आजाद हिंद फौज

आज़ाद हिन्द फ़ौज आज़ाद हिन्द फ़ौज का गठन पहली बार राजा महेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा 29 अक्टूबर 1915 को अफगानिस्तान में हुआ था। मूल रूप से उस वक्त यह आजाद हिन्द सरकार की सेना थी, जिसका लक्ष्य अंग्रेजों से लड़कर भारत को स्वतंत्रता दिलाना था। जब दक्षिण-पूर्वी एशिया में जापान के सहयोग द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र […]

भारत सरकार अधिनियम 1935

भारत सरकार अधिनियम, 1935321 sections 10 schedule act 1935इस अधिनियम को मूलतः अगस्त 1935 में पारित किया गया था। इसे उस समय के अधिनियमित संसद का सबसे लंबा (ब्रिटिश) अधिनियम कहा जाता था। इसी लंबाई की प्रतिक्रिया स्वरूप भारत सरकार (पुनःमुद्रित) द्वारा अधिनियम 1935 को दो अलग-अलग अधिनियमों में विभाजित किया। 1 भारत सरकार का […]

पुणे समझौता

पुणे समझौताडॉ भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी के बीच समझौता पूना पैक्ट अथवा पूना समझौता भीमराव आम्बेडकर एवं महात्मा गांधी के मध्य पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में 24 सितम्बर, 1932 को हुआ था। अंग्रेज सरकार ने इस समझौते को सांप्रदायिक अधिनिर्णय (कॉम्युनल एवार्ड) में संशोधन के रूप में अनुमति प्रदान की। समझौते में दलित […]

सांप्रदायिक एवार्ड

सांप्रदायिक अधिनिर्णय 16 अगस्त 1932 को ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्से मैकडोनाल्ड द्वारा भारत में उच्च वर्ग, निम्न वर्ग, मुस्लिम, बौद्ध, सिख, भारतीय ईसाई, एंग्लो-इंडियन, पारसी और अछूत (दलित) आदि के लिए अलग-अलग चुनावक्षेत्र के लिए ये निर्णय दिया गया जिसे सांप्रदायिक अधिनिर्णय केे नाम से जाना जाता हैं। भारत में राष्ट्रवादी भावना के बढते प्रभाव को […]

गोलमेज सम्मेलन

प्रथम गोलमेज सम्मेलन प्रथम गोलमेज सम्मेलन 12 नवम्बर ,1930 से 13 जनवरी ,1931 तक लन्दन में आयोजित किया गया था। यह सम्मेलन कांग्रेस के बहिष्कार के फलस्वरूप 19 जनवरी , 1931 को समाप्त हो गया था। द्वितीय गोलमेज सम्मेलन द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 7 सितम्बर ,1931 को शुरू हुआ और 1 दिसम्बर 1931 को समाप्त हुआ […]

दाण्डी मार्च

सना 1930 में महात्मा गांधी के द्वारा अंग्रेज सरकार के नमक के ऊपर कर लगाने के कानून का विरोध किया गया जो सविनय कानून भंग कार्यक्रम था।यह कार्यक्रम भारत के इतिहास में डाण्डी मार्च , नमक मार्च या दांडी सत्याग्रह के रूप में भी जाना जाता है। यह ऐतिहासिक सत्याग्रह कार्यक्रम गाँधीजी समेत 78 लोगों […]

नेहरू रिपोर्ट

नेहरु रिपोर्ट नेहरू रिपोर्ट भारत के लिए प्रस्तावित नए अधिराज्य के संविधान की रूपरेखा थी। 28 अगस्त, 1928 को जारी यह रिपोर्ट ब्रिटिश के बर्केन हेड नामक अंग्रेज के द्वारा भारतीयों के संविधान को बनाने के अयोग्य बताने की चुनौती का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में दिया गया सशक्त प्रत्युत्तर था। मोतीलाल नेहरू के […]

साइमन कमिशन

साइमन कमीशनजॉन एलसेब्रुक साइमन की अध्यक्षता में संसद के सात ब्रिटिश सदस्यों कासमूह साइमन आयोग सात ब्रिटिश सांसदो का समूह था, इसको वाइट मैन कमिशन भी कहा जाता है जिसका गठन 8 नवम्बर 1927 में भारत में संविधान सुधारों के अध्ययन के लिये किया गया था और इसका मुख्य कार्य मानटेंग्यु चेम्स्फ़ोर्ड सुधार की जाँच […]

स्वराज्य पार्टी

स्वराज पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गया वार्षिक सम्मेलन के बाद 1 जनवरी 1923 में भारत में एक राजनीतिक दल बन गया था।स्वराज पार्टी पराधीन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय बना एक राजनैतिक दल था। यह दल भारतीयों के लिये अधिक स्व-शासन तथा राजनीतिक स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिये कार्य कर रहा था। भारतीय […]

चोरी चौरा काण्ड

चौरी चौरा कांड उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास चौरी चौरा नाम का एक कस्बा है जहाँ 5 फ़रवरी 1922 को भारतीयों ने ब्रिटिश सरकार की एक पुलिस चौकी को आग लगा दी थी जिससे उसमें छुपे हुए 22 पुलिस कर्मचारी जिन्दा जल के मर गए थे। इसी घटना को भारतीय इतिहास में चौरीचौरा काण्ड […]