HISTORY FOR COMP


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा – मुख्य परीक्षा UPSC Mains Exam Hindi – SYLLABUS

(इतिहास-History)


प्रश्न पत्र-1

1. स्रोत:

A.पुरातात्विक स्रोत: 

  • अन्वेषण
  • उत्खनन
  • पुरालेखविद्या
  • मुद्राशास्त्र
  • स्मारक

B.साहित्यिक स्रोत:

  • कविता
  • विज्ञान साहित्य
  •  साहित्य
  • क्षेत्रीय भाषाओं का साहित्य
  • धर्मिक साहित्य

 C. विदेशी वर्णन:

  • यूनानी,
  • चीनी
  • अरब लेखक

2. प्रागैतिहास एवं आद्य इतिहास: 

  • भौगोलिक कारक
  • शिकार एवं संग्रहण
  • पुरापाषाण युग
  • मध्यपाषाण युग
  • कृषि का आरंभ
  • नवपाषाण युग
  • ताम्रपाषाण युग

3. सिंधु घाटी सभ्यता: 

  • उद्म, काल
  • विस्तार
  • विशेषताएं
  • पतन
  • अस्तित्व एवं महत्व
  • कला एवं स्थापत्य ।

4. महापाषाणयुगीन संस्कृतियां: 

  • सिंध से बाहर पशुचारण एवं कृषि संस्कृतियों का विस्तार
  • सामुदायिक जीवन का विकास
  • बस्तियां, कृषि का विकास
  • शिल्पकर्म
  • मृदभांड एवं लोह उद्योग ।

5. आर्य एवं वैदिक काल: 

  • भारत में आर्यों का प्रसार  
  • वैदिक काल: धार्मिक एवं दार्शनिक साहित्य
  • ट्टगवैदिक काल से उत्तर वैदिक काल तक हुए रूपांतरण
  • राजनौतिक जीवन
  • सामाजिक जीवन
  • आर्थिक जीवन
  • वैदिक युग का महत्व
  • राजतंत्र का क्रम विकास
  • वर्ण व्यवस्था का क्रम विकास

6. महाजनपद काल: 

  • महाजनपदों का निर्माण: गणतंत्रीय एवं राजतंत्रीय
  • नगर केंद्रों का उद्भव
  • व्यापार मार्ग
  • आर्थिक विकास
  • टंकण 
  • सिक्का ढलाई
  • जैन धर्म का प्रसार
  • बौध धर्म का प्रसार
  • मगध का उद्भव
  • नंद वंश
  • ईरानी एवं नंदों का उद्भव ।

7. मौर्य साम्राज्य: 

  • मौर्य साम्राज्य की नींव
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • कौटिल्य और अर्थशास्त्र
  • अशोक; धर्म की संकल्पना
  • धर्मादेश
  • राज्य व्यवस्था
  • प्रशासन
  • अर्थव्यवस्था
  • कला, स्थापत्य एवं मूर्तिशिल्प
  • विदेशी संपर्क
  • धर्म का प्रसार
  • साहित्य
  • साम्राज्य का विघटन
  • शुंग वंश
  • कण्व वंश

8. उत्तर मौर्य काल (भारत-यूनानी, शक, वुफषाण, पश्चिमी क्षेत्र ): 

  • बाहरी विश्व से संपर्क; नगर-केन्द्रों का विकास, अर्थ- व्यवस्था, टंकण, धर्मों का विकास, महायान, सामाजिक दशाएं, कला, स्थापत्य, संस्कृति, साहित्य एवं विज्ञान ।

9. प्रारंभिक राज्य एवं समाज; पूर्वी भारत, दकन एवं दक्षिण भारत में: 

  • खारवेल
  • सातवाहन
  • संगमकालीन तमिल राज्य
  • प्रशासन
  • अर्थ-व्यवस्था
  • भूमि
  • अनुदान
  • टंकण
  • व्यापारिक श्रेणियां 
  • नगर केंद्र
  • बौध् केंद्र
  • संगम साहित्य एवं संस्कृति
  • कला एवं स्थापत्य

10. गुप्त वंश, वाकाटक एवं वर्धन वंश: 

  • राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन, आर्थिक दशाएं, गुप्तकालीन टंकण, भूमि अनुदान, नगर केंद्रों का पतन, भारतीय सामंतशाही, जाति प्रथा, स्त्री की स्थिति, शिक्षा एवं शैक्षिक संस्थाएं; नालंदा, विक्रमशिला एवं बल्लभी, साहित्य, विज्ञान साहित्य, कला एवं स्थापत्य ।

11. गुप्तकालीन क्षेत्रीय राज्य:

  • कदंबवंश, पल्लववंश, बदमी का चालुक्यवंश; राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन, व्यापारिक श्रेणियां, साहित्य; वैश्णव एवं शैव धर्मों का विकास । तमिल भक्ति आंदोलन, शंकराचार्य; वेदांत; मंदिर संस्थाएं एवं मंदिर स्थापत्य; पाल वंश, सेन वंश, राष्ट्रकूट वंश, परमार वंश, राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन; सांस्कृतिक पक्ष । सिंधु के अरब विजेता; अलबरूनी, कल्याण का चालुक्य वंश, चोल वंश, होयसल वंश, पांडय वंश; राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन; स्थानीय शासन; कला एवं स्थापत्य का विकास, धार्मिक संप्रदाय, मंदिर एवं मठ संस्थाएं, अग्रहार वंश, शिक्षा एवं साहित्य, अर्थ-व्यवस्था एवं समाज ।

12. प्रारंभिक भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के प्रतिपाद्य:

  • भाषाएं एवं मूलग्रंथ, कला एवं स्थापत्य के क्रम विकास के प्रमुख चरण, प्रमुख दार्शनिक ¯चतक एवं शखाएं, विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र में विचार ।

13. प्रारंभिक मध्यकालीन भारत, 750-1200

  • राज्य व्यवस्थाः उत्तरी भारत एवं प्रायद्वीप में प्रमुख राजनैतिक घटनाक्रम, राजपूतों का उद्गम एवं उदय
  • चोल वंश: प्रशासन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं समाज
  • भारतीय सामंतशाही
  • कृषि अर्थ-व्यवस्था एवं नगरीय बस्तियां
  • व्यापार एवं वाणिज्य
  • समाज: ब्राह्मण की स्थिति एवं नई सामाजिक व्यवस्था
  • स्त्राी की स्थिति
  • भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ।

14. भारत की सांस्कृतिक परंपरा 750-1200

  • दर्शन: शंकराचार्य एवं वेदांत, रामानुज एवं विशिष्टाद्वैत, मध्य एवं ब्रह्म-मीमांसा ।
  • धर्म: धर्म के स्वरूप एवं विशेषताएं, तमिल भक्ति,संप्रदाय, भक्ति का विकास, इस्लाम एवं भारत में इसका आगमन, सूपफी मत ।
  • साहित्य: संस्कृत साहित्य, तमिल साहित्य का विकास, नवविकासशील भाषाओं का साहित्य, कल्हण की राजतरंगिनी, अलबरूनी का इंडिया।
  • कला एवं स्थापत्य: मंदिर स्थापत्य, मूर्तिशिल्प, चित्रकला ।

15. तेरहवीं शताब्दी

  • दिल्ली सल्तनत की स्थापना: गौरी के आक्रमण-गौरी की सपफलता के पीछे कारक
  • आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिणाम
  • दिल्ली सल्तनत की स्थापना एवं प्रारंभिक तुर्क सुल्तान
  • सुदृढ़ीकरण: इल्तुतमिश और बलबन का शासन ।

16. चैदहवीं शताब्दी

  • खिलजी क्रांति
  • अलाउद्दीन खिलजी: विजय एवं क्षेत्र-प्रसार, कृषि एवं आर्थिक उपाय
  • मुहम्मद तुगलक: प्रमुख प्रकल्प, कृषि उपाय, मुहम्मद तुगलक की अफसरशाही
  • फिरोज तुगलक: कृषि उपाय, सिविल इंजीनियरी एवं लोक निर्माण में उपलब्धियां, दिल्ली सल्तनत का पतन, विदेशी संपर्क एवं इब्नबतूता का वर्णन ।

