भारत के मुख्य शीत लहर क्षेत्र

  • सामान्य अध्ययन-I
  • भौगोलिक विशेषताएँ और उनकी स्थिति
  • महत्त्वपूर्ण भौगोलिक घटनाएँ

प्रीलिम्स के लिये:

भारत के प्रमुख शीत लहर क्षेत्र

मेन्स के लिये:

भारत के प्रमुख शीत लहर क्षेत्रों में औसत वार्षिक तापमान बढ़ने का कारण

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department- IMD) ने देश के अधिकांश हिस्सों में औसत न्यूनतम तापमान के ‘औसत से अधिक गर्म’ रहने की भविष्यवाणी की है।

प्रमुख बिंदु

  • IMD के अनुसार, भारत के ‘मुख्य शीत लहर’ वाले क्षेत्रों में भी सर्दियों के दौरान न्यूनतम तापमान के उच्च होने की उम्मीद है।
  • इस घटना का मुख्य कारण भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर की सतह के जल का गर्म होना है।
  • ‘मुख्य शीत लहर’ क्षेत्र में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना के क्षेत्र आते हैं।
  • देश में सर्दियों के दौरान औसत से अधिक तापमान और समग्र रूप से बढ़ता हुआ वैश्विक तापमान ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का संकेतक है।
  • भारत का तापमान 50 साल पहले की तुलना में औसतन 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म हो गया है।
  • इस सदी के अंत तक वैश्विक तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की उम्मीद है जिस कारण विश्व में कई मौसमी घटनाएँ घटित हो सकती हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग

India Meteorological Department (IMD)

  • IMD की स्थापना वर्ष 1875 में हुई थी।
  • यह भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक संस्था है।.
  • यह मौसम संबंधी अवलोकनों, मौसम की भविष्यवाणी और भूकंपीय विज्ञान के लिये ज़िम्मेदार प्रमुख एजेंसी है।
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