
गोवा में जलमार्ग
3.. राष्ट्रीय जलमार्ग-27-कंबरजुआ
4. राष्ट्रीय जलमार्ग-68-माण्डवी
5. राष्ट्रीय जलमार्ग-111-जुवारी
• गोवा में राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास हेतु गोवा सरकार और मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट (Mormugao Port Trust) के बीच एक त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए हैं।
• गोवा में राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास हेतु लगभग 22.65 करोड़ रुपए का कार्य प्रारंभ किया गया है।
• माण्डवी नदी पर 11.33 करोड़ रुपए की लागत से 3 तैरती हुई सेतुओं का निर्माण किया गया है।
6. केरल में अलप्पुझा-कोट्टायम-अथिरमपुझा नहर (राष्ट्रीय जलमार्ग-9)फेरी सेवाओं के लिये जलमार्ग पहले से ही चालू है। मई 2019 में वर्ष 2019-20 के दौरान निष्पादित कार्यों के रख-रखाव के लिये  88 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। साथ ही रात्रि के समय नेविगेशन की सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।
7. पश्चिम बंगाल में रूपनारायण नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-86)24 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जलमार्ग का कार्य शुरू किया गया तथा फ्लोटिंग टर्मिनल की स्थापना हेतु भी कार्य शुरू किया गया है।
8. पश्चिम बंगाल में सुंदरबन जलमार्ग (राष्ट्रीय जलमार्ग-97)19.10 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जलमार्ग का निर्माण शुरू हुआ है। हेमनगर में बुनियादी ढाँचे को उन्नत किया गया।

जलमार्ग विकास परियोजना की वितीय स्थिति: 

  • अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (Inland Waterways Authority of India-IWAI), विश्व बैंक की तकनीकी और वित्तीय सहायता से गंगा के हल्दिया-वाराणसी खंड पर नेविगेशन की क्षमता वृद्धि हेतु 5369.18 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जल मार्ग विकास परियोजना (Jal Marg Vikas Project-JMVP) को कार्यान्वित कर रहा है।
  • JMVP को वैधानिक मंजू़री मिलने के बाद तीन साल की समयावधि के दौरान इस परियोजना के तहत लगभग 1800 करोड़ रुपए  की लागत से कार्य आरंभ हुआ है इनमें वाराणसी और साहिबगंज में मल्टीमॉडल टर्मिनल और तलकर्षण के लिये तीन अनुबंध शामिल हैं।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण:

  • अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास और विनियमन हेतु भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की स्थापना 27 अक्तूबर, 1986 को की गई।
  • IWAI जहाज़रानी मंत्रालय (Ministry of Shipping) के अधीन एक सांविधिक निकाय है।
  • यह जहाज़रानी मंत्रालय से प्राप्त अनुदान के माध्यम से राष्ट्रीय जलमार्गो पर अंतर्देशीय जल परिवहन अवसंरचना के विकास और अनुरक्षण का कार्य करता है।
  • प्राधिकरण का मुख्यालय नोएडा (New Okhla Industrial Development Authority-NOIDA) में क्षेत्रीय कार्यालय पटना, कोलकाता, गुवाहाटी और कोची में तथा उप-कार्यालय प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद), वाराणसी, भागलपुर, रक्का और कोल्लम में हैं।
  • राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 के अनुसार, अभी तक 111 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है।
  • वर्ष 2018 में IWAI ने कार्गो मालिकों एवं लॉजिस्टिक्स संचालकों को जोड़ने हेतु समर्पित पोर्टल ‘फोकल’ (Forum of Cargo Owners and Logistics Operators-FOCAL) लॉन्च किया था जो जहाज़ों की उपलब्धता के बारे में रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराता है।
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