17. तेरहवीं एवं चैदहवीं शताब्दी का समाज, संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था

  • समाज: ग्रामीण समाज की रचना, शासी वर्ग, नगर निवासी, स्त्राी, ध£मक वर्ग, सल्तनत के अंतर्गत जाति एवं दास प्रथा, भक्ति आन्दोलन, सूपफी आन्दोलन
  • संस्कृति: पफारसी साहित्य, उत्तर भारत की क्षेत्राीय भाषाओं का साहित्य, दक्षिण भारत की भाषाओं का साहित्य, सल्तनत स्थापत्य एवं नए स्थापत्य रूप, चित्राकला, सम्मिश्र संस्कृति का विकास
  • अर्थ व्यवस्था: कृषि उत्पादन, नगरीय अर्थव्यवस्था एवं कृषीतर उत्पादन का उद्भव, व्यापार एवं वाणिज्य ।

18. पंद्रहवीं एवं प्रारंभिक सोलहवीं शताब्दी राजनैतिक घटनाक्रम एवं अर्थव्यवस्था

  • प्रांतीय राजवंशों का उदय: बंगाल, कश्मीर ;जैनुल आवदीनद्ध, गुजरात, मालवा, बहमनी
  • विजयनगर साम्राज्य
  • लोदीवंश
  • मुगल साम्राज्य, पहला चरण: बाबर एवं हुमायूँ
  • सूर साम्राज्य: शेरशाह का प्रशासन
  • पुर्तगाली औपनिवेशिक प्रतिष्ठान ।

19. पंद्रहवीं एवं प्रारंभिक सोलहवीं शताब्दी: समाज एवं संस्कृति

  • क्षेत्रीय सांस्कृतिक विशिष्टताएं
  • साहित्यक परम्पराएं
  • प्रांतीय स्थापत्य
  • विजयनगर साम्राज्य का समाज, संस्कृति, साहित्य और कला ।

20. अकबर

  • विजय एवं साम्राज्य का सुदृढ़ीकरण
  • जागीर एवं मनसब व्यवस्था की स्थापना
  • राजपूत नीति
  • धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण का विकास,
  • सुलह-ए-वुफल का सिद्धांत एवं ध£मक नीति
  • कला एवं प्रौद्योगिकी को राज-दरबारी संरक्षण ।

21. सत्राहवीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य

  • जहांगीर, शाहजहां एवं औरंगजेब की प्रमुख प्रशासनिक नीतियां
  • साम्राज्य एवं जमींदार
  • जहांगीर, शाहजहां एवं औरंगजेब की धार्मिक नीतियां
  • मुगल राज्य का स्वरूप
  • उत्तर सत्राहवीं शताब्दी का संकट एवं विद्रोह
  • अहोम साम्राज्य
  • शिवाजी एवं प्रारंभिक मराठा राज्य ।

22. सोलहवीं एवं सत्राहवीं शताब्दी में अर्थव्यवस्था एवं समाज

  • जनसंख्या, कृषि उत्पादन, शिल्प उत्पादन 
  • नगर, डच, अंग्रेजी एवं प्रफांसीसी कंपनियों के माध्यम से
  • यूरोप के साथ वाणिज्य: व्यापार क्रांति
  • भारतीय व्यापारी वर्ग, बैंकिंग, बीमा एवं ट्ठण प्रणालियां
  • किसानों की दशा, स्त्रियों की दशा
  • सिख समुदाय एवं खालसा पंथ का विकास ।

23. मुगल साम्राज्यकालीन संस्कृति

  • फारसी इतिहास एवं अन्य साहित्य
  • हिन्दी एवं अन्य ध£मक साहित्य
  • मुगल स्थापत्य
  • मुगल चित्राकला
  • प्रांतीय स्थापत्य एवं चित्राकला
  • शास्त्राीय संगीत
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ।

24. अठारहवीं शताब्दी

  • मुगल साम्राज्य के पतन के कारक
  • क्षेत्राीय सामंत देश: निजाम का दकन, बंगाल, अवध्
  • पेशवा के आधीन मराठा उत्कर्ष
  • मराठा राजकोषीय एवं वित्तीय व्यवस्था
  • अपफगान शक्ति का उदय, पानीपत का युद्ध-1761
  • ब्रिटिश विजय की पूर्व संध्या में राजनीति, संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था की स्थिति ।

प्रश्न पत्र-2


1. भारत में यूरोप का प्रदेश :

  • प्रारंभिक यूरोपीय बस्तियां
  • पुर्तगाली
  • डच
  • अंग्रेजी एवं प्रफांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनियां;
  • आधिपत्य के लिए उनके युद्ध कर्नाटक यद्ध
  • बंगाल-अंग्रेजों एवं बंगाल के नवाब के बीच संघर्ष
  • सिराज और अंग्रेज, प्लासी का युद्ध प्लासी का महत्व ।

2. भारत में ब्रिटिश प्रसार :

  • बंगाल-मीर जापफर एवं मीर कासिम
  • बक्सर का युद्ध 
  • मैसूर; मराठा
  • तीन अंग्रेज-मराठा युद्ध पंजाब । 

3. ब्रिटिश राज की प्रारंभिक संरचना :

  • प्रारंभिक प्रशासनिक संरचना: द्वैधशासन से प्रत्यक्ष नियंत्रक तक
  • रेगुलेटिंग एक्ट (1773)
  • पिट्स इंडिया एक्ट (1784)
  • चार्टर एक्ट (1833)
  • मुक्त व्यापार का स्वर एवं ब्रिटिश औपनिवेशक शासन का बदलता स्वरूप
  • अंग्रेजी उपयोगितावादी और भारत ।

4. ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक प्रभाव :

(क) ब्रिटिश भारत में भूमि-राजस्व बंदोबस्त

  • स्थायी बंदोबस्त
  • रैयतवारी बंदोबस्त
  • महालबारी बंदोबस्त
  • राजस्व प्रबंध का आर्थिक प्रभाव
  • कृषि का वाणिज्यीकरण
  • भूमिहीन कृषि श्रमिकों का उदय
  • ग्रामीण समाज का परिक्षनण

(ख) पारंपरिक व्यापार एवं वाणिज्य का विस्थापन

  • अनौद्योगीकरण
  • पारंपरिक शिल्प की अवनति
  • धन का अपवाह
  • भारत का आर्थिक रूपांतरण
  • टेलीग्रापफ एवं डाक सेवाओं समेत रेल पथ एवं संचार जाल
  • ग्रामीण भीतरी प्रदेश में दुर्भिक्ष एवं गरीबी
  • यूरोपीय व्यापार उद्यम एवं इसकी सीमाएं ।

5. सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास :

  • स्वदेशी शिक्षा की स्थिति; इसका विस्थापन
  • प्राच्चविद्-आंग्लविद् विवाद
  • भारत में पश्चिमी शिक्षा का प्रादर्भाव
  • प्रेस, साहित्य एवं लोकमत का उदय
  • आधुनिक मातृभाषा साहित्य का उदय
  • विज्ञान की प्रगति
  • भारत में क्रिश्चियन मिशनरी के कार्यकलाप ।

6. बंगाल एवं अन्य क्षेत्रों में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन :

  • राममोहन राय
  • बह्म आंदोलन
  • देवेन्द्रनाथ टैगोर
  • ईश्वरचंद्र विद्यासागर
  • युवा बंगाल आंदोलन
  • दयानन्द सरस्वती
  • भारत में सती प्रथा
  • विधवा विवाह
  • बाल विवाह
  • सामाजिक सुधार आंदोलन
  • आधुनिक भारत के विकास में भारतीय पुनर्जागरण का योगदान
  • इस्लामी पुनरूद्धार
  • वृत्ति-फराईजी एवं वहाबी आंदोलन ।

7. ब्रिटिश शासन के प्रति भारत की अनुक्रिया :

  • रंगपुर ढ़ीग (1783)
  • कोल विद्रोह (1832)
  • मालाबार में मोपला विद्रोह (1841-1920)
  • सन्थाल हुल (1855)
  • नील विद्रोह (1859-60)
  • दकन विप्लव (1875)मुंडा विद्रोह
  • उल्गुलान (1899-1900)
  • 18वीं एवं 19वीं शताब्दी में हुए किसान आंदोलन एवं जनजातीय विप्लव
  • 1857 का महाविद्रोह-उद्गम, स्वरूप
  • असफलता के कारण एव परिणाम
  • 1857 काल में किसान विप्लव के स्वरूप में बदलाव
  • 1920 और 1930 के दशकों में हुए किसान आंदोलन ।

8. भारतीय राष्ट्रवाद के जन्म के कारक

  • संघों की राजनीति
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बुनियाद
  • कांग्रेस के जन्म के संबंध में सेफ्टी वाल्व का पक्ष
  • प्रारंभिक कांग्रेस के कार्यक्रम एवं लक्ष्य
  • प्रारंभिक कांग्रेस नेतृत्व की सामाजिक रचना
  • नरम दल एवं गरम दल
  • बंगाल का विभाजन (1905)
  • बंगाल में स्वदेशी आंदोलन
  • स्वदेशी आंदोलन के आर्थिक एवं राजनैतिक परिप्रेक्ष्य
  • भारत में क्रांतिकारी उग्रपंथ का आरंभ ।

9. गाँधी का उदय

  • गाँधी के राष्ट्रवाद का स्वरूप
  • गाँधी का जनाकर्षण
  • रीलेट सत्याग्रह
  • खिलापफत आंदोलन
  • असहयोग आंदोलन
  • असहयोग आंदोलन समाप्त होने के बाद से सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रारंभ होने तक की राष्ट्रीय राजनीति
  • सविनय अवज्ञा आंदोलन के दो चरण
  • साइमन कमिशन
  • नेहरू रिपोर्ट
  • गोलमेज परिषद
  • राष्ट्रवाद और किसान आंदोलन
  • राष्ट्रवाद एवं श्रमिक वर्ग आंदोलन
  • महिला एवं भारतीय युवा तथा भारतीय राजनीति में छात्रा
  • 1937 का चुनाव तथा मंत्रालयों का गठन
  • क्रिप्स मिशन
  • भारत छोड़ो आंदोलन
  • वैवेल योजना
  • कैबिनेट मिशन ।

10. औपनिवेशिक भारत में 1858 और 1935 के बीच सांविधानिक घटनाक्रम ।

11. राष्ट्रीय आंदोलन की अन्य कड़ियां क्रांतिकारी: बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र, यू.पी., मद्रास प्रदेश, भारत से बाहर । वामपक्ष; कांग्रेस के अंदर का वामपक्ष; जवाहर लाल नेहरू, सुभाषचन्द्र बोस, कांग्रेस समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अन्य वामदल ।

12. अलगाववाद की राजनीति; मुस्लिम लीग; हिन्दू महासभा सांप्रदायिकता एवं विभाजन की राजनीति; सत्ता का हस्तांतरण; स्वतंत्रता ।

13. एक राष्ट्र के रूप में सुदृढ़ीकरण; नेहरू की विदेश नीति भारत और उसके पड़ोसी (1947-1964) राज्यों का भाषावाद पुनर्गठन (1935-1947); क्षेत्राीयतावाद एवं क्षेत्राीय असमानता; भारतीय रियासतों का एकीकरण; निर्वाचन की राजनीति में रियासतों के नरेश ;¯प्रसद्ध; राष्ट्रीय भाषा का प्रश्न ।

14. 1947 के बाद जाति  एवं नृजातित्व; उत्तर औपनिवेशिक निर्वाचन-राजनीति में पिछड़ी जातियां एवं जनजातियां; दलित आंदोलन ।

15. आर्थिक विकास एवं राजनीति परिवर्तन; भूमि सुधार; योजना एवं ग्रामीण पुनर्रचना की राजनीति; उत्तर औपनिवेशिक भारत में पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण नीति; विज्ञान की तरक्की । 

16. प्रबोध एवं आधुनिक विचार :

  • (i) प्रबोध के प्रमुख विचार: कांट रूसो 
  • (ii) उपनिवेशों में प्रबोध-प्रसार 
  • (iii)समाजवादी विचारों का उदय (माक्र्स तक); माक्र्स के समाजवाद का प्रसार ।

17. आधुनिक राजनीति के मूल स्त्रोत :

  • (i) यूरोपीय राज्य प्रणाली  
  • (ii) अमेरिकी क्रांति एवं संविधन
  • (iii) फ्रांसीसी क्रांति एवं उसके परिणाम, 1789-1815
  • (iv) अब्राहम लिंकन के संदर्भ के साथ अमरीकी सिविल युद्ध एवं दासता का उन्मूलन
  • (v) ब्रिटिश गणतंत्रात्मक राजनीति, 1815-1850; संसदीय सुधार, मुक्त व्यापारी, चार्टरवादी ।

18. औद्योगिकीकरण :

  • (i) अंग्रेजी औद्योगिक क्रांति: कारण एवं समाज पर प्रभाव
  • (ii) अन्य देशों में औद्योगिकीकरण: यू.एस.ए., जर्मनी,रूस, जापान
  • (iii) औद्योगिकीकरण एवं भूमंडलीकरण ।

19. राष्ट्र राज्य प्रणाली

  • (i) 19वीं शताब्दी में राष्ट्रवाद का उदय
  • (ii) राष्ट्रवाद: जर्मनी और इटली में राज्य निर्माण
  • (iii) पूरे विश्व में राष्ट्रीयता के आविर्भाव के समक्ष साम्राज्यों का विघटन ।

20. साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद

  • (i) दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया
  • (ii) लातीनी अमरीका एवं दक्षिणी अप्रफीका
  • (iii) आस्ट्रेलिया
  • (iv) साम्राज्यवाद एवं मुक्त व्यापार: नवसाम्राज्यवाद का उदय ।

21. क्रांति एवं प्रतिक्रांति

  • (i) 19वीं शताब्दी यूरोपीय क्रांतियां
  • (ii) 1917-1921 की रूसी क्रांति
  • (iii) फासीवाद प्रतिक्रांति, इटली एवं जर्मनी
  • (iv) 1949 की चीनी क्रांति ।

22. विश्व युद्ध

  • (i) संपूर्ण युद्ध के रूप में प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध समाजीय निहितार्थ
  • (ii) प्रथम विश्व युद्ध: कारण एवं परिणाम 
  • (iii) द्वितीय विश्व युद्ध: कारण एवं परिणाम ।

23. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का विश्व :

  • (i) दो शक्तियों का आविर्भाव
  • (ii) तृतीय विश्व एवं गुटनिरपेक्षता का आविर्भाव
  • (iii) संयुक्त राष्ट्र संघ एवं वैश्विक विवाद ।

24. औपनिवेशक शासन से मुक्ति :

  • (i) लातीनी अमरीका-बोलीवर
  • (ii) अरब विश्व-मिश्र
  • (iii) अफ्रीका रंगभेद से गणतंत्र तक
  • (iv) दक्षिण पूर्व एशिया-वियतनाम ।

25. वि-औपनिवेशीकरण एवं अल्पविकास :

  • (i) विकास के बाधक कारक: लातीनी, अमरीका, अफ्रीका

26. यूरोप का एकीकरण :

  • (i) युद्धोत्तर स्थापनाएं: NATO एवं यूरोपीय समुदाय (यूरोपियन कम्युनिटी)
  • (ii)यूरोपीय समुदाय ;यूरोपियन कम्युनिटीद्ध का सुदृढ़ीकरण एवं प्रसार
  • (iii) यूरोपियाई संघ ।

27. सोवियत यूनियन का विघटन एवं एक ध्रुवीय विश्व का उदय :

  • (i) सोवियत साम्यवाद एवं सोवियत यूनियन को निपात तक पहुंचाने वाले कारक, 1985-1991
  • (ii) पूर्वी यूरोप में राजनैतिक परिवर्तन 1989-2001
  • (iii) शीत युद्ध का अंत एवं अकेली महाशक्ति के रूप में US का उत्कर्ष ।